सह शिक्षा का अर्थ व परिभाषा Co Education Meaning In Hindi Language

नमस्कार दोस्तों आज के आर्टिकल सह शिक्षा का अर्थ व परिभाषा Co Education Meaning In Hindi Language में हम सहशिक्षा के बारे में जानेगे. सह शिक्षा क्या है इसका अर्थ और परिभाषा को सरल शब्दों में इस लेख में समझने का प्रयास करेंगे.

सह शिक्षा का अर्थ व परिभाषा Co Education Meaning In Hindi

सह शिक्षा का अर्थ व परिभाषा Co Education Meaning In Hindi Language

सह-शिक्षा का अर्थ है लड़के और लड़कियों दोनों के लिए एक साथ शिक्षा । एक ही संस्थान और एक ही कक्षा में दोनों लिंगों की संयुक्त शिक्षा को सह-शिक्षा कहा जाता है।

यह एक सामाजिक व्यवस्था है क्योंकि लड़के और लड़कियां दोनों एक ही स्कूल और कॉलेज में एक ही शिक्षक के साथ पढ़ते हैं । इसके अलावा, लड़के और लड़कियों को एक ऐसे समाज में एक साथ रहना पड़ता है जिसमें बाद में जीवन होता है, और अगर वे शुरू से ही एक साथ पढ़ते हैं, तो वे एक-दूसरे को समझ सकते हैं।

पहला सह-शैक्षिक कॉलेज 3 दिसंबर, 1833 को ओबेरलिन, ओहियो में ओबेरलिन कॉलेजिएट इंस्टीट्यूट में 29 पुरुषों और 15 महिलाओं सहित 44 छात्रों के साथ स्थापित किया गया था।

हालांकि आजकल यह आम हो चुका है, सह-शिक्षा अतीत में एक बहुत ही विवादास्पद विचार था। यह धारणा कि महिला और पुरुष एक साथ सीख सकते हैं और एक दूसरे को शिक्षित करने में मदद कर सकते हैं, एक लंबी अवधि में विकसित हुई है।

co education को एजुकेशन को हिन्दी में सह-शिक्षा कहा जाता है. जिसका तात्पर्य एक ऐसी शिक्षक व्यवस्था से हैं जिसमें बिना लिंग भेद के लड़के व लड़कियाँ एक ही भवन की छत के नीचे बैठकर अध्ययन करते हैं. 

हम सभी बचपन में ऐसी प्रणाली के विद्यालयों से निकलकर आए हैं जिनमें कक्षा के अगले हिस्से में लड़कियों की बैठक व्यवस्था तथा पिछली पंक्तियों में लडकों के बैठने की व्यवस्था होती थी. इसे ही Co Education अथवा सह शिक्षा का नाम दिया जाता है. जिसमें बालक बालिकाओं को साथ साथ शिक्षा देने की व्यवस्था हो.

सह-शिक्षा का समर्थन

सह-शिक्षा का समर्थन करने वाले लोगों का तर्क हैं कि सह शिक्षा से बच्चों में व्यक्तित्व, नेतृत्व विकास के साथ-साथ संप्रेक्षण क्षमता का विकास होता हैं.

एक ही विद्यालय में समान विषयों की शिक्षा प्राप्त करने तथा समान गतिविधियों में भाग लेने से किशोर किशोरियों की आपसी समझ बढ़ती हैं. इस लिहाज से वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सह-शिक्षा का बड़ा महत्व हैं.

सह-शिक्षा प्राप्त करने से विद्यार्थी उन बालकों को तुलना में अधिक सफल पाए गये है जिन्हें किसी वर्ग विशेष के अलग स्कूलों  में पढ़ाया गया हैं.

जब स्त्री पुरुष को समाज में हर कार्य साथ मिलकर करना ही हैं तो इसकी शुरुआत हमारे प्राथमिक विद्यालयों से क्यों न की जाए, जिनमें उन्हें बालपन से एक ही तरह के वातावरण में शिक्षा दी जाए.

सह-शिक्षा का विरोध

भारत में सह शिक्षा की व्यवस्था कोई नई बात नहीं हैं बल्कि सदियों पुरानी व्यवस्था हैं, जिसके तहत प्राचीन काल में गुरुकुलों में बच्चे व बच्चियों को साथ साथ ही शिक्षा दी जाती थी.

मगर आज के कुछ मजहबी कट्टरपंथी अपनी ओछी सोच का परिचय देते हुए इसका विरोध इन तर्कों से करते हैं कि लड़के व लड़कियों को साथ शिक्षा देने से सरकार अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं.  अभिभावकों को अपने किशोर किशोरियों पर नजर रखनी चाहिए.

सह शिक्षा सही या गलत

बड़े बड़े विदेशी शिक्षण संस्थानों में पढ़े बुद्धिजीवी जिन तर्कों के आधार पर सह-शिक्षा का विरोध करते हैं इससे उनके विचारो का परिचय मिलता हैं. निश्चित ही वे भारतीय इतिहास तथा संस्कृति से अपरिचित हैं. साथ भारत की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की स्थिति से भी बेखबर प्रतीत होते हैं.

शिक्षा का आशय व्यक्ति के गुणों का विकास करना है न कि उनमें संकीर्ण मानसिकता के विचारों को पनपाना. शिक्षा व्यक्ति में संस्कारों का परिष्कार और परिमार्जन करती हैं. वे प्रतिभाओं को तराशती हैं. व्यक्तित्व के विकास के लिए शिक्षा बेहद जरुरी हैं. एक तरफ हम कहते हैं तमाम तरह के भेद अशिक्षा के चलते हैं. फिर शिक्षा में ही आप स्त्री पुरुष का भेद करने लगेगे तो यह कहा तक उचित हैं.

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दोस्तों आज का हमारा लेख सह शिक्षा का अर्थ व परिभाषा Co Education Meaning In Hindi Language के विषय पर था, यदि आपको सहशिक्षा के बारे में दी जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

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