वैदिक सभ्यता का इतिहास | Vedic Sabhyata In Hindi Pdf

religion, literature, History Fact, About Vedic Sabhyata In Hindi Pdf, वैदिक सभ्यता का इतिहास: वैदिक सभ्यता अथवा काल को आर्यों के भारत में आगमन का समय माना जाता हैं. इसी समय वेदों की रचना की गई थी. भारतीय इतिहासकारों के अनुसार वैदिक काल अनादिकाल से चला आ रहा हैं. यानि जब से सार्ष्टि की रचना हुई तब से वैदिक काल चला आ रहा हैं. मगर पश्चिमी विद्वान इसे १५०० ईसा पूर्व की टाइमलाइन बताते है जब भारत में आर्यो का आगमन हुआ, तभी से यह सभ्यता अस्तित्व में आई.

वैदिक सभ्यता इतिहास | vedic history in hindiवैदिक सभ्यता का इतिहास | Vedic Sabhyata In Hindi Pdf

वैदिक सभ्यता क्या थी उनकी टाइमलाइन व इतिहास (What was the Vedic period, its timeline and history)

अभी तक के उत्खनन से हमारे इतिहासकारों को कोई ऐसा साक्ष्य प्राप्त नही हुआ है, जो यह प्रमाणित कर सके कि भारत में आर्य कब आए थे. मगर यह जगजाहिर हैं कि वर्तमान के हिन्दू धर्म का जन्म इसी वैदिक काल में हुआ, जो आज तक चला आ रहा हैं. इस कारण इसे वैदिक धर्म भी कहा जाता हैं. वैदिक काल का साहित्य आज हमारे धर्मग्रंथो के रूप में स्थापित हैं जिनमें  वेदांगसूत्र, रामायण, महाभारत,और पुराण, ब्राह्मणग्रंथ और उपनिषद आदि की रचना इसी काल में हुई. वैदिक काल के बाद ही  चार्वाक , तान्त्रिकौं ,बौद्ध और जैन धर्म का जन्म हुआ.

वैदिक काल की जानकारी हिंदी में (Vedic period information in Hindi)

  • भारतीय इतिहास में १५०० ई.पू. से ६०० ई.पू तक के कालखंड को वैदिक सभ्यता की संज्ञा दी गई हैं.
  • वैदिक सभ्यता का विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार पर हुआ.
  • आर्यों के भारत में आगमन के विषय पर विद्वान एकमत नही हैं. इस सन्दर्भ में मैक्स मूलर का मत सर्वमान्य है इसके अनुसार मध्य एशिया से आए और उन्होंने खैबर दर्रे के जरिये भारत में प्रवेश किया.
  • ईरान की धार्मिक पुस्तक जैन्द अवेस्ता में इस बात का संकेत है कि आर्य ईरान के रास्ते भारत आये थे.
  • आर्य शब्द का अर्थ है श्रेष्ट, उत्तम, अभिजात्य, कुलीन एवं उत्कृष्ट होता हैं.
  • भारत में आर्यों की सफलता का मुख्य कारण अश्व चलित रथ, कांसे के अच्छे उपकरण तथा कवच था. आर्य संभवत विशिष्ट प्रकार के दुर्गों का निर्माण करते थे जिन्हें पुर कहा जाता था.
  • वैदिक सभ्यता को दो स्पष्ट काल खंडों में विभाजित किया जाता हैं. १५०० ई.पू. से १००० ई.पू. तक के कालखंड को ऋग्वैदिक काल और १००० ई.पू. से ६०० ई.पू के काल को उत्तर वैदिक काल के नाम से जाना जाता हैं.

ऋग्‍वैदिककालीन नदियां (Rig Ved Rivers)

प्राचीन नाम आधुनिक नाम
क्रुभ कुर्रम
कुभा काबुल
वितस्‍ता झेलम
आस्किनी चिनाव
परुषणी रावी
शतुद्रि सतलज
विपाशा व्‍यास
सदानीरा गंडक
दृसद्धती घग्‍घर
गोमल गोमती
सुवस्‍तु स्‍वात्

ऋग्‍वैदिककालीन देवता (List of Rig Vedic Religion |Gods & Goddesses)

  देवता                  संबंध
इंद्र युद्ध का नेता और वर्षा का देवता
अग्नि देवता और मनुष्‍य के बीच मध्‍यस्‍थ
वरुण पृथ्‍वी और सूर्य के निर्माता, समुद्र का देवता, विश्‍व के नियामक एवं शासक, सत्‍य का प्रतीक, ऋ‍तु परिवर्तन एवं दिन-रात का कर्ता
द्यौ आकाश का देवता (सबसे प्राचीन)
सोम वनस्‍पति देवता
उषा प्रगति एवं उत्‍थान देवता
आश्विन विपत्तियों को हरनेवाले देवता
पूषन पशुओं का देवता
विष्‍


णु

विश्‍व के संरक्षक और पालनकर्ता
मरुत आंधी-तूफान का देवता

आशा करता हूँ दोस्तों वैदिक सभ्यता का इतिहास लेख में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी होगी, यदि आपकों Vedic Sabhyata In Hindi Pdf का यह लेख पसंद आया हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.


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