इंजीनियर (अभियंता) पर निबंध Essay On Engineer In Hindi

इंजीनियर (अभियंता) पर निबंध Essay On Engineer In Hindi: आज के निबंध को आप Essay on Mere Jeevan ka Lakshya Engineer in Hindi अथवा अभियंता पर निबंध के रूप में पढ़ सकते हैं. जीवन में हर व्यक्ति के सपने होते हैं जिन्हें वह पूरा करने का प्रयत्न करतब हैं. मेरा भी एक सपना हैं. Engineer बनना आज के इंजिनियर हिंदी एस्से में हम छोटे बच्चों के लिए काल्पनिक निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10 के लिए यहाँ छोटा बड़ा इंजीनियर पर निबंध बता रहे हैं.

इंजीनियर (अभियंता) पर निबंध Essay On Engineer In Hindi

इंजीनियर (अभियंता) पर निबंध Essay On Engineer In Hindi

100 शब्द निबंध

जीवन में सही दिशा में आगे बढने के लिए एक लक्ष्य का होना परम आवश्यक हैं. यदि लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसी को पूर्ण करने का प्रयास किया जाए तो बहुत संभव है कि जल्द ही उसे प्राप्त किया जा सकता हैं.

हर व्यक्ति का जीवन में एक लक्ष्य होता है जिसे वह पूरा करने का प्रयास करता हैं. भविष्य में मैं इंजीनियर बनना चाहता है. यह मेरा लघुकालीन जीवन लक्ष्य हैं. इमानदारी के साथ कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के जरिये मैं अपने मुकाम को पा सकता हूँ.

इस पोस्ट पर पहुचकर मैं लोगों की भलाई के अधिक कार्य कर सकुगा. इस मंजिल तक पहुचने के लिए गीता के एक श्लोक जिनमें भगवान कृष्ण अर्जुन से कहते है कि तुम अपने कर्म किये जा फल की चिंता मत कर को अपने जीवन का ध्येय मानकर सफलता के शिखर को प्राप्त कर सकुगा.

यदि मैं इंजीनियर होता निबंध (400 शब्द)

सभी व्यक्ति का जिंदगी में कुछ ना कुछ बनने का सपना होता है और सभी लोग अपने सपने को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। अगर मैं मेरी बात करूं तो मुझे बचपन से ही इंजीनियर बनने का काफी ज्यादा शौक है

और मैं आगे चलकर  इंजीनियर बनने के लिए अभी से ही काफी मेहनत भी कर रहा हूं, क्योंकि इंजीनियर बनना मेरा सपना है। इंजीनियर बन कर मैं काफी चीजों में सुधार करना चाहता हूं।

इंजीनियर डिफरेंट टाइप के होते हैं जैसे कि केमिकल इंजीनियर, आर्किटेक्चर इंजीनियर, बिल्डिंग इंजीनियर, फूड इंजीनियर इत्यादि।

अगर मैं मेरी व्यक्तिगत बात करूं तो मै आगे चलकर के एग्रीकल्चर इंजीनियर बनना चाहता हूं, क्योंकि हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है परंतु इसके बावजूद भी हमारे देश में किसानों की हालत काफी ज्यादा खराब है, जिसका मुख्य कारण है उन्हें एग्रीकल्चर की सही जानकारी नहीं प्राप्त हो पाती है।

मैं अगर एग्रीकल्चर इंजीनियर होता तो मैं किसानों को उन्नत खेती करने के अलग अलग तरीके बताता, साथ ही कौन सी फसल पैदावार ज्यादा देती है इसके बारे में भी उन्हें जानकारी देता ताकि वह उन्नत खेती करके अधिक से अधिक फसल की पैदावार कर सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को फसलों को बेच करके ठीक कर सकें, ताकि हमारे देश का किसान भी खुशहाल बने और उसका परिवार भी एक सुखी जीवन व्यतीत करें।

इसके साथ ही मैं फसलों, पेड़ पौधों और फलों की नई नई प्रजातियों को खोज करने में भी अपना टाइम देता ताकि इंडिया खेती के अलावा फसलो की भी नई नई वैरायटी को पैदा करें और उसका प्रोडक्शन बाहर करके अपनी जीडीपी को मजबूत बनाएं। 

अगर मैं एग्रीकल्चर इंजीनियर होता तो मैं सिंचाई करने की नई नई टेक्नोलॉजी और तरीकों को भी ढूंढने पर रिसर्च करता, ताकि कम से कम पानी में फसलों को सही मात्रा में सिंचाई प्राप्त हो और उनकी पैदावार अच्छी हो।

इसके अलावा मै फसलों को हानिकारक कीटाणुओं से बचाने के लिए इको फ्रेंडली दवाइयों के ऊपर भी रिसर्च करता और उसे किसानों के लिए उपलब्ध करवाता ताकि किसान अपनी फसलों में हानिकारक केमिकल से बनी हुई खादों का इस्तेमाल ना करें।

इसके अलावा मैं गवर्नमेंट को इस बात का भी सुझाव देता कि कैसे वह इंडिया में एग्रीकल्चर की फील्ड में सुधार लाने के लिए तरह तरह के प्रयास कर सकती हैं। मुझे भरोसा है कि एक दिन मै अपने इंजीनियर बनने के सपने को अवश्य पूरा करूंगा और जो मैंने सोचा है, उसे भी करूंगा।

Essay On Engineer In Hindi 500 words

इंजीनियर बनना मेरा सपना इसलिए भी है क्योंकि मैं इस पद तक इसलिए नहीं पहुचना चाहता हूँ ताकि मुझे पद पैसा और शौहरत मिले. बल्कि मैं अपने मस्तिष्क का सही उपयोग करते हुए देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान दे सकू.

