आतंकवाद पर निबंध Essay On Terrorism In Hindi

आतंकवाद पर निबंध Essay On Terrorism In Hindi: आज आए दिन हम देखते सुनते है कि फला स्थान पर आतंकवादी हमला हुआ, शायद ही कोई दिन गया हो जब कहीं बेगुनाहों का खून न बहा हो. पाकिस्तान के प्रश्रय से विश्व भर में वैश्विक आतंकवाद का आलम बेहद खतरनाक नजर आता हैं.  कक्षा 10 के बच्चों के लिए Terrorism Essay In Hindi यहाँ साझा कर रहे हैं.

आतंकवाद पर निबंध Essay On Terrorism In Hindi

आतंकवाद पर निबंध Essay On Terrorism In Hindi

भारत में आतंकवाद की समस्या पर निबंध Hindi Aatankwad Ki Samasya Essay: पुलावामा हमले के बाद आतंकवाद की समस्या का एक नया रूप भारत व दुनियां ने देखा हैं. भीड़ वाले इलाकों में बम धमाके, लोगों को बंदी बनाना, निहत्थों पर वार कर उनकों मौत के घाट उतार देना आतंकवाद का स्वरूप हैं. Aatankwad Ki Samasya Essay में हम इस समस्या के बारे में विस्तार से जानेगे.

Cross Border Terrorism Essay In India In English

In this Cross Border Terrorism Essay brief introduction terrorism problems in India in Hindi and English language. after the 2008 Mumbai Terror attack continuously, suffered it the whole world.

Cross-Border Terrorism becomes now a global problem and a big threat to human life. in this written ”best essays on terrorism” in 200,250, 300 words. these valuable points include it What are the problem of terrorism, its adverse consequences, and preventive measures.

almost all over the world terrorist groups are arising like carrot grass. the number of terrorist groups in increasing. some of them are maos, bodos, jklf, nakasal Vadis, LTTE.

they are trying to destroy the peace of related states. they are organized to fulfill their political and religious desires to give an advantage to the particular race. they are using the worst methods of destroying national and public property by a bomb blast and killing innocent people by using guns.

Cross-Border Terrorism has no religion. they only aim is to occupy the power of some state or nation. they fill the terror in the hearts of peace-loving people.

The only way to conquer this burning problem is to start talks with terrorists and prepare them to leave the way of killing innocent people.

Alas! our leaders have no courage to solve this Cross Border Terrorism problem. they always think of capturing the ruling seat. Parvez Musharraf said that if he left the Kashmir issue, he would leave Pakistan.

only talks will not solve this Cross Border Terrorism problem. terrorists should be killed firmly with iron hands. terrorists don’t deserve mercy.

the nation should not depend on America. which takes the side of Pakistan. our India can be saved from the poisoned fruits of Cross Border Terrorism by taking strict steps.

Cross Border Terrorism Essay In Hindi

विभिन्न तरीकों से डर अर्थात भय की स्थति उत्पन्न करना Terrorism आतंकवाद कहलाता है. इसके कई प्रकार है. मुख्य रूप से सीमा पार Terrorism के कारण न सिर्फ भारत बल्कि आज पूरा विश्व चिंतित है. यह किसी राज्य अथवा देश की समस्या न होकर विश्व की ज्वलंत समस्या बन चूका है.

किसी युद्ध अथवा झगड़े का कोई समाधान हो सकता है. मगर छुटपुट घुसपैठ से भीड़ भाड़ वाले इलाके में जाकर निर्दोष नागरिकों की जान लेने का यह खुनी खेल आप अपने चरम पर पहुच चूका है. अमेरिका जैसा शक्तिशाली मुल्क भी इसके दुष्परिणाम भुगत चूका है.

अमेरिका को चन्द्रमा पर पहुचने के लिए जितनी मेहनत नही करनी पड़ी, उतनी खूखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ढूढने में लगी. बहरहाल इसे विगत वर्षों में पाकिस्तान की सरभूमि पर मार गिराया था. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है. Terrorism को जड़ से समाप्त करना किसी एक देश के लिए कितना मुशीबत भरा हो सकता है.

