कंप्यूटर का परिचय | Computer Introduction In Hindi

कंप्यूटर का परिचय Computer Introduction In Hindi: कंप्यूटर एक इलेक्ट्रानिक युक्ति है, जो प्रत्येक क्षेत्र में उपयोग की जाती है. चाहे वहां इसका होना सर्वथा अप्रत्याशित हो. अब हम कंप्यूटर के बिना दुनिया की कल्पना नही कर सकते है, इन दिनों कंप्यूटरों का उपयोग व्यापक रूप से इंजीनियरों और वैज्ञानिकों द्वारा किया जाता है तथा दुनियाभर में लाखों लोग इसका इस्तमोल करते है. इसी लिए इस युग की सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी ) का युग कहा जाता है.

 Computer Introduction In Hindi – कंप्यूटर का परिचय

विषय सूची

Computer Introduction In Hindi

कंप्यूटर दो हिस्सों से मिलकर बनता है- पहला हार्डवेयर और दूसरा सॉफ्टवेयर. एक कंप्यूटर के सभीभौतिक हिस्से हार्डवेयर के भाग है, जिसमे की बोर्ड, माउस, मोनिटर आदि शामिल है. कंप्यूटर का इस्तमोल होने वाले प्रोग्राम और भाषाएं सॉफ्टवेयर कहलाती है.

आज कंप्यूटर बहुत महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि यह शुद्ध और तेज गति से कार्य करता है. और सभी कार्य तेजी से पूरा कर लेता है, अन्यथा हाथ से इन कार्यों को पूरा करने के लिए बहुत अधिक समय की जरुरत होती है, यह बड़ी गणनाएं सैकड़ से भी कम समय में कर लेता है.

इसके अलावा इसमे बड़ी मात्रा में डेटा (सूचना) को भंडारित किया जा सकता है. हमे इंटरनेट का उपयोग करते हुए विभिन्न पक्षों की ढेर सारी जानकारी मिल जाती है.

आज कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जिनमे निम्नलिखित शामिल है.

कंप्यूटर के उपयोग (computer ki upyogita in hindi)

बैंक में कंप्यूटर का उपयोग (Use of computer in bank)

लगभग प्रत्येक बैंक में धनराशि के लेनदेन के रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों को रखने के लिए कंप्यूटरों का उपयोग किया जाता है. इस क्षेत्र में इनका उपयोग गति, सुविधा और सुरक्षा कारणों से भी होता है, जो यह प्रदान करता है.

संचार में कंप्यूटर का उपयोग (Use of computer in communication)

इंटरनेट या ईमेल के माध्यम से बहुत से संचार आसान और सरल बन गया है. कंप्यूटर द्वारा संचार क लिए टेलीफोन लाइनों, मॉडेम और उपग्रहों का उपयोग किया जाता है. ईमेल के जरिये हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति तक सैकंड में संदेश पहुचा सकते है.

दूसरी ओर संचार के पारंपरिक रूप उदहारण के लिए डाक सेवाओं में इन्हें पहुचाने में कई दिनों का समय लगता है. इसलिए इन्टरनेट ने पूरी पृथ्वी को एक वैश्विक गाँव बनाने में सहायता दी है. और इन सबसे परे, इससे समय की बचत होती है. इंटरनेट से हमें प्रत्येक विषय पर शीघ्रता से जानकारी पाने में सहायता मिलती है.

यह संसार का सबसे सरल और तेज तरीका है. कंप्यूटर नेटवर्क से प्रयोक्ता उसी या किसी अन्य संगठन के दूरस्थ प्रोग्राम या डेटाबेस तक पहुच बनाने में सक्षम होते है.

व्यापार में कंप्यूटर का उपयोग (Computer use in business

कंप्यूटर आज कर्पोरेट जीवन का अविभाज्य भाग बन गया है. व्यापार सम्बन्धी लेनदेन बहुत आसानी से शुद्द्तापूर्ण होते है. तथा सभी व्यापारिक लेनदेनों का रिकॉर्ड रखा जा सकता है. आज कंप्यूटर प्रत्येक स्टोर, सुपरमार्केट, रेस्तरां एवं कार्यालय में देखे जा सकते है.

अब चीजो को ऑनलाइन बेचा व खरीदा जा सकता है. बिलों और करों का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है, यहाँ तक कि कृत्रिम आसूचना सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए व्यापार के भविष्य का पूर्वानुमान भी लगाया जा सकता है. कंप्यूटर स्टॉक मार्केट में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

चिकित्सा विज्ञान एवं स्वास्थ्य देखभाल में कंप्यूटर (Computer in Medical Science and Health Care)

कंप्यूटर की सहायता से रोगों का निदान आसानी से किया जा सकता है. और हम इसे ठीक करने के बारे में जनक भी कह सकते है. लगभग प्रत्येक चिकित्सा नैदानिक उपकरणों में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है. स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यों के निष्पादन में कंप्यूटर का इस्तमोल किया जाता है.

जैसे रोगियों के चिकित्सा रिकॉर्ड की समीक्षा, कंप्यूटर का इस्तमोल करते हुए डॉक्टर रोग का इलाज करने के लिए उपलब्ध नवीनतम दवाओं के बारे में बड़ी आसानी से खोज कर सकते है.

इसके अलावा डॉक्टर विभिन्न रोगों के बारे में चर्चा और और जानकारी आदान प्रदान में कंप्यूटर प्रोद्योगिकी का उपयोग करते है.

शिक्षा में कंप्यूटर (Computer in education)

आज कंप्यूटर शिक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग बन गया है, क्योंकि शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में हम कंप्यूटर का इस्तमोल करते है, कंप्यूटर के ज्ञान के बिना हमे नौकरी नही मिल सकती और हम अच्छा निष्पादन नही कर सकते. अतः कंप्यूटर से नौकरी की संभाव्यता में सुधार आता है.

अध्यापकों द्वारा पढ़ाने, छात्रों के रिकॉर्ड रखने, ऑनलाइन अधिगम और आंकलन के लिए कक्षाकक्षों में कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है.

मीडिया और कंप्यूटर (Media and Computers)

लगभग सभी प्रकार के संपादक और ऑडियो विजुअल सम्मिश्रण के लिए बनाए गये विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए ये कार्य पूरे किये जा सकते है, कुछ सॉफ्टवेयर में तीन आयामी आकृतियाँ भी बनाई जा सकती है,

जिन्हें अधिकाशतः कार्टून फिल्म बनाने में इस्तमोल किया जाता है. गतिशील दृश्यों और विज्ञान की काल्पनिक फिल्मों में विशेष प्रभाव के लिए कंप्यूटर का इस्तमोल किया जाता है.

यात्रा और टिकट में कंप्यूटर की उपयोगिता (Computer utility in travel and ticket)

कंप्यूटरों के आविष्कार से टिकट लेना और आरक्षण करने का कार्य आसान हो गया है. इन दिनों इन्टरनेट के जरिये रेल यात्रा की टिकट आरक्षित करना संभव है.

टिकटों का आरक्षण भारतीय रेल की इंडियन कैटरिंग एवं टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरटीसी) की वेबसाइट के द्वारा किया जा सकता है. इससे व्यक्ति रेलवें में सीट की उपलब्धता और वास्तविक समय में पीएनआर स्थति का पता लगा सकता है.

मौसम पूर्वानुमान में कंप्यूटर की भूमिका (Role of Computer in Weather Forecasting)

मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए विषेयज्ञ सुपर कंप्यूटर का उपयोग करते है. अब मौसम का पूर्वानुमान कंप्यूटर आधारित मॉडलों पर निर्भर करता है,

जिनमे अनेक वातावरण कारकों को विचार में लिया जाता है, जब से कंप्यूटरों का इस्तमोल किया जा रहा है तब से मौसम के पूर्वानुमान में शुद्धता आई है.

खेल के कंप्यूटर का उपयोग (use of computer in sports and games)

कंप्यूटरों का उपयोग एम्पायर के निर्णयों के लिए किया जाता है. कई बार जब एम्पायर के निर्णय के लिए थर्ड एम्पायर के पास जाना जाता है, जिसमे कंप्यूटर पर रिकॉर्डिंग देखी जाती है

और अंत में एक शुद्ध और स्पष्ट निर्णय लिया जाता है. खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए तथा उनके कौशल में सुधार लाने के लिए सिमुलेशन सॉफ्टवेयर सहायता देते है.

कला और मनोरंजन में कंप्यूटर की उपयोगिता (computers in entertainment)

विडियो गेम्स व्यक्तिगत कंप्यूटरों के सर्वाधिक लोकप्रिय अनुप्रयोगों में से एक है. व्यक्तिगत कंप्यूटरों में लगातार ग्राफिक्स और ध्वनि की क्षमता में सुधार होने से ये कलाकारों और संगीतकारों के लिए लोकप्रिय साधन बन गये है. व्यक्तिगत कंप्यूटर हजारों रंग प्रदर्शित कर सकते है.

टेलीविजन सेट से अधिक स्पष्ट चित्र तैयार कर सकते है और विभिन्न वाद्य यंत्रो तथा सिंथेसाइजर से इन्हें जोड़ा जा सकता है. पेंटिंग और ड्राइंग के प्रोग्राम कलाकारों को वास्तविक तस्वीरें और एनीमेशन डिस्प्ले बनाने में सहायता देते है. जो वे पारम्परिक साधनों की तुलना में कही अधिक आसानी से बना सकते है.

मौफिंग प्रोग्राम से फोटोग्राफर और फिल्म निर्माता किसी भी प्रकार की तस्वीर को मनचाहे आकार और माप में बदल सकते है. उच्च गति वाले सुपर कंप्यूटर एक फिल्म के फ्रेम में सच्ची लगने वाली एनीमिटेड तस्वीरें डाल सकते है. और इनमे कोई रुकावट नही होती,

इसलिए दर्शक कंप्यूटर से तैयार और वास्तविक कलाकारों के बिच अंतर का पता नही लगा पाते है. संगीतकार अनेक आवाजों का समिश्रण बनाने और अनेक विविधताओं वाले प्लेबैक संगीत तैयार करने कंप्यूटरों का उपयोग करते है.

सोशल मीडिया में कंप्यूटर की भूमिका (Role of Computer in Social Media)

एक  विचार  का  फेलाव या दुनिया में किसी भी जगह कुछ नया  होने की बात इंटरनेट पर सोशल साईट के जरिए तेजी से प्रसारित हो जाती हैं. 

जब तक एक व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से सम्पर्क करने मे सक्षम है और वह  स्थिति के बारे में अपने विचार व्यक्त करना चाहता है या बस एक बात कहना चाहता हैं तो वह जिस जानकारी को बाँटना चाहता है वह पूरी दुनिया तक पहुच जाती हैं. 

