जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर निबंध Essay On Gst In Hindi

यहाँ सरल भाषा में वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी पर निबंध Essay On Gst In Hindi दिया गया हैं. भारत में 1 जुलाई 2017 से इस कर प्रणाली को लागू किया गया, Goods and Services Tax क्षेत्र में स्वतंत्रता पश्चात किया गया यह सबसे बड़ा निर्णय था. आज के निबंध में 100, 200, 250, 300 और 500 words में विद्यार्थियों के लिए gst निबंध दिया गया हैं.

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर निबंध Essay On Gst In Hindi

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जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर निबंध Essay On Gst In Hindi

यदि एक शब्द में इनको बया करे तो गरीबोँ के लिए तोफहा| यह बिल का मसोदा वर्ष 2014 में बनकर तैयार हुआ था| जिन्हेँ 2015 में लोकसभा में पास करवा दिया गया था|

वर्ष 2016 में मोदी सरकार द्वारा संसद के स्थायी सदन राज्यसभा में अगस्त माह में पास कर दिया| जीएसटी बिल मार्च 2017 से देश के सभी राज्यों में पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया था|

आर्थिक विशेयज्ञो द्वारा इसके अच्छे और बुरे पहलुओ पर चर्चा करने का लम्बा दौर चला| निष्कर्ष यहीं निकला Goods And Service Tax Bill भारत की आर्थिक व्यवस्था के लिए इंजन का काम करेगा| इससे गरीबी और महंगाई को कम करने में सरकार को नईं दिशा मिलेगी.

जी एस टी क्या हैं  (gst tax in hindi Language )

वस्तु एवं सेवा कर यानि GST एक कर प्रणाली हैं इससे पूर्व तक की स्थति में एक उत्पाद पर कई कर लगते थे जिनमें राज्य और केंद्र दोनों अपनें नियमों के मुताबिक अतिरिक्त सेवा कर लगाते थे|

अब जीएसटी के दायरे में आने वाले उत्पादों पर एक ही कर लगेगा| जिसकी सीधा असर वस्तु की कीमत पर पड़ेगी| अप्रैल 2017 में लागू कियें गये जीएसटी में चार श्रेणिया बनाई गईं|

पहली श्रेणी में जीवन निर्वहन की आवश्यक वस्तुओ को रखा गया जिनमें टेक्स 5 फीसदी से कम रखा गया इससे पूर्व यह 17 से 20 प्रतिशत था| इस श्रेणी में खाने-पीने के सामान दवाई और पेंट्रोल-डीजल कों रखा गया हैं|

GST से पहलें Double Taxation यानी दोहरी करप्रणाली अपनाई गईं थी| जिनमे राज्य और केंद्र दोनों का ही कर लगता था| भारत के वित् मंत्री अरुण जेटली के विचार पर GST को अपनाया जा रहा हैं| इससे देशभर के सभी राज्यों पर लगने वाले सारे करो को हटाकर उनकी जगह एक ही कर यानि जीएसटी ही काम करेगा|

जीएसटी: अर्थ, फुल फार्म एवं विशेषताएं GST: Meaning, Full Form and Features in Hindi

Gst Full Form जिन्हें हिंदी में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GOOD AND SERVICE TAX) और वस्तु एंव सेवा कर के नाम से भी जाना जाता हैं| आपकों बता दे जीएसटी बिल 1 जुलाई 2017 से पुरे भारत में लागू किया जा चूका हैं

मोदी सरकार के कार्यकाल में यह दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक सुधार हैं| भला कोन भूल सकता हैं नोटबंदी को |इसके अतिरिक्त कई वर्षो से लंबित और विचाराधीन पड़े जीएसटी बिल के लागू होने की शुभ घड़ी आ चुकी हैं| “एक राष्ट्र एक कर” की अवधारणा पर आधारित यह एक नई कर प्रणाली हैं|

जो देश के मध्यम छोटे और बड़े व्यापरियों के अतिरिक्त निम्न तबके के लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं|व्यापारियों को एक तरफ इस नई कर पद्दति से विभिन्न प्रकार के टैक्स चुकाने से राहत मिलेगी तो अपनी मुलभुत आवश्यकताओ की पूर्ति करने के लिए सघर्ष कर रहे निम्न वर्ग को खाने-पीने से लेकर प्राथमिक आवश्यकता जिनमे रोटी कपड़ा दवाई की कीमतों में भी गिरावट आएगी|