तक़रीबन 50-70 साल पूर्व आतंकवाद नाम की कोई चीज नही हुआ करती थी. भारत पाक विभाजन के चलते कुछ पाकिस्तानी कट्टरपंथी संगठनों ने जिहाद के नाम पर जम्मू कश्मीर पर कब्जा करने के लिए इस तरह के Terrorism संगठन तैयार किये थे. अमेरिका तथा अन्य इस्लामिक देशों ने इसे आर्थिक व सैन्य सहायता के बन्दोबस्त किये थे.

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान तथा अन्य मुस्लिम देशों में Terrorism attack को देखकर कहा जा सकता है, जिसनें विष को पाला अब वह उन्हें ही डस रहा है. भारत में भी आए दिन घुसपैठिये अपनी नाकाम कोशिशे करते रहे है. मगर सीमा सुरक्षा बल की मुस्तैदी के चलते हर बार हमारी सेना ने आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम किया है.

आतंकवाद निबंध 1

धर्म के नाम पर इंसानियत का खून
नये नये चेहरों पर जेहाद का जूनून
क्या खूब स्वागत है इक्कीसवीं सदी का
मौत की स्याही से लिखा जाता है सुकून

आतंकवाद से आज विश्व के अधिकाँश देश पीड़ित हैं. धर्म और जेहाद के नाम पर नित्य कहीं न कहीं निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो रही हैं. हत्या, शोषण, मादक द्रव्यों और अवैध शस्त्रों के व्यापार में लिप्त अनेक आतंकी गिरोह शांति और सभ्यता के शत्रु बने हुए हैं.

आतंकवाद एक विश्वव्यापी समस्या– आज आतंकवाद एक विश्वव्यापी समस्या बन चुका हैं.  आज  ऐसे संगठन   और  गिरोह सक्रिय हैं जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं. भारत तो दशकों से आतंकवाद का दंश आतंकवाद का दंश झेलता आ रहा हैं. किन्तु जब 11 सितम्बर 2001 को अमेरिकन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर भस्मसात हुआ,

इंग्लैंड की ट्रेनों में धमाके हुएइंडोनेशिया के पर्यटन स्थलों पर तबाही हुई  सारे विश्व को आतंकवाद की भयावहता स्वीकार करनी पड़ी आतंकवाद के पीछे विभिन्न देशों के आर्थिक और राजनैतिक स्वार्थ निहित हैं. मादक पदार्थों तथा अवैध शस्त्र व्यापार चलाने वाले माफियासंगठन आतंकवादियों के पोषक बने हुए हैं. कुछ देशों की सरकारें भी आतंकवादियों की संरक्षक बनी हुई हैं.

भारत में आतंकवादी गतिविधियों का इतिहास– भारत में आतंकी गतिविधियाँ पूर्वी सीमांत से प्रारम्भ हुई. नागालैंड, त्रिपुरा, असम आदि राज्यों में आतंकवाद काफी समय प्रभावी रहा. इसके पश्चात पंजाब और जम्मू कश्मीर से आतंकवाद की क्रूरता को झेला. अब तो लगभग सारे देश में आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं.

गुजरात का अक्षरधाम, संसद भवन, दिल्ली का लाल किला, मुंबई की लोकल ट्रेनें, बनारस का संकटमोचन मन्दिर सभी आतंकी प्रहार झेल चुके हैं. भारत और पाकिस्तान के मध्य चलाई गई समझौता एक्सप्रेस में बम विस्फोट, मुंबई के  ताज होटल  हमला तथा पठानकोट एअर बेस पर हमला आतंकवाद की भयानक घटनाएँ हैं. छोटी मोटी आंतकी घटनाएं आज भी जारी हैं.

आतंकवाद की नर्सरी– आज सारा संसार जान चुका है कि आतंकवाद की नर्सरी पाकिस्तान में हैं. वर्षों से इस देश में आतंक वादियों को प्रशिक्षण और शरण मिलती आ रही हैं.

