Wonder Of Science Essay In Hindi | विज्ञान के चमत्कार पर निबंध

Wonder Of Science Essay In Hindi विज्ञान के चमत्कार पर निबंध-: विज्ञान का युग है. आज सारे संसार में वैज्ञानिक अविष्कारों एवं अनुसन्धानों की धूम मची हुई है. विज्ञान ने आधुनिक युग में क्रांति पैदा कर दी है. इसके द्वारा ऐसी ऐसी चीजो का आविष्कार हो रहा है. जिनकी पहले तक कोई कल्पना तक नही कर सकता था. आज मानव जीवन और समस्त प्रकृति का कोई क्षेत्र विज्ञान से अछूता नही है,सारा संसार इसके चमत्कारों से पूर्ण है.

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध-Wonder Of Science Essay In Hindi

Wonder Of Science Essay In Hindi

essay on blessing of science in hindi: विज्ञान के विविध चमत्कार- विज्ञान ने अनेक क्षेत्रों में विविध चमत्कार किये है यथा-

  1. यातायात के तीव्रगामी साधनों का विकास-इसने यातायात के तीव्रगामी साधनों का आविष्कार किया. कार, स्कूटर, मोटर, रेल, वायुयान की तो क्या कहे, विज्ञान ने दुसरें ग्रहों की यात्रा करने वाले रोकेटों का निर्मांण कर लिया है. ये तीव्रगामी वाले राकेट कुछ ही मिनटों में पृथ्वी की कक्षा से जाकर उपग्रहों का प्रक्षेपण कर देते है.
  2. संदेश-वाहन, समाचार सम्प्रेष्ण एवं शिक्षा मनोरंजन के क्षेत्र में विज्ञान के चमत्कार- संदेश वाहन तथा समाचार सम्प्रेष्ण के क्षेत्र में रेडियों, टेलीफोन, टेलीप्रिंटर, टेलेक्स, बेतार के तार, फैक्स आदि अनेक यंत्रो के निर्माण से अब क्षणभर में संसार के समाचार ज्ञात हो जाते है. टेलीविजन, विडियो गेम आदि के आमोद प्रमोद एवं शिक्षा प्रचार हो रहा है. सिनेमा भी विज्ञान का अनौखा चमत्कार है. कंप्यूटर  आधुनिक मानव का बहुपयोगी आविष्कार है.
  3. चिकित्सा के क्षेत्र में चमत्कार-चिकित्सा के क्षेत्र में भी कंप्यूटर ने चमत्कार दिखाए है. अब अनेक नई नई मशीनों की सहायता से असाध्य बीमारियों का इलाज आसानी से होने लगा है.
  4. अन्य आविष्कार-इसी प्रकार खेलकूद के साधनों और घर गृहस्थी के काम आने वाले साधनों के निर्माण में विज्ञान ने अनेक चमत्कारिक आविष्कार किये है.

विज्ञान के चमत्कारों से लाभ (Benefits from the wonders of science)

विज्ञान के विविध अविष्कारों से अब यातायात की सुविधा हो गई है. और एक स्थान से दूसरे स्थान पर सरलता से पंहुचा जा सकता है. संसार भर के समाचार न केवल सुन सकते है, आपितु टेलीविजन पर उनके द्रश्य देख भी सकते है.

असाध्य रोगों का इलाज आसान होने से आदमी की आयुदर बढ़ गई है. मुद्रण यंत्रो के कारण शिक्षा क्षेत्र लाभान्वित हो रहा है. इस प्रकार विज्ञान के चमत्कारों से अनेक लाभ है.

आज के युग में विज्ञान के चमत्कारों का लाभ सभी को मिलने लगा है. परन्तु परमाणु शक्ति के आविष्कार से मानव सभ्यता के विनाश की भी आशंका होने लगी है. अतएवं विज्ञान का उपयोग सदा मानव हित में ही करना चाहिए.

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हम अपने आस पास मानव निर्मित जिन चीजों को देखते हैं, वे विज्ञान के बल पर ही आकार पाने में सफल हो पाई हैं. सड़क पर चलती साईकिल हो या दूर गगन को भेदता हवाई जहाज सभी विज्ञान के आविष्कार हैं यह बात अलग हैं की जिस तरह  सिक्के के दो पहलू होते हैं. उसी तरह यह व्यक्ति पर निर्भर करता हैं की वह विज्ञान को सृजनात्मक माने या विध्वंसात्मक.