फेसबुक, ट्विटर,  यूट्यूब और लिंक्ड इन जेसी साइटों पर लोग न केवल समाचार पर अपने विचार बांटते है बल्कि वे उत्पादों और सेवाओ पर भी अपने अनुभव प्रस्तुत करते है

मोबाइल कम्प्यूटिंग (Mobile computing)

कम्प्यूटर का मेल जोल है. जिसमे सामान्य उपयोग के दोरान एक कम्प्यूटर को ले जाना अपेक्षित हैं. मोबाईल कम्प्यूटिंग में मोबाईल संचार, मोबाईल हार्डवेयर और मोबाईल सॉफ्टवेयर शामिल हैं, इसका अर्थ जब आप गतिशील हैं.

और आपका स्थान बदल रहा हैं, तब एक कम्प्यूटिंग युक्ति का उपयोग करने में सक्षम बनना है. मोबाईल कम्प्यूटिंग का एक पक्ष है पोट्रेबिलिटी. मोबाईल कम्प्यूटिंग में विभिन्न प्रकार की बेतार युक्तियाँ होती हैं.

जिससे लोग इंटरनेट से सम्पर्क जोड़ सकते हैं डेटा एवं सूचना तक अपने किसी भी स्थान से पहुँच सकते हैं. निम्नलिखित सहित 1990 से कई प्रकार की मोबाईल कम्प्यूटिंग युक्तिया लाई गई हैं जो इस प्रकार हैं ;

  • व्यक्तिगत डिजिटल सहायक [ पीडीए ]; एक छोटा, आम तोर पर जेब में आने, योग्य सिमित कार्य के साथ कम्प्यूटर
  • स्मार्ट फोन में कई विशेषताएँ तथा इंस्टॉल करने योग्य एप्लीकेशन होते हैं.
  • टेबलेट कम्प्यूटर में किबोर्ड नहीं होता हैं और यह एक स्लेट या कागजी नोटबुक के आकार का होता हैं.

वैज्ञानिक अनुसंधान में कंप्यूटर (Computer in scientific research)

वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रलेखन के लिए कम्प्युटरो का इस्तेमाल करते है उदाहरण के लिए वैज्ञानिक अन्तरिक्ष से तस्वीरे देखने और अपने नवीनतम अनुसन्धान पर सूचना प्रकाशन के लिए कंप्यूटरों का ही उपयोग किया जाता है.

सरकारी रिकॉर्ड रखने उपयोगी (Useful to keep government records)

सरकारी संगठनों में आप रिकॉर्ड के भंडार और रखरखाव द्वारा सूचना व्यवस्थित रखने के लिए कंप्यूटरों का उपयोग करते है, नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए भी कंप्यूटरों का उपयोग किया जाता है.

मुद्रण में कंप्यूटर (Computer in printing)

कंप्यूटरों का उपयोग सरल समाचार पत्रिका से लेकर पत्रिकाओं, विपणन सामग्रियों, पुस्तकों या समाचार पत्रों तक किसी भी प्रकार के प्रकाशन की डिजायन में किया जाता है.

अधिकाँश प्रकाशकों के पास उनकी पत्रिकाओं और समाचार पत्रिकाओं का इलेक्ट्रानिक संस्करण भी होता है. ई-पुस्तकें व्यापक रूप से प्रचलित है.

दैनिक जीवन में कंप्यूटर की उपयोगिता (Usefulness of computer in daily life)

हम वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव ओवन और अन्य अनेक उत्पादों को सॉफ्टवेयर के इस्तमोल से चलाते है, इसके अलावा हम अपने महत्वपूर्ण कार्य, मिलने का समय और संपर्कों की सूची के बारे में सभी जानकारियों को कंप्यूटर में रख सकते है.

इसलिए कंप्यूटर हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और अब हम कंप्यूटर के बिना दुनिया की कल्पना भी नही कर सकते है.

Autobiography Of Computer In Hindi कंप्यूटर की आत्मकथा हिंदी में

मैं अर्थात , कंप्यूटर एक इलेक्ट्रोनिक यंत्र व मशीन हूँ, मुझे संगणक के नाम से भी जाना जाता हैं. मेरा प्रारम्भिक स्वरूप आज के केलकुलेटर की तरह था, गणित की पहेलियों और गणनाओं को बिना त्रुटि के आसानी से कर सकता हैं.

आज के दौर में मैं सभी के लिए प्रिय और दैनिक जीवन में पल पल सहयोग करने वाला साथी की भूमिका निभा रहा हूँ.

मेरा उपयोग जीवन के सभी क्षेत्रों में किया जाता है. स्कूल के विद्यार्थी के जीवन से लेकर प्रोफेसर इंजीनियर, चिकित्सक और वैज्ञानिक के जीवन में मेरा महत्वपूर्ण स्थान हैं.

आप सभी प्यारे दोस्तों के निर्देश पर मैं लिखता हूँ, गणना करता हूँ चित्र बनाता हूँ आपके लिए मनोरंजन के लिए चलचित्र और गाने चलाता हूँ. जैसे जैसे वक्त का पहिया घूमा मेरा और अधिक स्मार्ट रूप आपके लिए अधिक उपयोगी बनकर सामने आया.

फिल्म सिनेमा, यात्राओं के लिए आरक्षण और ऑनलाइन शिक्षा और परीक्षाओं के आयोजन के रूप में आज के मानव जीवन का सच्चा मित्र बनकर सेवा करता हूँ.

चाहे वायुयान हो या उपग्रह, दूरदर्शन, रेडियो सभी का संचालन मेरी सहायता से ही किया जाता हैं. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं आप लोगों की मदद कर पाता हूँ.

कंप्यूटर सूचना प्रौद्योगिकी Information Technology In Hindi

आज से लगभग 55 वर्ष पूर्व किसी ने यह सोचा होगा कि सूचना तकनिकी के क्षेत्र में इतना विकास होगा कि मानव इस पर निर्भर हो जाएगा. आज मानव कंप्यूटर के अभाव में स्वयं को अधूरा समझता है.

अर्थात उसे भूत वर्तमान और भविष्य आदि सभी की जानकारी सूचना प्रोद्योगिकी के अग्रदूत कंप्यूटर से ही प्राप्त होती है. इसके लिए उसे कही जाने की भी जरुरत नही पडती है.

आज वैज्ञानिकों ने Information Technology और science इतना विकास कर लिया है कि हवाई जहाज , उपग्रह मौसम की जानकारी यहाँ तक की डॉक्टर को ऑपरेशन के बारे में भी पूरी जानकारी कंप्यूटर द्वारा प्राप्त होती है.

वस्तु को क्रय व विक्रय करने के आदेश आज ई-कॉमर्स द्वारा होने लगे है. ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में व्यक्ति को व्यक्ति के पास आने की जरुरत नही होगी.

क्योकि उसका सारा काम Information Technology का यह कंप्यूटर और इन्टरनेट कर देने वाले है. कंप्यूटर से जुड़ी हुई यह Information Technology संचार का अनूठा माध्यम बन गई है.

कंप्यूटर डिस्केट,CD, ROM, मल्टीमीडिया, इलेक्ट्रानिक प्रकाशन, इन्टरनेट,ऑनलाइन पत्रिकाएँ, ईमेल, होमपेज, बुलेटिन बोर्ड प्रणाली, डिजिटल विडियो डिस्क आदि अधिक लोकप्रिय हो रहे है.

पुस्तकालयों में कंप्यूटर के प्रयोग से पुस्तकालय सेवाएं भी कंप्यूटरकृत की जाने लगी है तथा सेवाएं द्रुतगति से प्रदान की जा रही है.

सीडी रोम क्या है (cd rom definition in hindi)

इसमे सूचना को केवल पढ़ा जा सकता है. इसमें किसी भी प्रकार का फेरबदल नही कर सकते है. इस छोटी सी डिस्क में हजारों प्रष्टों को संग्रहित किया जा सकता है. आजकल अनेकों पुस्तकों, विश्वकोष, व पत्रिकाओं की सीडी उपलब्ध है जिसे कंप्यूटर पर देख सकते है.

पढ़ा जा सकता है और उसका प्रिंट लिया जा सकता है. यहाँ तक की सीडी टावर द्वारा एक से अधिक सीडी एक साथ कंप्यूटर पर पढ़ी जा सकती है.

बहुमाध्यम (Multimedia)

बहुमाधय्म शब्द यह बोध कराता है कि इसके द्वारा कई तरीकों से सूचनाओं को देखा भेजा व प्राप्त किया जा सकता है. पहले के कुछ बहुमाध्यम ये है. मुद्रण, रेडियों, टेलीग्राफ, टेलीविजन आदि लेकिन आज के युग में बहुमाध्यम में टेलीविजन, सेटेलाईट, टेप रिकॉर्डर, वीसीडी, सीडी व डिस्क है.

बहुमाध्यम वास्तव में सयुक्त रूप से पाठ्यसामग्री चित्र, द्रश्य, श्रव्य, एनीमेशन, सिमुलेशन या आपसी सम्पर्क, या इंटर एक्टिविटी के माध्यम से कंप्यूटर से किये जाने वाले उपयोग के रूप में जाना जाता है. इससे प्रयोगकर्ता आपस में सम्पर्क कर सकते है और कुछ नया सृजित कर सकते है.

कंप्यूटर सिस्टम के अंग | Parts Of Computer And Their Functions In Hindi

एक कंप्यूटर ऐसी इलेक्ट्रानिक युक्ति है, जिसमें सूचना का भंडारण और प्रोसेसिंग की जा सकती है. कंप्यूटर कई कार्यों के निष्पादन में सहायता देता है.

जैसे परिवार और मित्रों को संदेश भेजना, प्राप्त करना, प्रस्तुतिकरण करना और रिकॉर्ड रखना. कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा, अनुसंधान, समाचार प्रसारण मौसम का पूर्वानुमान लगाने तथा विभिन्न व्यापार तथा मनोरंजन सबंधी गतिविधियों में किया जा सकता है.

कंप्यूटर के अलग अलग PARTS है और प्रत्येक हिस्सा एक विशिष्ट कार्य करता है, Parts Of Computer के बारे में इस प्रकार हम अध्ययन करेगे.

