धनतेरस 2022 कथा हिंदी में | Dhanteras katha In Hindi

धनतेरस 2022 कथा हिंदी में Dhanteras katha In Hindi: धनतेरस का त्योहार दिवाली आने की पूर्व सूचना देता हैं. 2022 में धनतेरस 22 अक्टूबर की डेट को हैं. यह कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता हैं. इस दिन घर में लक्ष्मी का आवास मानते हैं. धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वन्तरि वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए धनतेरस को  धन्वन्तरि जयंती भी कहा जाता हैं. यहाँ हम धनतेरस की स्टोरी व्रत कथा पढ़ेगे.

धनतेरस 2022 कथा हिंदी में | Dhanteras katha In Hindi

धनतेरस 2022 कथा हिंदी में Dhanteras katha In Hindi

धनतेरस 2022 व्रत कथा व महत्व (Dhanteras 2021 date, Vrat Katha, significance In Hindi): एक दिन भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए भूमंडल पर आये. कुछ देर बाद लक्ष्मी से बोले- कि मैं दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूँ तुम उधर मत देखना, यह कह ज्योही भगवान ने राह पकड़ी ज्योही लक्ष्मी पीछे पीछे चल पड़ी. कुछ ही दूर सरसों का खेत दिखाई दिया.

उसके बाद ऊख का खेत दिखाई दिया. वही लक्ष्मीजी ने श्रृंगार किया और ऊख तोड़कर चूसने लगी. तत्क्षण भगवान लौटे और यह देखकर लक्ष्मी जी पर क्रोधित होकर श्राप दिया- कि जिस किसान का यह खेत है 13 वर्ष तक उसकी सेवा करो.

ऐसा कहकर भगवान क्षीरसागर में चले गये और लक्ष्मी किसान के यहाँ जाकर उसे धन धान्य से पूर्ण कर दिया. तत्पश्चात 12 वर्ष के बाद लक्ष्मीजी जाने के लिए तैयार हुई किन्तु किसान ने रोक लिया. भगवान जब किसान के यहाँ लक्ष्मी को बुलाने आए तो किसान ने लक्ष्मी को जाने नही दिया.

तब भगवान बोले तुम परिवार सहित गंगा में जाकर स्नान करो और इन कोड़ियों को भी जल में छोड़ देना. जब तक तुम नही लोटोगे तब तक मैं नही जाउगा. किसान ने ऐसा ही किया.

जैसे ही उसने गंगा में कौड़िया डाली वैसे ही गंगा में चार चतुर्भुज निकले और कौड़ियाँ लेकर जाने लगे. तब किसान ने ऐसा आश्चर्य देखकर किसान से पूछा कि ये चार भुजाएँ किसकी थी. गंगाजी ने बताया कि हे किसान वे चारों हाथ मेरे ही थे, तूने जो कौड़ियाँ भेट की हैं, वे किसकी दी हुई हैं.

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किसान बोला- मेरे घर में दो सज्जन आए है, वे ही दिए हैं. गंगा जी बोली- तुम्हारे घर जो स्त्री है वह लक्ष्मी है तथा पुरुष भगवान विष्णु हैं. तुम लक्ष्मी को जाने न देना, नही तो तुम पुनः उसी भांति निर्धन हो जाओगे. यह सुन जब वह घर लौटा तो भगवान से बोला कि- मैं लक्ष्मीजी को नही जाने दूंगा.

तब भगवान ने किसान को समझाया कि इनकों मेरा श्राप था जो बारह वर्ष से तुम्हारी सेवा कर रही थी. फिर लक्ष्मी चंचल होती हैं इनकों बड़े बड़े नही रोक सके. किसान ने हठपूर्वक पुनः कहा- नही, अब लक्ष्मीजी को नही जाने दूंगा.

इस पर लक्ष्मीजी ने स्वयं कहा कि हे किसान. यदि तुम मुझे रोकना चाहते हो तो सुनों. कल तेरस हैं, तुम अपना घर स्वच्छ रखों. रात्रि में घी का दीपक जलाकर रखना जब मैं तुम्हारे घर आउगी. उस समय तुम मेरी पूजा करना, किन्तु मैं तुम्हे दिखाई नही दूंगी.

