तारीखे रशीदी | Tarikh i Rashidi In Hindi

तारीखे रशीदी Tarikh i Rashidi In Hindi: तारीखे रशीदी ग्रंथ का लेखक बाबर का चचेरा भाई मिर्जा हैदर हैं.उसने कामरान और हुमायूं के अधीन महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया हुमायूं के अनेक युद्धों  में सक्रिय भाग लिया था  बाबरनामा  के अनेक  पन्ने नष्ट हो गये हैं और कई अन्तराल भी हैं. उन वर्षों की घटनाओं के लिए तारीखे रशीदी ही एकमात्र प्रमाणिक ग्रंथ हैं.

तारीखे रशीदी

तारीखे रशीदीTarikh i Rashidi In Hindi

Tarikh i Rashidi In Hindi

इसके अलावा मिर्जा हैदर ने बाबर के पूर्वजों एवं बाबर से सम्बन्धित अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया हैं. यह ग्रंथ दो भागों में विभाजित हैं- इसमें मुगलिस्तान एवं काश्गर के मुगल शासकों तुगलक, तैमूर से अब्दुर्ररशीद के समय तक का इतिहास हैं. दूसरे भाग में उन घटनाओं का उल्लेख हैं जो कि मिर्जा हैदर के जीवन काल के दौरान घटी.

शैबानी खां के हाथों पराजित होने के बाद बाबर ने लिखा हैं कि इस समय मेरी बहिन खानजादा बेगम शैबाक के हाथो पड़ गई. बाबर ने अपनी कमजोरी छिपाने का प्रयास किया. मिर्जा ने तारीखे रशीदी में स्पष्ट शब्दों में लिखा हैं कि बाबर ने अपने प्राणों की रक्षा हेतु अपनी बहिन खानजादा का विवाह शैबानी खां के साथ कर दिया.

हुमायूँ के कन्नौज के युद्ध में उसके भाइयों के सम्बन्ध में इतिहास और कश्मीर तथा तिब्बत के वृतांत ने इस ग्रंथ की उपयोगिता को और भी बढ़ा दिया हैं. उसने अनेक घटनाओं जैसे कि कामरान द्वारा कंधार पर अधिकार, हुमायूँ का पलायन तथा लाहौर में सब भाइयों का एकत्र होना और कामरान का विरोध, मिर्जा हैदर द्वारा कश्मीर विलय आदि का भी वर्णन किया हैं.

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