जीएसटी अधिनियम, 2017 में केंद्र सरकार ने सभी उत्पादों को चार श्रेणियों में बाटा हैं, जो इस प्रकार हैं| 5%, 12%, 18% और 28% आवश्यक वस्तुओ को 5 फीसदी जीएसटी टैक्स या जीएसटी फ्री के दायरे में रखा हैं| जबकि वे वस्तुए जो वाणिज्यिक और महंगी एंव श्रंगार और धातु से जुडी वस्तुओ पर अधिक कर लगाया गया हैं|

आर्थिक विश्लेशको की माने तो आजदी के बाद हमारे देश का यह सबसे बड़ा आर्थिक सुधार हैं| जो महंगाई को कुछ हद तक नियंत्रित करने और अर्थव्यस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं| प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया को जीएसटी से एक नयी दिशा मिलने वाली हैं|

इससे न केवल भारतीय उद्योगपति अपने व्यापार को उन्नत करेगे| बल्कि विदेशी निवेश को बढाने में भी जीएसटी सहायक होगी| आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेगे जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर देश के अन्य 28 राज्यों और सात केन्द्रशासित प्रदेशो में इस व्यवस्था को अपना लिया हैं|

जिससे अब आपकों किसी उत्पाद पर सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, वैट, एक्साइज ड्यूटी जैसे इनडायरेक्ट टैक्स चुकाने से राहत मिल जाएगी| भारत के अतिरिक्त 150 ऐसे देश हैं जो जीएसटी कर प्रणाली को अपना चुके हैं| भले ही यह एक नया प्रयोग ना हो मगर हमारे देश में यह एक नई व्यवस्था अवश्य हैं|

जीएसटी के लिए आवेदन

GST registration process बेहद आसान हैं यदि आप बिजनेसमैन अथवा कारोबारी हैं, और जीएसटी में आवेदन करना चाहते हैं तो स्वय भी कर सकते हैं अथवा किसी इमित्र वाले से भी करवा सकते हैं| GST में आवेदन कैसे करे ?

  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग की वेबसाइट www.gst.gov.in पर लॉग इन करे|
  • इसमे आवेदन के लिए एक मोबाइल नंबर ईमेल आईडी किसी बैंक का की खाता संख्या और उसका IFSC कोड की जरुरत रहेगी|
  • इसके अतिरिक्त अपने बैंक खाते की पासबुक खाताधारक नाम इनकें साथ ही बैंक का कथन इसके अतिरिक्त आपका कंपनी खाता हैं, तो अपनी कंपनी के ब्योरे सहित सभी भागीदारो के हस्ताक्षर की भी आवश्यकता पड़ेगी|
  • यहाँ आपके भागीदार पार्टनर्स की बड़ी साइज़ की फोटो भी अपलोड करनी पड़ेगी| साथ ही अपनें बैंक अकाउंट की पासबुक के मुख्यपृष्ट की कॉपी जिनमें स्पष्ट रूप से आपका नाम, खाता संख्या, बैंक शाखा, IFSC कोड स्पष्ट दिखते हो|
  • अपना GST registration process पूरा होने के बाद दिए गयें मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एक वेरिफिकेशन SMS आएगा|
  • जीएसटी की आवेदन प्रक्रिया पूर्णत ऑनलाइन हैं, जैसे ही आपका आवेदन विभाग के अधिकारी के पास पहुचेगा वह तीन दिन की अवधि तक आपके फॉर्म में किसी तरह की त्रुटी या सुधार की सम्भावना को देखकर आपसे सम्पर्क कर सुधार सकते हैं|
  • यदि वह अधिकारी तीन दिन तक आपके आवेदन को नही देख पाता हैं अथवा किसी सुधार के लिए आपकों कोई मेसेज प्राप्त नही होता हैं| तो चोथे दिन ऑटोमेटिक तरीके से आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर बनकर आपके इमेल और मोबाइल नंबर पर पहुच जाएगा| जिन्हें भविष्य में काम में लेने के लिए सभाल कर रखे|

जीएसटी की दरें

GST बिल लागू किये जाने से अधिकतर बाजार की वस्तुओ की कीमतों में कमी या वृद्दि हुई हैं, वे चीजे या उत्पाद जो व्यक्ति की मौलिक आवश्यकता से जुडी हुई हैं| उनकी कीमते कम होने वाली हैं इसके अतिरिक्त सौन्दर्य प्रसाधन और आराम फरोसी की चीजो जिनमे इलेक्ट्रानिक उपकरण और छोटी बड़ी गाडियों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी|

