मंगलाचरण इन संस्कृत | Mangalacharan In Sanskrit

मंगलाचरण इन संस्कृत | Mangalacharan In Sanskrit वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभा निर्विध्न करू मै देव, सर्वकार्येषु समप्रभा. गजानंद भूतगणादिसेवितम, कपितथजम्बूफलचारूभक्षणं उमासुत शोकविनाश्कारकम नमामि विध्नेश्वर पाद पंकजम. कर्पूरगौंर करुणावतार संसारसार भुजगेन्द्रहारम. सदा वसंत हर्दियारविन्द, भव भवानीसहित

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