समाप्ति के उपाय– आतंकवाद से टुकड़ो में नहीं निपटा जा सकता. अब तो संसार के सभी जिम्मेदार राष्ट्रों को संगठित होकर आतंकवाद के विनाश में सक्रिय भागीदारी करनी होगी. पाकिस्तान को सही रास्ते पर आने को मजबूर करना होगा. भारतीय नेताओं को भी वोट बैंक, स्वार्थ और सत्ता लोलुपता त्यागकर देश की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाना होगा. जनता को भी केंद्रीय सत्ता में प्रचंड संकल्प वाले युवा लोगों को चुनकर भेजना होगा.

उपसंहार– आतंकवाद मानव सभ्यता पर कलंक हैं. उसे धर्म का अंग बताकर निर्दोषों का खून बहाने वाले मानव, मानव नहीं दानव हैं. उनका संहार करना हर सभ्य राष्ट्र का दायित्व हैं.

आतंकवाद निबंध 2

आज सम्पूर्ण मानवता आतंकवाद की समस्या से त्रस्त है. पिछड़े और विकासशील देश तो इसकी गिरफ्त में है, सम्रद्ध व शक्तिशाली देश भी इस खतरे से अछूते नही है.

विधि सम्मत सरकार के विरुद्ध हिंसात्मक कार्यवाही करना तथा जनता को भयभीत करना आतंकवाद है. हिंसा की धमकी, व्यक्तिगत हिंसात्मक कृत्य और लोगों को आतंकित करना आतंकवाद  है. भारत सहित दक्षिण एशियाई देश तो इस समस्या से जूझ ही रहे है, अमेरिका भी इसका अपवाद नही है.

जम्मू कश्मीर तथा देश के अन्य भागों में विघटनकारी घटनाओं को अंजाम देने का कार्य यही आतंकवादी कर रहे है. दिसम्बर 2001 में भारतीय संसद पर जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तोयबा के आतंकवादियों ने हमला कर दिया था.

विदेशी आतंकवादी संगठनों द्वारा प्रायोजित यह छाया युद्ध युद्ध भारत के लिए एक बड़ी समस्या है. आतंकवाद राज्य एवंम इसका राज्य प्रायोजित रूप अत्यंत भयावह है. इसके अंतर्गत विश्व के कई राज्य अपने स्वार्थी हितों की पूर्ति के लिए खुलेआम आतंकवाद और आतंकवादी संगठनों को शह एवं प्रश्रय दे रहे है.

इन आतंकवादी संगठनों के पास अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक, वित्त व अन्य सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. अनगिनत वार्ताओं व सम्मेलनों में चर्चा के बावजूद आतंकवाद की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है. इससे प्रभावित देश में शांति और परस्पर विश्वास तो खंडित हुआ ही है. आर्थिक संसाधनों की बर्बादी हुई है.

अच्छा हो, आने वाला समय आतंकवादी गतिविधियों से मुक्त हो तथा इस अथाह धनराशी का प्रयोग जनता के विकास की ओर उन्मुख करने का मार्ग प्रशस्त हो.

आतंकवाद की समस्या का विस्तार (aatankwad ke karan)

आज दुनिया का लगभग हर देश आतंकवादी की समस्या को लेकर चिंतित है. यह सर्वविदित है, कि इस समस्या की जड़ पाकिस्तान से जुड़ी हुई है. पाक की ख़ुफ़िया एजेंसी isi को पालिसी हमेशा इन आतंकवादी संगठनो को प्रश्रय देने की रही है. कई टेरिरिस्ट ग्रुप्स और उनके लीडर जैसे हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में भारत की मांग पर कई देशों ने सहयोग किया.

पाकिस्तान व चीन आतंकवाद के मामले में भारत की राह का रोड़ा बनकर भविष्य में अपनी चुनौतियों को आमत्रित कर रहे है. इसका नतीजा पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान सहित्र कई इस्लामिक मुल्क भी भुगत रहे है.ईरान, सीरिया, नाइजीरिया, अफगानिस्तान में आतंकवाद पाकिस्तान की दुचाल का ही कारण है.

आतंकवाद की समस्या के समाधान के उपाय (aatankwad ki samasya ka samadhan)

आतंकवाद को नियंत्रित करने के हर संभव प्रयास पिछले कुछ सालों से किये जा रहे है. लेकिन कुछ देशों में अभी भी गुप्त रूप से टेररिस्ट ट्रेनिंग के कैम्प खुलेआम चल रहे है. धार्मिक फंड के नाम पर कई बड़े देश इन्हें चोरी छिपे फंडिग कर रहे है. इससे आतंकवादियों के हौसलें बुलंद है.