  • जैसा कि आपकों उपर बताया जा चूका हैं जीएसटी में तीन श्रेणिया बनाई गयी हैं| पहली श्रेणी में आने वाले सभी उत्पादों पर सारे कर हटाकर उन्हें पांच फीसदी टैक्स के दायरे में लाया गया हैं इसमे कपडें पर 5 फीसदी कर लगेगा इससे पहले यह 7 प्रतिशत था. मगर यदि आप एक हजार से अधिक कीमत का महंगा कपडा खरीदते हैं तो आपको 12 फीसदी जीएसटी देना होगा|
  • प्रत्येक व्यक्ति की पहली आवश्यकता चाय कॉफ़ी और चीनी की कीमते में कमी आएगी इससे पूर्व तक यह टैक्स 6 फिसद था हालाँकि एक या दो फीसदी कर कम लगने के कारण इनकी कीमतों में ज्यादा कुछ बदलाव नही हुआ हैं|
  • स्वर्ण आभूषण अब होंगे महगे जीएसटी आने से पूर्व इस पर 2 फिसदी टैक्स लगता था अब जिन्हेँ बढाकर 3 फीसदी कर दिया हैं, इस पर कई ससंद के सदस्यों ने आपति भी जताई मगर सरकार द्वारा इसे आवश्यकता की वस्तु नही माना हैं|
  • बिस्किट दूध दही और मीट अब सस्ते होंगें, इनमे सबसे अधिक कीमतों की गिरावट बिस्किट की होगी| अब तक इस उत्पाद पर 22 प्रतिशत से ज्यादा राज्य और केंद्र द्वारा कर लिया जाता था जिन्हें अब 18 फिसद कर दिया हैं| आपकों बता दे दूध,दही,मांस,सब्जी,शहद,पूजा सामग्री पर इससे पूर्व बड़ी मात्रा में कर लगता था, जिन्हें अब जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया हैं| इससे इनकी कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी|
  • जूते, कोयला और सोंदर्य तेल भी हुआ सस्ता| फूटवियर पहले दो श्रेणियों में कर लगता था पांच सौ की कीमत तक के जुते पर 10फीसदी टैक्स देना होता था| जिन्हें अब घटाकर 4 फीसदी कर दिया हैं| साथ ही 500 की कीमत से अधिक के जूतों पर पहले 23 प्रतिशत टैक्स लिया जाता था जो अब 17 फिसद होगा| जीएसटी काउंसिल की बैठक में हेयर तेल के उत्पादों पर लगने वाले टैक्स को भी 10 प्रतिशत तक घटा दिया हैं| इसके अतिरिक्त कोयले की कीमत का सम्बन्ध सीधा असर आम-आदमी पर पड़ता हैं,कोयले पर पहले 12 फिसद कर लगता था जिन्हें घटाकर 4 फिसद कर दिया हैं| इस निर्णय से बिजली की दरों में कुछ राहत मिल सकती हैं|
  • जीएसटी बिल लागू हो जाने से अब मोबाइल फोन और टूर और ट्रेवल्स की सेवाओ की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी आपकों बता दे अब मोबाइलों पर लगने वाले टैक्स की मात्रा 5 से 6 फीसदी हैं, जो अप्रैल से बढ़कर 12 से अधिक हो चुकीं हैं| अब आपकों ये टैक्स दुगुना चुकाना पड़ेगा| वहीं GST बिल आने से पहले तक टूर पर 15 फीसदी कर लगता था जो अब बढाकर 18 कर दिया हैं| अब यात्रा के लिए किसी एजेंसी के पास जाने से पूर्व इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए|
  • स्मार्टफोन,मोटरसाइकिल हवाई यात्रा में जीएसटी दर को घटाया गया हैं स्मार्टफोन पर पहले तक़रीबन 14 फीसदी टैक्स लगता था जिन्हें अब 12% कर दिया हैं| वहीं हवाई यात्रा को GST की 5% से कम टैक्स की श्रेणी में रखा हैं|

Gst Bill Benefits (GST BILL KE FAYDE)

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से इसका सबसे बड़ा फायदा आम आदमी और निम्न वर्ग के व्यक्ति को होगा| इसका मुख्य कारण यह हैं.

