बैंक पर निबंध । Essay On Bank In Hindi

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Essay On Bank In Hindi

बैंक पर निबंध । Essay On Bank In Hindi

बैंक पर निबंध (250 शब्द)

बैंक का दूसरा अर्थ काउंटर या फिर बेंच भी होता है और यह यूरोपीय भाषा की देन है। इटली देश में 14वी शताब्दी के आसपास में बैंकिंग सिस्टम की स्टार्टिंग हुई थी और हमारे भारत देश में बैंकिंग प्रणाली की शुरुआत होने में काफी समय लग गया। हमारे भारत देश में 19वीं शताब्दी के आसपास में बैंकिंग प्रणाली की स्टार्टिंग हुई थी। देश की अर्थव्यवस्था के संचालन में बैंक भी काफी अहम किरदार निभाती है क्योंकि बैंक के द्वारा ग्राहकों को भी और बिजनेस को भी अलग-अलग इंपॉर्टेंट सेवाएं ऑफर की जाती है।

बैंक पर जनता काफी भरोसा करती है और इसीलिए जनता अपनी मेहनत की कमाई बैंक में जमा करके रखती है, क्योंकि उसे पता होता है कि उसकी कमाई बैंक में सुरक्षित है। जनता के द्वारा बैंक में जो पैसे जमा किए जाते हैं, उस पर जनता को बैंक की तरफ से ब्याज भी दिया जाता है। वर्तमान के समय में हमारे पैसे के लेनदेन के काम बैंक के ऊपर ही डिपेंड हो गए हैं।

बैंक के कई प्रकार हमारे देश में मौजूद है, जैसे कि व्यापारिक बैंक, औद्योगिक बैंक, कृषि बैंक, सहकारी बैंक, केंद्रीय बैंक और विदेशी विनियम बैंक। बैंक के द्वारा हम अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर सकते हैं क्योंकि बैंक के द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जाती है जिनमें हम अपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते हैं और उस पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं।

गवर्नमेंट भी बैंक का इस्तेमाल लाभार्थियों को उनके पैसे पहुंचाने के लिए करती है। आज गवर्नमेंट के द्वारा चलाई जाने वाली ऐसी कई योजनाएं हैं जिनका फायदा डायरेक्ट कस्टमर को उनके बैंक अकाउंट में मिलता है। ग्राहकों की अलग-अलग आवश्यकताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी बैंक के ऊपर होती है। किसी ग्राहक को अगर अपना बिजनेस चालू करना है तो वह बैंक से लोन ले सकता है और स्वरोजगार प्राप्त कर सकता है।

बैंक पर निबंध (500  शब्द)

दुनिया के अधिकतर लोकतांत्रिक देशों में बैंक मौजूद है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण वित्तीय इंस्टिट्यूट होता है और किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बैंक का काफी अहम किरदार होता है। वर्तमान के समय में अधिकतर लोगों के पैसे के लेनदेन के काम बैंक के द्वारा ही होते हैं। बैंक के द्वारा कस्टमर की सुविधा को देखते हुए कई प्रकार के ऑफर कस्टमर को दिए जाते हैं जिस में मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए पैसे ट्रांसफर करना, चेक की डिमांड करना इत्यादि सर्विस शामिल है।

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सबसे पहले बैंकिंग सिस्टम की शुरुआत यूरोप के देशों में हुई थी और उसके बाद यह दुनिया के दूसरे देशों में धीरे-धीरे फैल गई। हमारे भारत देश में विभिन्न प्रकार की बैंक है, जिनमें से कुछ बैंक गवर्नमेंट है तो कुछ बैंक प्राइवेट बैंक है। बैंकों के द्वारा ग्राहकों को उनके आवश्यक काम को करने के लिए लोन दिया जाता है जैसे कि घर बनाने का लोन, कार खरीदने का लोन, इलाज कराने का लोन, पढ़ाई कराने का लोन, जमीन खरीदने का लोन इत्यादि।

इसके अलावा किसानों के लिए बैंक के द्वारा केसीसी योजनाएं भी चलाई जाती है जिसके अंतर्गत किसान सस्ती ब्याज दर पर लोन प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही बैंक एफडी की सुविधा भी देती है जिसमें कस्टमर अपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते हैं और इन्वेस्ट किए गए पैसे पर ब्याज कमा सकते हैं।

