ट्रेवल्स इन दी मुगल एम्पायर | Travels In The Mughal Empire In Hindi

ट्रेवल्स इन दी मुगल एम्पायर Travels In The Mughal Empire In Hindi: वैसे तो प्राचीनकाल से ही विदेशी यात्री भारत भ्रमण  के लिए आते रहे हैं  और उनसें से कईयों ने अपने  यात्रा वृतांत भी लिखे हैं.  जिनमें हमें महत्वपूर्ण ऐतिहासिक  जानकारी मिलती हैं.

ट्रेवल्स इन दी मुगल एम्पायर Travels In The Mughal Empire In Hindi

ट्रेवल्स इन दी मुगल एम्पायर Travels In The Mughal Empire In Hindi

परन्तु शाहजहाँ के समय में आने वाले विदेशी यात्रियों में फ्रांस के दो यात्री बर्नियर और ट्रेवनियर विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, उनके यात्रा वृतांत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रचनाएं हैं. दोनों में भी बर्नियर का यात्रा वृतांत अधिक महत्वपूर्ण हैं.

बर्नियर का पूरा नाम फेंक्वीएस बर्नियर था. उसका जन्म 1630 ई में हुआ था. उसने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी और दर्शन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र तथा अन्य विभिन्न विषयों पर उसका पूर्ण अधिकार था. भारत की यात्रा पर आने से पूर्व वह कई यूरोपीय देशों एवं फिलिस्तीन, सीरिया और मिस्र का भ्रमण कर चुका था.

1658 ई में वह भारत आया और लगभग १२ वर्षों तक भारत में रहा. इस अवधि में उसने भारत के अनेक भागों को देखा. 1669 ई में वह स्वदेश पहुच गया और एक वर्ष बाद उसने अपनी यात्रा वृतांत को एक ग्रंथ के रूप में प्रकाशित किया जो ट्रेवल्स इन दी मुगल एम्पायर (Travels In The Mughal Empire) कहलाया.

बर्नियर ने शाहजहाँ की मृत्यु, दारा के गुणों, दुखों और यातनाओं का, शुजा की दयनीय स्थिति, मुगलशाही हरम, मुगल प्रान्त पतियों के अत्याचारों, जहाँआरा का चरित्र चित्रण, मुगलों की सामरिक व्यवस्था, दिल्ली, आगरा, कश्मीर का वर्णन किया हैं.

उसने  उस समय के भारत की  सामाजिक तथा  आर्थिक स्थिति का भी चित्रण किया हैं.  इनमें से  अधिकांश के बारे में  उसने विभिन्न सूत्रों से जानकारी प्राप्त की थी.  उसकी सूचनाओं के सूत्र कितने सही तथा निष्पक्ष थे.  यह विवाद का विषय हैं  उसकी कुछ बातें सत्य से काफ़ी दूर हैं जैसे कि जहाँआरा का चरित्र और शाहजहाँ के साथ औरंगजेब का विनम्र व्यवहार आदि.

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