GST में उस वस्तुओ और उत्पादों पर टैक्स कम किया गया हैं अथवा टैक्स फ्री की श्रेणी में रखा गया जो आम आदमी की पहली आवश्यकता होती हैं जैसे-खाना,कपड़ा,मकान,दवाई इत्यादि| आइये जानतें हैं आखिर जीएसटी के फायदे क्या हैं|

1.इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि देश के सभी राज्यों में एक ही वस्तु की कीमत समान होगी इससे पूर्व यदि सोना दिल्ली में 30,000 में 100 ग्राम मिलता था तो यही मुंबई में 100 ग्राम सोना 25,000 में मिल जाता था| अब देशवासियों को पुरे देश में एक वस्तु एक ही दाम में सभी राज्यों में मिलेगी|

2.जीएसटी से अब अधिकतर वस्तुओ के भाव कम हो जायेगे क्युकि पहले राज्य और केंद्र दोनों अपने अनुसार वैट लगाते थे|

3.इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली से देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा सुधार होगा एक अनुमान के मुताबिक इन्हे 90 लाख करोड़ का इजाफा होने की सम्भावना हैं|

4.अब व्यापारियों को बार-बार विभिन्न विभागों को कर देने से छुटकारा मिल जाएगा| उन्हें जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद इस तरह की किसी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा|

5.सारे टैक्स एक साथ वसूल लेने से राज्य और केंद्र के राजस्व में बढ़ोतरी होगीं|

जीएसटी बिल के नुकसान Loss of GST Bill

प्रत्येक सिस्टम के कुछ फायदे तो कुछ नुकसान भी होते हैं| वस्तु एव सेवा कर के लाभ-हानि का सटीक विश्लेषण किया जाए तो इसके फायदे ही नजर आएगे| फिर भी कुछ नुकसान भी हैं जिनसे आपकों अवगत करवाते हैं |

  • एकल कर प्रणाली से सबसे बड़ा नुकसान राज्यों की सरकार को होगा क्युकि अब ये पहलें की तरह विभिन्न प्रकार के वैट और कर नही वसूल पाएगे|
  • दूसरा नुकसान भी राज्यों से सम्बन्धित हैं आपकों बता दे अधिकतर राज्यों की अर्थव्यवस्था और उनका बजट राज्य में निकलने वाली प्राकृतिक संसाधनो से होता हैं| जो अब नही होगा इसका अधिकतर लाभ केंद्र सरकार के पास जाएगा|

GST Tax से जुड़े अहम सवाल जवाब और पूरी जानकारी

GST Tax को पुरे देश में लागू हो चूका हैं| इस बिल के लागू हो जाने के बाद इसके दायरे में आने वाले और इसकी परिधि से बाहर रखे सभी उत्पादों की कीमतों में बदलाव नजर आएगा|

बहुत से लोगों को GST Tax को लेकर कंफ्यूजन हैं| इसी लिए आपके लिए आज इस सवाल-जवाब और सम्पूर्ण जानकारी में GST Tax से जुडी अब तक की इनफार्मेशन आपके साथ शेयर की जा रही हैं|

GST Tax क्या हैं (gst bill explained )

GST Tax जिन्हें वस्तु एवं सेवा कर भी कहा जाता हैं, यह एकल प्रत्यक्ष कर पद्दति हैं| जिनकी मसोदा 2014 में तैयार किया गया था, वर्ष 2015 में जिसे लोकसभा सदन द्वारा पारित करवाया गया|

इस वर्ष के शुरूआती सत्र में राज्यसभा और देश की अन्य विधानसभाओ द्वारा पारित करवा लिया गया हैं| इस कर प्रणाली के लागू कर दिए जाने के बाद राज्य और केंद्र अपने तरीके से किसी भी उत्पाद पर कोई कर नही लगा सकते| व्यापारी को विभिन्न कर देने की बजाय gst रजिस्ट्रेशन करवाना होगा|

इसके लागू हो जाने के बाद देशभर में एक ही टैक्स लगेगा, और सभी उत्पादों की देशभर में एक ही कीमत होगी| इसका सीधा फायदा व्यापारियों और आम जनता को होगा| राज्य सरकारों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा|

GST Tax कब लागू होगा ? (When does GST tax apply)

एक राष्ट्र एक कर जीएसटी का स्लोगन हैं, अभिताब बच्चनजी को इसके ब्रांड अबेसडर बनाया गया हैं| gst bill एक जुलाई 2017 से पुरे देश में लागू हो जाएगा| इसे लागू करने से पूर्व 30 जुलाई की मध्यरात्रि को केबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी|

