Varshik Utsav Essay In Hindi | विद्यालय का वार्षिकोत्सव पर निबंध

Varshik Utsav Essay In Hindi: हरेक विद्यालय में आयोजित उत्सवों में स्कूल का वार्षिकोत्सव भी एक अहम इवेंट हैं,  annual function साल के आखिरी दिनों में आयोजित किया जाता हैं. यह भावुक पल होते हैं जब सत्र भर साथ रहने वाले शिक्षक शिक्षार्थी आगामी सत्र का मध्यांतर लेते हैं. अक्सर बच्चों को विद्यालय का वार्षिकोत्सव पर निबंध याद कराया जाता हैं, परिक्षा के नजरिये से भी annual function एस्से काफी एहम टॉपिक हैं. यहाँ आपकों वार्षिकोत्सव पर सरल भाषा में हिंदी निबंध व भाषण उपलब्ध करवा रहे हैं, जिन्हें कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के स्टूडेंट्स 100,200,300,400,500 शब्दों में एनुअल फंक्शन एस्से के रूप में इसे कही भी प्रस्तुत कर सकते हैं.

Varshik Utsav Essay In Hindi | विद्यालय का वार्षिकोत्सव पर निबंधVarshik Utsav Essay In Hindi | विद्यालय का वार्षिकोत्सव पर निबंध

Annual day function essay in hindi : विद्यालय का वार्षिकोत्सव

प्रस्तावना- विद्यालयों में वर्षभर विभिन्न प्रतियोगिताएं चलती रहती हैं. इन प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कार प्रदान करने एवं छात्र छात्राओं में सामाजिकता के गुणों का विकास करने के उद्देश्य से विद्यालय में वार्षिक उत्सवों का आयोजन किया जाता हैं.

उत्सव की तैयारियाँ– 10 जनवरी को प्रार्थना सभा में प्रधानाध्यापक जी ने घोषणा की कि वार्षिक उत्सव 23 जनवरी को मनाया जाएगा. छात्र छात्राओं में तालियाँ बजाकर इस घोषणा का स्वागत किया. इसी दिन प्रधानाध्यापक जी के कक्ष में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी शिक्षक शिक्षिकाओं के अतिरिक्त कुछ छात्र छात्राओं को भी वार्षिक उत्सव सम्बन्धी कुछ न कुछ कार्य सौपे गये.

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के निदेशक शिक्षक शिक्षिकाओं ने छात्र छात्राओं का चयन करके उनकी तैयारी प्रारम्भ करवा दी. समूह नृत्य, समूह गान, सरस्वती वंदना, कव्वाली, नाटक, संस्कृत नाटिका, विचित्र वेशभूषा आदि कार्यक्रमों के लिए छात्रों ने तैयारी की. विद्यालय प्रांगण में ही भव्य पंडाल लगाया गया तथा मंच बनाया गया, उत्सव का समय सायं चार बजे रखा गया.

वार्षिकोत्सव का आयोजन- मुख्य अतिथि जिलाधीश महोदय थे. ठीक चार बजकर पन्द्रह मिनट पर मुख्य अतिथि का आगमन हुआ. सबसे पहले मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम के शुभारम्भ की घोषणा की. तत्पश्चात छात्र छात्राओं ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये.

समूह नृत्य, कव्वाली एवं नाटक को दर्शकों ने बहुत पसंद किया. विचित्र वेशभूषा के कार्यक्रम ने तो दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि वे बहुत देर तक तालियाँ बजाते रहे. प्रधानाध्यापक जी ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी. इसके बाद मुख्य अतिथि महोदय ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया तथा संक्षिप्त भाषण भी दिया. कार्यक्रम का संचालन कक्षा आठ के छात्र राजेश ने किया. कार्यक्रम का समापन राजस्थान प्रसिद्ध लोकनृत्य घूमर से हुआ.

उपसंहार- सभी शिक्षक शिक्षिकाओं एवं छात्र छात्राओं कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्न थे. सभी ने एक दूसरे को बधाई दी, उत्सव में सभी का पूरा सहयोग रहा.

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विद्यालय और सहगामी प्रवृत्तियाँ– विद्यालय सरस्वती का ऐसा मन्दिर हैं जिसमें बालकों का बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास किया जाता हैं. इसलिए पूरे शिक्षा सत्र छात्रों को केवल पुस्तकें पढ़ने में ही नहीं बल्कि उन्हें समय समय पर ऐसी अन्य प्रवृत्तियों में भी लगाए रखना विद्यार्थियों के लिए जरुरी हैं. जिनसे मन तरोताजा रहे और छात्रों की अध्ययन में अभिरुचि बढ़े. स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन में प्रतिभा का प्रसार होता हैं. इस तथ्य पर विचारकर विद्यालयों में पाठ्यक्रम के साथ साथ अन्य सहगामी प्रवृत्तियों का संचालन किया जाता हैं.

