विश्व मधुमेह दिवस पर निबंध World Diabetes Day Essay In Hindi

विश्व मधुमेह दिवस पर निबंध World Diabetes Day Essay In Hindi 14 नवम्बर को हर साल वर्ल्ड डायबीटीज डे मनाया जाता हैं. आज का निबंध सरल भाषा में मधुमेह की बिमारी और मधुमेह दिवस पर दिया गया हैं. यहाँ जानेगे कि यह बिमारी क्या है इसे प्रभाव और उपचार क्या हैं. उम्मीद करते है आपको ये निबंध पसंद आएगा.

विश्व मधुमेह दिवस पर निबंध World Diabetes Day Essay In Hindi

विश्व मधुमेह दिवस पर निबंध World Diabetes Day Essay In Hindi

डायबिटीज को हम शुगर, मधुमेह आदि नाम से भी जानते है. कई लोग डायबिटीज को एक गंभीर बीमारी मानते है. अब तक यह माना गया है की डायबिटीज होने के बाद मरीज का जीवन ओसतन 7-8 साल कम हो जाता है.

लेकिन अब दुनियाभर में डायबिटीज को लेकर सोच बदल रही है. अगर डायबिटीज को सही से मैनेज किया जाए तो यह 8 साल जीवन और बढ़ा सकती है.

इसके लिए अधिक वजन को कम करना होगा, शुगर जांच नियमित करनी होगी, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करना होगा, नींद पूरी लेनी होगी, तनाव पर नियंत्रित रखना होगा आदि.

यदि हम ऐसा करते है तो हम डायबिटीज पर जीत हासिल कर सकते है. आईये आज डायबिटीज डे पर डायबिटीज से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जानते है.

इंसुलिन को लेकर सच

भ्रम:- टाइप-1 के अलावा करीब 25% टाइप-2 मरीजों को भी इंसुलिन की जरूरत पड़ती है. डायबिटीज के करीब 90% मरीज इंसुलिन का नाम सुनते ही घबरा जाते है. ज्यादातर मरीज यह मानते है की अगर एक बार इंसुलिन लेना शुरू कर दिया तो इसकी आदत पड़ जाएगी. इंसुलिन फिर कभी बंद नहीं होगी. उन्हें लगता है की इंसुलिन का इंजेक्शन लगाना दर्दभर होगा

सच्चाई:- शुगर नार्मल होने पर इंसुलिन बंद कर दी जाती है. अगर बंद नहीं होती है तो यह मरीजों की आदत नहीं बल्कि उनकी जरूरत है. इंसुलिन इंजेक्शन पतली सुई के आते है, दर्द का पता ही नहीं चलता है. इसे खुद ही लगाया जाता है. इंसुलिन इंजेक्शन पेन का इस्तेमाल करना बेहद आसान है.

इन तीन बातों का ध्यान रखें

  • A1C 7 फीसदी के नीचे रखें: पिछले कुछ महीनों की शुगर की स्थिति को पता करने के लिए यह टेस्ट होता है. इसे हमेशा 7% के नीचे रखें. 6% से हर एक फीसदी उपर होने पर डायबिटीज के दुष्प्रभाव बढ़ने लगते है.
  • ब्लड प्रेशर 140-180 के नीचे रखें: डायबिटीज के करीब 60% लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है. इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे हमेशा 140/180 के बीच रखें.
  • कोलेस्ट्रोल LDL 70 से नीचे रखें: कोलेस्ट्रोल का विशेष ध्यान रखें. LDL को 70 के नीचे रखें. साल में दो बार इसकी जांच कराएँ.

