कल रात मैंने एक सपना देखा निबंध | Essay on maine ek sapna dekha in hindi

कल रात मैंने एक सपना देखा निबंध Essay on maine ek sapna dekha in hindi: हम बहुत बार रात में सपने देखते हैं कुछ स्वप्न मीठे तो कुछ बुरे एवं भयानक प्रकार के होते हैं. कल रात मैंने एक सपना देखा Last Night I Had A Dream में स्टूडेंट्स के लिए सरल भाषा में विगत रात के एक सपने के बारे में निबंध बता रहे हैं.

कल रात मैंने एक सपना देखा Essay on maine ek sapna dekha in hindi

कल रात मैने एक सपना देखा निबंध Last Night I Had A Dream Essay In Hindi

last night i saw a dream essay: यह एक अचम्भा था. एक लकी द्रो में मुझे प्रथम स्थान मिला. इसमें डिजनीलैंड अमरीका की यात्रा बिलकुल मुफ्त थी. मैंने हवाई जहाज का टिकट मंगाया एवं आकाश से बातें करने लगा.

किन्तु यह ऊपर और ऊपर उड़ान भरने लगा तो मैं डर गया. जहाज अब उडान पर था तो एक उपग्रह से टकरा गया एवं टुकड़े टुकड़े हो गया, मैं नीचे गिरने लगा. तभी हेलीकॉप्टर जितना बड़ा मैंने एक पंछी देखा.

मैंने किसी तरह उसके पंख पकड़ लिए. वह पक्षी कुछ समय बाद एक पानी के जहाज पर उतर गया. अपनी जान बची देखकर मैं हैरान था, किन्तु ऐसा नही था. मुशिबते साथ ही आती हैं.

अचानक एक धमाके के साथ जहाज टूट गया, एक लकड़ी का तख्ता पकड़कर मैं तैरने लगा. समुद्र व्हेल मछलियों एवं शार्क से भरा हुआ था. डर के मारे मैं मम्मी मम्मी चिल्लाने लगा.

मेरी चिल्लाहट सुनकर माँ वहां आ गयी और मुझे जगाकर पूछने लगी क्या हुआ? अब मुझे समझ आया वह सब एक स्वप्न था. मैंने ईश्वर को धन्यवाद दिया कि वह सब केवल एक स्वप्न था- डरावना स्वप्न.

कल रात मैने एक सपना देखा निबंध Last Night I Had A Dream Essay In Hindi

कल रात मैंने एक सपना देखा, यह सपना मुझे लगभग रात के 1:00 बजे के आस पास आया था। मैंने अपने सपने में देखा कि मेरे चारों तरफ काफी भीड़ लगी हुई है क्योंकि मैं विधायक के पद का प्रत्याशी था। बता दूं कि मैं बचपन से ही समाज सेवा करना चाहता था और मैं यह चाहता था कि मुझे कोई ऐसी पावर मिले जिससे मैं समाज सेवा खुलकर के कर सकूं और शायद यही वजह है कि सपने में मुझे विधायक का सपना आया। 

मेरे सपने में मुझे अपने आसपास लाखों लोगों की भीड़ दिखाई दे रही थी, जो लगातार मेरी जय जयकार कर रहे थे। कई लोग मेरे साथ सेल्फी खिंचवाने के लिए धक्का-मुक्की करके मेरे पास आने की कोशिश कर रहे थे, वही जो मेरे बॉडीगार्ड्स है, वह उन लोगों से मुझे बचाने का प्रयास कर रहे थे। मैं एक गाड़ी पर सवार था। यह शायद मेरे प्रचार की रैली थी। 

मैं अपने हाथ जोड़ जोड़ कर के रोड के दोनों तरफ खड़े लोगों से अभिवादन कर रहा था और उन्हें चुनाव में मुझे वोट देने की अपील कर रहा था। इस प्रकार रैली खत्म होने के बाद मैं अपने घर पर आ गया, जहां पर पार्टी के कई कार्यकर्ताओं से मेरी मुलाकात हुई। सभी कार्यकर्ताओं ने मुझे अपने अपने इलाके की रिपोर्ट दी कि आपको यहां से इतने वोट मिलने वाले हैं और आप यहां पर कमजोर हैं।

