स्वप्नदोष की बीमारी और उसका इलाज | nightfall ka desi ilaj in hindi

स्वप्नदोष की बीमारी और उसका इलाज nightfall ka desi ilaj सोते समय वीर्य निकल जाने को स्वप्नदोष कहते है. वैसे तो यह शिकायत हर नौजवान को हो जाया करती है. मगर महीने में एक या दो बार हो जाए तो घबराना नही चाहिए. बल्कि गर्म वस्तु, तेज मसाले, अंडे आदि खाने बंद कर दे तो यह शिकायत अपने आप दूर हो जाती है.

स्वप्नदोष की बीमारी और उसका इलाज | nightfall ka desi ilaj

स्वप्नदोष की बीमारी और उसका इलाज nightfall ka desi ilaj

अत्यधिक मात्रा में वीर्यपात स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. शारीरिक दुर्बलता, काम उत्तेजना में कमजोरी तथा कई गुप्त बीमारियों की वजह बन जाते है. यदि आप नाईटफॉल अर्थात स्वप्नदोष की बीमारी से परेशान है. तो आपकों जरा सा भी विचलित होने की आवश्यकता नही है.

nightfall ka desi ilaj में आपकों यहाँ कई कारगर घरेलू नुस्खे, दवा, आयुर्वेदिक औषधि, पतंजली की दवाई, योग, इसका पूर्ण उपचार तथा साइड इफेक्ट के बारे में विस्तार से बता रहे है. किसी एक घरेलू इलाज को नियमित अपनाकर इससे छुटकारा पा सकते है.

युवकों की आम समस्या : स्वप्नदोष मिथ्या, कारण और उपचार

वर्तमान में स्वप्नदोष युवकों की आम समस्या है. रात में अथवा या नींद में बिना सम्भोग किये ही वीर्य स्खलित हो जाने को स्वप्न दोष कहते है. चूँकि यह क्रिया नींद में होती है इसलिए इसे स्वप्नदोष कहते है. स्वप्नदोष को लेकर किशोरों में कई तरह की भ्रांतिया है जिसकी वजह से वे अपने को कमजोर, हीन और अपराधी मानते है.

स्वप्नदोष से पीड़ित युवक इसके Treatment के लिए विज्ञापन के चक्कर में आकर Mentally और Financially रूप से नुकसान झेल लेता है. सामान्य Language में इसे धातु निकलना कहते है. लोगों का मानना है की इस रोग से Weakness आ जाती है और व्यक्ति नपुसंकता का शिकार हो जायेगा.

वह यह नहीं जानता की यह एक Natural Process है कोई रोग नहीं है. स्वप्न दोष अधिकतर Unmarried युवकों में पाया जाता है लेकिन कभी-कभी Married पुरुष भी इसके शिकार हो जाते है.

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युवावस्था में कामेच्छा के प्रभाव से यौन अंग उत्तेजित हो जाते है जिनकी शांत करने के लिए प्रकृति स्वप्न दोष का सहारा लेती है. अत: इस प्रकार का स्वप्नदोष स्वभाविक होता है. लेकिन फिर भी लोग स्वप्न दोष के नाम से डरने लगते है और वह इसे रोग मानकर इसके Treatment के चक्कर में फंस जाते है.

वे यह नहीं जानते है की 15-30 वर्ष की आयु में स्वस्थ पुरुष के लिए स्वप्न दोष होना स्वभाविक ही नहीं बल्कि आवश्यक क्रिया भी है. अगर अविवाहित परुष को महीने में 3-4 बार स्वप्नदोष होता है तो उसे स्वभाविक स्वप्न दोष मानना चाहिए. इस प्रकार के स्वप्न दोष में किसी भी तरह की कमजोरी या थकान नहीं होती है.

लेकिन जब स्वप्नदोष स्वभाविक सीमा को लांघ कर अति की श्रेणी में आ जाता है तब इसे अस्वभाविक स्वप्न दोष कहते है. ऐसे स्वप्न दोष को रोग का नाम दिया जाता है, क्योंकि धीरे-धीरे यह गंभीर और विकराल रूप धारण कर लेता है.