विश्व मधुमेह दिवस 14 नवंबर 2021

अगामी 14 नवंबर विश्व मधुमेह दिवस 2021 हैं -मधुमेह तेजी बढ़ रहा भयकर रोग हैं जो युवा से वृद किसी उम्र के व्यक्ति को हो सकता हैं| मधुमेह जिन्हें डायबिटीज भी कहा जाता हैं|

आमजन में इसके प्रति जागरूकता बढाने के उद्देश्य से WHO और विश्व मधुमेह संघ की पहल पर 14 नवम्बर को प्रतिवर्ष vishwa madhumeha divas के रूप में मनाने का निर्णय किया|

इस दिन विश्व के सभी देशो में इस रोग के प्रति जागरूकता बढाने और मधुमेह के सम्बन्ध में जानकारी देकर उन्हें शिक्षित किया जाए| आज के लेख में आपकों इस दिवस के इतिहास मनाने के कारण और इनके परिणामो पर सक्षिप्त चर्चा करेगे|

विश्व मधुमेह दिवस का इतिहास

यह विश्व मधुमेह दिवस आखिर 14 नवम्बर के दिन ही मनाना क्यों शुरू किया| आपकों बता दे प्रसिद्ध जीव विज्ञानी चाटर्रा बेन्टिंग का जन्मदिन हैं|

चाटर्रा बेन्टिंग ने बेंट के साथ मिलकर कनाडा के एक शहर में वर्ष 1921 में इन्सुलिन हार्मोन की खोज की थी| उनके इस महान आविष्कार को याद रखने के लिए विश्व मधुमेह संघ ने इस दिन को मनाने के लिए इसी तारीख को चुना|

1991 में इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई| जिस दिन इस बेहद खतरनाक बिमारी के बारे में लोगों को जाग्रत किया जाता हैं| पिछले 26 वर्षो से एक नए विषय और थीम के साथ विश्व मधुमेह दिवस का आयोजन विश्व के सभी देशो में किया जाता हैं|

फ्रेडरिक बैटिंग एवं चार्ल्स बेस्ट की इस महत्वपूर्ण देंन के लिए इन्हे विज्ञान क्षेत्र में नोबल पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया| इस दिवस को मनाने के लिए आरम्भिक वर्षो में “यिन और याँग” प्रतीक के रूप में उपयोग किया गया हैं| जो चीनी संस्क्रति का अहम हिस्सा हैं तथा प्रकृति संतुलन की ओर इशारा करता हैं|

विश्व मधुमेह दिवस का प्रयोजन

आपकों बता दे पैनक्रियाज ग्रन्थि हमारे शरीर में ग्लूकोज बनाने और इसका निस्तारण करने का कार्य करती हैं| शरीर में ग्लूकोज की कमी से मधुमेह जिन्हें डायबीटीज रोग भी कहा जाता हैं|

व्यक्ति इसकी सपेट में आ जाता हैं| इस समस्या से बचने के लिए वैज्ञानिको ने इन्सुलिन की खोज की जो इसके निस्तारण में मिल का पत्थर साबित हुआ हैं|

यदि हम भारत में मधुमेह रोगियों की स्थति पर नजर डाले तो आकड़े बेहद भयानक और चौकाने वाले हैं| 1991 में भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या 2 करोड़ के आस-पास थी|

जो अगले 15 वर्ष यानि 2006 में बढ़कर 4 करोड़ 20 लाख हो गईं| एक अनुमान के मुताबिक अगले 13 वर्षो में इनकी संख्या बढ़कर 9 करोड़ हो सकती हैं|

भारत मधुमेह के रोग से पीड़ित सबसे बड़ा देश हैं| यदि इससे प्रभावित लोगों के निवास स्थान पर गौर करे तो डायबिटीज के अधिकतर केस शहरी क्षेत्र से ही आते हैं| गाँवों में इसके रोगियों की संख्या बेहद कम रही हैं|

जो अब बेहताशा रूप से बढ़ रही हैं|इस रोग के प्रभावों पर गौर करे तो आने वाले समय में यह भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकती हैं| विश्व मधुमेह दिवस पर अनेक संस्थाए इस विषय पर हमेशा से चौकन्ना रहने की बात करती हैं| इनकी बातो पर गौर करने की आवश्यकता हैं|

