Udaipur Tourist Guide In Hindi | उदयपुर दर्शनीय स्थलों की जानकारी

Udaipur Tourist Guide In Hindi उदयपुर दर्शनीय स्थलों की जानकारी: भारत में पर्यटन के लिहाज से राजस्थान का महत्वपूर्ण स्थान हैं. राजस्थान को वीर यौद्धाओं की रणभूमि कहा जाता हैं. यहाँ के सुनहरे गौरवशाली इतिहास को यहाँ के प्राचीन स्थल किले व महल आज भी सबूत के रूप में विद्यमान हैं. दक्षिणी राजस्थान का उदयपुर जिसे एक समय मेवाड़ क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. यहाँ के गुहिल वंशीय राणा शासकों से सभी परिचित हैं. राजस्थान में पर्यटन की दृष्टि से उदयपुर का महत्वपूर्ण स्थान हैं. देखने योग्य (udaipur tourist places to see) प्राचीन ईमारते किले व युद्ध स्थल देशी विदेशी पर्यटकों अपनी ओर खींच ही लेते हैं. उदयपुर में देखने योग्य क्या हैं (what to see in udaipur city) एक शब्द में कहे तो राजस्थान की इस सुंदर भूमि के स्थल, लोग, संस्कृति, खान पान और स्थल विरले हैं. चलिए 2009 में दुनिया के बेस्ट शहर का दर्जा पाने वाले उदयपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों (tourist places in udaipur in hindi) पर एक नजर डालते हैं.

Udaipur Tourist Guide In Hindi उदयपुर दर्शनीय स्थलों की जानकारी

Udaipur Tourist Guide In Hindi उदयपुर दर्शनीय स्थलों की जानकारी

places to visit in udaipur and around: शाही शहर कहे जाने वाले उदयपुर में कई तालाब एवं बड़ी संख्या में प्राचीन मीठे पानी की झीले हैं जिसके चलते इसे झीलों की नगरी ‘सिटी ऑफ़ लेक’ और पूरब का वेनिस उपनाम दिया गया हैं. मेवाड़ की राजधानी बनने का सौभाग्य प्राप्त उदयपुर शहर की स्थापना महाराणा उदयसिंह ने 1559 में अरावली की कन्दराओं के नैस र्गिक वातावरण में की इसे राजस्थान कश्मीर की स्थापना की गई थी.

