बास्केटबॉल पर निबंध – Essay on Basketball In Hindi

बास्केटबॉल पर निबंध Essay on Basketball In Hindi में हमने बास्केटबॉल के बारें में सम्पूर्ण जानकारी दी हैं. बास्केट बॉल की जानकारी से पूर्ण यह निबंध विधार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगा. इस आर्टिकल में हमने बास्केटबाल के बारें (information about basketball in hindi) में एडवांस जानकारी देने की कोशिश की हैं, जो किसी नए खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी.

बास्केटबॉल पर निबंध – Essay on Basketball In Hindi

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बास्केटबॉल पर निबंध – Essay on Basketball In Hindi

इस निबंध के अंत में हमने कुछ प्रश्नों को भी रखा हैं जहाँ बास्केटबॉल के बारें में आपको महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलेंगे.

बास्केटबॉल खेल क्या होता हैं

what is basketball game in Hindi: बास्केटबॉल दो टीमों के बीच खेला जाने वाला एक खेल हैं, जिसको एक बॉल से खेला जाता हैं. खिलाड़ी हाथों से बॉल को ड्रिबल करते हुए एक 10 फीट ऊँची बंधी हुई जाली में बॉल को डालते हैं, जिसे बास्केट (टोकरी) कहा जाता हैं.

जो टीम ज्यादा बार बॉल को बास्केट में डालती हैं, अंत में वह टीम जीत जाती हैं.

बास्केटबॉल का इतिहास

सबसे पहले 1891 में जेम्स नाइस्मिथ ने बास्केटबॉल गेम का अविष्कार किया था. जेम्स नाइस्मिथ कनाडा मूल के रहने वाले थे. हालाँकि शुरुआत में यह गेम कोई विशेष नियमों पर आधारित नहीं था.

जब शुरू शुरू में बास्केटबॉल का अविष्कार हुआ तब मैदान, टीम और नियमों का कोई विशेष प्रतिबन्ध नही था. 1895 में आपसी सहमती से खिलाडियों की संख्या पांच निर्धारित की गयी.

बहुत जल्दी ही यह खेल यूरोपियन देशों के साथ साथ भारत जापान में 1900 तक पहुँच चूका था. एस्टोनिया, लिथुआनिया, सर्बिया, फिलीपींस देशो का राष्ट्रीय खेल बास्केटबॉल हैं.

बास्केटबॉल कोर्ट मेज़रमेंट

Basketball गेम को एक इनडोर कोर्ट में खेला जाता हैं, जहाँ मैदान के दोनों और 10 फीट की ऊंचाई पर दो बास्केट लगी होती हैं. इन दोनों बास्केटस के बीच में मैदान होता हैं, जिसे कोर्ट कहते हैं.

  • कोर्ट की लम्बाई – 26-28 मीटर (स्थान के अनुसार) कोर्ट की चौड़ाई –  14-15 मीटर
  • बास्केटबॉल कोर्ट का कुल क्षेत्रफल – 420 वर्ग मीटर
  • बॉर्डर या रन ऑफ – 2 मीटर

बास्केटबॉल मैदान से सम्बन्धित महत्वपूर्ण शब्द

  • कोर्ट – बास्केटबॉल के मैदान को कोर्ट कहा जाता हैं.
  • बास्केट – बेसलाइन से 1.2 मीटर कोर्ट की तरफ बनाई स्टैंड जहाँ खिलाड़ी बॉल को शूट करते हैं.
  • साइडलाइन – कोर्ट की लम्बाई के समान्तर दोनों ओर दो मीटर तक की लम्बाई साइडलाइन कहलाती हैं.
  • बेसलाइन या एंडलाइन – कोर्ट कि चौड़ाई के समान्तर दोनों ओर 2 मीटर की पट्टी को बेसलाइन कहते हैं.
  • मिड कोर्ट लाइन – पूरे कोर्ट के बीच की लाइन को मिड कोर्ट लाइन कहते हैं.
  • सेंटर सर्किल – 3.6 व्यास का सर्किल, जो कि कोर्ट के सेंटर में होता हैं. सेंटर सर्किल से ही मैच शुरू होता हैं.
  • थ्री पॉइंट लाइन – बास्केट से  6.75 मीटर की दुरी पर खिंचा गया अर्ध-वर्ताकार सर्किल थ्री पॉइंट लाइन कहलाता हैं.
  • फ्री थ्रो सर्किल – थ्री पॉइंट लाइन के अन्दर बना सर्किल जहाँ से शूटर फ्री थ्रो करते हैं.
  • फ्री थ्रो लाइन – बास्केट से 4.6 मीटर की दुरी पर स्थित लाइन को फ्री थ्रो लाइन कहते हैं.