वार्षिकोत्सव का महत्वविद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं. कभी अंत कक्षा प्रतियोगिता होती हैं तो कभी वाद विवाद श्लोक या कविता पाठ या अंत्याक्षरी होती हैं, कभी विविध खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, तो कभी सामाजिक उत्पादकता कार्य एवं समाज सेवा के शिविर लगते हैं. उन सब शैक्षिक कार्यों का विवरण वार्षिकोत्सव पर ही समग्र रूप से सामने आता हैं.

इस दृष्टि से विद्यालय के वार्षिकोत्सव का विशेष महत्व हैं. प्रायः सभी विद्यालय इस महत्व को अच्छी तरह जानते हैं. इसलिए वे इसका आयोजन विशाल स्तर पर प्रतिवर्ष करते हैं तथा इससे अन्य विद्यालयों की अपेक्षा स्वयं को श्रेष्ठ बतलाते हैं. इससे न केवल छात्रों में अपितु अभिभावकों में भी आकर्षण बढ़ता हैं.

विविध कार्यक्रमहमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव प्रतिवर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता हैं. इसके एक सप्ताह  पूर्व  से  ही विद्यालय की सफाई की जाती हैं. और खेल के मैदान को ठीक करके उसमें एक कोने पर बड़ा सा पांडाल बनाया जाता हैं. उसमें एक ओर ऊँचा मंच बनाया जाता हैं. तथा सामने अतिथियों दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाती हैं.

मंच पर लाउडस्पीकर तथा लाइट की व्यवस्था की जाती हैं. हमारे विद्यालय के वार्षिकोत्सव में प्रतिवर्ष राज्य का कोई मंत्री मुख्य अतिथि होता हैं. इस बार खेल मंत्री जी हमारे मुख्य अतिथि थे. लगभग अपराह्न तीन बजे वार्षिकोत्सव का आरम्भ सरस्वती वंदना से हुआ. इसके पश्चात स्वागत गान सुमधुर लय ताल से छात्रों ने प्रस्तुत किया. फिर प्रधानाचार्य जी ने अध्यक्ष और मुख्य अतिथि को मालाएं पहनाकर स्वागत किया.

हिंदी के विरिष्ठ अध्यापकजी ने अभिनन्दन पत्र पढ़ा. तत्पश्चात पहले छात्रों ने खेलकूद, व्यायाम, ड्रिल, मलखम्भ का फाइनल प्रदर्शन किया गया. फिर मंच पर एक लघु एकांकी प्रस्तुत किया गया तथा आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर देशभक्ति के गीत गाये गये. विविध कार्यक्रमों के प्रदर्शन के बाद प्रधानाचार्यजी ने विद्यालय का वार्षिक प्रगति विवरण पढ़कर सुनाया तथा विद्यालय के समुचित विकास की भावी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला.

पुरस्कार वितरण– प्रगति विवरण के पश्चात माननीय मुख्य अतिथि महोदय खेलमंत्री का भाषण हुआ, उन्होंने सारगर्भित भाषण में विद्यार्थियों को कर्तव्य पालन एवं चरित्र निर्माण की प्रेरणा देते हुए श्रेष्ठ नागरिक बनने का संकल्प लेने को कहा. विद्यालय की प्रगति से वे काफी प्रसन्न हुए, इस कारण उन्होंने समय समय पर आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया. भाषण के पश्चात पुरस्कार वितरण कार्यक्रम हुआ.

इसमें मुख्य अतिथि महोदय के कर कमलों से विविध क्रीडाओं अन्तः कक्षा प्रतियोगिताओं, वाद विवाद, अंत्याक्षरी, कविता पाठ आदि में प्रथम व द्वितीय स्थान पाने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया. इस अवसर पर छात्रों ने काफी प्रसन्नता व्यक्त की तथा पुरस्कृत छात्रों को बधाई भी दी, पुरस्कार वितरण के बाद प्रधानाचार्यजी ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा वार्षिकोत्सव के समापन की घोषणा की.

उपसंहार– विद्यालयों में वार्षिकोत्सव मनाना छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी रहता हैं. इस तरह के उत्सवों का आयोजन कराने ससे उनमें परस्पर प्रेमभाव बढ़ता हैं, संगठन की भावना आती हैं. और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अभिरुचि बढ़ती हैं. इससे छात्रों में उत्साह का संचार होता हैं.

मित्रों Varshik Utsav Essay In Hindi का यह लेख आपकों कैसा लगा कमेंट कर जरुर बताए. आशा करता हूँ अब आप इस निबंध की मदद से वार्षिकोत्सव पर अच्छा निबंध तैयार कर सकते हैं. विद्यालय का वार्षिकोत्सव पर निबंध पसंद आया हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों तक भी शेयर करे.

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