देश के सरंचनात्मक ढाँचे के निर्माण में इंजिनियर का अहम योगदान होता हैं. जीवन में लक्ष्य बनाने का भी बड़ा महत्व हैं. बिना किसी विशेष दिशा तथा उद्देश्य के यूँ ही जीवन भर भागते रहने से कुछ भी अर्जित नहीं होता हैं.

जब तक हम अपने जीवन को सार्थक दिशा में ले जाने के लिए लक्ष्य का निर्धारण नहीं करेगे हम सही मुकाम तक नहीं पहुच पाएगे.

बिना गोल के कभी भी लक्ष्य का अर्जन नहीं होता हैं. जब मैं मेट्रिक की पढाई कर रहा था तभी मुझे बड़े होकर इंजिनियर बनने की प्रेरणा मिली. और मैंने निश्चय कर लिया था कि सच्चाई और ईमानदारी के पथ पर चलते हुए मैं इंजिनियर बनकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकू.

स्कूल के बाद कॉलेज की शिक्षा के समय ही मेरा जीवन लक्ष्य यथावत ही रहा. मैं सब कुछ विषयों को छोड़कर अपने पथ पर अग्रसर रहा. मेरे बहुत से साथी और पिताजी के दोस्त इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. जब भी मैं उन्हें देखता हूँ मेरी प्रेरणा को और अधिक बल मिलता हैं.

इंजीनियरिंग करने का मेरा दूसरा कारण मेरे पिताजी भी हैं. वे इस क्षेत्र में करियर बनाने के विषय में सकारात्मक सोच रखते हैं. वे मुझे न सिर्फ इस क्षेत्र के प्रमुख कार्यों तथा राष्ट्र की उन्नति में इंजिनियर के योगदान की चर्चा भी करते हैं.

इंजीनियरिंग एक विस्तृत क्षेत्र है जिनमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, सिविल, केमिकल, माइनिंग, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग आदि शामिल हैं. मुझे कंप्यूटर साइंस में अधिक रूचि होने के कारण मैं इसे ही अपने करियर के रूप में देख रहा हूँ.

मेरे जीवन का सपना इंजीनियर बनने का इसलिए भी जगा क्योंकि मैं चाहता था कि बड़ा होकर देश की प्रगति में प्रत्यक्ष भागिदार बनू, कुछ नया सोचू तथा नया कर पाऊ. इसके लिए इंजीनियरिंग से बढ़कर कोई अच्छा क्षेत्र नहीं हो सकता हैं. जब पहली बार मैंने अपने ड्रीम गोल के बारे में अपने अपने पापा को बताया तो उनका यही जवाब था क्या कंप्यूटर साइंस से करोगो.

क्योंकि मैं बचपन से ही कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का काफी शौकीन रहा हूँ. मेरे ड्रीम को पूरा करने के लिए पापा का योगदान सबसे बड़ा हैं उन्होंने मुझे अच्छी कम्पनी का एक कंप्यूटर तथा लैपटॉप भी ला दिया. बस यही मेरी जर्नी की विधिवत शुरुआत थी जहाँ से मैं हर दिन अपने लक्ष्य के और करीब पहुच रहा था. वाकई यह मेरे जीवन का एक यादगार पल भी था.

बाहरवीं में मेरा विषय कंप्यूटर साइंस ही था मैं खूब मन लगाकर पढाई करने लगा. साल के अंत में नतीजे भी मेरे लिए हौसला बढाने वाले थे. मैंने फर्स्ट डिविजन से 12 वीं पास की तथा कंप्यूटर साइंस में अपनी क्लाश के सभी छात्रों से मेरे प्राप्तांक सबसे अधिक थे.

मेरे सपने को पूरा करने की बुनियाद तैयार हो चुकी थी. आगे की पढाई के लिए मुझे एक अच्छे कॉलेज में दाखिला मिल गया. यहाँ मुझे बेहद उच्च स्तरीय विषेयज्ञो का ज्ञान पाने का अवसर मिला.

मैं उनसे इंजीनियरिंग के बारे में जानकारियाँ प्राप्त करता रहा. उन्हें भी मेरे जूनून और काबिलियत पर पूर्ण यकीन था वो कहा करते थे कि एक दिन तुम अपने सपने को अवश्य पूरा करोगो.

इंजीनियर्स डे

15 सितम्बर को हर साल अभियन्ता दिवस (इंजीनियर्स डे) हमारे देश में मनाया जाता हैं. इस दिन भारत के महान इंजिनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी का जन्म दिन हैं.

इस दिन को इंजिनियर दिवस के रूप में मनाकर उनके अभूतपूर्व कार्यों तथा राष्ट्र के प्रति योगदान के लिए हम उनकों श्रद्धांजली अर्पित करते हैं.

आज दुनियां इतनी आगे बढ़ चुकी है हर काम मशीनों तथा तकनीक के सहारे संभव हो पाया है तो इसमें इंजीनियर्स का बहुत बड़ा योगदान हैं.

आज के दस वर्ष पूर्व के संसार और आज में हम जो कुछ परिवर्तन देख रहे है ये सब हमारे इंजीनियरों की मेहनत और लग्न का नतीजा हैं.

अच्छे अच्छे वाहन, सड़के, पुल, भवन, कंप्यूटर, स्मार्ट फोन तथा तमाम वो सुख सुविधा के साधन जिनका हम उपभोग कर रहे है वो इंजीनियरों के मष्तिष्क की उपज का परिणाम हैं.

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आशा करता हूँ दोस्तों Essay On Engineer In Hindi का यह लेख अच्छा लगा होगा. यदि आपकों इंजीनियर बनने का मेरा सपना निबंध पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

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