धनतेरस पर निबंध 2022 और कहानी Essay on Dhanteras In Hindi

धनतेरस पर निबंध 2022 और कहानी Essay on Dhanteras In Hindi: आप सभी को प्यार भरा नमस्कार और धनतेरस 2022 की हार्दिक शुभकामनाएं. भारतीय चिकित्सा जगत आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि जी के जन्म दिवस को हम धनतेरस के रूप में मनाते हैं.

धनतेरस पर निबंध 2022 और कहानी Essay on Dhanteras In Hindi

dhanteras essay in hindi

इस दिन माँ लक्ष्मी जी का पूजन भी किया जाता हैं दिवाली के पर्व का पहला दिन धनतेरस का ही होता हैं. इस दिन बाजार जाते है दिवाली का सामान तथा धनतेरस पर विशेष खरीददारी भी करते हैं. इस दिन बर्तन की खरीद मुख्य रूप से होती हैं. आज धनतेरस के निबंध में हम धनतेरस पर निबंध और कहानी इन हिंदी क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार पर आपकों छोटे बच्चों के लिए निबंध उपलब्ध करवा रहे हैं.

धनतेरस क्यों मनाया जाता है धनतेरस का निबंध, धनतेरस के लिए निबंध, धनतेरस एस्से इन हिंदी, धनतेरस हिंदी निबंध, शोर्ट एस्से ऑन धन तेरस 2022 इन हिंदी लैंग्वेज फॉर स्टूडेंट्स क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10 इन 100, 200, 250, 300, 400, 500, वर्ड्स 5 लाइन, 10 लाइन धनतेरस पर निबंध.

Short Essay on ‘Dhanteras’ in Hindi | ‘Dhanteras in Hindi | धन तेरस पर निबंध

Dhanteras’ par Nibandh धनतेरस 2022 पर निबंध– हिन्दू धर्म का पावन त्योहार धनतेरस कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को पड़ता हैं. इस दिन से ही पांच दिनों के दिवाली पर्व की शुरुआत मानी जाती हैं. हिन्दुओं के प्रसिद्ध इस पर्व को भगवान धन्वन्तरी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता हैं. इस दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता हैं.

धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है– हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन आरोग्य के स्वामी भगवंत धन्वन्तरी जी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे. उनके हाथ में एक स्वर्ण कलश था, जिसमें भरे अमृत को उन्होंने देवताओं को पिलाया था, जिस कारण वे अमर हो गये थे.

Telegram Group Join Now

यही वजह है कि आज भी धनतेरस के दिन लोग अपने अच्छे स्वास्थ्य और दिर्घायु की कामना के लिए धन्वन्तरी की पूजा करते हैं. इस दिन से गोत्रिरात्र व्रत का आरम्भ ही होता है, जो आगामी तीन दिनों तक चलते हुए गौवर्धन पूजा के दिन समाप्त होता हैं.

धनतेरस पूजा– कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी का दिन धन्वंतरि जी को समर्पित है इस रात को उन्ही की पूजा अर्चना व अनुष्ठान किये जाते हैं. धन त्रयोदशी की रात को लोग भगवान धन्वंतरि का नाम व मंत्र जाप करते हुए अपने घर, दूकान, ऑफिस आदि में घी का दीपक जलाते हैं. 

गाँव शहर एवं कस्बों में सार्वजनिक स्थल जैसे मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुआं, तालाब एवं बगीचे आदि में भी धनत्रयोदशी को दीपदान किया जाता हैं. यह साल भर में खरीददारी का सबसे बड़ा दिन भी हैं. लोग इस दिन आभूषण बर्तन वाहन आदि की खरीद भी करते हैं.

धनतेरस की खरीददारी– ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई कोई वस्तु तेरह गुणा लाभ प्रदान करती हैं. इस दिन विशेष रूप से चांदी अथवा ताम्बे के बर्तनों की खरीद करने की परम्परा हैं. तेजी से बदलती हमारी दुनियां आज धनतेरस के दिन ऑनलाइन शोपिंग साइट्स के मोबाइल, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक पर सस्ते ऑफर का भरपूर लाभ उठाने का अवसर बड़े दिन बाद पाती हैं. इस दिन वाहनों की खरीद भी बड़ी मात्रा में होती हैं. 

धनतेरस पर निबंध / Dhanteras Essay In Hindi

Dhanteras 2022 Essay in Hindi: हिन्दुओं के महत्वपूर्ण पर्व दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार पड़ता हैं इसे धन त्रयोदशी या धन्वन्तरी तेरस के नाम से भी जाना जाता हैं. कार्तिक महीने की कृष्ण त्रयोदशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कलैंडर के अनुसार अक्टूबर अथवा नवम्बर में पड़ता हैं. वर्ष 2022 में धनतेरस का दिन 22 अक्टूबर को है.

इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना भी की जाती हैं, ऐसा माना जाता है कि धनतेरस की पूजा में धन्वन्तरी एवं माँ लक्ष्मी का पूजन एवं दीपदान होता हैं. व्यापारी वर्ग के लिए धनतेरस का बड़ा महत्व हैं. इस दिन बाजारों में रौनक छा जाती हैं. लोग विविध सामग्री खरीदने अपने घरों से बाजार का रुख करते हैं.

माना जाता है इस दिन धातु के बर्तन या वाहन खरीदना शुभ होता हैं. धनतेरस के शुभ मुहूर्त में खरीदी गई वस्तु धारक को तेरह गुणा लाभ देती हैं. इसलिए इस दिन को लोग खरीददारी का मुख्य दिन मानते हैं. संभवतया इसी मान्यता के चलते धन तेरस का नाम पड़ा होगा.

