मध्य प्रदेश पर कविता | Poem On Madhya Pradesh In Hindi

Poem On Madhya Pradesh In Hindi भारत के ह्रदय प्रदेश अर्थात मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश पर कविता आपके लिए लेकर आए हैं. बहु संस्कृतियों के संगम एमपी को मिनी वर्ल्ड भी कहा जाता हैं. सुनहरी प्राकृतिक छटा में बसे म.प्र. के बारे में Poem On Madhya Pradesh In Hindi में आपके लिए कुछ कविताएँ संग्रह की … Read more

सच बोलने पर कविता | Poem On Truth In Hindi

सच बोलने पर कविता | Poem On Truth In Hindi

Poem On Truth In Hindi: जीवन में truth and honesty का बड़ा महत्व हैं. Truth Poem सत्य बोलने पर हिंदी की कविता आज बच्चों के लिए लेकर आए हैं. बच्चों जीवन में झूठ कभी नहीं बोलना चाहिए. जहाँ तक संभव हो सत्य बोलने का प्रयत्न करना चाहिए. कक्षा 1,2,3, 4, 5, 6, 7, 8, 9,10 के स्टूडेंट्स के लिए … Read more

बच्चों के लिए कविता- नया समाज बनाएं | famous hindi poems for recitation competition

बच्चों के लिए कविता- नया समाज बनाएं | famous Hindi poems for recitation competition Recitation Competition के लिए यह देशभक्ति हिंदी पोएम कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8 के किड्स & स्टूडेंट्स के लिए हैं.  बच्चों के लिए देशभक्ति कविता, बच्चों के लिए गाँव पर कविता, बच्चों के लिए नारी पर कविता, बच्चों के लिए माँ-बाप पर कविता, बच्चों के … Read more

बेटी पर शायरी कविता कोट्स SMS | Shayari Poem Kavita Quotes SMS on Daughter In Hindi

Shayari Poem Kavita Quotes SMS on Daughter In Hindi बेटी ईश्वर का अनुपम उपहार है. जो भाग्यशाली माँ बाप को ही मिलती है. आज बेटियां घर की शान है, जब उन्हें घर से विदा किया जाता है तो वही घर सुना रह जाता है. माँ बाप की इन परियों को भलें ही कुछ लोग पुत्र मोह … Read more

विश्व जल दिवस पर कविता | poem on world water day in hindi

poem on world water day in Hindi:-  पानी पर कविता · जल पर कविता · हिन्दी कविता · पानी की बर्बादी · जल संरक्षण पर कविता ·Water Poems · Poems For Water · Save Water Save Life Poem पानी अगर नही तो जिंदगानी फिर कहाँ, जिंदगानी अगर नही तो कहानी फिर कहाँ कहानी अगर रही तो कह्बानी फिर कहाँ, कह्बानी अगर नही तो सुना … Read more

मृत्यु भोज पर कविता | मृत्यु भोज अभिशाप | Mrityubhoj PAR KAVITA

मृत्यु भोज पर कविता | मृत्यु भोज अभिशाप | Mrityubhoj PAR KAVITA जिस आँगन में पुत्र शोक से बिलख रही माता, वहाँ पहुच कर स्वाद जीव का तुमको कैसे भाता। पति के चिर वियोग में व्याकुल युवती विधवा रोती, बड़े चाव से पंगत खाते तुम्हें पीर नहीं होती। मरने वालों के प्रति अपना सद व्यहार … Read more

जागरण गीत हिंदी कविता | jagran geet in hindi

जागरण गीत हिंदी कविता | jagran geet in hindi अब न गहरी नींद में तुम सो सकोगे, गीत गाकर मै तुम्हे जगाने आ रहा हु। अतल अस्ताचल तुम्हे जाने ना दूंगा, अरुण उदयाचल सजाने आ रहा हूँ। कल्पना में आज तक उड़ते रहे तुम, साधना से सिहरकर मुड़ते रहे तुम। अब तुम्हे आकाश में उड़ने … Read more