किसान ने कहा- ठीक हैं, मैं वैसा ही करुगा. इतना कहा और सुन लेने के बाद लक्ष्मी जी दशो दिशाओं में फ़ैल गई, भगवान देखते ही रह गये.

दूसरे दिन किसान ने लक्ष्मी के कथनानुसार पूजन किया, उसका घर धन धान्य से पूर्ण हो गया. इसी भांति वह हर वर्ष धनतेरस के दिन लक्ष्मी की पूजा करने लगा. उस किसान को ऐसा करते देखकर कितने ही लोग धनतेरस की पूजा करना शुरू कर दिए.

क्यों मनाते है धनतेरस, इस दिन क्या करें और कैसे करें धनतेरस की पूजा

क्यों मनाते है धनतेरस, इस दिन क्या करें और कैसे करें धनतेरस की पूजा Dhanteras in hindi : दीपावली से ठीक दो दिन पहले कार्तिक मॉस की त्रयोदशी को धनतेरस का त्यौहार आता है. इस दिन लोग अपने घर में कोई नई वस्तु लाते है. ऐसा मानना है की इस दिन घर में कुछ भी नया लाना शुभ माना जाता है. धन को सभी चीजों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है.

कहते भी है ना “पहला सुख निरोगी काया, दूसरा सुख घर में माया”. शरीर के बाद धन को महत्व दिया गया है. इसलिए इस दिन लोग धन के देवता कुबेर की पूजा करते है और जिससे भगवान कुबेर प्रसन्न हो और घर में धन-धान्य आये और सब स्वस्थ रहे. आज हम आपको इस पोस्ट में बताएँगे की धनतेरस क्यों मनाते है और धनतेरस के दिन क्या करना चाहिए और कैसे करें धनतेरस की पूजा?

क्यों मनाते है धनतेरस? (Why Celebrate Dhanteras)

पुराणों में कहा गया है की इस दिन भगवान धनवन्तरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसके बारे में एक कथा भी प्रचलित है की जब सारे देवता राजा बलि से डरते थे तब भगवान विष्णु वामन का रूप लेकर राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुँच गए. भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान करने को कहा.

राजा बलि बहुत ही दानवीर राजा था. उसके दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता था. उन्होंने हाथ में कलश लेकर संकल्प लिया. तब भगवान वामन ने एक पग में पूरी धरती और दुसरे पग में अन्तरिक्ष को नाप लिया. अब तीसरा पग रखने के लिए जगह नहीं बची तो राजा बलि ने अपना सर आगे कर दिया.

भगवान वामन की चाल को शुक्राचार्य समझ गए थे और शुक्राचार्य ने राजा बलि को रोका भी था लेकिन राजा नहीं माने. तब शुक्राचार्य ने संकल्प के दौरान कमंडल में अपना छोटा रूप बनाकर छुप गये, जिसकी वजह से संकल्प के दौरान जल बाहर नहीं आया. लेकिन भगवान विष्णु समझ गए थे की यह शुक्राचार्य की चाल है और उन्होंने कलश को इस तरह पकड़ा की शुक्राचार्य की आँख फुट गयी और वे दर्द से तिलमिलाकर बाहर आ गए.

इस तरह राजा बलि से देवताओं को मुक्ति मिली और जो धन-सम्पदा देवताओं से लुट ली गयी थी, उससे कई गुना ज्यादा उन्हें वापिस मिल गयी. इस वजह से भी धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है.

धनतेरस के दिन क्या करें? (What To Do On Dhanteras)

धनतेरस के दिन घर में 13 दिए जलाने चाहिए. इस दिन नए बर्तन, सोना-चांदी आदि खरीदना शुभ माना जाता है. धनतेरस के दिन भगवान कुबेर, यमराज और धनवंतरी की पूजा की जाती है. इस दिन कांच, नुकीली चीजें, तेल की वस्तुएं आदि नहीं खरीदनी चाहिए.

कैसे करें धनतेरस की पूजा? (How to Worship Dhanteras)

इस दिन सबसे पहले मिट्टी का हाथी और भगवान धनवंतरी का फोटो लगायें. चांदी या तांबे के बर्तन से जल का आचमन करें. भगवान गणेश की पूजा करे, क्योंकि सभी देवताओं में भगवान गणेश को पहले पूजा जाता है. हाथ में अक्षत-फुल लेकर भगवान धनवंतरी का ध्यान करें.