इस विशेष बैठक के लिए सभी 29 राज्यों के वित्त मंत्रियों को आमंत्रित किया गया हैं| देश में ऐसें दो राज्य बचे हैं जहां अभी तक जीएसटी बिल पारित नही हुआ हैं, पहला जम्मू कश्मीर और केरल| नवीन जानकारी के अनुसार केरल में आने वाले दिनों में इसे पारित कर दिया जाएगा|

इस कर प्रणाली के लागू होने से पहले एक शोर्ट विडियो मैसेज प्रसारित किया जाएगा| जिसमे GST TAX की खूबियों के बारे में सक्षिप्त जानकारी दी जाएगी|

GST Tax से किसको फायदा ? (Who benefits from GST Tax?)

जीएसटी बिल को एक और नाम से बताया जाता हैं वो हैं

  • आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार|
  • जिसके केंद्र में आम आदमी और व्यापारियों को रखा गया हैं|
  • इस प्रणाली के लागू हो जाने के बाद सबसे बड़ा कारोबारी वर्ग को होगा|
  • अब उन्हें टैक्स देने के लिए बार-बार मार नही झेलनी पड़ेगी|
  • इससे पहले की व्यवस्था में एक वस्तु पर दस तरह के टैक्स चुकाने पड़ते थे|
  • जिससे न सिर्फ व्यापारियों के लिए भाग्दोड़ का विषय था|
  • बल्कि इससे उस वस्तु की वास्तविक कीमत और बिक्री कीमत में बहुत अंतर आ जाता था|
  • GST Tax से महंगाई कम करने में भी सरकार को मदद मिलेगी|

क्या GST Tax से चुंगी कर खत्म हो जाएगा?

जी हां अब से प्रत्येक राज्य का चुंगी कर खत्म तो हो जाएगा मगर GST TAX के नए प्रावधानों में तीन तरह के जीएसटी कर रखे हैं, जिनमे यदि आपका बिजनेस केन्द्रीय क्षेत्र में आता हैं तो आपका GST  केंद्र सरकार को चुकाना होगा|

इसी तरह यदि आप राज्य क्षेत्र में आते हैं तो आपकों राज्य सरकार को gst TAX पे करना होगा दोनों के बिच का मामला होने की स्थति में इंटिग्रेटेड जीएसटी देना होगा| यानि कर आपकों भिन्न-भिन्न की बजाय एक ही कर देना होगा|

इसी तरह यदि आप राज्य क्षेत्र में आते हैं तो आपकों राज्य सरकार को gst TAX पे करना होगा. दोनों के बिच का मामला होने की स्थति में इंटिग्रेटेड जीएसटी देना होगा| यानि कर आपकों भिन्न-भिन्न की बजाय एक ही कर देना होगा|

GST Tax से डीजल और शराब सस्ता हुआ या महंगा(Diesel and liquor cheaper or expensive than GST )

  1. वर्तमान हालात में शराब और पेंट्रोल डीजल ये दोनों उन वस्तुओ में हैं,
  2. जिनकी कीमत विभिन्न राज्यों में इनकी डिमांड के अनुसार हैं|
  3. यकीनन दिल्ली में जहां पेंट्रोल डीजल अधिक खर्च होता हैं,
  4. तो यूपी में शराब की डिमांड अधिक हैं,
  5. इस कारण इनकी कीमतों में अनियमितता हैं|
  6. शराब और डीजल को राज्य क्षेत्र के अधिकार में रखा गया हैं|
  7. वहीं गैस,डीजल और पेंट्रोल में GST Tax यथास्थ्ती रह सकती हैं|

क्या GST TAX से महंगाई कम होगी? (Will GST reduce the price of tax?)

यकीनन गुड्स एंड सर्विस टैक्स के लागू हो जाने के बाद अर्थशास्थ्रियो के अनुसार भारत की महंगाई दर में 2 से 3 फीसदी तक कमी आ सकती हैं| इसकी वजह यह हैं कि अधिकतर पहली आवश्यकता की वस्तुओ पर पहले कुल टैक्स 8 से 10 फीसदी लगता था|

जिन्हें अब GST TAX के 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में लाया हैं, या अधिकतर वस्तुओ को जीएसटी सहित सभी टैक्स की परिधि से बाहर रखा गया हैं| इन उत्पादों में अनाज,दूध,कपडा,दवाई,सब्जी आदि शामिल हैं|

GST TAX से सरकार को क्या फायदा ? (What is the benefit of GST tax from the government)

