तुम भारत, हम भारतीय हैं | Tum Bharat, Hum Bhartiya Hai | Hindi Kavita

Tum Bharat, Hum Bhartiya Hai | Hindi Kavita

तुम भारत, हम भारतीय हैं, तुम माता, हम बेटे,
किसकी हिम्मत है कि तुम्हें दुष्टता-दृष्टि से देखे |
ओ माता, तुम एक अरब से अधिक भुजाओं वाली,
सबकी रक्षा में तुम सक्षम, हो अदम्य बलशाली |
भाषा, वेश, प्रदेश भिन्न हैं, फिर भी भाई-भाई,
भारत की साझी संस्कृति में पलते भारतवासी |
सुदिनों में हम एक साथ हँसते, गाते, सोते हैं,
दुर्दिन में भी साथ-साथ जागते, पौरुष धोते हैं |
तुम हो शस्य-श्यामला, खेतों में तुम लहराती हो,
प्रकृति प्राणमयी, साम-गानमयी, तुम न किसे भाती हो |
तुम न अगर होती तो धरती वसुधा क्यों कहलाती ?
गंगा कहाँ बहा करती, गीता क्यों गाई जाती ?

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