साइबर अपराध क्या है | What Is Cyber Crime In Hindi

साइबर अपराध क्या है What Is Cyber Crime In Hindi इक्कीसवी सदी के प्रारम्भिक काल में इन्टरनेट कंप्यूटर, सूचना प्रोद्योगिकी आदि अनेक द्रष्टि से महत्वपूर्ण है. इसे सूचना क्रांति का प्रारम्भिक काल कहा जा सकता है. आज कंप्यूटर और इन्टरनेट मानव जाति के लिए वरदान साबित हो रहे है. इनसे सामाजिक और आर्थिक क्रांति को एक नई दिशा मिली है. लेकिन साथ ही साथ ये अभिशाप भी बने है. कंप्यूटर और इन्टरनेट ने अनेक अपराधों को भी जन्म दिया है. इनसे व्यक्ति के नैतिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा है. साइबर अपराध, अपराध की एक नवीनतम तकनीक है इन साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए तथा इसकी रोकथाम  करने के लिए सन 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पारित किया गया.

क्या है साइबर अपराध What Is Cyber Crime In Hindi

क्या है साइबर अपराध What Is Cyber Crime In Hindi

इंटरनेट और सूचना प्रोद्यौगिकी की अत्याधुनिक सुविधाओं के इस दौर में एक तरफ हमें अनगिनत लाभ के अवसर मिले हैं तो इसका दूसरा पक्ष काफी भयावह और डरावना भी हैं. कंप्यूटर नेटवर्क की मदद से अब अपराध करने की गति और तरकीबों को भी बढ़ावा मिला हैं.

सरल भाषा में कहे तो साइबर क्राइम की श्रेणी में ऑनलाइन धोखाधड़ी और अपराध के सभी मामले आ जाते हैं. चाहे इसमें किसी दूसरे व्यक्ति का पर्सनल डेटा, विडियो चित्र या अन्य सामग्री की चोरी अथवा क्रेडिट डेबिट कार्ड के जरिये माल की चोरी भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं.

साइबर अपराध के प्रकार (types of cyber crime In Hindi)

यहाँ यह जानना जरुरी हैं कि किन किन तरीको से साइबर क्राइम को अंजाम दिया जा सकता हैं. एक आम नागरिक को इनके बारे में जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि कई बार जानकारी के अभाव में भी ऐसे कृत्य हो जाते हैं जो कानून की नजर में दंडनीय हैं. चलिए हम साइबर क्राइम के कुछ मुख्य प्रकार के बारे में जान लेते हैं.

हैकिंग– आजकल के दौर में हैकिंग एक बड़ी समस्या बन जाती हैं, एक इंटरनेट यूजर दिनभर में अनगिनत साइट्स अप्प्स और लिंक्स को क्लिक करता हैं, कई बार ऐसे खतरनाक हैकर द्वारा आपके समस्त कंप्यूटर या मोबाइल सिस्टम और उसके डेटा की चोरी भी कर ली जाती हैं.

आमतौर पर उपयोगी डेटा सामग्री अथवा क्रेडिट कार्ड आदि की डिटेल्स के लिए हैकर्स द्वारा यह क्राइम किया जाता हैं. मगर कई बार यह भी देखा गया हैं कि निजी तस्वीरे और विडियो को हैक कर उस व्यक्ति को ब्लैक मेल भी किया जाता हैं.

स्पैम ईमेल– कई बार वैध कम्पनी के नाम पर ईमेल अकाउंट के द्वारा लोगों को ईमेल भेजकर ठकने और उनकी निजी जानकारियां चुराने का अपराध भी बड़े स्तर पर चलता हैं. इसमें पिशिंग साइट्स की बड़ी भूमिका हैं. ये एक तरह से ओरिजनल कम्पनी साईट की डिजाइन कॉपी होती हैं तथा यूजर्स को लुभावने ऑफर के बहाने उनके बैंक अकाउंट की चोरी भी कर ली जाती हैं.

अश्लील सामग्री और साहित्य– अगर हम इंटरनेट के सबसे बड़े दुरूपयोग की बात करे तो वह अश्लील सामग्री परोसने वाला एक साधन बन चूका हैं. साइबर कानून की नजर में किसी भी पब्लिक मिडिया प्लेटफार्म पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करना एक साइबर क्राइम हैं जिसके लिए बड़ी सजा हो सकती हैं.

साइबर बुलिंग – इंटरनेट या सोशल मिडिया प्लेटफोर्म का उपयोग करते हुए किसी व्यक्ति पर अशोभित टिप्पणी करना, किसी को धमकी देना अथवा सार्वजनिक रूप से मजाक बनाना साइबर बुलींग के अंतर्गत आता हैं, खासकर बच्चों के साथ इस तरह के ज्यादा केस देखने को मिलते हैं.

साइबर आतंकवाद- देश राष्ट्र या समाज की एकता अखंडता और शांति को मिटाने के लिए इंटरनेट के जरिये साजिश रचने साइबर आतंकवाद की श्रेणी में आता हैं. आए दिन खबरों में देखने को मिलता हैं देश के कई हिस्सों से युवकों को ISIS और आतंकवादी बनाने के क्रियाकलाप सोशल नेटवर्किंग साइट्स से ही शुरू होते हैं.