कंप्यूटर की इनपुट युक्तियां (internal parts of computer)

इनपुट युक्ति का उपयोग कंप्यूटर में सूचना डालने के लिए किया जाता है. जैसे एक पत्र टाइप करना या कंप्यूटर को अनुदेश देना, इनपुट युक्तियों के कुछ उदहारण और उनकी परिभाषा इस प्रकार है.

basic parts of computer and their definition

  • माउस (Mouse)– मानक माउस में दायाँ और बाया बटन होता है. आप बाएँ बटन से आइटम चुन सकते है और स्क्रीन के हिस्से में क्लिक करते हुए अनुदेश दे सकते है. आप दाएं बटन से स्क्रीन पर सामान्य तौर पर दिए गये मेनू आइटम का डिस्प्ले देख सकते है.
  • कीबोर्ड (The keyboard)- यह कुंजियो का एक सैट है जो टाइपराइटर पर एक कीबोर्ड के समान होता है. आप कंप्यूटर में अक्षर या अंक टाइप करने के लिए इस कीबोर्ड का उपयोग कर सकते है.
  • माइक्रोफोन (Microphone)- एक ऐसी युक्ति जिससे आप दुनिया के अलग अलग हिस्सों में मौजूद लोगों से बात कर सकते है. आप माइक्रोफोन की सहायता से कंप्यूटर में ध्वनि रिकॉर्ड कर सकते है. आप इस पर एक भाषण रिकॉर्ड कर सकते है और कंप्यूटर इसे लिखित रूप में बदल सकते है.
  • स्कैनर (Scanner) – ऐसी एक युक्ति है जो फोटोकॉपी मशीन के समान है. आप एक फोटोग्राफर या दस्तावेज की ठीक वैसी ही प्रति कंप्यूटर में अंतरित करने के लिए इस मशीन का उपयोग कर सकते है. उदहारण के लिए आप स्कैनर का इस्तमोल करते हुए अपने परिवार की तस्वीर स्कैन कर सकते है.
  • वेब कैम (webcam) – यह ऐसी युक्ति है जो विडियो कैमरा के समान है, यह आपकों अन्य लोगों की तस्वीर लेने और लाइव तस्वीरें भेजने में सहायता देता है. उदहारण के लिए वेब कैम से आप अपने मित्रों और परिवार से बात करते हुए उन्हें भी देख सकते है.
  • स्टाइल्स (Styles) – यह एक संकेत करने वाली युक्ति है जो पैन के समान होती है इससे स्पर्श करने के लिए संवेदनशील सतह पर संकेत द्वारा चयन और अन्य जानकारी डालने का कार्य किया जाता है. उदहारण के लिए आप व्यक्तिगत डिजिटल सहायक पीडीए पर जानकारी डालने के लिए स्टाइल्स का उपयोग कर सकते है. एक पीडीए का वजन एक पामटॉप है.
  • ट्रैकबॉल (Trackball)- यह संकेत करने वाली एक युक्ति है जो माउस का विकल्प है. एक ट्रैकबॉल में कंप्यूटर स्क्रीन पर पॉइंटर को चलाने के लिए बॉल घुमाई जाती है जब आपके पास डेस्क पर कम जगह है तो ट्रैक बॉल का इस्तमोल कर सकते है.

आउटपुट युक्तिया (OUT PUT Parts Of Computer)

आप एक कार्य करने के बाद कंप्यूटर से फीडबैक लेने के लिए आउटपुट Computer Parts का उपयोग करते है. Computer Output Parts में ये युक्तियाँ शामिल की जाती है.

  • मोनिटर- यह एक ऐसा कंप्यूटर डिवाइस है जो टेलीविजन के समान है. मोनिटर का उपयोग टेक्स्ट और ग्राफिक्स का उपयोग करते हुए विजुअल रूप में सूचना डिस्प्ले करने के लिए उपयोग में लिया जाता है.
  • प्रिंटर- यह एक ऐसा COMPUTER DEVICE है, जिससे आप कंप्यूटर के टेक्स्ट और तस्वीरों को (parts of computer pictures) एक कागज या किसी अन्य माध्यम जैसे ट्रांसप्रेसी फिल्म पर भेज सकते है. आप जो मोनिटर पर देखते है, उसे कागज की प्रति पर बनाने के लिए प्रिंटर का उपयोग करते है.
  • स्पीकर/हैडफोन- यह एक ऐसा Parts Of Computer है जिससे आप आवाज सुन सकते है, स्पीकर कंप्यूटर के अंदर या बाहर लगे हो सकते है.

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट/सीपीयू और मेमोरी (main parts of computer)

computer parts price list में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU का पूरा नाम) एक महत्वपूर्ण युक्ति है. जो उन कमांड का पालन और उन्हें चलाने का कार्य करती है, जो आप अपने COMPUTER SYSTEM को देते है. यह कंप्यूटर की नियंत्रण इकाई है. CPU को प्रोसेसर भी कहते है.

मेमोरी वह स्थान है जहाँ CPU द्वारा जानकारी भंडारित और पुनः प्राप्त की जा सकती है, COMPUTER MEMORY के मुख्य रूप से तीन प्रकार होते है, जो ये है.

computer memory types & NAMES in hindi

  • रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम)- यह मुख्य मेमोरी है जो आपकों कमांड और डेटा अस्थायी रूप से रखने की सुविधा देती है. CPU में विशिष्ट कार्य करने के लिए रैम में आने वाले डाटा और कमांड को पढ़ा जाता है, रैम बहुत ही अस्थायी होती है, जिसका अर्थ है यह केवल तभी उपलब्ध है जब COMPUTER SYSTEM ऑन रहता है. RAM की सामग्री STORAGE DEVICE पर अवश्य रखनी चाहिए, यदि आप इस डाटा को RAM में SAVE रखना चाहते है.
  • रीड ओनली मेमोरी (ROM)- यह एक मेमोरी है, जो कंप्यूटर SYSTEM के ऑफ होने पर भी DATA को सुरक्षित रखती है. ROM अस्थायी नही है यह स्थायी मेमोरी है. इसे सामान्य तौर पर कमांड भंडारित करने में ROM का उपयोग किया जाता है. जैसे यह जांचने के लिए कमांड की क्या सब कुछ ठीक तरीके से काम कर रहा है या नही.
  • फ्लैश मेमोरी– यह कंप्यूटर की स्थायी मेमोरी है. जो कंप्यूटर के ऑफ होने के बाद भी DATA को SAFE रखती है. रोम के विपरीत आप भंडारित सूचना को मिटा या संशोधित कर सकते है.

MOTHERBOARD parts of computer hardware & Software

motherboard kya hai– मदर बोर्ड कंप्यूटर के अंदर एक सर्किट बोर्ड है, जिसमे छोटे इलेक्ट्रोनिक सर्किट और अन्य भाग लगे होते है. मदर बोर्ड इनपुट, आउटपुट और प्रोसेसिंग यूनिट cpu से एक साथ जोड़ा जाता है.

यह cpu को बताता है कि कैसे काम करना है. मदर पार्ट्स बोर्ड पर अन्य भाग है, विडियो कार्ड, साउंड कार्ड और सर्किट जिससे कंप्यूटर printer जैसे device से connect होता है. मदर बोर्ड को कई बार computer system board भी कहा जाता है. इसे basic parts of computer में गिना जाता है.

एक्सपेंशन कार्ड कंप्यूटर parts of computer for kids

Expansion card एक सर्किट बोर्ड है, जिसे विडियो डिस्प्ले और ऑडियो क्षमता जैसी विशेषताएं डालने के लिए आपके कंप्यूटर के साथ जोड़ा जाता है.

एक Expansion card से आपके computer का कार्य सरल हो जाता है. और इसकी विशेषता बढ़ती है. Expansion card को एक्सपेंशन बोर्ड भी कहा जाता है. कुछ types के Expansion card निम्नलिखित है.

what is expansion slot in hindi

  • विडियो कार्ड- यह कंप्यूटर के मोनिटर के साथ जुड़ा होता है और मोनिटर पर सूचना डिस्प्ले में विडियो कार्ड का उपयोग किया जाता है.
  • नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (nic) इससे कंप्यूटर को अन्य कंप्यूटरों के साथ जोड़ा जाता है ताकि इनके बिच सूचना का आदान प्रदान किया जा सके.
  • साउंड कार्ड- यह माइक्रो फोन, ऑडियो टैप या अन्य किसी स्रोत से आने वाले ऑडियो संकेतो को डिजिटल संकेतो में बदलता है, जिन्हें एक कंप्यूटर ऑडियो फाइल के रूप में भंडारित किया जा सकता है. sound card से कंप्यूटर की ऑडियो फाइल्स को इलेक्ट्रानिकल सिग्नल में बदला जा सकता है, जिन्हें आप एक स्पीकर या हैडफोन के जरिये बजा सकते है. आप माइक्रोफोन और स्पीकर को एक sound card से जोड़ सकते है.

Storage Devises Parts Of Computer And Their Function In Hindi

आप computer में DATA storage के लिए storage DEVISES का प्रयोग कर सकते है. स्टोरेज डिवाइस कई रूपों में आती है. कुछ उदहारण है, हार्ड ड्राइव या डिस्क, सीडी रोम, फ्लोपी डिस्क, डीवीडी रोम. storage devices दो प्रकार में बांटी जा सकती है.

  1. inner Storage Devises Parts
  2. outer Storage Devises Parts

कुछ सामान्य computer storage device इस प्रकार है.

  • हार्ड डिस्क- यह चुम्बकीय DISK जो अधिकाँश कंप्यूटरों में मुख्य भंडारण युक्ति है, यह बाहरी या आंतरिक युक्ति हो सकती है.
  • फ्लॉपी डिस्क- यह पोर्टेबल भंडारण युक्ति जिसमे आप डाटा की कम मात्रा का भंडारण कर सकते है. इस डिस्क में एक समस्या है कि यह गर्मी, धुल या चुम्बकीय क्षेत्र से बड़ी आसानी से खराब हो जाती है.
  • सीडी रोम – यह पोर्टेबल भंडारण माध्यम जिसमे आप फ्लॉपी डिस्क की तुलना में 400 गुना अधिक डाटा भंडारित कर सकते है, यह फ्लॉपी डिस्क की तुलना में नुकसान के लिए कम संवेदनशील है.
  • डीवीडी रोम- एक पोर्टेबल भंडारण माध्यम जो सीडी रोम के समान है, जबकि इसमे फ्लॉपी डिस्क या सीडी रोम की तुलना में डाटा की बड़ी मात्रा भंडारित की जा सकती है. डीवीडी रोम को सामान्य तौर पर मूवी और विडियो को रखने के लिए किया जाता है.

Parts Of Computer And Their Connection In Hindi

एक पोर्ट चैनल है, जिसमे इनपुट/आउटपुट तथा प्रोसेसर के बिच डेटा का लेन देन किया जाता है. पोर्ट कई प्रकार के होते है. जिन्हें आप कंप्यूटर को बाहरी युक्ति या नेटवर्क से जोड़ने में कर सकते है. निम्नलिखित बिन्दुओं में कुछ प्रकार के port का वर्णन किया गया है.