इसमें कोई शक नहीं हैं की विज्ञान से यदि हमें लाभ हुआ हैं तो इसके कुपरिणाम को भी भुगतना पड़ा हैं. लिहाजा इस बात का निर्णय करना थोडा कठिन हैं की विज्ञान वरदान हैं या अभिशाप. कई मामलों में यह वरदान साबित हुआ हैं तो कई मामलों में यह अभिशाप भी साबित हो रहा हैं. आइये विज्ञान के दोनों पहलुओं को जानते हैं.

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विज्ञान ने मानव जीवन को सुगम और सुखद बना दिया हैं. पहले लम्बी दूरी की यात्रा करना मनुष्य के लिए अति कष्टदायी होता था. अब विज्ञान ने मनुष्य की हर प्रकार की यात्रा को सुखमय बना दिया हैं. सड़को पर दौड़ती मोटरगाड़ियाँ एवं एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ इसका उदहारण हैं.

पहले मनुष्य के पास मनोरंजन के लिए विशेष साधन उपलब्ध नहीं थे. अब उनके पास मनोरंजन के हर प्रकार के साधन उपलब्ध हैं. रेडियो, टेप रिकॉर्डर से आगे बढ़कर अब एलसीडी, वीसीडी एवं डीटीएच का जमाना आ गया हैं. यहीं नहीं मनुष्य विज्ञान की सहायता से शारीरिक कमजोरियों एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से पार पाने में पहले से अधिक सक्षम हो गया हैं.

और यह सब संभव हुआ चिकित्सा क्षेत्र में आई वैज्ञानिक क्रांति से, अब ऐसी असाध्य बीमारियों का ईलाज भी सम्भव हैं जिन्हें पहले लायलाज समझा जाता था. अब टीबी सहित कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी को शुरूआती स्तर से ही खत्म करना संभव हुआ हैं. आज के हर हाथ में मोबाइल का दिखना भी विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ उदहारण हैं.

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खैर कुछ लोग कहते हैं कि विज्ञान ने आदमी को मशीन बना दिया हैं. यह कहना उचित नहीं हैं. मशीनों का अविष्कार मनुष्य ने अपनी सुख सुविधा के लिए किया हैं. यदि मशीनें नहीं होतीं, तो मनुष्य इतनी तेजी से प्रगति नहीं कर पाता एवं उनका जीवन तमाम तरह के झंझावतों के बीच ही गुम होकर रह जाता. मशीनों से मनुष्य को लाभ हुआ हैं.

यदि उसे भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं. तो उसमें मशीनों का योगदान प्रमुख हैं. मशीनों को कार्यान्वित करने के लिए मनुष्य को उन्हें परिचालित करना पड़ता हैं. इस कार्य में उसे अधिक परिश्रम करना नहीं पड़ता. यदि कोई व्यक्ति मशीन के बिना कार्य करे तो उसे अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता पड़ेगी.

इस दृष्टि से देखा जाए तो मशीनों के कारण मनुष्य का जीवन यंत्रवत नहीं हुआ हैं. बल्कि उसके लिए हर प्रकार का कार्य करना सरल हो गया हैं. यह विज्ञान का वरदान ही हैं की अब डेबिट क्रेडिट कार्ड के रूप में लोगों के पर्स में प्लास्टिक मनी आ गई हैं एवं वह भी चाहे, रूपये निकाल सकता हैं. रूपये निकालने के लिए अब घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं हैं.

बहरहाल मशीन का आविष्कार मनुष्य ने अपने कार्यों को आसान बनाने के लिए किया था, किन्तु कोई भी मशीन मनुष्य के बिना अधूरी हैं. जैसे जैसे मनुष्य वैज्ञानिक प्रगति करता जा रहा हैं. उसकी मशीनों पर निर्भरता बढ़ती जा रही हैं. फलतः मशीनों को चलाने के लिए उसे यंत्रवत उसके साथ व्यस्त रहना पड़ता हैं. आधुनिक मनुष्य भौतिक सुख सुविधाओं को प्राथमिकता देता हैं. इसके लिए वह दिन रात परिश्रम करता रहता हैं.

