एडिशनल डिग्री रीट 2018

एडिशनल डिग्री रीट 2018: इंग्लिश सब्जेक्ट से एडिशनल डिग्री से चयनित तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 के 4 से 5 हजार शिक्षकों को हाई कार्ट ने अयोग्य करार दिया हैं. एडिशनल डिग्री का पूरा मामला क्या हैं तथा क्यों शिक्षक भर्ती 2018 चयनित इन शिक्षकों को दो साल की नौकरी करने के बाद भी अपने सपनों के धूमिल होने की आहट सुनाई दे रही हैं. जानेगे इस लेख में.

मामला आज का नहीं हैं, अगस्त 2018 से एडिशनल डिग्री को लेकर कोर्ट में केस चल रहा हैं. हाल ही के दिनों में  न्यायालय ने सिंगल बैंच के निर्णय को यथावत रखते हुए, अपील खारिज कर दी थी. इस कारण यह मामला फिर से चर्चा में हैं. हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में वी एस सिराधना की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था.

[ यह माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच द्वारा दिए गये 35 पेज के फैसलें का एक छोटा सा अंश हैं.]

Additional Degree Reet 2018

अभ्यर्थी केवल एक वर्षीय एडिशनल डिग्री लेकर उस विषय के शिक्षक बनने के पात्र नहीं हो सकते हैं. याचिका कर्ताओं ने कोर्ट से कहा था UGC के नियमों के तहत ग्रेजुएशन कोर्स तीन वर्षीय होता हैं न कि एक वर्षीय एडिशनल डिग्री कोर्स नियम मुताबिक़ ग्रेजुएट अभ्यर्थी एक ऑप्शनल विषय के साथ अनिवार्य हैं.

रीट शिक्षक भर्ती 2018 में अंग्रेजी विषय के 9000 पदों पर बड़ी भर्ती में सरकार ने इंग्लिश एडिशनल का डबल बेंच में केस रनिंग होने के उपरान्त 50 रूपये के स्टाम्प पर लिखवाकर नियुक्ति दे दी थी. ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा था कि कई वर्षों के बाद अंग्रेजी और हिंदी में बड़े पदों पर विज्ञप्ति जारी हुई जिसके चलते इन विषयों में बड़ी तादाद में लोगों ने बीएड के पश्चात इंग्लिश एडिशनल स्नातक के लिए आवेदन कर दिया था.

एडिशनल डिग्रीधारियों के चलते हजारों पात्र अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका था. सरकार द्वारा एकल पीठ के आदेश के बावजूद एडिशनल डिग्री धारी उम्मीदवारों को नियुक्ति देना भी संदेह के घेरे में हैं. अमूमन सरकारें न्यायालय में विचारधीन मामलों में बेहद सतर्कता से निर्णय लेती हैं.

अब हम आपकों उस शपथ पत्र का प्रारूप भी बताते हैं, सरकार ने जिसके आधार पर 2018 लेवल 2 इंग्लिश एडिशनल के सभी शिक्षकों को नियुक्ति दी थी. इसमें साफ़ लिखा गया है कि नियुक्ति को हाई कोर्ट की डबल बेंच के निर्णय के अधीन नियुक्ति दी जा रही हैं, विपरीत आदेश आने की स्थिति में नियुक्ति पर अभ्यर्थी का कोई अधिकार नहीं रहेगा. उक्त स्टाम्प की आपको एक एक लाइन बताते हैं.

2018 लेवल 2 इंग्लिश एडिशनल

  1. मेरा चयन शिक्षक भर्ती 2016 संशोधित / शिक्षक भर्ती 2018 लेवल द्वितीय के अंतर्गत गैर अनुसूचित/ अनुसूचित क्षेत्र में स्नातक एडिशनल अंग्रेजी के आधार पर लेवल द्वितीय में अंग्रेजी के पद पर मेरिट क्रमांक…… पर चयन वर्ग……… में होकर जिला………… आवंटित किया गया हैं.
  2. मैं उक्त शिक्षक भर्ती हेतु जारी विज्ञप्तियों में उल्लेखित प्रावधानों एवं एनसीटीई की अधिसूचनाओं में वर्णित शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु न्यूनतम शैक्षिक एवं प्रशैक्षिक योग्यताएं पूर्ण करता/ करती हूँ.
  3. मेरे द्वारा चयनोंउपरान्त दस्तावेजों का सत्यापन करवाया गया व काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लिया गया तथा मुझे………… विद्यालय आवंटित किया गया हैं.
  4. मुझे पूर्णतया ज्ञात हैं कि स्नातक एडिशनल अंग्रेजी के सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायलय जयपुर द्वारा एसबी सिविल याचिका संख्या 10113/2017 धर्मेन्द्र कुमार भीचर व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य में पारित आदेश 21.08.2018 इंग्लिश एडिशनल योग्यता धारियों को अपात्र माना गया हैं तथा एकल पीठ के उक्त आदेश के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय जयपुर में डीबी स्पेशल अपील संख्या 1143/2018 एवं 1144/2018 विचाराधीन हैं तथा उक्त डीबी अपील में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 16.9.2018 के अधीन नियुक्ति प्रदान की जा रही हैं.
  5. मैं उक्त डीबी अपील में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अध्याधीन मुझे तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल द्वितीय अंग्रेजी विषय के पद पर दी जा रही नियुक्ति को सहमति प्रदान करता हूँ यदि उक्त डीबी अपील के सम्बंध में कोई विपरीत निर्णय होता है तो वर्तमान में दी जा रही नियुक्ति पर मेरा कोई अधिकार नहीं रहेगा.

उक्त शपथ पत्र में स्पष्ट तौर पर न्यायालय के आदेश के अंतरिम नियुक्ति में हर स्थिति में अभ्यर्थी की नौकरी कोर्ट निर्णय से प्रभावित होगी. निश्चित रूप से यदि सरकार द्वारा डबल बेंच के निर्णय को स्वीकार कर लिया जाता है तो यह दो वर्ष से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ खिलवाड़ होगा.वही यदि सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट ले जाती है तथा एक दो साल के लिए पल्ला झाड़ना चाहती हैं तो यह उन पात्र अभियर्थियो के साथ घोर अन्याय होगा जो एडिशनल डिग्रीधारियो के कारण चयन से वंचित हो गये थे. 

इस प्रकरण से प्रभावित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या इतनी बड़ी है कि सरकार उनके लिए न तो इतने पद सृजित कर सकती हैं न ही इतनी आसानी से उन्हें निकाल सकती हैं. हालांकि वर्तमान में वस्तु स्थिति यह हैं कि हाई कोर्ट ने एडिशनल डिग्री धारी को अपात्र मान लिया हैं. देखना रोचक होगा कि भविष्य में सरकार का क्या रुख रहेगा. [ Additional Degree Reet 2018 Level 2 English] 

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