इस धनतेरस 2022 क्या खरीदे और क्या नहीं खरीदे

धन तेरस पर क्या खरीदे सबसे कंफ्यूजन वाला सवाल है. दीवाली आने वाली है और उससे ठीक पहले आने वाली है धनतेरस. धनतेरस को धन की तेरस कहा जाता है. इस दिन भगवान धनवंतरी अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे. पुराणों में कहा गया है की इस दिन घर में अच्छी चीजें लाने से घर में धन का वास होता है.

आपने अक्सर कहते भी सुना होगा की इस बार फ्रीज़, कूलर, टीवी आदि धनतेरस के दिन ही लायेंगे. इस दिन बाज़ार में भरी भीड़ होती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल आता है की आखिर धनतेरस के दिन क्या खरीदे और क्या ना खरीदे.

हम लोग शुभ और अशुभ को बहुत मानते है. ऐसे में कौनसी चीजें घर में लाना शुभ हो सकता और कौनसी चीजों को घर में लाना अशुभ हो सकता है. आज हम इस पोस्ट में आपको ऐसी चीजों के बारे में बताएँगे जिनको घर में लाना शुभ होता है और उन चीजों के नाम भी बताएँगे जिनको घर में लाना अशुभ होता है.

धनतेरस पर क्या खरीदे? (What do you buy on Dhanteras)

  1. शंख :- धनतेरस पर शंख लाना शुभ माना जाता है. इससे घर में लक्ष्मी जी का वास होता है. हम शुभ कार्यों में शंख बजाकर शुभ कार्यों का आगाज करते है.
  2. रुद्राक्ष की माला :- धनतेरस के दिन रुद्राक्ष की माला खरीदना शुभ माना जाता है. रुद्राक्ष शिव की प्रिय चीजों में से एक है.
  3. सोना-चांदी :- इस दिन लोग शगुन के रूप में सोना-चांदी खरीदते है. सोना मुश्किल घड़ी में सबसे ज्यादा काम आने वाली चीज है. ऐसा मानना है की इस दिन धन खरीदने पर घर में धन की वृद्दि होती है.
  4. मूर्तियाँ :- भगवान गणेश जी और लक्ष्मी जी की पूजा करने के लिए इस दिन मूर्तियाँ भी खरीदी जाती है.
  5. धनिये के बीज :- ऐसी मान्यता है की इस दिन लोग धनिये के बीज खरीदते है और दिवाली के बाद अपने खेतों में इस बो देते है, क्योंकि बीज उन्नति और धन के प्रतीक होते है.
  6. इलेक्ट्रॉनिक सामन :- इस दिन लोग मोबाइल, टीवी, फ्रीज़, वाशिंग-मशीन आदि इलेक्ट्रॉनिक चीजें खरीदते है. यह विलासितापूर्ण जीवन जीने का प्रतीक है.

धनतेरस पर यह चीजें भूलकर भी ना खरीदे? (Do not buy these things at Dhanteras)

  1. कांच की वस्तु :- कांच का सीधा संबध राहू से होता है, इसलिए भूलकर भी कांच की चीजें का खरीदे.
  2. एलुमिनियम के बर्तन :- एलुमिनियम के बर्तनों से सभी ग्रह प्रभावित होते है.
  3. काले रंग की वस्तुएं
  4. तेल की वस्तुएं
  5. नुकीला सामान, चाकू, कैंची आदि.

यह पोस्ट पढ़कर आप जान गए होंगे की आपको धनतेरस के दिन कौनसी चीजें खरीदनी चाहिए और कौनसी चीजें भूलकर भी नहीं खरीदनी चाहिए. अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करे और अपने विचार दे.

धनतेरस कब है टोटके | Dhanteras 2022 In Hindi

Dhanteras 2022 In Hindi, When Is Dhanteras Totke And What To Buy-धनतेरस दीपावली के ठीक दो दिन पूर्व मनाई जाने वाली तिथि और उपपर्व है. जिन्हें धनत्रयोदशी भी कहा जाता है. इस दिन भारतीय चिकित्सा पद्दति के जन्मदाता भगवान धन्वन्तरी का जन्म दिन भी है.

