तेजा दशमी 2019 की तारीख मेला तेजाजी का मंदिर – Veer Tejaji Dashmi 2019 Mela History Katha

Veer Tejaji Dashmi 2019 Mela History Katha: तेजा दशमी 2019 लोकदेवता वीर तेजाजी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाई जाती हैं. तेजा दशमी 2019 की तारीख 19 सितम्बर, बुधवार हैं. तेजादशमी के दिन नागौर व देश के कोने कोने में जहाँ वीर तेजाजी के मंदिर बने हुए है, विशाल मेले भरते हैं. तेजाजी के भजन गीत गाये जाते हैं. भाद्रपद की शुक्ल दशमी तिथि को तेजा दशमी के रूप में मनाया जाता हैं, भक्ति, आस्था व श्रद्धा की प्रतीक तेजा जी जयंती गोगा नवमी से एक दिन बाद में मनाई जाती हैं. इस दिन जोधपुर के खेजड़ली बलिदान पर खेजड़ली मेलाभी भरता हैं. तेजा दशमी 2019 के इस आर्टिकल में हम Veer Teja Ji Katha, Story, Biography, History, Tejaji Jayanti 2019, Tejaji Mela fair In Rajasthan or Tejaji Dashmi 2019 के बारे में आपकों बतायेगे.तेजा दशमी 2018 की तारीख मेला तेजाजी का मंदिर - Veer Tejaji Dashmi 2018 Mela History Katha

तेजा दशमी कब है की हैं तारीख 2019: साँपों के देवता तेजाजी को लोकदेवता के रूप में राजस्थान के अतिरिक्त कई राज्यों में किसान सम्प्रदाय अपना आराध्य देव मानते हैं. किसी भी तरह के नाग दंश पर तेजा के नाम का धागा व मनौती मांगने पर सांप का जहर उतर जाता हैं. भक्त अपने आराध्य कुंवर तेजाजी के मंदिर पर भादों सुदी दशमी तिथि को माथा टेकने आते हैं. इसे तेजाजी दशमी कहा जाता हैं. इस दिन इनका जन्म खरनाल नागौर में हुआ था.

वर्ष 2019 में तेजादशमी की तिथि 19 सितम्बर हैं. ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 के दिन एक जाट कुल में इनका अवतरण (जन्म) हुआ था. ये बचपन से ही साहसिक कार्य करने लग गये थे. तेजाजी महाराज का विवाह बचपन में ही पेमल के साथ कर दिया था. उस समय भारतीय समाज में बाल विवाह प्रचलन में था.

तेजा दशमी 2019 की तारीख के इस आर्टिकल में वीर तेजा जी की कहानी कथा आपकों बता रहे हैं. सिद्ध पुरुष तेजल के बारे में कई पौराणिक कथाएँ आमजन में प्रचलित हैं. कहा जाता है कि तेजाजी की मृत्यु सर्पदंश के कारण हुई थी. उन्होंने गायों की रक्षा करने जाते समय जलते नाग को बचाया था. क्रोधित सांप ने जब उन्हें डंसने की बात कही तो तेजाजी ने उन्हें वचन दिया, कि वे वापिस आकर अपने वचन का पालन करेगे उन्हें गायों की रक्षा के लिए जाने दे.

तेजा दशमी कब की हैं तारीख तेजाजी मेला 2019 मंदिर – Veer Teja Dashmi 2019 Date Mela History Katha In Hindi

तेजा दशमी 2019 कब हैं, तेजा दशमी 2019 की डेट, तेजा दशमी 2019 कथा, तेजाजी दशमी गीत, भजन, आरती, तेजा दशमी 2019 मेला राजस्थान, तेजा दशमी 2019, वीर तेजा दशमी राजकीय अवकाश.

veer tejaji status in hindi, veer tejaji maharaj history in hindi, veer tejaji temple kharnal, veer teja status, veer tejaji photo, veer tejaji movie 1982, veer teja ji, tejaji ka mela kaha lagta hai, Veer Tejaji Dashmi 2019, Veer Tejaji Dashmi Mela & Fair.

तेजा दशमी 2019 की तारीख मेला तेजाजी का मंदिर – Veer Tejaji Dashmi 2019 Mela History Katha

Teja Ji Mela Date In Rajasthan : जानकारी के लिए बता दे तेजाजी पशु मेला परबतसर नागौर में भादों दशमी तिथि को भरता हैं. यह राज्य का सबसे बड़ा पशु मेला भी हैं. तेजा दशमी के इस मेले में हजारों लाखों की संख्या में कृषक समुदाय के लोग आते हैं. जाट जाति के लोग इन्हें अपना कुल देवता मानकर पूजा करते हैं. गाज्यों गज्यों जेठ आषाढ़ कुंवर तेजा रे जैसे लोकगीत राजस्थानी कृषक संस्कृति के पर्याय बन चुके हैं.

किसान परिवार में जन्में कुंवर तेजाजी बचपन में गायें चराने का कार्य किया करते थे. वे अपने पिताजी का खेती में हाथ बंटाने का कार्य भी करते थे. सत्यवादी वीर तेजाजी जब जवान हुए तो उन्होंने अपने घर का सम्पूर्ण कार्य अपने हाथ में ले लिया. एक समय जब वों अच्छी बरसात होने पर खेती में धान बो रहे थे. तो उनके बड़े भाई की पत्नी द्वारा देरी से खाना खिलाने पर तेजाजी को क्रोध आ गया था.

भाभी भी तेजा को समझ नही पाई थी, उन्होंने उनके बचपन के विवाह और अपनी पत्नी के पीहर में बैठे रहने का ताना उन्हें दिया. इस पर तेजाजी ने अपना खेती कार्य छोड़ रातो रात ससुराल जाने का निश्चय किया. अपनी घोड़ी जिसका नाम लीलण था. पर चढकर वो पनेर गाँव गये जहाँ उनका ससुराल था. तमाम अपशकुनों के बावजूद वो अपनी हठ छोड़ने वाले नही थे. अनजान में सासू द्वारा भी उन्हें अपशब्द बोल दिए जाते हैं.

जब ससुराल वालों को सच्चाई पता चली तो तैसे वैसे सुलह करवाई और उसी रात उस गाँव में चोरों द्वारा गायों की चोरी हो गई. गौरक्षक तेजाजी को गायों की रक्षा के लिए जाना पड़ा. रास्ते में उन्होंने एक सांप को जलते बचाया, जिसका परिणाम उन्हें अपनी मृत्यु के रूप में चुकाना पड़ा था. डाकुओं से गायों को छुड़ाकर तेजाजी ने अपना वचन नाग के समक्ष पूरा किया. भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160, तदनुसार 28 अगस्त 1103 को तेजाजी की मृत्यु हो गई, उनकी पत्नी पेमल भी इनके शरीर के साथ जीवित सती हो गई.

आशा करता हूँ मित्रों तेजा दशमी 2019 का यह छोटा सा लेख आपकों पसंद आया होगा,

वीर तेजाजी का मेला तेजाजी का मंदिर – Veer Tejaji Dashmi 2019 Mela History Katha के बारे में आपके पास अधिक जानकारी हो तो प्लीज हमारे साथ शेयर करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *