विद्यार्थी जीवन में अनुशासन | Importance Of Discipline In Student Life In Hindi

Importance Of Discipline In Student Life In Hindi वर्तमानकाल की निरुद्देश्य शिक्षा प्रणाली व गिरते हुए परीक्षा परिणाम का जब हम चिन्तन करते है. तो हमारे मस्तिष्क में एक ही शब्द कुलबुलाता है, अनुशासन. और स्वचालित मशीन की भाति हमारा मस्तिष्क इन पांच शब्दों के इर्द गिर्द चक्कर लगाता है. वस्तुतः विद्यार्थियों का अनुशासनहीन होना उनके अध्ययन व उनकी उन्नति तथा उनके शारीरिक विकास में बाधक है. “विद्यार्थी जीवन में अनुशासन” अतः विद्यार्थी समुदाय को अनुशासन का महत्व समझ लेना चाहिए.

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन | Importance Of Discipline In Student Life In Hindi

अनुशासन को हम दूसरें शब्दों में संयम की संज्ञा दी जा सकती है. अनुशासन शब्द अनु तथा शासन इन दो शब्दों के मेल से बना है. अनु का अर्थ है पीछे या अनुकरण. शासन का अर्थ है व्यवस्था, नियन्त्रण या संयम. इस प्रकार अनुशासन का शाब्दिक अर्थ हुआ नियन्त्रणपूर्वक या संयमपूर्वक रहना.

जीवन में अनुशासन (essay on discipline in hindi)

केवल विद्यार्थियों के लिए ही नही अपितु सामाजिक और राष्ट्रिय जीवन के लिए अनुशासन का विशेष महत्व है. जिस देश के नागरिक जीवन में अनुशासन अपनाते है. और समय का उपयोग करने में सतर्क रहते है. वह राष्ट्र प्रगति के उच्च शिखर पर आरूढ़ हो जाता है. परन्तु अनुशासनहीन समाज अपनी अवनति का गर्त स्वयं बनाता है.

हमारे देशवासी वर्तमान में अनुशासनहीनता से ग्रस्त है. यही कारण है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत की जो प्रगति होनी चाहिए, वह नही हो पाई है. इस तथ्य से जीवन में अनुशासन का महत्व सिद्ध हो जाता है.

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व (student and discipline in hindi)

चूँकि विद्यार्थी जीवन, जीवन की वह अवधि है जिसमे नए संस्कार और आचरण एक नीव की भांति विद्यार्थी के मन को प्रभावित करते है. इस अवस्था में विद्यार्थी जिस प्रकार का आचरण और व्यवहार सीख लेता है.

वही व्यवहार और आचरण उनके भावी जीवन का अंग बन जाता है. विद्यार्थी का मस्तिष्क चूँकि पूर्ण परिपक्व नही नही होता है, यही कारण है कि उसके सुकोमल मस्तिष्क पर अनुशासनहीनता और अनुशासनप्रियता का अधिक प्रभाव पड़ता है.

इसलिए अनुशासन विद्यार्थी जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग होता है. विद्यार्थी के जीवन निर्माण तथा शारीरिक तथा बौद्धिक विकास के लिए अनुशासन का होना एक अनिवार्य शर्त है.

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन हीनता (importance of discipline in school)

वर्तमान में हमारे देश में अनुशासनहीनता के दुष्परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे है. विद्यार्थी ज्ञान प्राप्ति के प्रति उदासीन हो रहे है. वे गुरुजनों का आदर नही करते है. तथा तोड़ फोड़ आंदोलन आदि का सहारा लेकर शिक्षा जगत को दूषित कर रहे है. राजनितिक दलों के सदस्य भी स्वयं अनुशासित नही रहते है.

और वे विद्यार्थियों लप गलत रास्ते पर भटकाने का कार्य करते है. सरकारी कर्मचारी भी अनुशासनहीन हो रहे है. इन सब बातों से स्पष्ट हो जाता है कि आज हमारा समाज विशेष कर विद्यार्थी वर्ग अपने दायित्वों को नही समझ पा रहा है. इससे अनेक दुष्परिणाम समस्या के रूप में उभर रहे है.

अनुशासन के लाभ (benefits of discipline in hindi)

जीवन में सफलता का रहस्य अनुशासन की भावना रखना है. जिस राष्ट्र के लोगों को अनुशासन का महत्व स्वीकार्य है. जो अपने उतरदायित्व को समझते है. वे अपना तथा अपने राष्ट्र का गौरव बढ़ाते है. विद्यार्थी जीवन में तो अनुशासन का विशेष महत्व है. क्युकि आज का विद्यार्थी राष्ट्र का भावी सुनागरिक है.

अनुशासनप्रिय छात्र ही परिश्रमी, कर्तव्यपरायण और विनयशील हो सकता है और जीवन में प्रगति पथ पर स्वयं अग्रसर हो सकता है. अनुशासन एक ऐसी प्रवृति और संस्कार है. जिसे अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति अपना जीवन सफल बना सकता है, इससे अनेक श्रेष्ट गुणों का विकास होता है.

अनुशासित रहकर विद्यार्थी अपनी और अपने राष्ट्र की प्रगति कर सकता है तथा मानव जीवन धारण करने का सुफल प्राप्त कर सकता है. अतः अनुशासनपूर्ण जीवन ही वास्तविक जीवन है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *