आत्मविश्वास बढ़ाने वाली कहानियां Confidence story in Hindi

आत्मविश्वास बढ़ाने वाली कहानियां Confidence story in Hindi: “आत्मविश्वास ही वो कुंजी है, जिसके दम पर एक व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुंचाता है” वो आत्मविश्वास ही है जिसके दम पर लोग उन नामुमकिन जैसी चीजों को भी हासिल कर लेते हैं जिन्हें दुनिया मानती है कि यह कोई नहीं कर सकता।

आत्मविश्वास बढ़ाने वाली कहानियां Confidence story in Hindi

आत्मविश्वास बढ़ाने वाली कहानियां Confidence story in Hindi

इसलिए इतिहास उन महान पुरुषों की कहानियों से पटा पड़ा है जिन्होंने आत्मविश्वास के दम में वह कुछ हासिल किया जिसका लोग महज सपना ही देखते हैं।

आज हम आपको walt disney, Jeff bezos, और हैरी पॉटर किताब कि लेखिका jk rowling जैसे कुछ विरला लोगों के जीवन की सच्ची कहानियां सांझा कर रहे हैं।

 जो अपने एक छोटे से आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए बार फेल हुए, पर खुद पर विश्वास करने के इसी रहस्य से उन्हें आखिरकार सफलता मिल ही गई।

Walt Disney – Story Of Self Confidence In Hindi

बच्चों द्वारा देखे जाने वाले कार्टून जो लोगों को पेट पकड़ कर हंसने पर मजबूर कर देते हैं। उस कार्टून को Walt Disney ने अपने अकल्पनीय Creativity से बनाया था।

Walt Disney को animation की दुनिया में दिए गए उनके योगदान के लिए 22 बार ऑस्कर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

जो किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद सम्मान की बात है, पर यह सब उनके आत्मविश्वास के कारण ही मुमकिन हो पाया है।

Walt Disney का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उनका परिवार इतना ज्यादा गरीब था कि उनके पास खाने तक के लिए भी कोई पैसे नहीं थे। ‌ जिसके कारण वाल्ट डिजनी की पढ़ाई काफी देर से शुरू हुई। बचपन से ही वाल्ट डिजनी को ड्राइंग बनाने का बहुत शौक था।

वह हर जगह बस ड्राइंग ही बनाते रहते थे। एक बार तो उन्होंने अपने घर की दीवार पर अपनी बहन के साथ मिलकर चारकोल से ड्राइंग बना दी थी जिसके वजह से पूरा दीवार काला हो गया।

जिसे देखकर वाल्ट डिज्नी के पिता काफी गुस्सा हो गए। लेकिन इसके बाद भी वाल्ट डिजनी ने ड्राइंग करना नहीं छोड़ा वह अपने पड़ोसियों के घोड़ों की ड्राइंग बनाते थे।

एक बार तो डिज्नी द्वारा बनाई गई घोड़े की ड्राइंग एक व्यक्ति को इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने पैसे देकर इस ड्राइंग को खरीद लिया।

डिज्नी अक्सर सलून में जाकर ड्राइंग बनाया करते थे। जहां सलून के मालिक को डिज्नी की ड्राइंग बहुत अच्छी लगती थी। इसलिए वह उनके ड्राइंग को फ्रेम करवा कर रखते थे।

इतना ही नहीं सलून के मालिक बिना पैसे लिए ही डिज्नी के बाल काट दिया करते थे और जब उन्हें बाल कटवाने की जरूरत नहीं होती तब वे उन्हें उनकी ड्राइंग के बदले पैसे भी दे देते थे।

लेकिन डिज्नी यह ड्राइंग पैसे के लिए नहीं बनाते थे।‌ उन्हें यह अच्छा लगता था कि उनके द्वारा बनाए गए ड्राइंग को बहुत सारे लोग देखते थे और डिज्नी की तारीफ भी करते थे।

अपनी ड्राइंग को और बेहतर करने के लिए उन्होंने कई सारे आर्ट क्लासेस भी किए हैं। जब डिज्नी 18 साल के हुए तब उन्हें एक चित्रकार के तौर पर काम करना शुरु कर दिया।

क्योंकि डिज्नी ने अपने जीवन में बहुत सारे उतार-चढ़ाव देखे थे। लेकिन उन्हें जिस चीज पर सबसे ज्यादा विश्वास था वो थी उनकी ड्राइंग!