कामुकता से भरे विचार, अत्यधिक संयम यानी वीर्य का स्खलित ना होने देना या वीर्य स्खलन का अवसर प्राप्त ना होना, कब्ज, रात को अधिक भोजन करना, भोजन के तुरंत बाद सो जाना, अहितकर खान-पान, रात में मूत्र त्याग की इच्छा होने पर भी मूत्र त्याग ना करना, मादक पदार्थों का सेवन, Cinema, Blue Movies, सुंदर स्त्रियों के चित्र, Masturbation (हस्तमैथुन), स्त्रियों के सपने देखना आदि स्वप्नदोष के कारण है.

स्वप्न दोष शारीरिक और मानसिक कारणों से उत्पन्न होता है. इसलिए इसकी चिकित्सा के लिए दोनों कारण दूर करना जरुरी है. स्वप्नदोष अस्वभाविक होने पर भी घातक नहीं होता है इसलिए ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए. इसके लिए मनुष्य कामुक चिन्तन ना करें, कब्ज ना होने दे, यौन अंगो को साफ़ रखें, यौन शक्ति बढाने वाली Medicine का सेवन ना करें.

स्वप्न दोष प्राय रात्रि के चौथे पहर में होता है. इसलिए स्वप्नदोष से बचने के लिए रात में जल्दी सोना चाहिए और सुबह जल्दी उठाना चाहिए. स्वप्न दोष का प्रमुख कारण है कब्ज इसलिए कब्ज ना होने दे. हरी सब्जियों और दूध का सेवन करना चाहिए. सुबह-शाम टहलना चाहिए. ब्लू फिल्मे देखना बंद कर देना चाहिए इससे उत्तेजना बढती है और इसके कारण से स्वप्न दोष होने लगता है.

उपर बताये गए कारणों और उपायों से आप स्वप्नदोष के बारे में जान गये होंगे और इससे बचने के उपाय के बारे में भी आपको पता लग गया होगा. यह एक Natural Process है, इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है. किसी भी तरह के नीम-हकीम के चक्कर में पड़कर पैसे और टाइम बर्बाद ना करें. कहते है की कुछ चीजों पर हमारा बस नहीं होता है लेकिन उन्हें रोकना हमारे बाद में होता है.

स्वप्नदोष का देशी इलाज (swapandosh rokne ka ilaj in hindi)

1. तुख्मकाहू, तुख्मकामनी, धनिया, अजवाइन, खुरासानी, तुख्मखीरा, नीलोफर, भूसी इसबगोल, कुंजा, मिश्री बराबर वजन लेकर बारीक करके 6-6 ग्राम सुबह शाम ताजे पानी से 30 दिन खाएं. रोजाना होने वाला स्वप्नदोष रूक जाता है. परहेज में गुड़, चावल, खटाई, अंडा, शराब और दूध दवा खाने तक न पीए.

2. तुलसी के बीज 4-4 ग्राम पानी में कुछ समय रखकर इसे शाम को खाए.

3. बीज बंद 3 ग्राम पानी के खाने से स्वप्नदोष रुक जाता है.

4. सालब मिश्री, मूसली सफेद, संदल सफेद, इलायची छोटी, जीरा सफेद, सतावर, भूसी इसबगोल सब 10-10 ग्राम लेकर बारीक कूटकर छान ले और 6-6 ग्राम सुबह शाम को दूध के साथ सेवन करे. धात के लिए कुंजा मिश्री 40 ग्राम मिलाए.

5. इमली के बीज 125 ग्राम, 400 ग्राम दूध में भिगोकर रखे. दो दिन बाद छिलका उतार करके साफ़ करके पीस ले. 6-6 ग्राम सुबह शाम पानी के साथ इस्तमोल करे, यह घात रोग के लिए है.