  • युनिवर्सल सीरियल बस (यूएसबी का पूरा नाम): आप इसे पेरिफेरल युक्ति जैसे माउस, मॉडेम, कीबोर्ड या प्रिंटर को कंप्यूटर के साथ जोड़ने में उपयोग कर सकते है.
  • फायर वायर- आप डिजिटल कैमरा जैसी युक्ति के साथ जोड़ने में इसका उपयोग कर सकता है. यह यूएसबी की तुलना में तेज है.
  • नेटवर्क पोर्ट- आप कंप्यूटर को सूचना के आदान प्रदान के लिए अन्य कंप्यूटरों के साथ जोड़ने में इसका उपयोग कर सकते है. (one computer to another computer connection device)
  • पैरलेल पोर्ट या सीरियल पोर्ट– आप प्रिंटर या अन्य युक्तियों को व्यक्तिगत कंप्यूटर के साथ जोड़ने में इन पोर्ट का उपयोग कर सकते है. जबकि यूएसबी पोर्ट को इसके तेज गति तथा उपयोग में आसान होने के कारण पेरिफेरल डिवाइस से जोड़ने को प्राथमिकता दी जाती है.
  • डिस्प्ले एडॉप्टर– आप अपने कंप्यूटर पर डिस्प्ले एडॉप्टर जोड़कर मोनिटर लगा सकते है. डिस्प्ले एडॉप्टर computer से प्राप्त होने वाले विडियो संकेत को उत्पन्न करता है और इन्हें केबल के जरिये मोनिटर तक भेजता है. डिस्प्ले एडॉप्टर को मदर बोर्ड या एक्सपेंशन कार्ड पर लगाया जा सकता है.
  • पॉवर- computer के अंदर एक मदर बोर्ड और एक अन्य भाग प्रत्यक्ष विद्युत् धारा (डीसी) का उपयोग करते है. इसकी पॉवर सप्लाई में वाल आउटलेट से अल्टरनेटिव विद्युत् धारा (एसी) ली जाती है. और इसे डीसी विद्युत् में बदला जाता है.

Computer Basic Knowledge In Hindi : कंप्यूटर की मूलभूत बातें

कंप्यूटर सिस्टम में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर मिलकर आवश्यक कार्यों के निष्पादन में इसे सक्षम बनाते है. सॉफ्टवेयर अनुदेशों और सम्बन्धित डाटा का संग्रह है जो एक कंप्यूटर को बताता है कि क्या करना है और कैसे करना है.

इस लेख में आपकों बतायेगे कि कंप्यूटर कैसे कार्य करता है, इसके मुख्य पार्ट्स,इनके इनपुट और आउटपुट डिवाइस मेमोरी यूनिट पोर्टों तथा केबल के बारे में के इस लेख के जरिये आप तक देने की कोशिश करेगे.

दुसरे शब्दों में सॉफ्टवेयर एक संकल्पनात्मक इकाई है, जिसमे अनुदेशों का एक सेट (कंप्यूटर प्रोग्राम) होता है. जिसके साथ एक डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम के प्रचालन से सम्बन्धित जानकारी होती है, जबकि कंप्यूटर का हार्डवेयर इलेक्ट्रानिक और अन्य पेरिफेरल इकाइयों का संग्रह है,

जिससे सॉफ्टवेयर वांछित प्रचालन करता है और एक महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर जिसे ऑपरेटिंग सिस्टम os कहते है, ख़ास तौर पर विभिन्न हार्डवेयर डिवाइस तथा कंप्यूटर सिस्टम पर लोड लिए गये सॉफ्टवेयर के बिच संचार स्थापित करता है.

कंप्यूटर सिस्टम एक प्रोग्राम करने योग्य मशीन है जो वांछित प्रारूप में सार्थक परिणाम देने के लिए अंकगणित और युक्ति संगत प्रचालनों का निष्पादन करने के लिए डिजाइन दी गई है.

कंप्यूटर क्या है हिंदी में बताये (computer gk in hindi)

कंप्यूटर सिस्टम मौटे तौर पर तीन इकाइयों में बाटा गया है- इनपुट यूनिट, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट सीपीयू और आउटपुट यूनिट.

इनपुट यूनिट से प्रयोक्ता को कंप्यूटर सिस्टम में रो डाटा और अनुदेश डालने में सहायता मिलती है. सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट दिए गये अनुदेशों के आधार पर आवश्यक प्रचालन करती है और अंत में आउटपुट यूनिट प्रयोक्ता के लिए वांछित प्रारूप में सार्थक परिणाम प्रदान करती है.

आइये इस संकल्पना को एक उदहारण की सहायता से समझते है- कुछ ब्रांडिंग पैन खरीदने के लिए दुकानदार को भुगतान की जाने वाली राशि की गणना के लिए आपकों क्या जानकारी चाहिए.

आपकों एक पेन का मूल्य और आपकों अपने लिए आवश्यक संख्या जानकारी होनी चाहिए. एक तो पैन का मूल्य और संख्या इसका रो डाटा है. जो इनपुट यूनिट के जरिये आप कंप्यूटर में डालेंगे.

अब आपकों दुकानदार को भुगतान की जाने वाली राशि जानने के लिए इन दोनों संख्याओं का गुणा करना होगा. इन दोनों संख्याओं का गुणनफल निकालना इसका प्रचालन है. जो सीपीयू द्वारा किया जाएगा और परिणामस्वरूप मिलने वाली राशि कंप्यूटर सिस्टम की आउटपुट इकाई है.

प्रोसेसर क्या होता है | What is processor in hindi

सीपीयू को तीन भागों में बाटा जाता है, कंट्रोल यूनिट, अर्थमेटिक एंड लॉजिक यूनिट alu और मेमोरी यूनिट mu. सीपीयू के अंदर कंट्रोल यूनिट एक कम्पनी की रिसेप्शानिस्ट और प्रबंधक के तौर पर कार्य करती है. इसमें प्रयोक्ता के प्रत्येक अनुदेश प्राप्त होते है और विभिन्न प्रचालनों के निष्पादन के लिए विभिन्न हिस्सों के बिच समन्वय किया जाता है.

अर्थमेटिक और लॉजिक यूनिट कम्पनी के लेखाकार के तौर पर कार्य करते है, जो गणित और तर्क पर आधारित सभी गणनाएं करता है. और इसकी मेमोरी यूनिट कम्पनी के अस्थायी भंडार के रूप में कार्य करती है. जहाँ प्रचालन के निष्पादन के दौरान डाटा की कुछ मात्रा भंडारित की जाती है.

इन यूनिटों के अलावा एक कंप्यूटर सिस्टम में इस पर चलने वाले विभिन्न एप्लीकेशन द्वारा बाद में इस्तमोल होने वाले डेटा की बड़ी मात्रा रखने या भंडारित करने के लिए द्वितीयक भंडारण युक्ति भी होती है.

Information about keyboard in Hindi, कीबोर्ड क्या है?

आपकों यह जानकार आश्चर्य होगा कि एक व्यक्तिगत कंप्यूटर सिस्टम में वास्तविक डिवाइस के रूप में आप इन यूनिटों को कैसे पहचानेगे. आपने अक्षरों और अंको के साथ कई बटन (जिन्हें कुंजी key कहते है) वाला एक डिवाइस देखा होगा. इसे ही कीबोर्ड कहा जाता है.

कीबोर्ड कंप्यूटर सिस्टम की इनपुट युक्ति के रूप में कार्य करता है. पुनः आप एक ऑन/ऑफ रिसेट बटन के साथ सीधा खड़ा/आडा खड़ा हुआ बॉक्स/ केस देख सकते है.

Computer Basic Knowledge About Input And Output Device

इस केबिनेट/केस को सीपीयू कैबिनेट कहा जाता है, जिसमे सेकंड स्टोरेज डिवाइस रखने के लिए स्थान होता है. जैसे डाटा और अनुदेशों की बड़ी मात्रा भंडारित करने के लिए हार्ड डिस्क और कॉम्पैक्ट डिस्क (CD)/ डिजिटल वर्सैटाइल डिस्क (डीवीडी)/ ब्ल्यू रे ड्राइव जिसमे पोर्टेबल डिस्क पर डाटा रखा जाता है.

सबसे सामान्य आउटपुट इकाइयों में से एलसीडी/एलइडी मोनिटर जिसे एक कंप्यूटर से आने वाले परिणामों को डिस्प्ले करने के लिए आउटपुट यूनिट के तौर पर इस्तमोल किया जाता है.

कंप्यूटर सिस्टम में एक व्यक्ति के कार्य करने की आवश्यकता के अनुसार इनपुट और आउटपुट डिवाइस के रूप में कार्य करने के लिए इससे जुड़ी कुछ अन्य युक्तियाँ भी होती है.

  • मिक/माइक – ऑडियो इनपुट लेने के लिए उपयोग करना, उपयोग के लिए कंप्यूटर सिस्टम में नर्सरी राइम के गीत रिकॉर्ड करना.
  • स्कैनर- पेपर पिक्सर/इमेज/डोक्युमेंट से डिजिटल इनपुट से लेने के लिए उपयोग करना.
  • कैमरा- इमेज/ऑडियो इनपुट स्वीकार करने के उपयोग करना
  • बारकोड रीडर- बार कोड पढ़ने के लिए उपयोग करना.
  • प्रिंटर- कागज पर प्रिंट आउटपुट के लिए उपयोग
  • स्पीकर- ऑडियो आउटपुट के लिए उपयोग करना.

Computer में CPU मेमोरी का कार्य

सीपीयू की मेमोरी को दो भागों में बाटा जा सकता है. पहला रैंडम एक्सेस मेमोरी रैम कहलाता है, जिसमे कंप्यूटर सिस्टम पर कार्य करते हुए डाटा का माध्यमिक भंडारण सभाला जाता है.

और दूसरा रीड ओनली मेमोरी रोम जो ऑपरेटिंग सिस्टम पर लोड करने के लिए विनिर्माता द्वारा भंडारित और लिखे गये अनिवार्य अनुदेश रखने के लिए होता है और इससे मूलभूत इनपुट/आउटपुट प्रचालनों को किया जाता है, जिसे बायोस अर्थात बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम कहते है.

कंप्यूटर में डेटा बिट्स और बाईट के रूप में रखा जाता है. बीट (बाइनरी डिजिट जिसे 0 या 1 से दर्शाया जाता है) सबसे छोटी भंडारण यूनिट है. 8 बीट एक साथ मिलकर एक बाईट बनाते है, जो एक एकल अक्षर बनाता है.

computer ram and rom in hindi

इनका उपयोग कंप्यूटर पर स्थायी रूप से डाटा की बड़ी मात्रा (20जीबी से 2 टीबी तक डाटा रहता है) भंडारित किया जा सकता है. अर्थात कंप्यूटर के ऑफ हो जाने पर भी डेटा बना रहता है.

हार्ड डिस्क एक महत्वपूर्ण सैकंडरी डिवाइस है, जिसका उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम, ऑफिस एप्लीकेशन, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर और प्रयोक्ता के डाटा आदि को भंडारित करने में किया जाता है.