यह कितने खतरनाक साबित हो सकते है. इस बात का अनुमान लगाने के लिए आप समझ सकते है, आज के परमाणु युग में जो तकनीक कई विकसित राष्ट्रों के पास नही है, वो आज इन आतंकवादी संगठनो के पास है. धर्म के नाम पर चल रहा aatankwad का यह खुनी खेल दुनिया को तबाह कर रख देगा. यदि दुनिया के शक्तिशाली देश समय रहते इसके विरोध में नही आए तो इसके भयंकर परिणाम भुगतने पड़ सकते है.

आतंकवाद निबंध 3

बमों के धमाके, गोलियों की तड़तड़ाहट, असुरक्षित जन जीवन, असुरक्षित धर्म स्थान, निर्दोषों का बहता लहूँ, निराश्रितों के बढ़ते शरणस्थल, यह तस्वीर है हमारे आधुनिक जगत की. कोई भी कही भी सुरक्षित नही हैं. समाचार पत्र आतंकवादी कृत्यों के समाचारों से भरे रहते हैं.

आतंकवाद क्या हैं- आतंकवाद बल प्रयोग द्वारा तथा आतंक फैलाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का बर्बर तरीका हैं.

आतंकवाद का विश्वव्यापी रूप– आतंकवाद एक विश्वव्यापी समस्या हैं. ओसाबा बिन लादेन के नेतृत्व में अलकायदा अफगानिस्तान के तालिबान, पड़ोस में पल फूल रहे जेहादी तथा भारत एवं नेपाल में सक्रिय माओवादी और नक्सलवादी आतंकवाद के सहारे ही अपना अधिकार जमाना चाहते हैं.

भारत में आतंकवादी गतिविधियाँ एवं दुष्परिणाम– स्वतंत्र भारत में आतंकवाद का प्रारम्भ पूर्वी सीमान्त से हुआ. नागालैंड, त्रिपुरा, असम आदि प्रदेशों में विदेशी शक्तियों के षड्यंत्र से आतंकवादी गतिविधियाँ काफी समय से चलती हैं. 

भारत में स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या से लेकर, विमान अपहरण, निर्दोष लोगों की हत्याएं, जगह जगह धमाके, यहाँ तक कि घात लगाकर सेना पर हमला, अक्षरधाम और संसद भवन पर हमला आदि आतंकवाद के ही उदहारण हैं. जयपुर में बम ब्लास्ट तथा मुंबई में हुए हमले में सैकड़ो लोगो की जान चली गई. 

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टों की आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई. आतंकवाद को प्रोत्साहित करने वाला देश स्वयं आतंकवाद की चपेट में आ गया हैं. यह घटना संदेश देती हैं कि आतंकवाद बढ़ाकर किसी समस्या का समाधान नही हो सकता.

मुक्ति के उपाय- आतंकवाद के विरुद्ध संसार का हर सभ्य और समझदार देश आवाज उठा रहा हैं. किन्तु यह रोग बढ़ता ही जा रहा हैं. आतंकवादी गतिविधियों का कठोरता से सामना करके ही सफलता मिल सकती हैं.

उपसंहार- आज आतंकवाद को रोकने के लिए हमे अपनी सेना को नवीनतम सैन्य उपकरणों से सुसज्जित करना होगा और सारी गुप्तचर एजेंसियों को अधिक चुस्त और सावधान बनाना होगा. तभी हम आतंकवाद की इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

आतंकवाद एक विश्वव्यापी समस्या निबंध 4

आज के समय में विश्व की सबसे ज्वलंत समस्याओं पर नजर डाले तो जिनमे आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रहा हैं. न सिर्फ भारत बल्कि समूचा संसार इस जहरीले आतंक की आग की लपेट में जल रहा हैं.