बैंक में हर काम को हैंडल करने के लिए अलग-अलग कर्मचारी रखे जाते हैं। किसी कर्मचारी का काम लोन की फाइल को पास करना होता है तो किसी कर्मचारी का काम बैंक की सुरक्षा करना होता है। बैंक में काम करने वाले हर कर्मचारी की सैलरी अलग-अलग होती है परंतु सबसे अधिक सैलरी बैंक के मैनेजर की होती है।

साल 1406 में इटली देश के जिनेवा शहर में सबसे पहली बार बैंक की स्थापना की गई थी जिसका नाम सेंट जॉर्ज बैंक था और हमारे भारत देश में 19वीं शताब्दी के आसपास में बैंकिंग सिस्टम प्रणाली की शुरुआत हुई थी। इंडिया में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के द्वारा बैंक ऑफ मुंबई, बैंक ऑफ मद्रास और बैंक ऑफ कोलकाता की स्टार्टिंग हुई थी।

अर्थव्यवस्था के नजरिए से बैंक को अलग-अलग क्षेत्र में बांटा गया है जिसमें मुख्य तौर पर 6 क्षेत्र होते हैं जैसे कि औद्योगिक बैंक, व्यापारिक बैंक, कृषि बैंक, विदेशी विनियम बैंक, केंद्रीय बैंक, बचत बैंक।

केंद्रीय बैंक को देश का सर्वोच्च बैंक कहा जाता है जिसमें देश में मौजूद सभी प्रकार की नोटों की छपाई का काम होता है। बैंक कस्टमर को अपने पैसे को बैंक में जमा करने का मौका देती है और उस पर कस्टमर को ब्याज भी देती है। इसके अलावा बैंक कस्टमर को लॉकर की सर्विस भी देती है जिसमें कस्टमर अपने आवश्यक डॉक्यूमेंट और कीमती चीजों को रख सकते हैं। बैंक के द्वारा कस्टमर को क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भी दिया जाता है साथ ही उन्हें इंश्योरेंस की सर्विस भी दी जाती है। 

700 शब्दों में बैंक पर दीर्घ निबंध

बैंक एस्से इन हिंदी : बैंक आधुनिक समय मे एक महत्वपूर्ण संस्थान है जिससे हमारा दैनिक जीवन पूरी निर्भर हो चूका है। बैंक के माध्यम से ही धन का लेन देन किया जाता है। पैसों के आदान प्रदान बैंकिंग व्यवस्था के बिना सम्भव ही नहीं है। प्रत्येक देश का अपना एक बैंकिंग सिस्टम होता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैंक भी होते है। जो वैदेशिक मुद्रा विनिमय की भूमिका का निर्वहन करते है।

हमारी आर्थिक व्यवस्था में बैंकों की अहम भूमिका हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपनी बचत राशि को बैंक खाते में जमा करवा सकता है। तथा उसे आवश्यकता पड़ने पर कभी भी निकाल सकता है। बैंक व्यापार, कृषि, निर्माण तथा शिक्षा के लिए लोन भी देते है।

बैंक अपने ग्राहकों को जमा पूंजी की न केवल सुरक्षा देता है बल्कि उस पर ब्याज भी देता हैं । बैंकिंग व्यवस्था के इसी लाभ के कारण अधिकतर लोग इसे अपनाते है। साथ ही आजकल के बैंक अपने ग्राहकों को पैसे जमा कराने तथा निकालने की अनेक सुविधाए प्रदान करते है जिससे वे 24 घण्टे लाभान्वित हो सके।

बैंक अपनी सेवाएं उन्ही को देता है जो उनके रजिस्टर्ड ग्राहक है। सरल अर्थों में बैंक की सेवाओं का लाभ वही व्यक्ति ले सकता है जिसके पास बैंक खाता है, जो आजकल निशुल्क भी खोले जा रहै है। बैंक द्वारा ग्राहक को एक खाता संख्या तथा बैंक डायरी के साथ एटीएम, चेक बुक तथा क्रेडिट कार्ड सेवाएं भी दी जाती है।

बैक खाता मुख्यतः दो प्रकार का होता है जिन्हें बचत खाता और चालू खाता कहा जाता है। बैंक द्वारा ग्राहक को आसानी से धन निकासी के लिए एटीएम कार्ड दिया जाता है, जिसकी मदद से सार्वजनिक स्थलों पर लगी एटीएम मशीन से धन निकासी की जा सकती हैं।