हार्ड डिस्क के अलावा (पोर्टेबल) सैकंडरी स्टोरेज डिवाइस जैसे कॉम्पेक्ट डिस्क (750 एमबी भंडारण क्षमता के साथ सीडी) डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क (4.5 जीबी के आस-पास क्षमता के साथ डीवीडी) ब्ल्यू रे डिस्क (25 जीबी ?50 जीबी भंडारण क्षमता के साथ) मेमोरी स्टिक (512 एमबी से 32 जीबी की भंडारण क्षमता के साथ) होती है.

computer connection cables devices parts in hindi

अब व्यक्तिगत कंप्यूटर के विभिन्न भागों को कनेक्ट करे/कनेक्शन की जांच करे. सीपीयू के पीछे के सभी सर्किट और पोर्ट देखने का प्रयास करे. कुछ सामान्य सर्किट / पोर्ट पॉवर सर्किट होते है,

जो है पॉवर केबल, पर्सनल सिस्टम 2 (पीएस 2) पोर्ट माउस और कीबोर्ड कनेक्ट करने के लिए, युनिवर्सल सीरियल बस (यूएसबी) पोर्ट यूएसबी युक्ति जोड़ने के लिए जैसे माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर, पैन ड्राइव आदि.

विडियो ग्राफिक एडोप्टर (वीजीए) पोर्ट मोनिटर /स्क्रीन जोड़ने के लिए मोनिटर के साथ पॉवर केबल जोड़ने के बाद सीपीयू पर वीजीए केबल, माउस और कीबोर्ड सहित पीएस 2 चाहिए और इसके बाद ऑपरेटिंग सिस्टम चलना चाहिए

(ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ बूट अप) बूटिंग प्रोसेस पूरी होने के बाद आपकों डेस्क टॉप पर दिखाई देगा- आपकों शुरुआत में पहला स्क्रीन दिखाई देगा, जिनमे आप अपने मनपसंद एप्लीकेशन चुन सकते है और उन्हें चला सकते है.

यूएसबी पोर्ट और केबल्स (USB ports and cables)

यूएसबी (युनिवर्सल सीरियल बस) पोर्ट एक मानक केवल कनेक्शन इंटरफेस है जो डेटा संचार के लिए व्यक्तिगत कंप्यूटरों और कुछ अन्य इलेक्ट्रानिक युक्तियों पर पाया जाता है.

यूएसबी पोर्ट से स्टैड एलोन इलेक्ट्रानिक डिवाइस कंप्यूटर पर केबल की सहायता से जुड़ी रह सकती है. यूएसबी पोर्ट से केबल के जरिये युक्तियो तक विद्युत् की आपूर्ति की जा सकती है.

फायर वायर पोर्ट और केबल्स (Firewire Ports & Cables)

फायर वायर पोर्ट क्रमिक पोर्ट का रूप है, जो एक इलेक्ट्रानिक युक्ति से अन्य की ओर डेटा शीघ्रतापूर्वक स्थानातरित करने के लिए फायर वायर प्रोद्योगिकी का उपयोग किया जाता है. फायर वायर पोर्ट में अनेक अलग अलग युक्तियों के साथ सपर्क बनाने की क्षमता होती है.

एक फायर वायर पोर्ट से एक कंप्यूटर सिस्टम के स्कैनर और डिजिटल कैमरा से जोड़ने की सुविधा होती है, ताकि डेटा का अंतरण यूएसबी की तुलना में अपेक्षाकृत जल्दी किया जा सके और परिणामी गुणवता उत्तम हो.

इन्थरनेट पोर्ट और केबल्स (Ethernet ports and cables)

इथरनेट पोर्ट का उपयोग एवं कंप्यूटर नेटवर्क बनाने के लिए कंप्यूटरों तथा अन्य युक्तियो को जोड़ने में किया जाता है. इथरनेट केबल कंप्यूटरों तथा अन्य पेरिफेरल युक्तियों जैसे मॉडेम राऊटर, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर आदि के बिच दक्ष और प्रभावी संचार में सक्षम बनाता है.

व्यक्तिगत कंप्यूटर के प्रकार | Types Of Personal Computer In Hindi

उस स्थति पर विचार करे जब आप एक टेलीविजन खरीद्ना चाहते है. बाजार में कई ब्रांड और मॉडल उपलब्ध है. आपकों अपनी इच्छानुसार सुविधाओं और उत्पादों के मूल्य के आधार पर निर्णय लेना होता है.

इसी प्रकार व्यक्तिगत कंप्यूटर (PC) के विभिन्न प्रकार बाजार में उपलब्ध है. इनकी विशेषताओं के अनुसार ये अलग अलग होते है जैसे कीमत आकार और गति. इनके अलावा ये समग्र कारण कंप्यूटर के निष्पादन को प्रभावित करते है.

जब आप एक टेलीविजन खरीद लेते हो तो आपकों उसमे उपलब्ध विभिन्न प्रकार के चैनलों में चयन करना होता है. ये चैनल मनोरंजन, खेल या समाचार प्रसारित करते है. आप अपनी इच्छा के अनुसार अपना मनचाहा चैनल देखना पसंद करते है. इसी प्रकार जब आप कंप्यूटर का उपयोग शुरू करते है तो अलग अलग प्रकार के प्रोग्राम उपलब्ध है.

जो विभिन्न कार्यों में आपकी सहायता करते है. आप एक दस्तावेज बनाने के लिए वर्ड प्रोसेसर या स्प्रेड शीट बनाकर गणितीय गणना कर सकते है.

संचार सम्बन्धी प्रोग्राम बनाने की सहायता से आप दूर दराज में रहने वाले लोगों से सम्पर्क कर सकते है. मनोरंजन के प्रोग्राम से आप मूवी देख सकते है, संगीत सुन सकते है या गेम खेल सकते है.

व्यक्तिगत कंप्यूटर क्या है और इसके प्रकार (What is personal computer and computers type in hindi)

आज बाजार में कई प्रकार के कंप्यूटर उपलब्ध है. सबसे सामान्य कंप्यूटर व्यक्तिगत कंप्यूटर (PC) है. जो प्रारूपित तौर पर व्यक्ति और छोटे व्यापार करने वाले लोग इस्तमोल करते है.

एक व्यक्तिगत कंप्यूटर एक ऐसा उपकरण है, जो एक बार में एक व्यक्ति द्वारा उपयोग के लिए बनाया गया है.

एक व्यक्तिगत कंप्यूटर कार्यस्थल पर दस्तावेज बनाने, व्यापार सम्बंधी रिकॉर्ड के प्रबंधन और अन्य लोगों के साथ सम्पर्क में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है. स्कूलों में पाठ पढ़ाने, इंटरनेट पर अनुसंधान करने और असाइनमेंट पर कार्य करने में इस्तमोल होता है.

आप गेम खेलने, विडियो देखने और संगीत सुनने के लिए व्यक्तिगत कंप्यूटर का उपयोग कर सकते है. व्यक्तिगत कंप्यूटर के आकार और प्रयोजन पर निर्भर करते हुए इसे चार अलग अलग भागों में बांटा जा सकता है.

कंप्यूटर के चार प्रकार (4 types of computer with definition in hindi)

  1. डेस्कटॉप
  2. लैपटॉप
  3. हैंडहेल्ड
  4. टैबलेट

आप जो कार्य करना चाहते है उस पर निर्भर करते हुए कंप्यूटर चुने. उदहारण के लिए यदि आप फोटो की एडिटिंग करने या कॉम्प्लेक्स गेम खेलने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करना चाहते है

तो आपकों एक तीव्र सीपीयू और एक अच्छे डिस्प्ले अडॉप्टर वाले कंप्यूटर की जरुरत होगी. यहाँ आपकों 4 types of computer with definition in hindi बता रहे है, जिन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते है.

डेस्कटॉप कंप्यूटर 

डेस्कटॉप कंप्यूटर भागों से मिलकर बना होता है जैसे एक मोनिटर, एक कीबोर्ड, एक सिस्टम यूनिट और एक प्रिंटर. डेस्कटॉप कंप्यूटर पोर्टेबल नही होते है. और आम तौर पर ये एक टेबल या डेस्क पर रखे जाते है.

डेस्कटॉप कंप्यूटर के भागों को आसानी से बदला या अपग्रेड किया जा सकता है. डेस्कटॉप कंप्यूटर में आम तौर पर लैपटॉप तथा अन्य पोर्टेबल कंप्यूटरों की तुलना में अधिक तेज मेमोरी होती है, यह एक बड़ी हार्ड ड्राइव, अधिक पोर्ट और बड़ा डिस्प्ले होता है.

लैपटॉप कंप्यूटर

लैपटॉप कंप्यूटर कम वजन वाले व्यक्तिगत कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटरों की तुलना में छोटे होते है. और इन्हें यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है. लैपटॉप कंप्यूटर को नोटबुक भी कहते है.

लैपटॉप कंप्यूटर की मुख्य विशेषता यह है कि यह छोटे और पोर्टेबल होते है. जैसा कि नाम से पता चलता है, इन्हें प्रयोक्ता अपनी गोद में बड़े आराम से रख सकता है.

डेस्कटॉप कंप्यूटर केवल बिजली से चलते है, जबकि लैपटॉप कंप्यूटर बीजी या बैटरी दोनों से चलते है, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. जबकि लैपटॉप कंप्यूटर में डेस्कटॉप कंप्यूटर की तुलना में समान हार्डवेयर व्यवस्था के साथ बिजली की कम खपत होती है.

हैंड हेल्ड कंप्यूटर 

हैण्ड हेल्ड कंप्यूटर प्रतिदिन के विशिष्ट कार्यों के लिए इस्तमोल होने वाली डिवाइस है, जैसे व्यक्तिगत डेटा प्रबंधन. ये लैपटॉप की तुलना में छोटे होते है. और डेस्कटॉप या लैपटॉप कंप्यूटर की तुलना में कुछ कम विशेषताओं वाले होते है.

ये मूलभूत word प्रोसेसिंग भी कर सकते है. और इन्टरनेट का उपयोग करने में भी सहायक होते है. आप हैण्डहेल्ड कंप्यूटर से इमेल संदेश भेज सकते है और प्राप्त कर सकते है. कई हैण्ड हेल्ड कंप्यूटर मॉडल सेल्युलर फोन या डिजिटल कैमरा की तरह कार्य करता है.

टेबलेट कंप्यूटर

टेब लेट कंप्यूटर पूरी तरह कार्य करने वाले कंप्यूटर है. जो एक टेबलेट पैन के इस्तमोल से स्क्रीन पर सीधे लिखने की सुविधा देते है. आप टेबलेट पेन से माउस का कार्य कर सकते है, इसलिए टेबलेट कंप्यूटर में कीबोर्ड और माउस की जरुरत नही होती है.

जब कंप्यूटर पर कोई कार्य किया जाता है तो इसकी मेमोरी में डाटा स्टोरेज हो जाता है, मेमोरी में भंडारित होने वाला डेटा आंतरिक रूप से 0 और 1 के रूप में दर्शाया जाता है. प्रत्येक 0 या 1 को बीट कहते है. 8 बीट के संयोजन को बाईट कहते है.

यहाँ आपकों कंप्यूटर मेमोरी को मापने या मेमोरी की क्षमता के लिए प्रयुक्त पद निम्न है.

बिट क्या है (what is the bit of my computer)

एक बिट सूचना की सबसे छोटी इकाई है जिस पर कंप्यूटर कार्य करता है. एक अकेला बिट केवल एक या दो मान वाला होता है. 0 या 1 दो मानो में एक हमेशा मौजूद रहता है.