वह चाहता हैं की उसके पास गाड़ी, बंगला, ऐशोआराम की सभी चीजे हो, इसके लिए वह अपने सुख चैन को भी त्याग देता हैं. और उसे बस एक ही धुन रहती है काम, काम और सिर्फ काम. इस काम के चक्कर में उसने अपनी जीवन शैली अत्यंत व्यस्त बना ली हैं. खासकर शहरों के लोगों में यह आम दीखता हैं. मनुष्य ने अपने लिए रोबोट का भी आविष्कार कर लिया है. फिर भी उसकी आवश्यकता कम नहीं हुई हैं. वह दिन रात अन्तरिक्ष के रहस्यों को जानने के लिए परिश्रम कर रहा हैं.

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कहते हैं दुनियां की किसी भी चीज का दुरूपयोग बुरा होता हैं. विज्ञान के मामले में भी ऐसा ही हैं. विज्ञान का यदि दुरूपयोग किया जाए तो इसका परिणाम भी बुरा होगा. इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो विज्ञान का सहयोग मनुष्य के लिए एक अभिशाप के रूप में सामने आया हैं. विज्ञान की सहायता से मानव ने घातक हथियारों का आविष्कार किया हैं. ये हथियार पूरी मानव सभ्यता का विनाश करने में सक्षम हैं.

द्वितीय विश्व युद्ध के समय इनके प्रयोग से मानव को जो क्षति हुई, उसकी पूर्ति असम्भव हैं. विज्ञान की सहायता से मनुष्य ने मशीनों का अविष्कार अपने सुख चैन के लिए किया, किन्तु अफ़सोस की बात यह हैं की मशीन के साथ साथ वह भी मशीन होता जा रहा हैं. उसकी जीवन शैली भी अत्यंत व्यस्त हो गई हैं. विज्ञान की सहायता से मशीनों के अविष्कार के बाद छोटे छोटे एवं सामान्य कार्यों के लिए भी मशीनों की निर्भरता बढ़ी हैं.

एवं परिणामस्वरूप जो कार्य पहले मानव द्वारा किया जाता था, अब उसके लिए मशीनों से काम लिया जा रहा हैं, यही कारण हैं कि बेरोजगारी में वृद्धि हुई हैं. मशीनों के प्रयोग एवं पर्यावरण के दोहन के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ गया हैं. तथा प्रदूषण के कारण मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा हैं.यही नहीं विज्ञान की सहायता से प्रगति के लिए मनुष्य ने पृथ्वी पर मौजूद संसाधनों का व्यापक रूप से दोहन किया हैं जिसके कारण उसके लिए ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई हैं.

विज्ञान के दुरूपयोग के कारण यह मनुष्य के लिए विध्वंसक अवश्य लगे किन्तु इसमें कोई संदेह नहीं कि इसके कारण मनुष्य का जीवन सुखमय हो सका हैं. और आज हम जो प्रगति और विकास की बहार देख रहे हैं, यह विज्ञान के बल पर ही संभव हुआ हैं. इस तरह विज्ञान मानव के लिए सृजनात्मक/ वरदान ही साबित हुई हैं.

विज्ञान के दुरूपयोग के लिए विज्ञान को ही नही बल्कि मानव को भी दोषी ठहराया जाना चाहिए. विज्ञान कभी नहीं कहता कि उसका दुरूपयोग किया जाए. इस तरह आज तक विज्ञान की सहायता से तैयार हथियारों के दुरूपयोग के लिए विज्ञान को विध्वंसात्मक कहना विज्ञान के साथ अन्याय करने के बराबर हैं. विज्ञान को अभिशाप बनाने के लिए मनुष्य दोषी हैं. अन्तः देखा जाए तो विज्ञान मनुष्य के लिए वरदान/ चमत्कार/ उपहार ही हैं.

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आशा करता हूँ दोस्तों आपकों Wonder Of Science Essay In Hindi वंडर ऑफ़ साइंस का यह निबंध अच्छा लगा होगा. विज्ञान के चमत्कार (paragraph on science and technology) में दी गई जानकारी आपकों पसंद आई हो तो प्लीज इस लेख को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

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