6. कीकर की कच्ची फलियाँ छाया में सुखाकर बारीक करके और बराबर मिश्री मिलाकर सुबह शाम 6-6 ग्राम दूध के साथ खाएं, धातु व कमजोरी की बढिया दवा है. कतरा लेस जाना बंद होगा.

7. मुलहठी का चूर्ण 3 ग्राम शहद के साथ चाटने पर स्वप्न दोष ठीक हो जाता है.

8. बनारसी आंवलें का मुरब्बा एक नग प्रतिदिन पानी से धोकर चबा चबाकर खाए. यह नेत्र रोग व ह्रद्य रोग को भी अच्छा करता है. स्वप्नदोष का अच्छा इलाज है.

स्वप्नदोष के बारे में जानकारी

यह एक मानसिक बिमारी है, अतः मन को पवित्र करे. शीतल जल से स्नान करे. रात्रि को गर्म दूध न पीए तथा रात को सोने से पहले अपने पाँव ठंडे पानी से अच्छी तरह धो ले. इससे अच्छी नीद आती है तथा स्वप्नदोष भी नही होता है.

स्वप्नदोष की बीमारी जड़ से शादी के बाद ही खत्म होती है. महीने में दो तीन बार स्वप्नदोष होने पर तो चिंता बिलकुल भी मत कीजिए. इससे ज्यादा लगे तो इसका इलाज आवश्यक रूप से करवाना चाहिए. स्वप्नदोष की मेडिसिन के लिए पैसों से बर्बाद होने की बजाय ऊपर बताए गये देशी इलाज को अपनाएँ. यहाँ बताई गई सम्पूर्ण सामग्री पंसारी की दूकान पर उपलब्ध हो जाती है.

स्वप्नदोष बिमारी रोकने के देशी उपाय (how to control nightfall in hindi)

  1. कब्ज न होने दे, गुलकंद का या हरड का मुरब्बा रात को खाइए.
  2. रात को गर्म दूध न पीए.
  3. रात को सोते समय हाथ पैरों को ठंडे पानी से धोना चाहिए.
  4. गुप्त अंगों के बालों को बढ़ने न दिया जाए.
  5. करवट से सोने की आदत डाले.
  6. रात्रि को कम खाना खाए और देर से सोने की आदत न डाले.
  7. गुड़, गन्ना, चावल और खटाई, गर्म मसालें, पकवान, अंडे और शराब से परहेज करे.
  8. सुबह सवेरे नंगे पैर हरी घास पर घूमना चाहिए.
  9. शौच जाने से पहले रात का बासी पानी जो तांबे के बर्तन में हो रोजाना एक गिलाश पीना चाहिए.
  10. खाना खाने के बाद पेशाब जरुर करना चाहिए.
  11. गंदी फ़िल्में व किस्सें कहानियाँ न पढ़े और नंगी तस्वीरों को न देखिये.
  12. बुरे दोस्तों से बचना चाहिए और कोई गंदी आदत है तो आज से छोड़ने की कसम खाइए.
  13. गुप्त अंग की खाल को पीछे हटाकर रोजाना साफ़ करे.
  14. लंगोटी कभी न बांधे अगर स्वप्नदोष की बिमारी थोड़े समय से ही है तो तुखमेरिहा 4-4 ग्राम सुबह शाम पानी से एक हफ्ता खाने से शिकायत रूक जाती है. अगर आप उपर लिखी गई बातों पर अमल करते है तो आपकी स्वप्नदोष की बिमारी ठीक हो जाएगी.

स्वप्नदोष के साइड इफ़ेक्ट व नुकसान (nightfall Side Effect in Hindi)

लम्बे समय तक स्वप्न दोष की समस्या के कई नुकसान (swapandosh ke NUKSAN) हो सकते है. इसके हानिकारक प्रभाव निम्न है.