एक अकेला बिट कम सार्थक सूचना देता है जबकि आप बिट को जोड़कर बड़ी इकाईयाँ बनाते हुए अधिक सार्थक सूचना प्राप्त कर सकते है.

बाइट इकाई क्या है? (what is a byte unit)-

एक बाइट आठ बिट के एक विशेष क्रम का संयोजन है प्रत्येक क्रम एक अक्षर, संकेत, अंक या अक्षर दर्शाता है. एक बाइट से मूलभूत इकाई बनती है, जिसे भंडारण युक्ति की भंडारण क्षमता मापने में उपयोग किया जाता है.

किलोबाइट क्या होता है (what is kilobytes in computer)-

एक किलोबाइट (केबी) 1024 बाइट के बराबर होती है, कंप्यूटर में भंडारित अधिकाँश प्रयोक्ता डेटा जैसे इमेल, संदेश या टेक्स्ट फाइल से कुछ किलोबाइट भंडारण स्थल उपयोग होता है.

मेगाबाइट के बारे में जानकारी (Information about megabytes)-

एक मेगाबाइट (एमबी) 1024 केबी के बराबर होता है. एक एमबी में रखी गई सूचना की मात्रा लगभग एक पूरी पाठ्यपुस्तक के बराबर होती है.

गीगाबाइट क्या होती है, और इसकी क्षमता कितनी है (What is gigabyte, and how much is its potential)-

एक गीगाबाइट (जीबी) 1024 एमबी के बराबर होती है. जो लगभग एक बिलियन बाइट है. अधिकाँश कंप्यूटरों में बड़ी क्षमता वाली हार्ड डिस्क होती है, जिन्हें गीगाबाइट में मापा जाता है. विशाल भंडारण क्षमता, उदहारण के लिए एक कंप्यूटर में रखी गई एक विडियो फिल्म 1 जीबी से अधिक जगह लेती है.

मेमोरी मापन इकाई टेराबाइट क्या है (What is the memory measurement unit terabyte)-

एक टेराबाइट (टीबी) 1024 जीबी लगभग एक ट्रिलियन बाइट के बराबर होती है. टेराबाइट की क्षमता रखने वाली भंडारण डिवाइस आम तौर पर उन स्टोरेज में उपयोग की जाती है,

जहाँ बड़ी मात्रा में डेटा रखने की जरुरत होती है. एक टेराबाइट इतना बड़ा होता है कि मेमोरी के कुछ टेराबाइट स्थान पर बड़ी संख्या में पुस्तकों का सम्पूर्ण पाठ्य रखा जा सकता है.

कंप्यूटर का कार्य एवं मुख्य प्रोग्राम Computer Work And Main Program In Hindi

चाहे आप कंप्यूटर का उपयोग व्यापार में करे या व्यक्तिगत तौर पर, यह महत्वपूर्ण है कि आपका कंप्यूटर दक्षतापूर्वक चलना चाहिए. जबकि कंप्यूटर के तेज गति से कार्य करना किसी एक कारक पर निर्भर नही करता है.

यहाँ आपकों कुछ कारक के बारे में बता रहे है, जो आपके कंप्यूटर के सम्पूर्ण कार्य एवं गति को प्रभावित करते है.

सीपीयू गति (Speed of cpu)

सीपीयू कंप्यूटर का मस्तिष्क है और इसकी गति एक महत्वपूर्ण कारक है. जो सम्पूर्ण कंप्यूटर के कार्य एवं गति को प्रभावित करती है. सीपीयू की गति वह दर है, जिस पर सीपीयू एक कार्य का निष्पादन करता है. जैसे डेटा को रैम में भेजना और लाना.

या सांख्यिकी गणना करना. यदि आपके पास दो कंप्यूटर है तो सीपीयू की गति के अलावा एक समान है, तो तीव्र सीपीयू वाला कंप्यूटर कार्य को जल्दी पूरा करेगा.

हार्ड डिस्क कारक (Hard disk factor)

हार्ड डिस्क में भंडारण क्षमता अलग अलग होती है और साथ ही इनमे डाटा भंडारण एवं पुनः प्राप्ति की गति भी भिन्न होती है, यदि डेटा पुनः प्राप्ति की गति तेज है. तो वह कंप्यूटर को स्टार्ट होने व प्रोग्राम लोड होने करने में कम समय लेता है.

इसके अलावा हार्ड डिस्क की गति और आकार उस समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जब बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस करने वाले प्रोग्राम की आवश्यकता होती है.

कंप्यूटर की गति में रैम की भूमिका (Role of RAM in computer speed)

रैम पर रखे गये डेटा की पुनः प्राप्ति की गति बहुत तेज होती है. इसका कारण यह है कि कंप्यूटर इसका उपयोग ऐसी सूचना के भंडारण में करता है, जो वर्तमान में उपयोग में है.

यदि रैम की मात्रा उपयोग में आने वाली सभी जानकारी को धारित करने के लिए पर्याप्त अधिक है तो परिणामस्वरूप कंप्यूटर निष्पादन में तेजी आएगी.

रैम की गति और रैम की मात्रा व्यक्तिगत कंप्यूटर निष्पादन महत्वपूर्ण भूमिका है. जब कंप्यूटर में पर्याप्त रैम नही है, तो कंप्यूटर धीमा हो जाता है, या अच्छी तरह कार्य करने में असफल रहता है.

कंप्यूटर के मुख्य प्रोडक्टिविटी प्रोग्राम (Computer Main Productivity Program)

आप अलग अलग कार्यों के लिए अलग अलग कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है. आप संख्याओं को व्यवस्थित करने, पत्र या प्रस्ताव लिखने, रिकॉर्ड करने, तस्वीर बनाने और संशोधित करने, टेक्स्ट को विजुअल में बदलने और पत्रिका तथा विवरणिका बनाने में कंप्यूटर प्रोग्राम उपयोग कर सकते है. यहाँ आपकों मुख्य कंप्यूटर प्रोग्राम और उनके उपयोग बता रहे है.

  • वर्ड प्रोसेसिंग और पब्लिशिंग प्रोग्राम  आप टेक्स्ट आधारित दस्तावेज बनाने और संशोधित करने के लिए वर्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है. आप टेक्स्ट टाइप और संशोधित कर सकते है. वर्तनी जांच कर सकते है और अंतर निर्मित शब्दकोश का उपयोग कर सकते है तथा डोक्युमेंट में फोर्मेट कर सकते हो. इन प्रोग्राम का इस्तमोल करते हुए आप व्यक्तिगत और व्यावसायिक दस्तावेज भी बना सकते है.
  • माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (एमएस) सामान्य तौर पर वर्ड प्रोसेसिंग में प्रयुक्त कंप्यूटर प्रोग्राम है. पब्लिशिंग प्रोग्राम का इस्तमोल दस्तावेज के बनाने के लिए टेक्स्ट और ग्राफिक्स जोड़ने को किया जाता है, वैसे विवरणिका, शुभकामना कार्ड, वार्षिक रिपोर्ट, पुस्तकों या पत्रिकाओं को बनाने में. इन प्रोग्राम में वर्ड प्रोसेसिंग और ग्राफिक विशेषताएं भी होती है ताकि आप डोक्युमेंट को और परिष्कृत बना सके.
  • प्रजेंटेशन प्रोग्राम (Presentation program)– आप स्लाइडों के रूप में अपनी जानकारी प्रस्तुत करने के लिए प्रजेंटेशन प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है. आप इन स्लाइड को और अधिक आकर्षक तथा सूचनाप्रद बनाने के लिए ध्वनि और तस्वीरें भी डाल सकते है. माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (एमएस) पॉवर पॉइंट सामान्य तौर पर इस्तमोल होने वाला प्रजेंटेशन प्रोग्राम है.
  • स्प्रेडशीट प्रोग्राम (Spreadsheet program)– आप बजट बनाने, लेखा प्रबंधन, गणितीय गणनाओं के निष्पादन और साख्यिकी आंकड़ो को चार्ट तथा ग्राफ में बदलने के लिए स्प्रेडशीट प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है. स्प्रेडशीट में एक तालिका में जानकारी रखी जाती है, जिसमे आड़ी कतारों व खड़े स्तम्भों में मान भरा जाता है, प्रत्येक मान को एक सेल में भरा जाता है. एक सेल कतार और स्तम्भ का मिलन बिंदु है. माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एमएस एक्सल स्प्रेडशीट प्रोग्राम का एक उदहारण है.
  • डेटाबेस प्रोग्राम (Database program)– आप एक संगठित रूप में अपने डाटाबेस प्रोग्राम रख सकते है. और डाटा का प्रबन्धन भी कर सकते है. इन प्रोग्राम का उपयोग करते हुए आप डाटाबेस में रखी हुई सूचना को चुन सकते है या खोज सकते है, इसके अलावा आप रखे गये डाटा से सरल रिपोर्ट भी बना सकते है. उदहारण के लिए आप ग्राहकों के विवरण रखने, माल की सूची बनाने  और उसके प्रबंधन उसकी बिक्री पर नजर रखने के लिए डाटाबेस प्रोग्राम का उपयोग कर सकते है. तब आप बिक्री के लक्ष्य की रिपोर्ट या ग्राहक सेवा योजना बना सकते है. डाटाबेस प्रोग्राम का एक उदहारण माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एक्सेस है.
  • ग्राफिक प्रोग्राम (Graphic program)– आप चित्र बनाने और एडिट करने के लिए ग्राफिक प्रोग्राम उपयोग कर सकते है. आप तस्वीरों को बेहतर बनाने के लिए भी इन प्रोग्राम का इस्तमोल कर सकते है. पेंट प्रोग्राम ग्राफिक प्रोग्रामों  एक ऐसा उदहारण है जो आपकों ड्राइंग बनाने की भी सुविधा देता है.
संचार कार्यक्रम (कम्युनिकेशन प्रोग्राम) (Communication program)

जैसे आप टेलीफोन या डाक सुविधा की सहायता से अपने मित्रों और परिवारों से सम्पर्क कर सकते है, उसी प्रकार आप लोगों से संचार के लिए कंप्यूटरों का भी उपयोग कर सकते है

कंप्यूटर में विशेष प्रोग्राम होते है जिन्हें कम्युनिकेशन प्रोग्राम कहते है और इनसे आप डिजिटल रूप से अन्य लोगों को संदेश भेज सकते है और प्राप्त कर सकते है.

कंप्यूटर में ईमेल सेवा की सुविधा (Email service facility in computer)

ई मेल संदेश भेजना एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर प्रयोक्ता से संदेश के आदान प्रदान की प्रक्रिया है. यह आदान प्रदान एक स्थानीय क्षेत्र के अंदर या देश के एक हिस्से से दुसरे हिस्से तक हो सकता है.