इसलिए जब उनके ड्राइंग की इंसल्ट करके उन्हें यह कहकर काम से निकाल दिया गया कि उनमें क्रिएटिविटी की कमी है। तब उन्हें यह चीज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुई और 1920 शुरुआत में वाल्ट डिजनी ने खुद की कंपनी खोलने का निश्चय किया।

उन्होंने Laugh O Gram Studio नाम की एक कंपनी बनाई। लेकिन यह कंपनी चली नहीं और इस कंपनी का दिवाला निकल गया। इस समय वाल्ट डिजनी के साथ कोई नहीं था। ना तो उनके शेयरहोल्डर्स! ना तो उनका परिवार!

उनके जेब में सिर्फ $20 थे और मन में यह विश्वास कि वह अच्छी ड्राइंग बनाते हैं और एक दिन वह एनिमेशन की दुनिया में कुछ बड़ा काम करेंगे। वाल्ट डिजनी को अपनी ड्राइंग पर सबसे ज्यादा यकीन था।

इसलिए उन्होंने अपने भाई के द्वारा बचा कर रखे गए $2000 से Disney Brothers Studio नाम की एक कंपनी खोली।

इस कंपनी की शुरुआत में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि वाल्ट डिजनी ने ट्रेन में अचानक एक दिन सफर करते हुए एक चूहे के आकार जैसी कार्टून बनाई।

अपनी पत्नी के कहने पर उन्होंने इस कार्टून का नाम Mickey mouse रखा।

उनके इस कार्टून को लोगों ने पब्लिश करने से मना कर दिया। एनिमेशन करने वाले लोगों ने वाल्ट डिज्नी के कार्टून को बेकार बताया।

लेकिन वाल्ट डिजनी को मिकी माउस पर पूरा यकीन था। इसीलिए उन्होंने खुद ही मिकी माउस कार्टून के एनिमेशन पर काम करना शुरू कर दिया और मिकी माउस की पहली झलक लोगों को मैनहैट्टन में दिखाया।

वाल्ट डिजनी के इस कार्टून को लोगों ने बहुत ज्यादा पसंद किया। फिर इस कार्टून के ऊपर कई सारे फिल्म बनाए गए और उनके इस कार्टून पर किताबें भी लिखी गई।

इस कार्टून के बाद वाल्ट डिज्नी की पूरी जिंदगी बदल गई और उन्होंने बहुत ज्यादा पैसे कमाए। मिकी माउस के सक्सेस के बाद डिज्नी ने अपने कंपनी का नाम Disney Brothers Studio से बदलकर The Walt Disney Company रखी।

इसके बाद वाल्ट डिजनी ने कार्टून की दुनिया में कई सारे कैरेक्टर्स जैसे Snow White and the Seven Dwarfs, Pinocchio, Fantasia, Dumbo और Bambi बनाई जो लोगों को ना सिर्फ पसंद आई बल्कि आज भी लोग इन्हें देखना बहुत पसंद करते हैं।

वाल्ट डिजनी के इन कार्टून कैरक्टर्स के ऊपर कई फिल्में भी बनाई जा चुकी हैं।

इस तरह वाल्ट डिजनी ने अपने जीवन में कई सारे उतार-चढ़ाव देखे लेकिन उन्हें हमेशा से यह विश्वास था कि 1 दिन अपनी ड्राइंग से कार्टून की दुनिया में नई क्रांति ला देंगे और ऐसा ही हुआ।

कामयाबी सिर्फ अपने आप नहीं आती बल्कि कामयाबी लानी पड़ती है, उसके लिए काबिल बनना पड़ता है। और यह तभी हो सकता है जब एक इंसान को अपने ऊपर पूरा भरोसा हो।

आत्मविश्वास से ही लोगों के मन में यह विश्वास आता है कि वह 1 दिन सफलता हासिल कर सकते हैं।

Confidence Story of Billionaire women writer

इस कहानी में हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिनके किताब की ऊपर बनाई गई फिल्म हर उम्र के बच्चों को पसंद आती है। हम बात कर रहे हैं Harry Potter की लेखिका JK Rowling के बारे में! 

