एनल फिशर के कारण, लक्षण और उपचार Anal fissure in Hindi

एनल फिशर के कारण, लक्षण और उपचार Anal fissure in Hindi: मल कठोर होने के कारण जब गुदा मार्ग के अस्तर में  कोई कट या दरार आ जाता है तो उस परिस्थिति को एनल फिशर कहा जाता है। इसे हिंदी में गुदा विदर कहते हैं। बवासीर और भगंदर के बाद गुदा बीमारी से प्रभावित होने वाले लोगों में यह एक आम बीमारी बन चुकी है।

एनल फिशर के कारण, लक्षण और उपचार Anal fissure in Hindi

बदला हुआ रहन-सहन और खानपान में असंयम कब्ज सहित पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को जन्म देते हैं।  कब्ज के कारण व्यक्ति को मलत्याग करते समय अधिक प्रेशर लगाना पड़ता है। इससे गुदा मार्ग की मांसपेशियों में दरार आ जाता है। 

कब्ज न केवल एनल फिशर, बल्कि बवासीर और भगंदर होने का भी एक कारण है।  आज इस लेख में आप एनल फिशर होने के मूल कारण लक्षण एवं उसके इलाज विधि से परिचित होंगे।

एनल फिशर के कारण

निम्न कारण एनल फिशर को जन्म दे सकते हैं:

  • हार्ड स्टूल पास करने से।
  • कब्ज
  • क्रोनिक डायरिया
  • एनल सेक्स
  • महिलाएं बच्चे को जन्म देते समय इस समस्या से पीड़ित हो सकती हैं।

एनल फिशर के लक्षण

एनल फिशर होने पर रोगी को अपने एनल रीजन में निम्न लक्षणों का आभास हो सकता है-

  • मल त्याग करते समय दर्द और जलन
  • मल त्याग के बाद होने वाली जलन काफी देर तक बनी रहती है
  • गुदा की त्वचा के आस-पास कोई छोटा कट या दरार
  • लेट्रिन करते समय ब्लड निकलना

एनल फिशर की जाँच

एनल फिशर का उपचार करने से पहले उसका निदान करना बहुत आवश्यक है, यदि आपको गुदा क्षेत्र में तेज जलन और दर्द महसूस हो रहा है तो जांच के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर निम्न तकनीक में से किसी एक या अधिक का उपयोग करके एनल फिशर का निदान कर सकते हैं।

  • एनोस्कोपी
  • प्रोक्टोस्कोपी
  • सीटी स्कैन
  • एक्स रे
  • अल्ट्रासाउंड

एनल फिशर का इलाज

घरेलू उपचार

नीचे दिए गए घरेलू नुस्खे एनल फिशर का शुरुआती इलाज करने के लिए काफी हैं।

खूब पानी पिएं

मल को कोमल बनाने में पानी एक अहम भूमिका निभाता है। रोज 2 से 3 लीटर पानी पीकर आप पाचन से जुड़ी कई तरह की बीमारियों का अंत कर सकते हैं, जिसमें एनल फिशर, फिस्टुला और बवासीर भी शामिल है।

एलोवेरा जेल लगाएं

इसमें त्वचा को ठंडक प्रदान करने का गुण भरा पड़ा है, जो एनल फिशर के कारण होने वाले दर्द और जलन को काफी हद तक कम कर देता है और इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी गुदा में बैक्टीरियल निर्माण को रोककर त्वचा को हील करने में मदद करता है। कुछ दिनों तक यह उपचार आजमाने से एनल फिशर को ख़तम करना आसान है।

हल्दी का लेप

हल्दी और एलोवेरा जेल मिलाकर एक लेप तैयार करें और उसे गुदा विदर पर लगाएं। इसमें मौजूद एलोवेरा ठंडक प्रदान करेगा, जबकि हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुड़ बैक्टीरिया से लड़कर सूजन को कम करने में मदद करेंगे।

फाइबर वाला आहार खाएं

बहुत से लोग अपने खानपान में असंयमता बरतते हैं, यही वजह है कि उन्हें कब्ज और कठोर मल का सामना करना पड़ता है। मल कठोर होने की वजह से एनल टनल में कट आ जाता है। 

यदि आप अपने आहार में फाइबर को शामिल करते हैं और जंक एवं फ़ास्ट फूड आइटम को हटा देते हैं तो यह आपके गुदा क्षेत्र से जुड़ी बीमारी जैसे एनल फिशर को हील होने में मददगार होगा।