धनतेरस का महत्व What Is Importance Of Dhanteras ka Mahatav

इस दिन घरों की सजावट मुख्य रूप से की जाती है लोग अपने घर के मुख्य द्वार को दीपकों एवं विद्युत् लाइट्स के साथ सजाते हैं, धनतेरस पर माँ लक्ष्मी के आगमन के लिए घर के द्वार खोल दिए जाते हैं. घर के मुख्य आंगन में रंगोली के चित्र बनाकर चावल व आटे के साथ लक्ष्मी जी के घर में आगमन के प्रतीक के रूप में पैरों के चिह्न बनाए जाते हैं.

त्योहार खुशियों एवं हर्ष के प्रतीक होते हैं, भारत को त्योहारों के देश के रूप में जाना जाता हैं. यहाँ बारह महीने कोई न कोई पर्व उत्सव चलते रहते हैं, इन्हें मनाने के अपने अपने धार्मिक, सामाजिक कारण महत्व एवं पौराणिक कथाएँ जुडी होती हैं. ऐसे ही त्योहारों में आज हम इस निबंध में दिवाली के बड़े उत्सव धनतेरस की बात कर रहे हैं. 

धनतेरस पूजा-Dhanteras Puja in Hindi

पाठ पूजा अनुष्ठान भारतीय संस्कृति की आत्मा एवं मूल विशेषताओं में से एक हैं. कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाई जाने वाली धनतेरस की पूजा कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं.

यह एक शुभ सुकून देने वाला उत्सव है कारोबारी लोगों के लिए यह सालभर का सबसे ख़ास दिन भी होता हैं. बड़ी दिवाली से दो दिन तथा छोटी दिवाली से एक दिन पूर्व मनाया जाता हैं. यह पर्व दीपावली के पांच पर्वों की शुरुआत की करता हैं. धनतेरस से लोग घर में दीपक जलाकर माँ लक्ष्मी की पूजा करना आरम्भ कर देते हैं.

धनतेरस को मनाने के पीछे कई धार्मिक एवं सामाजिक कारण है जिसका उल्लेख पूर्व में किया जा चूका हैं. मानवीय कल्याण की भावना लिए ये पर्व व्यक्ति के दुःख भरे जीवन में कुछ समय के लिए भक्ति आस्था श्रद्धा एवं उल्लास के भावों से सराबोर कर देते हैं.

धनतेरस की कथा भगवान धन्वन्तरी जी के समुद्र मंथन द्वारा अवतरित होने तथा देवताओं के कल्याण से जुडी कहानी को आधार मानकर मनाई जाती हैं.

धनतेरस के बारे में (dhanteras essay in hindi)

वर्ष 2022 में धनतेरस का त्यौहार 22 अक्टूबर के दिन भारत एवं दुनिया भर में मनाया जाना हैं. पांच दिनों तक चलने वाले हिन्दुओं के महापर्व दिवाली का यह प्रथम दिवस होता हैं इस दिन को धनतेरस, धनत्रयोदशी के रूप में भी जाना जाता हैं.

इस दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था. धन के देवता कुबेर का भी दिन हैं. हिन्दू कलैंडर के अनुसार यह पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को होता हैं, जो अमूमन अंग्रेजी माह अक्टूबर या नवम्बर में पड़ता हैं.

दिवाली के इस अहम पर्व का पहला दिन जब लोग अपने घर, दुकानों आदि को सजाते हैं. माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने तथा सुख सम्रद्धि की कामना के लिए घर के आंगन में आकर्षक रंगोली भी निर्मित की जाती हैं. इस चित्र रचना में माँ के आगमन को चावल के बने पदचिह्नों को बनाया जाता हैं.

वर्ष भर में धनतेरस के दिन को खरीददारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है. कहते है इस दिन सोना, चांदी, आभूषण, बर्तन आदि की खरीद करनी चाहिए. कुछ लोग इस शुभ दिन अपने लिए वाहन भी खरीदते हैं.

धनतेरस पर क्या करें?

धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी के गहने खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं। आप चाहें तो एक स्टील का चम्मच खरीद कर भी उसकी पूजा करके धनतेरस का त्यौहार मना सकते हैं। 

इसके अलावा धनतेरस के दिन आपको अपने पूरे घर की सफाई करनी चाहिए और पूरे घर में गोबर के द्वारा लेपन करना चाहिए और शाम के समय नहा धोकर के पूरे विधि विधान के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा करनी चाहिए और उन से रोग कष्ट दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। धनतेरस के दिन पुण्य कमाने के लिए आप चाहे तो गरीब लोगों को चावल और आटे का दान भी दे सकते हैं अथवा यथाशक्ति उन्हें पैसे भी दे सकते हैं।

FAQ: 

Q: धनतेरस पर क्या किया जाता है?

ANS: धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है और सोने चांदी के आइटम खरीदे जाते हैं।

Q: 2022 में धनतेरस कब है?

ANS: 2022 में धनतेरस 23 अक्टूबर के दिन है।

Q: धनतेरस पर क्या करना शुभ होता है?

ANS: घर की सफाई करना

Q: धनतेरस कब मनाया जाता है?

ANS: दिवाली के 1 दिन पहले

यह भी पढ़े

आशा करता हूँ फ्रेड्स धनतेरस पर निबंध 2021 और कहानी Essay on Dhanteras In Hindi का यह छोटा सा धन तेरस निबंध आपकों अच्छा लगा होगा, यदि लेख में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करे. एक बार पुनः आपको और आपके परिवार को धनतेरस 2021 & दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

Leave a Comment