JK Rowling दुनिया के सबसे मशहूर राइटर में जानी जाती हैं। JK Rowling दुनिया की पहली ऐसी लेखिका हैं जिन्होंने किताब लिखकर अरबों में पैसे कमाए हैं। यह सफलता उन्हें रातोंरात नहीं मिली थी। 

उनके द्वारा लिखी गई किताब हैरी पॉटर के रिलीज होने से पहले JK Rowling की स्थिति बहुत ही खराब थी। 

उनकी स्थिति इतनी ज्यादा खराब थी कि वह आत्महत्या करने वाली थी। लेकिन कहते हैं ना जिंदगी के संघर्षों से लड़ने से ज्यादा आसान मौत है! और मौत का कदम अक्सर कमजोर लोग ही उठाते हैं। 

लेकिन JK Rowling कमजोर लोगों में से नहीं थी। वे जीवन के संघर्ष से लड़ना चाहती थी। उन्हें अपने ऊपर पूरा विश्वास था कि 1 दिन उन्हें सफलता जरूर मिलेगी और इसी आत्मविश्वास ने उनके सपने को पूरा कर दिया। 

JK Rowling को बचपन से ही लिखने का बहुत शौक था वह बचपन से ही अलग-अलग तरह की अजीब अजीब सी कहानियां लिखती रहती थी। कहानियां लिख लिखकर वह अपनी बहन को सुनाती थी। 

JK Rowling एक बहुत गरीब परिवार से थी जिसके कारण उन्हें हमेशा से ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। JK Rowling अपनी मां के बहुत करीब थी। 

अपने बचपन में ‌JK Rowling ने बहुत दुख देखे थे। जब भी वह दुखी होती है तो लिखने के लिए बैठ जाती है। उन्हें लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता था। 

जब JK Rowling badi हुई तब उन्हें एक लड़के से प्यार हो गया और फिर उन्होंने उससे शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद JK Rowling की एक बेटी हुई। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही JK Rowling ने घरेलू तनाव से परेशान होकर अपने पति से तलाक ले लिया। 

जिसके बाद JK Rowling एक सिंगल मदर बन चुकी थी। अपने साथ-साथ अपनी बेटी का ध्यान रखना उनके लिए बहुत मुश्किल था। इन सभी बुरे हालातों में भी उन्होंने लिखना बंद नहीं किया था। 

इन सभी घटनाओं के कुछ समय बाद JK Rowling की जिंदगी के सबसे करीबी उनकी मां की भी मृत्यु हो गई, जिससे वह पूरी तरह से टूट चुकी थी। 

लेकिन क्या करें जिंदगी है तो जीना तो होगा ही! मौत भी तो जिंदगी का एक हिस्सा ही है।। इसीलिए JK Rowling ने फिर से जीवन जीने का निश्चय किया। 

यह वह समय था जब वह अपनी पहली किताब Harry Potter and the philosopher’s stone लिख रही थी। परिवार को चलाने के लिए 

JK Rowling दिन भर लिखती और फिर रात में इंग्लिश टीचर का काम करती है। 

इस तरह काफी महीने बीत गए और फाइनली उन्होंने अपनी किताब पूरी कर ली। किताब लिखने के बाद जब JK Rowling बुक पब्लिश कराने के लिए जब पब्लिशर के पास गई तब सभी पब्लिशर ने उनकी किताब को बेकार बताकर छापने से मना कर दिया। 

लेकिन एक पब्लिशर को उनके किताब में पोटेंशियल नजर आई और उन्होंने किताब छापने की मंजूरी दे दी। जिसके बाद JK Rowling की पहली किताब छपी। 

Harry Potter and the philosopher’s stone बुक जब रिलीज हुई तो रिलीज होने के 1 सप्ताह के अंदर ही इस किताब की millions कॉपी बिक चुकी थी। 

इस तरह एक किताब लिख कर JK Rowling ने इतने पैसे कमाए जितना उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। JK Rowling द्वारा लिखी गई इस किताब पर हॉलीवुड में द फेमस मूवी Harry Potter बनाई गई है। 