जीएसटी आने से राज्य सरकारों को सबसे अधिक नुकसान होगा| अधिकतर राज्यों का बजट उनके खनन पदार्थो कच्चे तेल और कोयले पर आधारित था. मगर नईं कर प्रणाली के लागू होने के बाद अब राज्य इन उत्पादों पर अपनी मर्जी से टैक्स न तो लगा सकेगे न ही वसूल सकेगे|

अधिकतर करो से प्राप्त राजस्व GST Tax केंद्र सरकार के हिस्से में जाएगा. जिससे राज्यों को केंद्र आश्रित होना पड़ेगा| केंद्र सरकार जो देगी उसी से संतोष करना पड़ेगा|

GST TAX से क्या सस्ता होगा मकान? (What is the cheapest house from GST)

अब नया घर बनावना कुछ आसान हो सकता हैं सीमेंट पर पहले 30 फीसदी टैक्स लगता था जिन्हें घटाकर अब 28 फीसदी कर दिया हैं मगर साज-सज्जा और अन्य मकान निर्माण की वस्तुओ की कीमत महंगी हो सकती हैं जिनमे घर में पुट्टी, बढ़िया पेंट, किचन में शानदार टॉयल्सल और प्लास्टर करवाना अब कुछ महंगे पड़ सकते हैं|

यदि आप छोटा फ्लेट खरीदना चाहते हैं GST Tax तो कुछ सस्ता मिल सकता हैं, जबकि बड़े फ्लेट की कीमतों में कोई खास बदलाव नही होगा|

इससे पूर्व की व्यवस्था में दलाल बिल्डर से 2000 वर्ग फिट भूमि पर 18 प्रतिशत टैक्स वसूलता था| अब नया घर लेने वालों को 18 की जगह 12 फीसदी और वो भी एक ही GST TAX चुकाना पड़ेगा|

जीएसटी कानून में बिक्री रिटर्न के क्या प्रावधान हैं

  • जीएसटी कानून के अनुसार आपकों बिक्री रिटर्न अगले महीने की 10 तारीख को भरनी होगी| मान के चलिए जीएसटी 1 जुलाई से देश भर में लागू हुआ हैं तो
  • आपकी पहली बिक्री रिटर्न भरने की तिथि अगस्त माह की दस तारीख होगी|
  • जीएसटी की वेबसाइट पर एक्सेल शीट होगी जिनके प्रारूप को भरकर अपनी बिक्री की सुचना देनी होगी|
  • जीएसटी रिटर्न फॉर्म जुलाई महीने के शुरूआती सप्ताह में ही उपलब्ध करवा दिए जाएगे|

GST TAX की रसीद या बिल कौन और कब जारी करेगा (Who will issue the receipt or bill of GST tax)

आपकी जानकारी के लिए बता दे GST TAX की रसिप्त सम्बन्धित उत्पाद की सप्लाई करने वाला इस बिल को जारी करेगा| आप सम्बन्धित दुकानदार या डीलर से एक महीने की अवधि तक GST TAX बिल रिसीव कर सकते हैं| इसके बाद भी किसी भी एंट्री या प्रूफ के जरिए विक्रेता से प्राप्त कर सकते हैं|

सप्लाई करने वाले द्वारा बनाए बिल में यदि कीमत कम दर्ज की गईं हैं इस स्थति में क्रेडिट नोट जारी करेगा, यदि वसूली गईं कीमत अधिक हैं तो बिल भेजने के समय वह आपकों डेबिट नोट जारी कर सकता हैं| छोटे व्यापारियों को बिल में उत्पाद नंबर दर्ज करने की कोई आवश्यकता नही हैं|

GST Rate Finder App | जीएसटी रेट फाइंडर ऐप

वन नेशन, वन टैक्‍स 1 जुलाई से देशभर में लागू होने के बाद भी लोगों की तकलीफों में कमी नही नही आई हैं, खासकर gst tax rate को लेकर व्यापारी वर्ग द्वंद की स्थति में बना हुआ हैं, जब कारोबारी को ही वस्तुओं और उत्पाद के सही जीएसटी कीमत का पता नही हो तो, ग्राहकों से इसकी उम्मीद करना व्यर्थ हैं,

गुड्स एंड सर्विस टैक्स की इन तमाम तकलीफों को दूर करने के लिए भारत सरकार और CBEC ने मिलकर डिजिटल आधारित एक एंड्राइड ios फ़ोन के लिए एक एप्प लौंच किया हैं. जीएसटी रेट फाइंडर ऐप नाम से यह एप्प आपकी बड़ी मदद कर सकता हैं.