मधुमेह रोग के घातक प्रभाव

  • इस रोग के पुरे शरीर में फैलने पर इसका अटैक किसी भी अंग पर हो सकता हैं|
  • उच्च स्तर का मधुमेह आपकों विकलांग या किसी अंग से विच्छेद की समस्या को जन्म दे सकता हैं|
  • इसके बुरे प्रभाव से बड़ी संख्या में रोगियों के निम्न अंगो का विच्छेदन करना पड़ता हैं|
  • इसके कारण किडनी खराब हो सकती हैं, हार्ट अटैक आ सकता हैं|
  • पैरो की ग्रंथि खराब हो सकती हैं,
  • वर्तमान में बड़ी संख्या में लोगों के आँखों की रौशनी कम होना या चली जाने का कारण मधुमेह रोग ही हैं|
  • कम से कम हमे विश्व मधुमेह दिवस के सकारात्मक पहलुओ पर विचार कर उनमे सहयोग करना चाहिए|
  • क्युकि इससे सबसे बड़े पीड़ित तो हम ही हैं|
  • डायबिटीज रोग किसी भी उम्र के पड़ाव में हो सकता हैं|
  • अधिकतर यह 15 वर्ष के बाद ही आरम्भ होता है|
  • जिसकी समस्याए 35 वर्ष के बाद मोटे तौर पर नजर आने लगती हैं|
  • ये खर्चीली बिमारी हैं|
  • जिसके उपचार के लिए हमे लम्बे समय तक दवाइया लेनी पड़ती हैं|
  • डायबिटीज रोग के कारण हमारी खान-पान हमारी दिनचर्या और दिन भर आलसी बने रहने की जीवनशैली इसके मुख्य कारण हैं,
  • विश्व मधुमेह दिवस पर लोगों को इस रोग के बारे में अवेयरनेस सिखाए|
  • यदि किसी को भी इस रोग की तकलीफ या शंका हो तो
  • घर बैठे रहने की बजाय अच्छे चिकित्सक को दिखाए
  • और समय पर इलाज करवाकर इसके दुष्परिणाम से बचा जा सकता हैं|
  • यदि आपको विश्व मधुमेह दिवस पर यह जानकारी अच्छी लगी हो तो

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इन 6 अंगों को होता है डायबिटीज से सबसे ज्यादा खतरा

किडनी, दिल, दिमाग, आँखे, दांत और पैर इन अंगो को डायबिटीज से सबसे ज्यादा खतरा रहता है.

यह आदतें बन सकती है डायबिटीज की वजह

  • एक शोध के अनुसार दिन में 6 कप कॉफ़ी पीना डायबिटीज के खतरे को 33 फीसदी कम कर देता है. इसलिए कॉफ़ी पीना बंद ना करें.
  • तेज धुप से खुद को बचाना जरुरी है, लेकिन हल्की धुप जरुर ले. जिनमे विटामीन D की कमी होती है उन्हें डायबिटीज होने की आशंका ज्यादा रहती है.
  • देर रात तक जागने वाले लोग इस बीमारी के चपेट में आ सकते है.
  • डायबिटीज के मरीज रात 8 या 9 बजे के बाद खाना खाते है तो उन्हें हार्ट डिसीज का खतरा 36 फीसदी अधिक होता है.

मधुमेह क्या है

डायबिटीज को ही मधुमेह कहा जाता है. यह शरीर की कई बीमारियों का समूह है. पाचनक्रिया में अनियमितता व शरीर में शर्करा की मात्रा हो जाने से डायबिटीज रोग हो जाता है. diabetes home remedies जानने से पूर्व आपकों इस रोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य व जानकारी का भी ध्यान रखना चाहिए.

डायबिटीज तीन टाइप का होता है. इसके मुख्य लक्षणों में बार बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बार बार भूख लगना बड़े लक्षण है. यदि इस बिमारी का पता चलने के साथ ही इलाज नही कराया जाता है, तो यह आपके जीवन में तबाही ला सकती है. तथा यहाँ तक की डायबिटीज के रोगी की मृत्यु भी हो सकती है.