स्टूल सॉफ्टनर लें

यदि आपका मल जरूरत से अधिक कठोर है और वह कोई भी घरेलू उपचार अपनाने से ठीक नहीं हो रहा है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर किसी अच्छे स्टूल सॉफ्टनर का उपयोग कर सकते हैं। यह आपके मल को कोमल बनाकर एनल फिशर को खत्म करने में मदद करेगा।

दवाइयाँ

लक्षणों के आधार पर डॉक्टर एनल फिशर की कुछ दवाओं की सलाह दे सकते हैं। ये दवाइयाँ आप खुद से किसी ब्लॉग या इंटरनेट में जानकारी देखकर खरीदने से बचें।

दरअसल, एनल फिशर की गंभीरता, वजह और उसमें इन्फेक्शन आदि के स्टेटस की पड़ताल करने के बाद डॉक्टर एलोपैथिक दवाइयाँ लिखेंगे।

कुछ मामलों में कब्ज और मल को कोमल बनाने के लिए कुछ स्टूल सॉफ्टनर व लैक्सेटिव दिए जा सकते हैं।

जीवनशैली में परिवर्तन

आजकल लोगों का रहन-रहन इतना व्यस्त हो गया है कि वे अपने दैनिक जीवन की कुछ मूल एवं आवश्यक चीजें नहीं कर पाते हैं।

देर रात तक काम करने के कारण सुबह जल्दी उठ पाना मुश्किल हो जाता है, तो वहीं बिना नाश्ता किए ऑफिस जाने से पाचन और मेटाबोलिज्म में भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए सबसे पहले यह तय करें कि आपको सुबह जल्दी उठना है और मल के वेग को नहीं रोकना है।

हालांकि, इसके अलावा भी कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं, जिन्हें अपनाकर आप एनल फिशर से बचाव कर सकते हैं और उसे बढ़ने से रोक सकते हैं-

  • सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी जरूर पीएं।
  • 10 मिनट से लेकर आधा घंटा तक कोई भी योग या व्यायाम करें। दिनभर कुर्सी में बैठने वाले लोगों के लिए यह बहुत आवश्यक है।
  • सुबह नाश्ता करना न भूलें।
  • नाश्ते में कोशिश करें कि जंक फूड न हो। नाश्ते में फाइबर युक्त स्प्राउट्स आदि को शामिल कर सकते हैं।
  • लगातार एक ही जगह खड़े होने या बैठे रहने से बचें, ऑफिस में हर एक घंटा में कुछ मिनट का ब्रेक लेते रहें।
  • बाहर का खाने से बचें।
  • लैट्रिन में ज्यादा देर तक न बैठें।
  • क्रोनिक कब्ज या डायरिया से पीड़ित हैं तो बिना देरी किए डॉक्टर से उपचार करवाएं।

करवाएं सर्जरी

यदि एनल फिशर के कट्स बढ़ गए हैं और वह 8 सप्ताह से अधिक अवधि का हो गया है तो उपचार के लिए सर्जरी ही एक अच्छा विकल्प होता है।

एनल फिशर का उपचार करने के लिए कई तरह की सर्जिकल प्रक्रियाएं हैं। ओपन सर्जरी, उपचार करने की सबसे पुरानी प्रक्रिया है।

इस उपचार प्रक्रिया के बाद रोगी को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि आप इन सभी परेशानियों से बचना चाहते हैं तो आप एनल फिशर के लिए लेजर सर्जरी का चयन करें।

भारत में बहुत से हॉस्पिटल गुदा विदर की लेजर सर्जरी करते हैं, जिनमें से Pristyn Care एक अच्छा हेल्थकेयर है।

यह हेल्थकेयर प्रोवाइडर एनल फिशर के उपचार के दौरान रोगी को कई तरह की सुविधाएं भी देता है। साथ ही इनके पास 200 से अधिक अनुभवी डॉक्टर हैं जो भारत के 30 से अधिक शहरों में एनल फिशर का दर्द रहित लेजर उपचार करते हैं।

निष्कर्ष

गुदा मार्ग के अस्तर में कोई कट आ जाए तो उस समस्या को एनल फिशर कहते हैं। यह एक दर्दनाक गुदा रोग है। इसके उपचार की कई विधियाँ है। डॉक्टर निदान के बाद उचित विधि का चयन करते हैं। 

यदि सर्जरी की जरूरत पड़ती है तो लेजर प्रक्रिया का चयन करना चाहिए, क्योंकि इससे सर्जरी के दौरान कोई कट या ब्लीडिंग नहीं होती है और रोगी 2 दिन बाद अपने सभी साधारण काम कर सकता है।

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