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री द्वारा केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के सहयोग से निर्मित इस मोबाइल ऐप में gst tax के अधीन आने वाले सभी वस्तुओ और उत्पादों की सूचि उपलब्ध करवाई जा रही हैं,

अपने मोबाइल में इस एप को इनस्टॉल करने के बाद आप किसी भी वस्तु पर लगे दर की मात्रा और कीमत की पहचान आसानी से कर सकेगे.

  • इस एप्प से न केवल व्यापारियों को हो रही परेशानी कम होगी.
  • बल्कि नाजायज तरीके से ठगी पर भी रोक लगाने में सरकार को मदद मिलने वाली हैं.
  • कोई भी उपभोक्ता अपना उत्पाद खरीदने से पूर्व उस पर लगे जीएसटी टैक्स की मात्रा,
  • टैक्स सूची को आसानी से देख सकता हैं.
  • आपकी जानकारी के लिए बता दे, भारत की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जिओ ने भी एक धासू एप्प लौंच की हैं.

Jio GST नाम के इस एप्प से 75 लाख या इससे कम का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारी अथवा दुकानदार इस जिओ किट से जुड़ सकेगे. Jio GST की आरम्भिक कीमत 2000 रूपये रखी गईं हैं,

इसमे फ्री इन्टरनेट और वौइस् कॉल की सेवा भी निशुल्क रहेगी.इस एप्प का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों को gst फाइल रजिस्टर और रिटर्न भरने के अलावा नियमों के बारे में सहायता उपलब्ध करवाना हैं.

8 जुलाई को भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लौंच इस एप्प को कोई भी स्मार्टफ़ोन यूजर फ्री में इंस्टाल कर इसकी सेवाए ले सकता हैं. चलिए जानते हैं. जीएसटी रेट्स जानने में मददगार इस एप को अपने फ़ोन में इनस्टॉल कैसे करे.

  • अपने एंड्राइड या ios फ़ोन में इन्टरनेट कनेक्शन on करे.
  • गूगल प्ले स्टोर में जाए.
  • जीएसटी रेट फाइंडर नाम से इस एप्प को सर्च कर इनस्टॉल करे.
  • एप्प इनस्टॉल होने के बाद इसे ओपन करे.

गुड्स और सर्विस टैक्स की जानकारी देने वाले इस सॉफ्टवेयर में एक सबसे बेहतरीन चीज यह हैं.

कि इसे डाउनलोड करने के बाद बिना इन्टरनेट के ऑफलाइन भी उपयोग किया जा सकेगा. जीएसटी के दायरे में आने वाली सभी पांच श्रेणियों 0 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की स्पष्ट सूची इसमे अपलोड की गईं हैं.

आप किसी भी वस्तु पर जीएसटी टैक्स कीमत जानने के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग कर सकते हैं, इसके अतिरिक्त सभी श्रेणी के टैक्स सूची को भी आसानी से देखा जा सकता हैं. इस एप्प में तीन आप्शन दिए गये हैं.

टैक्‍स रेट्स गुड्स, टैक्‍स रेट्स सर्विसेज, इन्‍फॉर्मेशन से आप मनचाही जानकारी तुरंत पा सकते हैं.

  • यह सॉफ्टवेयर ग्राहकों और कारोबारियों के जीएसटी टैक्स रेट के कन्फ्यूजन को दूर करेगा.
  • कोई भी व्यापारी टैक्स की अधिक कीमत नही लगा सकेगे, ग्राहक को भी इसकी जानकारी रहेगी.
  • बिना इन्टरनेट कनेक्शन के भी इस सोफ्टवेयर का उपयोग किया जा सकेगा.
  • जीएसटी टैक्स लिस्ट में कोई उत्पाद ना मिलने पर सर्च बॉक्स का उपयोग कर सकते हैं.
  • जीएसटी की अधिक जानकारी के लिए इनफार्मेशन आप्शन में जा सकेगे.

जिओ जीएसटी किट

पिछले एक वर्ष से टेलिकॉम कंपनीज में धूम मचाने वाले रिलायंस जिओ अब आपके लिए जीएसटी पर मेहरबान होने जा रही हैं, दरअसल 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में जीएसटी बिल लागू हो जाने के उपरांत देश भर से इस सिस्टम को समझने को लेकर शिकायते आ रही हैं,

छोटे व्यापरियों को समझ नही आ रहा, अपना व्यापर किस दिशा में ले जाए. केंद्र सरकार ने भी व्यपारियो और ग्राहकों की इस समस्या को हल करने के लिए GST Rate Finder App, लौंच किया था.