भारत सरकार ने भी इन्हें राष्ट्रिय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है. धनतेरस के अवसर पर कीमती वस्तुओं और आभूषणों का खरीदा जाना शुभ मानते है. कहते है इस दिन जो भी खरीदा जाता है वो तेरह गुना बढ़ जाता है. इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए गहने व् आभूषणों के साथ साथ धनियाँ और लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की खरीददारी भी बड़े पैमाने पर की जाती है.

दिवाली का पर्व पांच दिन तक चलता है जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. इस वर्ष धनतेरस 2022 का दिन 22 अक्टूबर को है. इस दिन भगवान् धन्वन्तरी, यमदेवता और कुबेर की पूजा का प्रावधान है. काल की दिशा कही जाने वाली दक्षिण दिशा में इस दिन दीपक का मुह कर जलाया जाता है. लगभग सम्पूर्ण भारत में एक ही दिन कार्तिक महिने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन यह मनाया जाता है.

धनतेरस पूजा मुहूर्त और समय (Dhanteras 2022 Puja Muhurt and Time)

Dhanteras Puja मुहूर्त लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता है. जो तक़रीबन ढाई घंटे की अवधि का रहता है. जो 07 बजकर 01 मिनट से आरम्भ होकर रात 08 बजकर 17 मिनट तक चलेगा. इस समयावधि के दौरान पूजा पाठ और दीप जलाना श्रेयस्कर है.धनतेरस 2022 क्या है शुभ मुहूर्त कब से कब तक हैं यह भी जान लीजिए.

  • धनतेरस पूजन मुर्हुत – 07 बजकर 01 मिनट
  • समाप्त- 08 बजकर 17 मिनट

विभिन्न ज्योतिषीयों और काल कैलेंडर के अनुसार समय में स्थान के अनुसार कुछ बदलाव भी हो सकता है. इस दिन कुबेर की पूजा अच्छे मुहूर्त के अनुसार ही की जानी चाहिए. चौघड़िया मुहूर्त अकसर सभी समान नही हुआ करते है. मगर कहा जाता हैं यदि धनतेरस के दिन यदि प्रदोष काल के स्थिर लग्न में पूजा की जाती है तो लक्ष्मी उसके घर ठहर जाती है.

धनतेरस पर क्या खरीदें (What to Buy on Dhanteras 2022)

Kuber को धन का देवता माना जाता है. Dhanteras 2022 का पर्व भी इन्ही को समर्पित है आपने कई जगहों पर पढ़ा होगा कि Dhanteras के दिन यदि इन चीजो की खरीददारी की तो जिन्दगी में कभी पैसे धन की कमी नही रहेगी, दूसरी तरफ कुछ चीजे ऐसी भी बताई जाती है जिसकी खरीददारी कम से कम इस दिन तो करने से बचना चाहिए. चलिए आपकों एक एक कर बताते है कि त्रयोदशी के दिन क्या क्या खरीदें और क्या नही.

  • सोना चांदी और पीतल धातु की बनी किसी वस्तु बर्तन या सिक्के खरीद्ना धनतेरस के दिन शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो कीमती वस्तु खरीदी जाती है वो जीवन में आपकों तेरह गुणा फायदा देती है. इसलिए आप कोई भी इन धातु से निर्मित उपकरण, सिक्का, आभूषण खरीद सकते है.
  • बहुत से लोग इस दिन माँ लक्ष्मी और प्रथम पूज्य गणेश जी की प्रतिमा या मूर्ति की खरीददारी भी करते है. मिटटी या किसी धातु की बनी मूर्ति खरीदने से परिवार में वर्ष भर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद बना रहता है. लोग इस दिन झाड़ू की खरीददारी करना भी शुभ मानते है. नया झाड़ू लाने से साल भर आपस के रिश्तो व परिवार के सदस्यों के बिच फैली नकारात्मक भावना का नाश होकर नई उर्जा का संचार होता है.
  • धातु की चीजों में पानी पीने या रखने का बर्तन, किसी धातु का बना दीपक, कटोरी, घंटी या खाना बनाने का कोई बर्तन जिसका हम दैनिक जीवन में अधिकतर उपयोग करते है खरीदा जाना अच्छा माना जाता है. इसके अतिरिक्त कुबेर की तस्वीर और धनिया खरीद्ना भी शुभ माना जाता है.