इसके अलावा साइबर आतंकवाद में सामाजिक, वैचारिक, धार्मिक और राजनैतिक अफवाह फैलाने वाले कार्य भी क्राइम की श्रेणी में आते हैं. आपको बता दे भारत में साइबर टेररिज्म का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती हैं.

अन्य साइबर क्राइम– ऊपर दिए गये अपराधो के अलावा कई अन्य अपराध भी इसकी श्रेणी में आते हैं जैसे वायरस अटैक करना, सोफ्टवेयर पाइरेसी, कॉपीराइट उल्लंघन, फर्जी बैंक कॉल आदि.

Cyber Crime In Hindi (साइबर अपराध में क्या आता है)

  1. किसी कंप्यूटर अथवा कंप्यूटर नेटवर्क में बिना अनुमति के पहुचना.
  2. किसी कंप्यूटर या कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क प्रणाली में आज्ञा के बिना कोई डाटा, कंप्यूटर डाटा संचय या डाउनलोड करना, उसकी प्रतिलिपि करना, अथवा उसके उद्धरण लेना.
  3. किसी कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में किसी प्रकार का वायरस प्रवेश करना या करवाना.
  4. किसी कंप्यूटर या कंप्यूटर नेटवर्क प्रणाली को विछिन करना.
  5. किसी अश्लील अथवा कामोतेजक सुचना या सामग्री को इलेक्ट्रानिक रूप में प्रकाशित करना.
  6. संसूचना सेवा द्वारा आक्रामक संदेश भेजना.
  7. किसी अन्य व्यक्ति के इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर, पासवर्ड या अन्य विशिष्ट पहचान का कपटपूर्वक या बेईमानी से उपयोग करना.
  8. किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके गुप्तांग का चित्र लेना तथा उसकी एकान्तता का उलंग्घन करना.
  9. साइबर अपराध फैलाना अर्थात देश की एकता अखंडता, सुरक्षा, प्रभुता, आदि को खतरे में डालना.
  10. अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रानिक रूप में प्रकाशित करना अथवा पारेषण करना.
  11. इलेक्ट्रानिक रूप में लैगिक प्रदर्शन करने वाली सामग्री का प्रदर्शन करना.
  12. काम वासना भड़काने वाले क्रियाकलाप आदि में बालकों को चित्रित करने वाली सामग्री को इलेक्ट्रानिक रूप में प्रकाशित करना या पारेषित करना आदि.

इस अधिनियम में साइबर अपराध को रोकने के लिए कड़े दंड की व्यवस्था की गई है. अनेक अपराधों के लिए दस लाख रुपये तक जुर्माने और लम्बी अवधि के लिए कारावास की व्यवस्था की गई है.

साइबर अपराध से कैसे बचे और भारतीय कानून

जिस गति से भारत में प्रत्येक व्यक्ति तक स्मार्ट फोन और इंटरनेट की सुविधाएं पहुची हैं उसी रफ्तार से साइबर अपराध ने भी आम आदमी के जीवन तक अपनी पहुच बना ली हैं. पहले से अब बहुत अधिक संख्या में ऑनलाइन फ्रोड धोखाधड़ी, चोरी और अपराध के समाचार और आकंडे हमें देखने को मिलते हैं.

भारत सरकार ने साइबर क्राइम को रोकने और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के उद्देश्य से कई कठोर कानून और व्यवस्थाएं बनाइ हैं. ऐसा ही एक पोर्टल cybercrime.gov.in हैं, केंद्र सरकार द्वारा साइबर अपराध के शिकार हुए लोगों को न्याय दिलाने हेतु यह पोर्टल आरम्भ किया गया था.

कोई भी व्यक्ति जिसके साथ ऑनलाइन ठगी या दुर्व्यवहार हुआ हैं वह इस पोर्टल की मदद से न केवल अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता हैं बल्कि अपनी शिकायत की सुनवाई और कार्यवाही को भी ट्रैक कर सकता हैं. व्यक्ति अपनी पहचान सार्वजनिक किये बगैर ही पोर्टल के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं.

अगर हम साइबर अपराध की रोकथाम हेतु बनाएं कानूनों की बात करे तो वर्तमान में सूचना तकनीक कानून 2000 कार्यरत हैं. इस कानून में आपके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की पर्सनल डिटेल्स, हैकिंग का प्रयास, प्राइवेसी भंग करने अथवा सूचनाओं की चोरी होने की स्थिति में विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत की जा सकती हैं.

साथ ही भारतीय दंड सहिंता भी कुछ श्रेणी के साइबर अपराध के दंड का प्रावधान करती हैं. अगर आपको कोई ईमेल के जरिये धमकी देता है तब धारा 503 ईमेल के जरिये मानहानि करने की स्थिति में 499 नकली इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के उपयोग पर धारा 463 और नकली वेबसाइट के जरिये ठगी की स्थिति में धारा 420 के तहत कार्यवाही की जाती हैं.

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