दूसरी तरफ अब जिओ Jio GST offer  लाने जा रही हैं, इससे न सिर्फ आप जीएसटी टैक्स को ठीक तरह से समझ पाएगे. बल्कि यह आपकों बिजनेस सही दिशा में ले जाने, जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए एक धांसू स्‍टार्टर प्लान लेकर आई हैं.

बहुत सारे ऐसे व्यवसायी हैं, जिन्हें GST के नियम कानून की जानकारी नही हैं. उन्हें शायद नही पता होगा, अपने बिजनेस को आगे किस दिशा में लेकर जाना हैं.

यदि आप भी किसी इस तरह की उलझन में हैं. तो जिओ जीएसटी किट आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं. यह किट उन लघु व्यापरियों और दुकानदारों के लिए हैं. जो 75 लाख से कम टर्न ओवर के दूकानदारो और व्यवसायी के लिए ऊपयोगी होगी.

रिलायंस जिओ किट के इस स्टार्टर प्लान की शुरुआत 1,999 रुपये से होकर 10,884 रुपये तक के प्लान उपलब्ध हैं. ये सेवाए जिओ जीएसटी एप्प में आपकों उपलब्ध रहेगी.

इस एप्प को इनस्टॉल करने के लिए प्ले स्टोर में जाकर सर्च करे जिओ जीएसटी और इस एप्प को इनस्टॉल कर लेवे. इस जिओ की किट से आपकों क्या फायदा हो सकता हैं, इनमे कौनसी सुविधाए आपकों मिलने वाली हैं, इसकी जानकारी नीचे दी जा रही हैं.

JIO GST आपको जीएसटी से जुड़े हर सवाल का जवाब देने के साथ साथ आपकों जीएसटी रिटर्न फाइल करने और जीएसटी नियमों के बारे में जानकारी देगा. इसके अतिरिक्त इस एप्प में बिलिंग करने के बाद रिलायंस की ओर से आपकों ये सेवाए भी तोफहे के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया हैं.

  • अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग एक साल के लिए.
  • एक वर्ष के लिए 24 gb फ्री 4g इन्टरनेट.
  • जियो फाई डिवाइस इस किट के साथ फ्री में मिलेगा.
  • जीएसटी के लिए अन्य कही जाने या अकाउंट बनाने की आवश्यकता नही.
  • इस किट की घर पर डिलेवरी शुरू की जा चुकी हैं.
  • 24 घंटे फ्री हेल्पलाइन और तकनिकी सहायता.
  • GST का देश में पहला सॉल्यूशन किट.

JioGST की स्टार्टर किट के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद आसान हैं, इसके लिए पहले तो आप जिओ के ग्राहक होने चाहिए, यानि आपके पास जिओ सिम होनी चाहिए.

यदि आप अभी तक जिओ सिम नही खरीद पाए हैं तो अपने नजदीकी जिओ रिटेलर अथवा डीलक्स के पास जाकर सिम खरीद लेवे.

अपना खाता बनाकर जिओ सिम एक्टिवेट कर लेवे. जब आपके घर जिओ किट और wifi डिवाइस मिलने के बाद JioGST.com वेबसाइट पर जाकर gstin चुने और अपने एमएसआईएसडीएन कोड को इंटर कर आप Jio GST offer को स्टार्ट कर सकते हैं.

इसके अतिरिक्त किट के साथ मिली निर्देशिका पुस्तक से भी इस सेटअप आसानी से कुछ ही मिनटों में कर सकते हैं.यदि आप जिओ जीएसटी किट के एक्टिवेशन नही कर पा रहे हैं तो नजदीकी जिओ रिटेलर से सम्पर्क कर सकते हैं, अथवा जिओ जीएसटी की हेल्पलाइन पर कॉल करके भी तकनिकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

  • सबसे सस्ता प्लान.
  • पहली जीएसटी सोल्यूशन किट.
  • फ्री इन्टरनेट और वौइस् कॉल की सेवा भी एप्प में उपलब्ध.
  • पूर्ण तकनिकी और हेल्पलाइन सहायता.
  • जीएसटी किट की होम डिलेवरी.
  • व्यापारियों के लिए उत्तम मार्गदर्शन.
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