धनतेरस पर टोटके (Dhanteras 2022 Ke Totke In Hindi)

मुख्यतः व्यापारी वर्ग धनतेरस के दिन कुबेर और लक्ष्मी की पूजा के साथ साथ कुछ टोटके और चमत्कारी उपाय भी करते है. जो उनके कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होते है आप भी धन प्राप्ति के टोटके देख रहे है तो हम आपकों कुछ Dhanteras 2022 ke Chamatkari Tone Totke or Upay बता रहे है जिनका प्रयोग जरुर करे.

धनतेरस से संबंधित कई टोटके हैं जिसे अगर आप करते हैं तो निश्चित ही आपको फायदा होता है। अगर आपको धन संपत्ति प्राप्ति की कामना है तो धनतेरस की शाम को आपको धन्वंतरी भगवान की पूजा करने के पश्चात एक भोजपत्र लेना चाहिए और अनार की कलम के द्वारा आपको भोजपत्र पर स्वास्तिक का निशान बनाना चाहिए।

उसके पश्चात आपको भोजपत्र पर ₹1 का एक सिक्का रखना चाहिए और एक सुपारी ले करके उस पर रोली धागा लपेट करके रखना चाहिए। अब आपको धन्वंतरी भगवान की स्तुति करनी चाहिए। उसके पश्चात माता लक्ष्मी जी और गणेश भगवान की भी स्तुति करनी चाहिए और विधिवत उस भोजपत्र पर रखे हुए सामान की पूजा करनी चाहिए।

पूजा करने के पश्चात आपको भोजपत्र और ऊपर रखी हुई सभी सामग्री को लाल कपड़े में डालकर पोटली बना लेनी चाहिए। इसके बाद आपको इसे अपने दुकान पर रखकर पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से ग्राहक में बढ़ोतरी होती है और लक्ष्मी आकर्षित होती है।

  • कुछ लोग सुबह उठने के बाद किसी का मुह देखने से पूर्व अपना हाथ देखतें है. ऐसा माना जाता कि अपना हाथ रोजाना देखने से सकारात्मक उर्जा मिलती है.
  • चमगादड़ के रहने वाले पेड़ के कुछ पत्ते या टहनी अपने घर जरुर रखे.
  • धन तेरस के दिन उपवास रखना चाहिए तथा भोजन करने से पूर्व पहला निवाला गाय के लिए निकाले.
  • इस दिन वृक्षारोपण अवश्य करे संभव हो तो केले का एक पौधा जरुर लगाए.
  • पीड़ित दीन दुखी की धनतेरस के दिन दिल खोलकर आर्थिक मदद करे ऐसा करने से कई गुना सम्पति आपकों प्राप्त हो सकती है.
  • इस दिन सफेद रंग की वस्तुए या बर्तन दान करने चाहिए.
  • धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र लाए और इन्हे मंत्रोच्चार के साथ सन्दुक या अलमारी में सहेज कर रखे.

धनतेरस का महत्व (Importance of Dhanteras 2022)

दीपावली हिंदुओ का मुख्य त्यौहार है जो पांच दिन तक चलता है जिनमे धनतेरस, रूप चौदश, (छोटी दीपावली) दीपावली, भाई दूज और गौवर्धन पूजा मुख्य है.

धनतेरस के दिन ही लोग अधिकतर खरीददारी करते है. इस दिन गहने और आभूषण के साथ साथ लक्ष्मी व् गणेश जी की मूर्तियों की खरीददारी भी होती है. इस दिन लोग विभिन्न धार्मिक क्रिया कर्म भी करते है.

FAQ: 

Q: धनतेरस पर क्या किया जाता है?

ANS: धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है और सोने चांदी के आइटम खरीदे जाते हैं।

Q: 2022 में धनतेरस कब है?

ANS: 2022 में धनतेरस 23 अक्टूबर के दिन है।

Q: धनतेरस पर क्या करना शुभ होता है?

ANS: घर की सफाई करना

Q: धनतेरस कब मनाया जाता है?

ANS: दिवाली के 1 दिन पहले

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों धनतेरस 2022 कथा हिंदी में Dhanteras katha In Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा. यदि आपको इस लेख में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने फ्रेड्स के साथ जरुर शेयर करें.

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