Tourist Guide Of Udaipur In Hindi

  • जगत का अम्बिका मन्दिर– उदयपुर से 42 किमी दूर जगत नामक ग्राम में अम्बिका का मन्दिर मातर देवियों को समर्पित होने के कारण शक्तिपीठ कहलाता हैं यहाँ नृत्य गणपति की विशाल प्रतिमा हैं. यह मन्दिर मेवाड़ का खजुराहों कहा जाता हैं.
  • जगदीश मन्दिर उदयपुर– राजमहलों के पास जगदीश चौक में स्थित इस मन्दिर की स्थापना महाराणा जगतसिंह द्वारा की गई. इस मन्दिर के निर्माण में स्वप्न संस्कृति का बड़ा महत्वपूर्ण योग रहा हैं. इसलिए इसे सपने से बना मन्दिर भी कहते हैं.
  • एकलिंग जी का मन्दिर– कैलाशपुरी में स्थित यह मेवाड़ के अधिपति एकलिंग जी का मन्दिर हैं.
  • ऋषभदेव मन्दिर– कोयल नदी पर बसे धुलेव कस्बे में स्थित इस मन्दिर में देवता के केसर चढ़ती हैं. अतः ऋषभदेव को केसरिया नाथ के नाम से भी स्मरण किया जाता हैं. केसरियानाथ की काले पाषाण की बड़ी भव्य मूर्ति के कारण भील इसे कालाजी कहकर भू पुकारते हैं.
  • सिटी पैलेस– पिछोला झील के किनारे स्थित राजमहल. यहीं पर कृष्णा विलास महल हैं. जहाँ राजकुमारी कृष्णा ने जहर पीकर अपनी इहलीला समाप्त कर उदयपुर को युद्ध से बचा लिया था. राज आंगन महल, मोती महल, मानक महल, दिल खुश महल आदि प्रसिद्ध महल यही हैं. प्रसिद्ध इतिहासकार फर्ग्युसन ने इन्हें राजस्थान के विंडसर महलों की संज्ञा दी.
  • पिछोला झील– इस झील का निर्माण राणा लाखा के शासन काल में एक बंजारे ने करवाया था. इस झील के अंदर जगनिवास महल एवं जगमन्दिर महल बने हुए हैं. जगमहल में महाराजा कर्ण सिंह ने विद्रोही शहजादा खुर्रम को शरण दी थी.
  • सहेलियों की बाड़ी– फतेहसागर झील की पाल की तलवटी में बना एक रमणीक बगीचा. महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने इसका निर्माण व महाराणा फतहसिंह ने इसका पुननिर्माण करवाया था.
  • सज्जनगढ़ पैलेस– इस महल का निर्माण महाराणा सज्जनसिंह जी ने करवाया था. इसे वाणी विलास महल भी कहते हैं. यह महल बांसदरा पहाड़ी पर स्थित हैं, यहाँ अभ्यारण्य भी हैं,
  • जयसमन्द ढेबर झील– राजस्थान की ताजे मीठे पानी की सबसे बड़ी कृत्रिम झील जो मेवाड़ महाराजा जयसिंह द्वारा बनाई गई.
  • गोगुन्दा-हल्दीघाटी के निकटस्थ स्थान, जहाँ 1572 ई में महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक किया गया था. महाराणा उदयसिंह की मृत्यु भी गोगुंदा में ही हुई थी. प्रताप की प्रारम्भिक राजधानी गोगुन्दा ही थी.
  • नागदा– गुहिल शासकों की प्रारम्भिक राजधानी, जिसको इल्तुतमिश द्वारा नष्ट कर दिए जाने पर चित्तौड़गढ़ को राजधानी बनाया गया. यहाँ 10 वीं सदी का सास बहू का मन्दिर प्रसिद्ध हैं. यहाँ के मंदिर सोलंकी कला के प्रतीक हैं.
  • आहड़– उदयपुर के निकट आहड़ नदी घाटी में 4000 हजार वर्ष पुरानी पूर्व युगीन सिन्धु सभ्यता के समकालीन ताम्रयुगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं. आहड़ नागदा के बाद सिसोदिया वंश की राजधानी भी थी.
  • आहड़ की छतरियाँ महासतियां – उदयपुर नगर से दो मील दूर आहड़ नामक स्थान पर महाराणा अमरसिंह से अब तक के सारे राणाओं की छतरियाँ विद्यमान हैं.
  • चावंड– वर्ष 1578 में कुम्भलगढ़ में मुगल सेना का अधिकार हो जाने के बाद महाराणा प्रताप ने चावंड को अपनी राजधानी बनाया था, जीवन के अंतिम दिन उन्होंने यहाँ बिताएं.
  • बांडोली– चावंड के निकट स्थित इस गाँव में प्रताप का अंतिम संस्कार किया गया था.
  • फतेहसागर झील– पिछोला झील के उत्तर में स्थित फतेहसागर झील का निर्माण महाराणा जयसिंह ने देवाली तालाब के नाम से करवाया था. इस झील में आहड़ नदी से लगभग 6 किमी लम्बी एक नहर द्वारा जल लाया जाता हैं. इसका पुनः निर्माण फतेहसिंह ने करवाया.
  • बागोर की हवेली– उदयपुर में इसका निर्माण मेवाड़ के प्रधानमंत्री श्री अमरचंद बडवा ने करवाया था.
  • सौर वेधशाला– उदयपुर सौर वेधशाला फतहसागर झील के बीच स्थित टापू पर हैं.
  • महासतियाँ– आहाड़ गाँव में गंगोदभव नामक तीर्थ के निकट मेवाड़ महाराणाओं का श्मशान स्थल हैं.  महाराणा प्रताप के   बाद सभी राणाओं की अंत्येष्टि यही हुई थी.
  • शिल्पग्राम– उदयपुर के निकट 1989 में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा हवाला गाँव में ग्रामीण शिल्प एवं लोक कला परिसर शिल्पग्राम का स्रजन किया गया था.
  • नटनी का चबूतरा– नटनी गलकी की स्मृति में पिछोला झील में नटनी का चबूतरा बना हुआ हैं.

उदयपुर जाने का सही समय (travel guide tourist places & Best time to visit Udaipur)

main tourist attractions places to visit near udaipur in summer in december august february: झीलों की नगरी उदयपुर में हर मौसम में पर्यटकों की भरमार रहती हैं. यदि आप एक दिन अथवा कुछ दिनों के लिए उदयपुर आने के लिए अच्छे मौसम और सही महीने के बारे में जानना चाहते हैं. तो जनवरी या फरवरी माह में यहाँ हल्की ठंड और थोड़ी गर्माहट के बीच पर्यटन का आनन्द ले सकते है. इसके अतिरिक्त आप सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर, मार्च माह में भी यहाँ आकर udaipur city के tourist spots का लुप्त ले सकते हैं. near udaipur यहाँ कई natural picnic spots भी हैं.

उदयपुर जाने का तरीका (How to Reach Udaipur tourism places see index)

tourist places around udaipur rajasthan: यदि आपने उदयपुर देखने का मन बनाया हैं तो आप छोटे या बड़े ट्रिप के लिए by एयर बाई रोड़ और रेलवे के द्वारा भी आ सकते हैं. उदयपुर में मुख्य रेलवे स्टेशन हैं जिन्हें राणा प्रताप स्टेशन के नाम से जाना जाता हैं सम्पूर्ण उदयपुर भ्रमण के लिए आप महाराजा एक्सप्रेस को भी चुन सकते हैं. हवाई यात्रा के लिए यहाँ नजदीकी अन्तर्राज्यीय हवाई अड्डा डबोक है जो शहर से 20 किमी की दूरी पर है इसके अतिरिक्त आप दिल्ली मुंबई नेशनल हाईवे से जुड़े उदयपुर के लिए सड़क मार्ग से भी यात्रा कर सकते हैं.

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हम आशा करते हैं. आपकों Udaipur Tourist Guide In Hindi में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी. यहाँ हमने उदयपुर शहर के दर्शनीय स्थलों की जानकारी (places to visit near udaipur india) दी हैं. हमारा लेख पसंद आया हो तो प्लीज  अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

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