बास्केटबॉल कैसे खेला जाता हैं

एक बास्केटबॉल टीम में अधिकतम 12 खिलाड़ी हो सकते हैं. लेकिन कोर्ट में एक साथ केवल पांच खिलाडी ही उतर सकते हैं. इस प्रकार दोनों टीमों की तरफ से दस खिलाड़ी एक साथ बास्केटबॉल को खेलते हैं.

बास्केटबॉल गेम की शुरुआत रेफरी द्वारा होती हैं. रेफरी बॉल को ऊपर की ओर फेंकता हैं. बॉल के गिरने पर जो टीम बॉल को संभालती है, उसे आक्रामक (defensive) टीम और दूसरी टीम को रक्षात्मक (offensive) टीम कहा जाता हैं.

खेल शुरू होने के बाद एक खिलाडी के पास तीन विकल्प हो सकते हैं.

  1. बॉल को ड्रिबल करता हुआ आगे बढ़ सकता हैं.
  2. बॉल को शूट कर सकता हैं.
  3. ड्रिबल करते हुए बॉल को आगे पास कर सकता हैं.

बास्केटबॉल गेम में होने वाले फाउल

बास्केटबॉल गेम में बहुत अधिक फाउल होते हैं. एक खिलाड़ी पूरे मैच में पांच फाउल कर सकता हैं. पांच से अधिक फाउल होने पर उस खिलाड़ी को खेल से बाहर कर दिया जाता हैं.

इसी प्रकार एक टीम एक क्वार्टर में पांच फाउल कर सकती हैं. इससे अधिक होने पर दूसरी टीम को फ्री थ्रो मिलते हैं. यहाँ बास्केटबॉल में होने वाले प्रमुख फाउल दिए गए हैं. बास्केटबॉल में फाउल कितने प्रकार के होते हैं?

पर्सनल फाउल

दुसरे खेलों की तरह बास्केटबाल में भी कीसी प्रकार की धक्का-मुक्की या शरीर से किसी प्रकार से छेडछाड़ नहीं कर सकते हैं. अगर कोई खिलाड़ी इस प्रकार की कोई गलती करता हैं तो उसके खाते में फाउल जुड़ जाता हैं और बोल सामने की टीम को सोंप दी जाती हैं.

टेक्निकल फ़ाउल

रेफरी के निर्णय दिए जाने के बाद उससे बहस करना या शूट करने के बाद खिलाड़ी के प्रति टोंट करना टेक्निकल फ़ाउल में शामिल किये जाते हैं.

एक ही खिलाड़ी द्वारा दो से अधिक टेक्निकल फ़ाउल करने पर उसको खेल से बाहर कर दिया जाता हैं.

फ्लैगेंट फ़ाउल

जब कोई एक खिलाड़ी दुसरे खिलाड़ी को जानबूझकर जोखिम में डालता हैं या चोट पहुंचाता हैं तो इसे फ्लैगेंट फ़ाउल कहा जाता हैं. ऐसी स्थिति में उस खिलाड़ी को तुरंत खेल से बाहर कर दिया जाता हैं, या फाउल-पेनल्टी  के तौर पर सामने वाली टीम को अतिरिक्त फ्री थ्रो दिए जाते हैं.

टीम फ़ाउल

बास्केटबॉल के प्रत्येक क्वार्टर में एक टीम अदिकतम पांच फ़ाउल कर सकती हैं. पन्च से अधिक फ़ाउल होने पर सामने वाली टीम को फ्री थ्रो मिलते हैं.

यदि फ्री थ्रो में कोई खिलाड़ी बोल को शूट कर देता हैं तो उसको एक अतिरिक्त थ्रो मिलता हैं. एक क्वार्टर में यदि कोई एक टीम दस से अधिक बार फ़ाउल करती हैं तो सामने वाली टीम को डबल बोनस मिलते हैं.

ब्लाक शूटिंग फ़ाउल

यदि कोई शूटर बॉल को बास्केट में डालने कि कोशिश करता हैं तो डिफेंडर का काम होता उस बोल को हाथ से रोकना, इसे ब्लाक कहते हैं.

बॉल को रोकते समय यदि डिफेंडर के हाथ शूटर को छू जाते हैं तो इसे शूटिंग फ़ाउल कहा जाता हैं. यदि खिलाड़ी थ्री पॉइंट लाइन से बाहर हैं तो उसको तीन फ्री थ्रो मिलते हैं, और थ्री पॉइंट के अन्दर हैं तो दो फ्री थ्रो मिलते हैं.

बास्केटबॉल में होने वाले उल्लंघन

जब बास्केटबॉल का एक मैच चल रहा होता हैं तो खिलाड़ी को समय सीमा का बहुत ध्यान रखना पड़ता हैं. उल्लंघन होने पर बोल सामने वाली टीम को सोंप दी जाती हैं. यहाँ बास्केटबॉल में होने वाले कुछ वोइलेशन दिए गए हैं.