  • पीड़ित व्यक्ति को घुटनों, जोड़ो तथा पैरों में दर्द होने लगता है, तथा देर रात तक नीद नही आती है.
  • आँखों की चमक कम होने के साथ बुरे विचार दिमाग में आते रहते है.
  • पुरुष के जीवन में स्फूर्ति की कमी आ जाती है, स्मरण शक्ति का भी क्षय होता है.
  • जीवन में उत्साह खत्म होकर चिंता घर जाती है.
  • रक्त की कमी होने के साथ व्यक्ति का सेल्फ कॉन्फिडेंस समाप्त होने लगता है.
  • पेट में कब्ज व गैस की समस्या होने के साथ ही सिर तथा गुप्त अंगो के बाल झड़ने लगते है.
  • अन्ड कोष में हल्का सा दर्द महसूस होता है, तथा शुक्राणु निर्माण की प्रक्रिया बाधित होती है.

स्वप्नदोष का इलाज व दवाई (Nightfall Treatment medicine Hindi)

जैसा कि आपकों ऊपर बताया गया है, स्वप्नदोष कोई विशेष बिमारी नही है, यदि माह में दो तीन बार इसकी शिकायत होती है. यह लड़को के बड़े होने तथा शादी के लायक होने का संकेत भर है. लड़कियों के स्वप्नदोष की समस्या नही होती है.

स्वप्नदोष के इलाज के लिए अभी तक कोई प्रमाणिक मेडिसिन नही है. न ही ऐसा कोई इलाज है जो इसे जड़ से समाप्त कर सके. इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति संभोग या हस्तमैथुन के जरिये स्वयं को कुछ समय के लिए इसे टालने में सफल रहते है.

स्वप्नदोष के इलाज के लिए पैसों से बर्बाद होने की आवश्यकता नही है. आपकों उपर बताए गये, घरेलू उपचारों के जरिये भी इस समस्या से आराम पा सकते है.स्वप्नदोष से बचने के लिए केले और दूध का उपयोग भी कर सकते है. इसके अतिरिक्त फलों में  मेथी के बीज का जूस और शहद, बादाम का दूध, आंवला के जूस और पाउडर भी इसके इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

स्वप्नदोष के लिए योग एवं पतंजलि दवा की जानकारी (nightfall yoga in hindi aur nightfall medicine hindi)

  • वज्रोली क्रिया-स्वप्नदोष को नियंत्रित करने का यह सबसे अच्छा योग है. दरअसल रात्रि में वीर्यपात के दौरान मस्तिष्क पेशाब व वीर्य में अंतर नही कर पाता है. इस कारण यह नियंत्रित नही हो पाता है. वीर्य कंट्रोल के लिए जब भी सोने से पूर्व पेशाब करे, जैसे ही पेशाब आने लगे रोक ले. फिर 6-7 सैकंड बाद पेशाब करे. यही क्रिया 2-3 बार अपनाएँ इससे आपकी नाड़ियो का कंट्रोल बढ़ेगा तथा स्वप्नदोष की समस्या से निजात पा सकते है.
  • कुंभक रेचक– यह श्वास नियंत्रित करने का योग है. जितना आपका सामर्थ्य है, उतनी सांस अपने अंदर भर ले. कुछ समय तक इसे फेफड़ों में रोके रखे, फिर धीरे धीरे नाक से छोड़े. यह क्रिया सुबह अथवा सांयकाल को 10-15 बार दोहराई जाए.
  • Nightfall problem solution in Hindi–  आंवले का मुरब्बा रोज़ खाने से स्वप्नदोष की बीमारी में आराम मिलता है. इसके अतिरिक्त नीम के पत्ते व कालीमिर्च का जोड़ भी फायदेमंद है. बाबा रामदेव की पतंजली स्टोर पर इस समस्या से जुड़ी कई दवाईयां व चूर्ण आसानी से उपलब्ध हो जाते है. जो पूरी तरह से आयुर्वेदिक होते है तथा उनके कोई साइडइफ़ेक्ट भी नही होते है.

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