और फिर Jk Rowling के द्वारा लिखी गई 8 किताबों पर 7 हॉलीवुड फिल्म बन चुकी है। 

इसलिए तो कहते हैं ना अगर आपको खुद के काम पर यकीन है तो आप एक दिन जरुर सफल होंगे। ऐसा ही कुछ 

JK Rowling के साथ भी हुआ। 

Confidence story of bookseller businessman

Jeff Bezos एक ऐसे शख्स हैं जिन्होंने अपने आत्मविश्वास से ही सफलता हासिल की है। अगर जैफ बेजॉस को अपने ऊपर यकीन नहीं होता तो कभी भी अपनी जिंदगी में इतनी सफलता प्राप्त नहीं कर पाते। 

अपने आत्मविश्वास के कारण ही उन्होंने अपनी जिंदगी में सबसे बड़ा रिक्स लिया और उसी रिक्स ने आज उन्हें दुनिया के सबसे अमीर आदमियों की सूची में लाकर खड़ा कर दिया है। 

जैफ बेजॉस की जिंदगी की आत्मविश्वास की कहानी हर उस इंसान को प्रेरणा देती है। जो अपनी जिंदगी में एक अच्छा मुकाम हासिल करना चाहते हैं। 

जैफ बेजॉस पढ़ाई करने में बहुत ही अच्छे थे इसी वजह से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद हुए एक बैंक में अच्छे पोस्ट पर काम कर रहे थे। 

लेकिन जैफ बेजॉस को अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा और बेमिसाल करना था। साथ ही साथ उन्हें किताबें पढ़ने का भी बहुत शौक था वह हमेशा अलग अलग तरह की किताबें पढ़ा करते थे। 

एक दिन अचानक किताबों से ही सम्बन्धित एक जबरदस्त idea उनके दिमाग में आया। उन्होंने यह आइडिया अपनी पत्नी को बताया। उनकी पत्नी ने भी जैफ के आईडिया पर विश्वास किया। 

अपने नए स्टार्टअप आइडिया पर काम करने के लिए जैफ ने बैंक में अच्छी तनख्वाह वाली जॉब को भी छोड़ दिया था। क्योंकि उन्हें यकीन था कि इस आइडिया से वह खूब पैसे कमा सकते हैं। 

उन्होंने अपने स्टार्टअप की शुरुआत अपने घर के गैराज से ही की। जैफ ने सोचा कि क्यों ना लोगों को ऑनलाइन किताबे बेचने का बिजनेस शुरू किया जाए?

क्योंकि दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें किताब पढ़ने का शौक है लेकिन उन्हें किताबें मिल नहीं पाती इसलिए उन्होंने amazon.in के नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया। 

शुरुआत में जैफ बेजॉस ने सिर्फ किताबें ही बेची उनके द्वारा किया गया यह काम लोगों को काफी अच्छा लगा और कुछ समय में यह काफी फेमस भी हो गया। 

उसके बाद धीरे-धीरे जैफ बेजॉस ने अमेजॉन पर दूसरे सामानों को बेचना शुरू किया। जिससे दिन प्रतिदिन उन्हें लोगों का साथ मिलता रहा और उनका बिजनेस काफी बड़ा हो गया। 

जैफ बेजॉस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह हमेशा नई-नई चीजें ट्राई करते रहते हैं। उसी का नतीजा है कि उन्होंने Amazon prime, Amazon Kindle बनाया और आज सुई से लेकर व्यक्ति की जरूरत का सब सामान अमेजॉन पर मिल जाता है।

इस तरह एक छोटी से गैराज से शुरू किए गए उनके बिजनेस की बदौलत वह वर्तमान में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल हो चुके है।

अतः उनके आत्मविश्वास ने उन्हें इतनी तरक्की दी, जितना उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। 

अगर आप भी अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहते हैं! उपरोक्त कहानियां हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी ही कठिन परिस्थितियां क्यों ना आ जाए यदि हमें अपनी काबिलियत, मेहनत पर पूरा भरोसा है तो 1 दिन सफलता अवश्य हमारे कदम चूमती है।

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