वाकिंग वोइलेशन

एक बार बास्केटबॉल गेम के शुरू होने के बाद बोल को ड्रिबल करना बहुत जरूरी हैं. अगर कोई खिलाड़ी बॉल को बिना ड्रिबल किये आगे बढ़ता हैं तो इसको ट्रवेलिंग या वाकिंग वोइलेशन कहते हैं.

ट्रवेलिंग या वाकिंग वोइलेशन होने पर बॉल सामने वाली टीम को हैण्ड ओवर कर दी जाती हैं. दौड़ते हुए बॉल को शूट करते वक्त केवल दो कदम ही बॉल को हाथ में रख सकते हैं. उसके बाद बोल को आगे पास करना पड़ता हैं या शूट करना पड़ता हैं.

कैर्रिंग वोइलेशन

बोल को ड्रिबल करते वक्त बोल को हाथ में रोककर नहीं रख सकते हैं. बाल को ड्रिबल करते वक्त हाथ बॉल ले नीचे नहीं जाना चाहिए. इस पराक्र के वोइलेशन को कैर्रिंग वोइलेशन कहा जाता हैं. इसमें भी बॉल सामने वाली टीम को दे दी जाती हैं.

डबल ड्रिबल वोइलेशन

अगर कोई खिलाड़ी दोनों हाथों से बोल को ड्रिबल करता हैं तो इसको डबल ड्रिबल वोइलेशन कहा जाता हैं. इसके अलावा कोई खिलाड़ी बोल को ड्रिबल करता हुआ अचानक एक जगह पर बोल को पकड़ कर रुक जाता हैं और फिर वापस ड्रिबल करने लगता हैं तो यह भी एक प्रकार का डबल ड्रिबल वोइलेशन हैं.

8 सेकंड वोइलेशन

आठ सेकंड वोइलेशन को हाफ कोर्ट वोइलेशन भी कहा जाता हैं. एक बार मैच शुरू होने के बाद आठ सेकंड के भीतर बाल को हाफ कोर्ट के दूसरी तरफ लेकर जाना होता हैं.

अगर टीम ऐसा करने में सफल नहीं रहती हैं तो यह हाफ कोर्ट वोइलेशन माना जाता हैं.

बैककोर्ट वोइलेशन

एक बार अगर कोई खिलाड़ी हाफ कोर्ट के उस पार चला जाता हैं तो वापस बॉल को लेकर वापस हाफ कोर्ट के दूसरी तरफ नहीं आ सकता अन्यथा यह बैककोर्ट वोइलेशन माना जाता है. बैककोर्ट वोइलेशन होने पर बाल सामने वाली टीम को दे दी जाती हैं.

24 सेकंड वोइलेशन

एक बार मैच शुरू होने पर एक टीम को 24 सेकंड के अन्दर बाल को बास्केट में डालना होता या शूट करना होता हैं. ऐसा नहीं करने पर यह 24 सेकंड वोइलेशन में गिना जाता हैं.

इनबाउंड वोइलेशन

यदि एक टीम बाल को बाहर कर देती है तो दूसरी टीम के पास केवल पांच सेकंड होते है बॉल को वापस अन्दर करने के लिए. अगर दूसरी टीम ऐसा करने में असफल रहती हैं तो उसके उपर इनबाउंड वोइलेशन का चार्ज लगाया जाता है और बॉल को वापस ले लिया जाता हैं.

3 सेकंड वोइलेशन

बास्केट के नीचे के भाग को पेंट एरिया कहा जाता हैं. कोई भी खिलाड़ी चाहे शूटर हो या डिफेंडर, लगातार तीन सेकंड तक वहां नहीं रुक सकता.

अगर कोई भी प्लेयर 3 सेकंड से अधिक पेंट एरिया रुकता हैं तो उस पर 3 सेकंड वोइलेशन का चार्ज लगाया जाता हैं.

बास्केटबॉल खेलने के फायदे

  1. Basketball एक रोमांचक गेम होने के साथ साथ यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं. बास्केटबॉल खेलने से शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास होता हैं.
  2. बास्केटबॉल खेलने से मांसपेशियां मजबूत बनती है और सहन शक्ति बढती हैं.
  3. नियमित रूप से बास्केटबॉल खेलने पर हड्डियाँ मजबूत होती हैं. जो लोग बेसबॉल, हैंडबॉल या फुटबॉल खेलते हैं, उनका अस्थि घनत्व अधिक होता हैं.
  4. शारीरिक संतुलन और समन्वय में सुधार होता हैं और शरीर का सरंचनात्मक विकास होता हैं.
  5. बास्केटबॉल खेलने से हृदय स्वस्थ बना रहता हैं.
  6. आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, और आपको अपनी क्षमताओं के प्रति नया विश्वास पैदा होता हैं.
  7. तनाव का स्तर कम होता हैं और आप हमेशा खुश रहते हैं.