डायबिटीज का घरेलू उपचार

मधुमेह इतनी लायलाज बिमारी नही है, यदि पीड़ित व्यक्ति अपनी खान पान व नुकसानदायक चीजों से परहेज रखे तो डायबिटीज को जड़ से खत्म किया जा सकता है. रोगी को विशेष कर अपनी खान पान पर ध्यान देना चाहिए, उन्हें हमेशा से कम भोजन लेने की आदत डालनी चाहिए.

यदि आपके परिवार में कोई डायबिटीज पोजिटिव है तो उन्हें बार बार प्यास लगने पर नींबू पानी दे, तथा दिन में बार बार भूख लगने पर खीरे का सलाद अथवा हल्का भोजन दे.

इस बिमारी के दौरान पीड़ित व्यक्ति की आँखों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसके लिए उन्हें गाजर व पालक का रस जरुर पिलाए, ताकि उनकी आँखों को कोई नुकसान नही पहुच सके.

घरेलू नुस्खे व दवाई बता रहे है. जिनका सही उपयोग करके डायबिटीज का घर पर सफल इलाज किया जा सकता है. यदि पूर्व से पीड़ित किसी तरह की डायबिटीज मेडिसिन ले रहे है तो उन्हें यह घरेलू इलाज करने से पूर्व एक बार डॉक्टर से अवश्य परामर्श कर लेना चाहिए.

ताकि स्वास्थ्य से सम्बन्धित किसी तरह की कोई समस्या न हो. यदि आपकों लगता है. आपके साथ डायबिटीज के सभी लक्षण मिल रहे है. तो आप home remedies for diabetes में से किसी एक उपाय को अपना कर देख सकते है.

डायबिटीज (मधुमेह) के नए या पुराने रोगी को मीठे शुगर वाले पदार्थों का सेवन नही करना चाहिए. इस रोग में धीरे-धीरे पैदल चलना तथा प्रातःकालीन सैर अवश्य करनी चाहिए.

  1. जामुन की गुठली 5 तोला, सोंठ 5 तोला, गुडमार बूटी 10 तोला इन सबकों कूटकर पीसकर ग्वारपांठे के रस में घोंटकर 4-4 रति की गोलिया बना ले. इन्हें दिन में तीन बार पानी के साथ सेवन करते रहने से डायबिटीज रोग शीघ्र दूर हो जाता है.
  2. जामुन के चार हरे और नर्म पते खूब बारीक कर 60 ग्राम पानी में रगड़ छानकर प्रातः दस दिन तक लगातार पीये . तत्पश्चात हर दो महीने के बाद दस दिन तक ले. मधुमेह (डायबिटीज) दूर करने की यह अति उत्तम औषधि है.
  3. रोग की प्ररम्भिक अवस्था में जामुन के चार पते प्रातः तथा से चबाकर खाने से तीसरे दिन ही मधुमेह में लाभ होगा.
  4. अच्छी पकी हुई 60 ग्राम जामुनों को 300 ग्राम उबलते हुए पानी में डालकर भांप दे. आधे घंटे बाद मसलकर छान ले. इसके तीन भाग करके एक एक मात्रा दिन में तीन बार पीने से रोगी के मूत्र में शर्करा बहुत कम हो जाती है. नियमपूर्वक कुछ समय तक सेवन करते रहने से रोगी बिलकुल ठीक हो जाता है.
  5. करेला का सेवन भी मधुमेह में लाभकारी है.
  6. जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका चूर्ण बना ले. 2 चमच्च प्रातः पानी के साथ सेवन कर 21 दिन तक ले. अवश्य लाभ होगा.
  7. मेथी दाना 6 ग्राम थोड़ा कूट ले और सायं को पानी में भिगों दे. प्रातः इसे खूब घोटे और बिना पानी मिलाएं पियें. दो माह तक सेवन करने से डायबिटीज (मधुमेह) नाम का रोग दूर हो जाता है.

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