सभी बैंकों के एटीएम सप्ताह के सातों दिन 24 घण्टे खुले रहते है। बैंकिंग सेवा में एटीएम मशीन आने के बाद ग्राहक बिना बैंक जाए धन निकाल पाने में समर्थ हुआ है। हमारे समाज में बैंक एक महत्वपूर्ण संस्था है यह जरूरतमंद लोगों को ऋण भी उपलब्ध करवाता है। ऋण अदायगी की क्षमता के आंकलन के  बाद ही बैंक किसी व्यक्ति को लोन जारी करता है।

विश्व में बैंकिंग व्यवस्था का इतिहास लगभग छह सौ वर्ष पुराना हैं। 14 वीं सदी में सबसे पहले इटली से बैंकिंग की शुरुआत हुई थी। पुराने समय में प्रचलित लेनदारी व देनदारी की अवधारणा पर बैंकों की प्रणाली को विकसित किया गया।

प्राचीनकाल में भारत मे वस्तु विनिमय की प्रथा प्रचलित थी। एक व्यक्ति अपनी वस्तु के बदले आवश्यक वस्तु प्राप्त करते थे। मुद्रा के चलन के बाद इसने मुद्रा विनिमय के स्वरूप को ले लिया। भारतीय समाज मे साहूकारों व बनियों द्वारा बैंकर के रूप में कार्य किया जाता था। खासकर किसान आदि बनियों से ब्याज पर धन उधार लेते थे। बदले में अनाज, जमीन आदि के रूप में अदायगी करते थे।

विश्व के कई क्षेत्रों में ऐसे राजवंश हुए है, जिन्होंने इस व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप तक लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फागर्स, मेडिसिंस, बिरेनबर्गस, रोथ सिचलस आदि का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ स्कॉटलैंड 17 वीं सदी में स्थापित विश्व के सबसे प्राचीनतम बैंक माने जाते है।

यदि हम भारत में बैंकिंग व्यवस्था के इतिहास की बात करे तो वैदिक काल के ऋण पत्रों के आधार पर कहा जा सकता है कि हमारे देश मे बैंकिंग व्यवस्था का इतिहास सदियों पुराना है। इन ऋण लेखों पर ब्याज पर दिए गए धन तिथि व्यक्ति आदि का ब्यौरा लिखा जाता था। जो आजकल के बैंक लोन एग्रीमेंट के रूप मे उपयोग करते है।

उस समय के बड़े सेठ साहूकार तथा व्यापारी किसानों, मजदूरों एवं कम आय वाले जरूरतमंद लोगों को ब्याज पर ऋण दिया करते थे। जो व्यक्ति उधार दी गई यह रकम समय पर अदा नही कर पाता था उनके द्वारा ऋण की सुरक्षा में गिरवी रखे धन, जमीन जेवरात आदि को जब्त कर लिया जाता था। आज के बैंक भी डिफॉल्टर के साथ ऐसा ही करते है।

ब्रिटिश उपनिवेशिक काल में भारत में पहला बैंक 1770 ई में बैंक ऑफ हिंदुस्तान नाम से कलकत्ता में खोला गया था। यह भारत का पहला व्यवस्थित बैंक था , अगले 100 वर्षों में देश के तीन महानगरों कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास में तीन बैंकों की स्थापना की गई थी।

व्यक्ति के जीवन तथा देश की अर्थव्यवस्था में बैंक का बड़ा महत्व है। बैंक का सबसे बड़ा लाभ धन की सुरक्षा अर्थात चोरी डकैती आदि के भय से मुक्ति है। घर पर धन आदि के चोरी होने का भय हमेशा बना रहता है। अब बैंक में न केवल धन को सुरक्षित कर सकते है बल्कि गहने, कीमती कागजात आदि को लॉकर की सुविधा से बैंक में जमा करवाया जा सकता हैं।

इस तरह निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता है धन हमारे लिए जितना सुरक्षा का कारण है उतना भय का भी बैंक न केवल हमारे धन को सुरक्षित रखते है बल्कि इसके बदले ब्याज भी देते है तथा आवश्यकता पड़ने पर ऋण भी देते हैं। हमे अधिक से अधिक बैंकिंग सेवाओ का लाभ लेने की आवश्यकता हैं।

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2 thoughts on “बैंक पर निबंध । Essay On Bank In Hindi”

  1. मैंने आपके बहुत सारे आर्टिकल पढ़े है, आप बहुत ही सटीक जानकारी देते है। ये बहुत ही अच्छी जानकारी है। इसको पढ़ कर मुझे इससे जुडी सारि चीज़े पता चल गयी।

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