आप दिन में किसी भी समय एक या अनेक व्यक्तियों को ई मेल संदेश भेज सकते है. और ईमेल संदेश प्राप्त भी कर सकते है. ईमेल संदेश भेजने के लिए आपके पास इंटरनेट कनेक्शन और ईमेल अकाउंट होना चाहिए. 

यह इंटरनेट कनेक्शन एक इंटरनेट सेवा प्रदाता द्वारा दिया जाता है. आप कई प्रकार के प्रोग्राम जैसे विडोज मेल का उपयोग करते हुए भी ईमेल अकाउंट बना सकते है.

यदि आपके पास ईमेल अकाउंट है तो इस यह इस प्रकार होगा USERNAME@EXAMPLE.com जहाँ प्रयोक्ता का नाम आपका नाम है इसमे @ होने का संकेत है और EXAMPLE.com डोमेन नेम है. डोमेन नाम से उस संगठन का नाम और प्रकार पहचाना जाता है, जिसके साथ आपका ईमेल अकाउंट है.

जब आपके पास ईमेल अकाउंट होता है तब आपकों उस व्यक्ति के ईमेल अकाउंट की जानकारी होनी चाहिए जिसे आप ईमेल भेजना चाहते है.

आप ईमेल द्वारा टेक्स्ट या तस्वीरे दोनों ही भेज सकते है, जबकि यह विभिन्न कारको पर निर्भर करता है, जैसे आपके पास मौजूद सेवा का प्रकार या तस्वीर का प्र्काए जो आप भेज रहे है.

ईमेल भेजना और प्राप्त करना किसी के साथ संचार का तत्कालीन तरीका है. ईमेल भेजना और प्राप्त करने में कुछ ही सैकंड का समय लगता है. यह आपके इन्टरनेट कनेक्शन पर ही निर्भर करता है.

कंप्यूटर में चैट करने की सुविधा (Computer chat facility)

संचार का अन्य प्रकार चैट प्रोग्राम के जरिये किया जाता है, जिसमे आप तत्काल संदेश भेजते और प्राप्त करते है. आप एक साथ कई लोगों के साथ सम्पर्क के लिए चैट प्रोग्राम इस्तमोल कर सकते है. सामान्य तौर पर इस्तमोल होने वाला प्रोग्राम विंडोज लाइव मैसेंजर है.

जब आप किसी के साथ चैट करते है तो दूसरी और बैठा व्यक्ति तुरंत आपके संदेश प्राप्त कर लेता है. चैट के जरिये आप उस व्यक्ति से बात भी कर सकते है, जिसके साथ आप चैटिंग कर रहे है, इसे वौइस् चैट कहते है.

एक अन्य प्रकार की चैटिंग से आप उस व्यक्ति को देख भी सकते है. जिससे आप बात कर रहे है. इसके लिए आपकों वेब कैम नाम युक्ति का प्रयोग करना होगा.

कंप्यूटर क्या हैं परिचय What Is Computer And Fundamentals In Hindi

कंप्यूटर शब्द लेटिन भाषा के कम्यूट शब्द से लिया गया हैं. जिसका अर्थ होता हैं गणना करना. इसलिए इसे संगणक भी कहा जाता हैं. वर्तमान में इसका प्रयोग जीवन के हर क्षेत्र में किया जाता हैं.

अब यह धारणा बन गई हैं कि आज सब कुछ कंप्यूटर पर ही निर्भर हैं. इसे आधुनिक तकनीक की सबसे आश्चर्यजनक मशीन माना गया हैं.

कंप्यूटर का परिचय (Introduction)

यह एक इलेक्ट्रानिक डेटा प्रोसेसिंग मशीन हैं. जो यूजर से डेटा को इनपुट के रूप में ग्रहण कर प्रोसेस करती हैं. और उसे आउटपुट के रूप में प्रदर्शित करती हैं.

कंप्यूटर में इन सभी कार्यो को करने के लिए कई कम्पानेंट व उपकरणों का प्रयोग किया जाता हैं. जैसे कीबोर्ड, माउस, मोनिटर, मेमोरी, प्रोसेसिंग यूनिट इत्यादि.

कंप्यूटर का इतिहास (History Of Computer In Hindi)

इसका इतिहास लगभग 2500 साल पुराना माना जाता हैं, चीन में एक गणना यंत्र अबेकस का आविष्कार किया गया था. यह एक यांत्रिक उपकरण हैं.

जिसकी आंतरिक फ्रेम के अन्दर कई समांतर तार लगी हुई हैं. जिसमे पांच या इससे अधिक बीड होती हैं. प्रारम्भ में अबेकस का उपयोग व्यापारी विभिन्न प्रकार की गणना के लिए उपयोग किया करते थे.

फ्रांस के महान गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने 1642 में पहला यांत्रिक अंकीय गणना यंत्र विकसित किया था. इस मशीन को एडिंग मशीन भी कहा जाता था. ब्लेज पास्कल की इस मशीन को पास्कलाइन भी कहा जाता था. और यह पहला मैकेनिकल कंप्यूटर था.

बैवेज का कंप्यूटर के विकास में बड़ा योगदान रहा हैं. एनालिटिकल इंजन पहला प्रोग्रामिंग कंप्यूटर था. यह पहला कंप्यूटर था जो निर्देशों के आधार पर गणना किया करता था. इसी कारण चाल्र्स बैवेज को कंप्यूटर का जनक (father of computer) कहा जाता हैं.

IBM के चार इंजीनियरों सहित आइकेन ने सन 1939 में एक मशीन विकसित की. जिसका नाम AUTOMATIC SEQUENCE CONTROLLED CALCULATOR रखा गया.

बाद में इस मशीन का नाम मार्क 1 रखा गया. यह पहला विद्युत यांत्रिक कंप्यूटर था. सन 1946 में एकर्ट तथा मैकली नामक वैज्ञानिकों ने ENLAC नामक कंप्यूटर बनाया. यह विश्व का पहला सामान्य उद्देश्य के लिए बनाया गया विद्युत कंप्यूटर था.

UNIVACI को 1951 में विकसित किया गया था. यह प्रथम डिजिटल कंप्यूटर था. इसका उपयोग व्यापारिक कार्यो के लिए होता था. यह ENIAC का ही विकसित रूप था.

कंप्यूटर के विकास के इतिहास को हम एक समय अंतराल में विकसित की गई नई तकनीक के आधार पर 5 पीढियों में समझ सकते हैं.

प्रत्येक पीढ़ी के कंप्यूटर के मुलभुत सिद्धांत व उसके किसी भाग में नई तकनीक के विकसित होने पर एक पीढ़ी की शुरुआत होती हैं. गणना के लिए बने पहले उपकरण से लेकर आधुनिक कंप्यूटर के आविष्कार तक का वर्णन इस प्रकार हैं.

  • प्रथम पीढ़ी  (1942-1956)
  • द्वितय पीढ़ी  (1956-1965)
  • तृतीय पीढ़ी  ( 1965-1975)
  • चतुर्थ पीढ़ी  (1975-1988)
  • पंचम पीढ़ी (1988 से आज तक)

कम्प्यूटर की विशेषताएं (Features Of Computer)

  • कार्य करने की गति-कम्प्यूटर के कार्य करने की गति बहुत तेज होती हैं. जिस कार्य को एक व्यक्ति कई घंटे, महीने तथा वर्षो में पूरा करता हैं. उसे कुछ ही क्षणों में पूरी करता हैं.कम्प्यूटर की गति को माइक्रो सेकंड, नैनो सेकंड तथा पिको सेकंड्स में मापा जाता हैं.
  • उच्च भंडारण क्षमता– किसी भी डेटा को किसी रूप में व मात्रा में स्टोर कर रख सकते हैं. कम्प्यूटर की भंडारण क्षमता काफी अधिक होती हैं. इसमे डेटा को लम्बे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता हैं. और आवश्यकतानुसार पुनः प्राप्त किया जा सकता हैं.
  • स्वचालित– कम्प्यूटर एक स्वचालित मशीन हैं. जो यूजर द्वारा दिए गये निर्देशों को बिना किसी मानवीय बाधा के सम्पन्न कर सकता हैं.
  • शुद्धता– यदि कंप्यूटर में इनपुट किये गये इनपुट पूर्ण रूप से सही हैं तो कंप्यूटर 100 प्रतिशत सही परिणाम देने की क्षमता रखता हैं. इसलिए लोगो की कंप्यूटर के प्रति यह भावना रहती हैं. कि कंप्यूटर द्वारा की गईं गणना में गलती की सम्भावना शून्य के बराबर रहती हैं.
  • विविधता– कंप्यूटर का प्रयोग विभिन्न कार्यो के लिए किया जाता हैं. इसका प्रयोग किसी भी प्रकार के दस्तावेज को तैयार करने, प्रिंट करने, मनोरंजन आदि उद्देश्य के लिए किया जाता हैं. कंप्यूटर की इसी विशेषता के कारण इसमे हम एक से अधिक कार्य कर सकते हैं.
  • इंटिग्रिटी– यह किसी भी कार्य को ईमानदारी के साथ पूर्ण रूप से संपन्न करता हैं. इसमे कार्यो को दोहराने की क्षमता होती हैं.  कंप्यूटर की उपर्युक्त विशेषताओं के अतिरिक्त इसकी कुछ कमिया भी हैं. जैसे अधिक कीमत, बिजली की खपत, वायरस से सुरक्षा का अभाव, बुद्धिमता का अभाव आदि.

कम्प्यूटर के विभिन्न घटक क्या है Most Important Computer Parts In Hindi

एक ऑटोमोबाइल जैसे कार या वैन अलग अलग रंगो और मॉडलों में उपलब्ध होती है. इसके अनिवार्य हिस्से एक समान बने रहते है. सभी प्रकार के ऑटोमोबाइल वाहनों में एक इंजन, एक बॉडी और पहिये होते है.

इसी प्रकार कंप्यूटर विभिन्न साइज़ और आकारों में उपलब्ध होते है, इन कंप्यूटर पार्ट्स में कुछ सामान्य होते है, जो एक ही प्रकार से कार्य करते है. कुछ Most Important Computer Parts होते है, जैसे हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर. यहाँ आपकों कुछ Computer Parts जैसे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डेटा, नेटवर्क क्या होते है. इसकी बेसिक जानकारी उपलब्ध करवाते है.

हार्डवेयर क्या है और कैसे काम करता है. (What is the hardware and how it works)

हार्डवेयर का अर्थ है, कंप्यूटर के सभी भौतिक भाग. इनमे सभी इनपुट, प्रसाधन युक्तियाँ, भंडारण युक्तियाँ और आउटपुट युक्तियाँ शामिल है. कीबोर्ड, माउस, मदर बोर्ड, मोनिटर, हार्ड डिस्क, केबल्स और प्रिंटर ये सभी हार्डवेयर के उदहारण है.

आप कंप्यूटर में इनपुट डालने और मनचाहा आउटपुट पाने के लिए हार्डवेयर का उपयोग करते है. उदहारण के लिए जब आप एक संगीत वाद्य, जैसे पियानो बजाते है तो आप इसकी कुंजियो को दबाते है तो इससे संगीत के रूप में मनचाहा आउटपुट निकलता है.