बास्केटबॉल के नियम हिंदी में

  • दो टीमों के बीच होने वाले इस खेल का मुख्य उद्देश्य बॉल को बास्केट में डालना होता हैं और दूसरी टीम को ऐसा करने से रोकना होता है. एक बार जब रेफरी गेम को शुरू कर देता हैं तो टीम को बहुत सारे नियमों की पालना करनी होती हैं.
  • थ्री पॉइंट लाइन के बाहर से जब कोई खिलाड़ी गोल करता हैं, तो उस टीम को तीन पॉइंट मिलते हैं, इसे थ्री पॉइंट शूट कहा जाता है.
  • जब कोई खिलाड़ी थ्री पॉइंट लाइन के अन्दर से गोआल करता हैं तो उस टीम को दो पॉइंट मिलते है.
  • जब कोई टीम फ़ाउल करती हैं तो दूसरी टीम को एक फ्री पॉइंट मिलता हैं.
  • फ़ाउल होने पर दूसरी टीम को फ्री थ्रो का मौका मिलता हैं.
  • फ़ाउल होने पर मिलने वाले शूट को “फ्री थ्रो सर्किल” में खेड़े होकर शूट किया जाता हैं.
  • चलते गेम में दुसरी टीम के खिलाड़ी को अवैध तरीके से छूना, फ़ाउल माना जाता हैं.
  • बास्केटबॉल 40 या 48 मिनट का गेम हो सकता हैं. पहले दो हाफ पूरे होने पर टीम अपने पक्ष बदल देती हैं.
  • यदि मैच का समय ख़त्म होने पर यदि कोई टीम जीत हासिल नहीं करती हैं तो मैच का समय बढ़ाया जाता हैं.
  • खिलाड़ी जब बॉल को ड्रिबल करता है तो एक समय में केवल एक हाथ का उपयोग कर सकता हैं.
  • बॉल के एक बार ड्रिबल होने से पहले दो बार टच नहीं किया जा सकता हैं.
  • कोई खिलाड़ी बोल को शूट करने के लिए दौड़ नहीं सकता हैं.
  • एक टीम 24 सेकंड से अधिक बॉल को अपने पास रोककर नहीं रख सकती.
  • अपने ही हाफ में बॉल मिल जाने पर दस सेकंड के अन्दर बॉल को दुसरे हाफ में लेकर जाना होता हैं.
  • एक बार हाफ लाइन को क्रॉस करने के बाद बॉल को वापस पीछे ले जाया सकता हैं.
  • जो टीम बॉल का बचाव करती हैं, वह बास्केट के नीचे से गोल को नहीं रोक सकती हैं.
  • गोल करते समय यदि आक्रामक पेंट एरिया(बास्केट के नीचे) में खड़ा है तो वहां केवल तीन सेकंड के लिए रुक सकता हैं.

यहाँ बास्केटबॉल गेम से सम्बन्धित कुछ सवाल दिए गए हैं.

बास्केटबॉल कितने देर का मैच होता है?

सामान्यत बास्केटबॉल 48 मिनट का खेल होता है. लेकिन बोर्ड के मेम्बेर्स द्वारा इस टाइम को कम किया जा सकता है.

बास्केटबॉल में खिलाड़ी कितने होते हैं?

एक बास्केटबॉल की टीम में अधिकतम 12 खिलाड़ी हो सकते हैं. मैच शुरू होने पर एक साथ पांच खिलाड़ी कोर्ट में उतरते है.

बास्केटबॉल खेल खेल की शुरवात कैसे होती है?

इस खेल की शुरुआत रेफरी द्वारा होती हैं, एक बार दोनों टीम कोर्ट में आने पर रेफरी उनकी सहमती से बॉल को ऊपर उन्छालता है. इसके बाद मैच शुरू हो जाता है.

बास्केटबॉल की परिधि कितनी होती है?

एक सामान्य बास्केटबॉल की त्रिज्या 4.7 इंच होती है. बास्केटबॉल की परिधि 29.5 होती हैं.

बास्केटबॉल का वजन कितना होता है

आमतौर एक बास्केटबॉल का वजन 580–620 g होता हैं.

बास्केटबॉल में जमीन से बोर्ड की ऊंचाई कितनी होती है?

कोर्ट के दोनों और बने बास्केट बोर्ड की ऊंचाई दस फीट होती हैं.

आपने क्या सीखा… बास्केटबॉल पर निबंध (essay on basketball in hindi)

इस निबंध में हमे आपको बास्केटबॉल की बेसिक से लेकर एडवांस जानकारी देने कि कोशिश की है. अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट में इसका जिक्र जरूर करें. इस कंटेंट को आगे शेयर जरूर करें.

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