वीर तेजाजी महाराज की आरती वीडियो | Veer Tejaji Maharaj Ki Aarti Katha Movie Video Free Download

Veer Tejaji Maharaj Ki Aarti Katha Movie Video Free Download वीर तेजाजी राजस्थान मध्यप्रदेश और गुजरात राज्यों के प्रसिद्ध लोक देवता है. किसान वर्ग में जन्मे कुवर तेजाजी को समस्त कृषक वर्ग खुशहाली के देव के रूप में मानते है. खड़नाल (नागौर) में जन्मे तेजाजी को गौरक्षक और अपने वचन पर अट्टल रहने वाले महापुरुष थे. इस लेख में वीर तेजाजी महाराज की आरती वीडियो उनकी जीवन कथा और राजस्थानी भजन के कुछ यूट्यूब विडियो और टेक्स्ट वर्जन में उपलब्ध करवाए जा रहे है. तेजा भक्त इन वीडियोज (गानों) को Free Download कर सकते है.

वीर तेजाजी महाराज की आरती (Veer Tejaji Maharaj Ki Aarti)

थारा हाथ माहि कलश बड़ो भारी कुवर तेजाजी हावो साबत सुरा ओ..
धौरे धौरे आरती उतारू थाकी तेजा ओ..
लीलो घोड़ो असवारो कुवर तेजाजी
हां वो सावत सुरा ओ..
धौरे धौरे आरती उतारू थाकी तेजा ओ..
सावली सूरत काना मोती कुंवर तेजाजी ओ.. हां वो..
परियो थे कोट जरी को कुंवर तेजाजी. हां वो.
बांध्यो थे तो पंचरंग पागा कुंवर तेजाजी.. हां वो
थारा गला में झूमे वासक राजा कुंवर तेजाजी . हा वो.
कलयुग जोत सवाई कुवंर तेजाजी हां वो.
खेड़े खेड़े देवली बनाय कुंवर तेजाजी. हां वो.
बेटे है यों जाट को ने अमर कमायो नाम रे.
नौमी धारी रात जगावा कुंवर तेजाजी, हां वो..
दशमी को मेलों भरवे कुंवर तेजाजी . हां वो
नौमी धरा सु दूध चढ़ावा कुंवर तेजाजी.
दसमी रो चूरमो चढ़ावा कुंवर तेजाजी.
बाला की तांती बँधावा कुंवर तेजाजी.
काला रा खायोड़ा आवे कुंवर तेजाजी.
भैरूजी नारेल चढ़ावा कुंवर तेजाजी.
मीणा ने मार भगाया कुंवर तेजाजी.
बांध्या थे ढाल गेडा कुँवर तेजाजी.
धारा हाथ में ही भालों बीजण सारो कुंवर तेजाजी.
धन धरी जामण जांवो कुंवर तेजाजी.
पाणी री छनयारी धारी धरम केरी बेनवा वो हां वो.
गावे थाने लोग लुगाया कुंवर तेजाजी
धौरे धौरे आरती उतारू थाकी तेजा ओ..

Veer Tejaji Aarti Katha Movie Video Free Download

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वीर तेजाजी कथा गीत डाउनलोड (वीर तेजाजी कथा विडियो )

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Veer Tejaji Aarti In English

thaara haath maahi kalash bado bhaaree kuvar tejaajee haavo saabat sura o..
dhaure dhaure aaratee utaaroo thaakee teja o..
leelo ghodo asavaaro kuvar tejaajee
haan vo saavat sura o..
dhaure dhaure aaratee utaaroo thaakee teja o..
saavalee soorat kaana motee kunvar tejaajee o.. haan vo..
pariyo the kot jaree ko kunvar tejaajee. haan vo.
baandhyo the to pancharang paaga kunvar tejaajee.. haan vo
thaara gala mein jhoome vaasak raaja kunvar tejaajee . ha vo.
kalayug jot savaee kuvanr tejaajee haan vo.
khede khede devalee banaay kunvar tejaajee. haan vo.
bete hai yon jaat ko ne amar kamaayo naam re.
naumee dhaaree raat jagaava kunvar tejaajee, haan vo..
dashamee ko melon bharave kunvar tejaajee . haan vo
naumee dhara su doodh chadhaava kunvar tejaajee.
dasamee ro chooramo chadhaava kunvar tejaajee.
baala kee taantee bandhaava kunvar tejaajee.
kaala ra khaayoda aave kunvar tejaajee.
bhairoojee naarel chadhaava kunvar tejaajee.
meena ne maar bhagaaya kunvar tejaajee.
baandhya the dhaal geda kunvar tejaajee.
dhaara haath mein hee bhaalon beejan saaro kunvar tejaajee.
dhan dharee jaaman jaanvo kunvar tejaajee.
paanee ree chhanayaaree dhaaree dharam keree benava vo haan vo.
gaave thaane log lugaaya kunvar tejaajee
dhaure dhaure aaratee utaaroo thaakee teja o..

तेजाजी का जन्म एवं परिचय (Birth and introduction of Tejaji)

माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 के दिन तेजाजी महाराज का जन्म नागौर के खरनाल गाँव में हुआ था. ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के धोलिया जाट परिवार में जन्मे तेजाजी के पिता खरनाल गाँव के मुखिया थे. पास ही गाँव में कम उम्र में ही तेजाजी का विवाह पेमल नामक कन्या के साथ हुआ था. दोनों परिवारों के बिच किसी विवाद को लेकर लड़ाई हुई जिनमे पेमल के मामाजी मारे गये थे. इस बैर की आग के कारण तेजाजी और पेमल के बड़े होने तक एक दुसरे के साथ विवाह की बात घरवालों द्वारा छुपाकर रखी गई.

मगर एक दिन खेत जोतते समय भाभी के बहुत देरी से आने पर तेजाजी ने अपनी भाभी से देर से आने का कारण पूछा तो उन्होंने ताने भरे स्वरों में पेमल के साथ उनके विवाह की बात सुनाई. इस पर तेजाजी पेमल को लाने के लिए ससुराल जाते है रास्ते में अपशगुन के बाद भी अपने निश्चय में बदलाव नही लाते है. रास्ते में उन्हें एक जलता सांप दिखता है. कुंवर तेजा ने उस सांप को आग से बाहर निकाल दिया. इस पर उन साप देवता को गुस्सा आया और तेजाजी को डसने की बात कही तेजाजी उन नाग देवता को वापस आकर अपना वचन पूरा करने का वादा करके ससुराल जाते है. वहां उनका स्वागत किया जाता है. देर रात उस गाँव में कुछ चोरो द्वारा गुजरी की गांए चुरा ली जाती है.

वो अपनी गायों की रक्षा के लिए तेजाजी के पास आती है. तेजाजी उन चोरों का पीछा करते हुए गायों को गुजरी तक पहुचाकर नाग देवता के पास अपना वचन पूरा करने जाते है. लहूलुहान हालात में देखकर सांप को डसने की जगह नही मिलने पर तेजाजी अपनी जीभ पर उन्हें डसने के लिए कहते है. इस तरह सर्प के साथ किये वचन और उसकी पूर्ति के साथ ही तेजाजी महाराज की कथा समाप्त होती है.

Veer Tejaji Story In Hindi

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