इसी प्रकार कंप्यूटर को भी कार्य करने के लिए इनपुट और आउटपुट डिवाइस की जरुरत होती है, इनपुट और आउटपुट डिवाइस के अलावा कंप्यूटर में डेटा इनपुट पर कार्य करने तथा मनचाहा आउटपुट पाने के लिए प्रंससाधन युक्तियों का प्रयोग किया जाता है.

सबसे अधिक महत्वपूर्ण संसाधन युक्ति सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU का पूरा नाम) है. CPU कंप्यूटर का मस्तिष्क है. यह गणनाएं करने और आउटपुट तैयार करने के लिए इनपुट को प्रोसेस करता है.

मदरबोर्ड क्या है, इसका कंप्यूटर में काम (What is the motherboard, and its work in computer)

मदरबोर्ड एक बड़ा सर्किट बोर्ड है. जो इनपुट, आउटपुट और प्रोसेसिंग युक्तियों को जोड़ता है. मदरबोर्ड सर्किट से वे मार्ग प्रदान किये जाते है जिनसे गुजर कर डेटा विभिन्न हिस्सों में पहुचता है, इसमे वे चिप्स होती है जो यह तय करती है कि डेटा को कंप्यूटर के जरिये कैसे, कब और कहाँ भेजा जाना है.

आप कंप्यूटर से जो कार्य कराना चाहते है उस पर निर्भर करता है कि आप उपयुक्त हार्डवेयर का चयन करे. आप विस्तार कार्ड जैसे विडियो कार्ड चलाकर अपने कंप्यूटर का निष्पादन बेहतर बना सकते है या इसमे नयी विशेषता जोड़ सकते है. इन सभी युक्तियों को मदरबोर्ड पर जोड़ा जाता है.

कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है (What is the computer’s operating system)

हार्डवेयर के अलावा कंप्यूटर को कार्य करने के लिए सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है. सॉफ्टवेयर अनिवार्य कार्य करने के लिए हार्डवेयर को संदेश भेजता है.

कंप्यूटर पर सबसे अधिक महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर इसका ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो आपके कंप्यूटर से जुड़े हार्डवेयर का नियंत्रण और प्रबंधन करता है. ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा इंटरफेस प्रदान करता है.

जो आपकों कंप्यूटर पर कार्य करने में सहायता देता है. ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ उदहारण है. विंडोज, लाइनक्स, एंड्राइड. एक प्रयोक्ता इंटरफेस या टेक्स्ट आधारित या ग्राफिक्स आधारित हो सकता है.

अधिकाँश ऑपरेटिंग सिस्टम एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (gui) प्रदान करते है. जिससे ऐसी छवियाँ और तस्वीरें प्रदर्शित होती है, जिन पर आप कंप्यूटर की सहायता से आसानी से कार्य कर सकते है.

प्रोग्राम और डेटा के बारे में (About Programs and Data in Computer)

हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम मिलाकर एक प्लेटफोर्म बनाते है. प्रोग्राम, जिन्हें एप्लीकेशन भी कहते है, कार्यों के निष्पादन के लिए इस प्लेटफोर्म का उपयोग करते है.

ऐसें कई प्रकार के प्रोग्राम होते है. कुछ प्रोग्राम आपकों पत्र लिखने, गणना करने या ईमेल भेजने में सहायक होते है. उदहारण के लिए एक word प्रोसेसर जैसे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड 2007, एक ऐसा प्रोग्राम है, जो आपकों पत्र लिखने में सहायता देता है.

अन्य प्रोग्राम से आप तस्वीर बना सकते है. गेम खेल सकते है, मूवी देख सकते है. या दूसरे कंप्यूटर पर बैठे अन्य लोगों से सम्पर्क कर सकते है.

प्रोग्राम उस डेटा को प्रोसेस करता है, जो आप अपने कंप्यूटर को एक इनपुट के रूप में देते हो. यह डेटा टेक्स्ट, ग्राफिक्स, ऑडियो या विडियो के रूप में हो सकते है.

जो प्रोग्राम के प्रकार पर निर्भर करता है. उदहारण के लिए कैलकुलेटर एक ऐसा प्रोग्राम है जिसमें अंको के रूप में इनपुट डाला जाता है. इसी प्रकार sound रिकॉर्डर एक ऐसा प्रोग्राम है जिसके लिए ऑडियो के रूप में इनपुट की जरुरत होती है.

जब प्रोग्राम को डेटा प्राप्त होता है तो यह डेटा प्रोसेस करता है और स्क्रीन पर आउटपुट प्रदर्शित करता है. आप इस आउटपुट को एक फाइल के रूप में सेव कर सकते है.

एक फाइल में मौजूदा डेटा के प्रकार पर निर्भर करते हुए इस फाइल को एक ऑडियो फाइल, एक टेक्स्ट फाइल, एक ग्राफिक्स फाइल या एक विडियो फाइल के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है.

कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है (what is a computer network in hindi)

एक ऐसे परिद्रश्य पर विचार करे जहाँ संगठन में 10 कर्मचारी कार्यरत है. ये कर्मचारी दैनिक कार्यों के लिए कंप्यूटर का उपयोग करते है. उन्हें बार बार डेटा प्रिंट करने की जरूरत पडती है. प्रत्येक कर्मचारी को एक प्रिंटर देने के स्थान पर, जो महंगा होगा, सभी कंप्यूटरों को एक प्रिंटर से जोड़ा जा सकता है.

आप अपने कंप्यूटर को सूचना बांटने और हार्डवेयर के हिस्सों को इस्तमोल करने के लिए अन्य कंप्यूटरों से जोड़ सकते है. कंप्यूटरों का एक समूह और इससे जुड़ी युक्तियाँ जो जानकारी आदान प्रदान करने में सहायक होती है. उसे नेटवर्क कहते है.

नेटवर्क का उपयोग डेटा प्रिंटर जैसी युक्तियों को आपस में बांटने के लिए भी किया जाता है. आप नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रयोक्ता कंप्यूटरों से भी सम्पर्क कर सकते है. एक प्रारूपित नेटवर्क में निम्नलिखित भाग होते है.

सर्वर (Server)

नेटवर्क का मुख्य कंप्यूटर नेटवर्क अन्य कंप्यूटरों को सेवा प्रदान करता है. एक सर्वर तय करता है की किस कंप्यूटर को नेटवर्क के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तक पहुचने की अनुमति है.

वर्कस्टेशन (Workstation)

एक कंप्यूटर को नेटवर्क से जोड़ा जाता है. आप एक नेटवर्क के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तक पहुचने के लिए वर्क स्टेशन का प्रयोग कर सकते है.

संचार के माध्यम (Medium of communication)

एक पाथ या लिंक जो कंप्यूटर या पेरिफेरल युक्तियाँ जैसे प्रिंटर और डिस्क ड्राइव को सूचना स्थानातंरण के लिए जोड़ता है. एक नेटवर्क में संचार के माध्यमों के तौर पर सामान्य रूप से केबलों का उपयोग किया जाता है. किन्तु बेतार सम्पर्क के माध्यम से भी सूचना स्थानातरण किया जा सकता है.

शामिल क्षेत्र पर निर्भर करते हुए एक नेटवर्क को स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (लेन) या व्यापक क्षेत्र नेटवर्क (वैन) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है. एक सिमित क्षेत्र के अंदर एक लेन द्वारा युक्तियों को जोड़ा जा सकता है.

जैसे एक घर या कार्यालयों का छोटा समूह. इसमे सामान्य तौर पर एक कंप्यूटर और प्रिंटर तथा स्कैनर जैसे बांटने योग्य संसाधनो को जोड़ा जाता है.

वैन एक ऐसा नेटवर्क है जो भोगौलिक दृष्टि से अलग क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है. आप लम्बे तारों, ऑप्टिकल केबल और उपग्रहों का उपयोग करते हुए या अधिक लेन को जोड़ने के लिए वैन के संसाधनो का उपयोग कर सकते है.

अनेक संगठनो में विभिन्न देशों में फैले हुए उनके नेटवर्क के लिए वैन का उपयोग कर सकते है. इन्टरनेट वैन का एक उदाहरण है.

इंटरनेट क्या है. (What is internet)

इंटरनेट सार्वजनिक नेटवर्क का विश्वव्यापी संग्रह है. जो सूचना के आदान प्रदान के लिए एक दूसरे के साथ जुड़ा रहता है. इंटरनेट को सरकार तथा शैक्षिक विभागों के बिच संसार की सुविधा देने के लिए एक नेटवर्क के तौर पर अमेरिका में शुरू किया गया था.

जब इस नेटवर्क से अन्य नेटवर्कों को जोड़ा गया तो यह सूचना और विचारों का आदान प्रदान का एक विशाल माध्यम बन गया.

आज इंटरनेट अनेक वाणिज्यिक, सरकारी और शैक्षिक नेटवर्क तथा व्यक्तिगत कंप्यूटरों को आपस में जोड़ता है. जिनके बिच डेटा का आदान प्रदान होता है.

इंटरनेट से इसके प्रयोक्ताओं को अनेक प्रकार की सेवाएं मिलती है. जैसे इंटरनेट प्रयोक्ताओं के बिच फाइलों का लेनदेन और संदेश भेजने के लिए इलेक्ट्रानिक मेल.

वर्ल्डवाइड वेब (www) या एक अन्य सेवा है जो इन्टरनेट द्वारा प्रदान की जाती है. इसमे विशेष रूप से फोर्मेट किये गये दस्तावेज शामिल होते है. जो दुनियाभर के सर्वरों में रखे जाते है. और आपस में जुड़े रहते है.

आप इंटरनेट का उपयोग कर सकते है. और अन्य इन्टरनेट प्रयोक्ताओं को संदेश भेजने, नौकरियों की खोज तथा आवेदन करने, मूवी देखने और उत्पादों की बिक्री खोज के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है.

इंट्रानेट के बारे में जानकारी (Information about intranets)

अनेक संगठनो में संगठन के अंदर संचार के विशेष प्रकार के नेटवर्क का उपयोग करते हुए सूचना का आदान प्रदान किया जाता है. इस नेटवर्क को इंट्रानेट कहते है.

इंट्रानेट दरअसल वर्ल्डवाइड वेब के समान ही है, किन्तु इस संगठन के केवल अधिकृत प्रयोक्ताओं द्वारा खोला जा सकता है. इंट्रानेट इंटरनेट की तुलना में छोटा है और इससे दस्तावेज विवरण, सॉफ्टवेयर वितरण, डाटाबेस तक पहुच और प्रशिक्षण जैसी सेवाएं प्रदान की जाती है.

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों  का यह लेख आपको कंप्यूटर का परिचय Computer Introduction In Hindi पसंद आया होगा. यदि आपको कंप्यूटर के परिचय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें.

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