विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई | World Population Day In Hindi

विश्व जनसंख्या दिवस (World population day)

बढती आबादी जिसे जनसंख्या विस्फोट का नाम दिया जाता हैं. यह भारत और सम्पूर्ण विश्व समुदाय के लिए आने वाली सबसे विकट समस्याओ में से एक हैं. जब हम ये विश्व जनसंख्या दिवस 2017 मना रहे हैं. हमारे भारत देश की आबादी 1 अरब 35 करोड़ के पार जा चुकी हैं, 2011 की जनगणना यानि आज से 7 वर्ष पूर्व हम 121 करोड़ ही थे. हमने इस जनसंख्या बढ़ोतरी की स्पीड को कम नही किया तो 2025 तक हम सुपर पॉवर बनेगे या नही. पर विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश अवश्य बन जाएगे.

सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रजनन दर में कमी करने के प्रयासों को हमे आगे बढ़कर समर्थन करना चाहिए. नही तो वो दिन दूर नही जब एक रोटी के लिए पांच इंसान लड़ेगे. मानव बिरादरी के स्वर्णिम भविष्य की खातिर हमे आत्मसंयम से बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता हैं. (World population day is celebrated.)

संयुक्त राष्ट्र संघ की सामान्य सभा द्वारा अनियंत्रित बढ़ती जनसंख्या को रोकने और जनजागरूकता के उदेश्य से प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस 2017 दिवस मनाने काक निर्णय लिया गया. वर्ष 1989 से प्रतिवर्ष इसे दुनियाभर के देशो में एक नई थीम के साथ मनाया जाता हैं.

जनसंख्या बढ़ोतरी के कुछ आकड़ो पर जरा नजर डाले तो हम अच्छी तरह समझ सकते हैं. यह किस गति से आगे बढ़ रही हैं. 11व़ी सदी यानि तक़रीबन 900-1000 वर्ष पहले विश्व की कुल आबादी 40 करोड़ के आस-पास थी.

इसके आठ सौ साल बाद विश्व की पहली जनगणना जो 1808 में हुई तब यह बढ़कर 1 अरब हो गयी.

अगले 55 वर्ष में यह आबादी तीन गुना बढ़ गयी. जो वर्ष 2000 तक 6 अरब से अधिक हो गईं. जिसमे एक अरब तो हम भारतीय ही थे. यदि हम विश्व की कुल प्रजनन दर पर नजर डाले तो आकड़े कुछ और ही कहते हैं. एक शोध के मुताबिक एक मिनट में 250 बच्चे जन्म लेते हैं. एक मिनट में मृत्यु दर 110 के आस-पास हैं. यानि एक सेकन्ड्स में 4 बच्चे जन्म लेते हैं और इससे आधे लोगों की मौत होती हैं.यदि इसी महीने के नवीनतम आकड़ो पर नजर डाले तो आज के दिन विश्व की कुल जनसंख्या 8 अरब हैं, वही bharat ki jansankya विश्व की कुल आबादी का 6व़ा हिस्सा हैं.

अनुमानित जनसंख्या 1 अरब 35 करोड़ ( 11 जुलाई 2017 के अनुसार)

विश्व जनसंख्या दिवस 2017 थीम (World Population Day 2017 Theme)

इस वर्ष के जनसंख्या दिवस पर एक नई थीम तैयार की गयी हैं. इस बार की थीम का विषय परिवार नियोजन,लोगों का विकास,राष्ट्र की प्रगति के विषय पर बनाया गया हैं. इस संदेश के साथ ही विश्वभर में आयोजित कार्यक्रमों से आमजन तक जनसंख्या बढ़ोतरी पर लगाम कसने इससे पड़ने वाले विपरीत प्रभावों के बारे में संदेश प्रसारित किये गये हैं.भारत के विभिन्न शहरों और शिक्षण संस्थानों में जनसंख्या दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. परिवार नियोजन के उद्देश्य से लन्दन में विश्व स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हैं, जिसमे विश्व के सभी देशो के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

