ईद पर निबंध | Eid Essay In Hindi

ईद पर निबंध  Eid Essay In Hindi: ईद का त्योहार जिन्हें ईद अल-फ़ित्र Eid Al Fiṭr अथवा मीठी ईद भी कहा जाता हैं, यह विश्वभर के मुस्लिम सम्प्रदाय का पावन पर्व है|

ईद प्रतिवर्ष रमजान के एक महीनों के रोजो के बाद बड़ी धूमधाम से मनाई जाती हैं| मुस्लिम कैलेंडर के अनुसार ईद रमजान महिने की समाप्ति और श्व्वान महीने की पहली तारीख को मनाया जाता हैं|

ईद और चाँद का सीधा कनेक्शन हैं| नया चाँद दिखने के साथ ही ईद की तिथि का ऐलान कर दिया जाता हैं| ईद क्यों मनाई जाती है और ईद के बारे में जानकारी नीचें दी जा रही हैं|

ईद पर निबंध | Eid Essay In Hindi

ईद पर निबंध | Eid Essay In Hindi

ईद का त्योहार प्रेम और भाईचारे का संदेश देता हैं, इस दिन सभी मुस्लिम भाई ईदगाह पर एकत्रित होते हैं| एक दुसरे को सामूहिक दावत दी जाती हैं|

खीर सवैया और मिठाई ईद का त्योहार के मुख्य व्यजंन होते हैं| इस दिन सभी इस्लाम अनुयायी खरीददारी करते हैं नए कपडे और तोफहे भेट किये जाते हैं|

एक महीने के रोजे ईद के दिन ही समाप्त होते हैं, खैरात और जकात का ईद का त्योहार में बड़ा महत्व माना जाता हैं| आइए जानते हैं ईद का चाँद का क्या कनेक्शन हैं|

ईद का पर्व हर वर्ष दो बार मनाया जाता हैं जिन्हें ईद-उल-फितर और ईद-उल-जुहा भी कहा जाता हैं|

ईद-उल-फितर का त्यौहार मुस्लिम कैलेंडर के नौवे महीने रमजान की आखिरी तारीख के बाद शव्वाल माह की पहली तिथि को मनाई जाती हैं| जिन्हें मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता हैं| ईद-उल-जुहा जिन्हें बकरीद कहते हैं, ईद का चाँद का गहरा कनेक्शन होता हैं

अक्सर ईद का चाँद रमजान के आखिरी रोजे के बाद ही दीखता हैं| जिस दिन चाँद के दर्शन होते हैं उस दिन ईद का त्योहार की घोषणा कर दी जाती हैं इसकी तिथिय अलग-अलग हो सकती हैं| ईद का इतिहास क्या हैं और चाँद के दर्शन के साथ ही ईद क्यों मनाई जाती हैं| पढ़िए पूरी कहानी|

ईद का त्योहार मनाने के पीछे एक धार्मिक कहानी जुड़ीं हुई हैं| माना जाता हैं 624 हिजरी संवत में पहली बार ईद मनाई गईं| तब जंग-ए-बद्र की लड़ाई हुई थी| कहा जाता हैं यदि शव्वाल की पहली तिथि को चाँद दिखाई नही देता हैं|

तो ईद को अगले दिन (जब चाँद के दर्शन हो) तक स्थगित कर दिया जाता हैं| पुरानीं मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मोहमद हजरत साहब ने मक्का से मदीना की यात्रा की थी और मक्का में बस गये थे|

रमजान का पूरा महिना अल्लाह के बंदे की कड़ी परीक्षा का समय होता हैं, ईद का त्योहार खुदा का तोफहा उनके लिए होता हैं जो महीने भर कड़ा उपवास रखते हैं इस दिन खुदा अपने बन्दे की सभी ख्वाइश को मंजूर करता हैं|

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