इसके बाद हम सभी ने चुनाव से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में बातें की और उसके बाद मैंने सभी कार्यकर्ताओं को उनके घर पर जाने के लिए कहा। अगले दिन चुनाव लड़ने के लिए मेरा पर्चा दाखिला था। पर्चा दाखिले में मैंने भी अपने भौकाल को टाइट करने के लिए लगभग 12 से 15 गाड़ियां बुलाई थी, जिसमें मेरी पर्सनल 2 गाड़ियां थी और बाकी गाड़ियां मेरे समर्थकों की थी।

हम लोग काफी जोर-शोर से पास के कार्यालय में पर्चा दाखिला करने के लिए गए, जहां पर तहसीलदार के द्वारा मेरे सभी डॉक्यूमेंट की जांच की गई और मेरा पर्चा दाखिला कर दिया गया। इसके बाद मैं चुनाव के प्रचार में पूरे जी-जान से जुट गया। पर्चा दाखिला करने के बाद मैंने लगभग 4 दिन तक धुआंधार प्रचार किया और मुझे प्रचार में लोगों का भरपूर समर्थन मिलता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद चुनाव आयोग के द्वारा आचार संहिता लगा दिए जाने के कारण चुनाव प्रचार थम गया और 2 दिन के बाद मतदान करने का दिवस भी आ गया।

मैं भी सुबह नहा धोकर के अपने पहचान प्रमाण पत्र को लेकर के मतदान केंद्र पर जाकर खड़ा हो गया और जब मेरा नंबर आया तो मैंने अपने चुनाव निशान के सामने वाली बटन को दबा कर के अपने आप को वोट किया। इसके बाद मै बिना किसी से बोले हुए बाहर चला आया। इस प्रकार मतदान का कार्यक्रम संपन्न हो गया।

मतदान हो जाने के तकरीबन 10 दिनों के बाद चुनाव परिणाम की गिनती होने लगी और गिनती में मैं शुरुआत में काफी पीछे था परंतु जैसे-जैसे गिनती के चरण आगे बढ़ते गए वैसे वैसे ही मेरे वोटों की संख्या में इजाफा होता गया और आखिरी राउंड आते-आते मैं अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से तकरीबन 8,000 के वोट से जीत गया और इस प्रकार में अपने इलाके का विधायक बन गया।

विधायक बनने के बाद मुझे चुनाव आयोग की तरफ से जीत का प्रमाण पत्र भी मिला। इसके बाद मेरे समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मैंने मेरे समर्थकों के साथ मिठाइयां बांट करके अपनी जीत को सेलिब्रेट किया। इसके बाद मेरी खुशी तब और भी ज्यादा बढ़ गई जब मुझे यह पता चला कि प्रदेश सरकार के गठन में मुझे भी मंत्री का पद मिला है और प्रदेश सरकार मे मुझे खनन मंत्री का पद देने की बात चली है, क्योंकि प्रदेश सरकार में भी हमारी ही सरकार बनी थी।

इसके बाद निश्चित दिन प्रदेश सरकार में शामिल होने के लिए हमने अपने अपने पद की शपथ ली और इस प्रकार मेरा कार्यकाल चालू हो गया। कार्यकाल चालू होने के बाद भी मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है और लोगों ने मुझे यह आश्वासन दिया है कि वह अगली बार भी मुझे ही विधायक के तौर पर चुनेंगे। 

इस प्रकार मैं खुशी से फूला नहीं समा रहा था, क्योंकि एक तो विधायक बनने की खुशी अलग थी और दूसरा पावर मिलने की खुशी अलग थी। मैं सोचता हूं कि काश यही सपना अगर हकीकत में हो जाए तो मेरे लिए कितनी खुशी की बात होगी। लोग मुझे मान सम्मान देंगे और सभी लोग मुझसे मिलने के लिए तरसेंगे।

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