विश्व जनसंख्या दिवस के उद्देश्य (Objectives of World Population Day)

हर वर्ष बढती हुई जनसंख्या के अनुरूप प्राक्रतिक संसाधनो में बढ़ोतरी नही हो रही हैं. यदि इसी गति से हमारी आबादी बढती रही तो एक दिन रहने के लिए जमीन, पीने के लिए पानी और ईधन व रोजगार की बहुत विकराल समस्या पैदा हो सकती हैं. इसलिए हम सभी का दायित्व हैं,

कि बेहतर परिवार नियोजन योजना को अपनाए.

सरकार द्वारा प्रतिवर्ष जनसंख्या निति और परिवार नियोजन एव परिवार कल्याण के कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं. हमे इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. बढती जन्म-दर के कारणों में कम उम्र में विवाह, और निम्न वर्ग की गरीबी के कारण वो इस आने वाली समस्या से परिचित नही हैं. इसके अतिरिक्त कम से भारत के अधिकतर मुस्लिम भाइयो को विचार करना चाहिए. क्युकि हमेशा इस सम्प्रदाय के लोगों को ही जनसंख्या विस्फोट का कारण समझा जाता हैं.

इनकी प्रतिस्पर्धा में अन्य समुदाय भी जनसंख्या बढाते हैं.

एक सुनहरे भारत के भविष्य के लिए हम सभी को आगे आकर इस दिशा में पहल करनी होगी.

विश्व जनसंख्या दिवस तथ्य (World Population Day Fact In Hindi)

  • आज की तारीख में विश्व की कुल आबादी 8 अरब हैं.
  • भारत में 30 वर्ष से कम युवाओं की संख्या 43 करोड़ हैं.
  • चीन में युवाओं की आबादी 22 फीसदी हैं, जो भारत से 10 फीसदी कम हैं.
  • इस गति से जनसंख्या बढ़ी तो वर्ष 2100 तक दुनिया की आबादी 12 अरब हो जाएगी.
  • विश्व की आधी से अधिक 52 फीसदी आबादी 30 वर्ष से कम की हैं.
  • फेसबुक के 130 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जो हर सप्ताह लॉग इन करते हैं.
  • यदि फेसबुक को एक नेशन मान लिया जाए तो चीन और भारत के बाद तीसरे नंबर पर आता.
  • एक अनुमान के मुताबिक जनसंख्या संबंधी नीतियों के कारण 2050 के बाद आबादी में स्थरता आ सकती हैं.

विश्व जनसंख्या दिवस नारे (World population day slogan)

हमारी धरती आबादी से अधिक है, जनसंख्या को नियंत्रित करने और पृथ्वी को बचाने के लिए खतरे में है

 

पृथ्वी ही एकमात्र ज्ञात ग्रह है, यह विशाल हो।

 

जन्म नियंत्रण बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए आशीष है।

 

पृथ्वी हमारा घर है; इसे स्वच्छ, खुश और कम भीड़ में रखें

 

गरीबी, जनसंख्या और विकास के बारे में सोचने के लिए अभियान में शामिल हों

 

बेहतर भविष्य के लिए धरती पर भीड़ को कम करें

 

बिग परिवार बड़ी समस्याएं भी लाता है

 

अपने परिवार की योजना बनाएं और ग्रह की रक्षा करें

 

आबादी को नियंत्रित करके धरती का बोझ कम करें।

 

हमेशा के लिए प्रकृति का आनंद लेने के लिए आबादी को नियंत्रित करें

 

बढ़ती आबादी पृथ्वी के पर्यावरण के लिए विषाक्त है

 

अधिक जनसंख्या कम जगह और कम भोजन का कारण है।

 

जन्म नियंत्रण जनसंख्या नियंत्रण का एकमात्र उपाय है।

 

जनसंख्या नियंत्रण और महिलाओं के जीवन को बचाने

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