1993 के मुंबई ब्लास्ट, 11 सितम्बर 2001 में अमेरिका के वाइट हाउस,इसी वर्ष भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला (Terrorist attack on Indian Parliament) और 26 नवम्बर 2008 के दिन मुंबई की ताज होटल पर हमला, 2017 में पेरिस और उरी में हुई आतंकवादी घटनाओं इस बात का गवाह हैं.

कि यह समस्या किसी एक देश की न होकर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद (International terrorism) का रूप ले चुकी हैं.

आतंकवाद की जड़ कहे जाने वाले अलकायदा के ओसामा बिन लादेन और बगदादी के पतन के बावजूद इस तरह की आतंकी घटनाएँ निरंतर बढ़ रही हैं. आतंकवाद मुख्य रूप से हिंसा के द्वारा आम जन में भय का माहौल बनाकर अपने राजनीतिक (Political) ,आर्थिक (Economic) , धार्मिक (Religious) और सामाजिक उद्देश्यों (Social objectives) को पूरा करना ही हैं.

आज विश्व में आतंकवाद के अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं. जिनमे कही राजनितिक आतंकवाद,कही धार्मिक आतंकवाद तो कही सामाजिक आतंकवाद के उदहारण आए दिन देखने को मिलते हैं. भारत के उत्तरी-पूर्वी राज्यों मूख्य रूप से जम्मू कश्मीर और असम में हिंसक गठबन्धनों द्वारा किये गये कार्य राजनीतिक आतंकवाद (Political terrorism) के उदहारण हैं.

आतंकवाद के उद्देश्य (Objectives of terrorism)

हमारे देश और पड़ोसी मुल्को में तालिबान,अलकायदा, लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहमद जैसे कई कट्टर धार्मिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं. जो अपनी कट्टरपंथी विचारधारा (Radical ideology) के प्रयास के लिए हिंसा और अपराध को जन्म देते है. इसके अतिरिक्त समाज में व्याप्त क्रांतिकारी विद्रोह (Revolutionary revolt) को भी आतंकवाद की श्रेणी में शामिल किया जाता हैं. अकसर भारत में नक्सलवाद और गैर राजनितिक आतंकवाद के उदहारण देखने को मिलते हैं.

आतंकवादी हमेशा नए-नए तरीकों की तलाश करते हैं, जिनके कारण अधिक से अधिक मात्रा में लोग मारे जाए, और उसमे भय उत्पन्न किया जा सके. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्लेन हाईजेक करना, रेववे स्टेशन या ट्रेन में बम डालना, रेल की पटरियों को उखाड़ लेना. आम नागरिकों या विद्यार्थियों को बंदी बना लेना, भीडभाड वाले स्थान को घेर लेना या उनमे घुसकर गोलीबारी करना आतंकवादियों के मुख्य हथियार (Main weapon of terrorists) होते हैं.

भारत में आतंकवाद और आतंकवादी घटनाएं (Terrorism and terrorist incidents in India)

यु तो हर दिन विश्व के किसी न किसी देश में छोटी-बड़ी आतंकवादी घटनाएँ घटित होती रहती हैं. मगर इनमे भारत आतंकवाद की समस्या से सबसे अधिक त्रस्त राष्ट्र हैं. पिछले कुछ ही वर्षो से देश के जम्मू कश्मीर और अन्य हिस्सों में आतंकवादी घटनाएँ निरंतर बढ़ी हैं. 80 के दशक में भारत में आतंकवाद की शुरुआत पंजाब में खालिस्तान की मांग से शुरू हुई थी,

भारत में आतंकवाद के इतिहास में सबसे बड़ा एंटी टेरिरिज्म ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) था. 1984 में तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने पंजाब के प्रसिद्ध स्वर्ण मन्दिर पर सैनिको को गोलियाँ बरसाने का आदेश दिया था. इसके ठीक १० साल बाद 12 मार्च 1993 में मुंबई में हुई सिलसिले वार बम धमाकों में 250 से अधिक आम नागरिक मारे गये थे.

इसके पश्चात 13 दिसम्बर 2001 को भारत के लोकतंत्र पर आतंवादियों द्वारा सीधा हमला किया गया. संसद पर हुए इस हमले में ९ सुरक्षाकर्मियो सहित कुछ निर्वाचित सदस्य भी मारे गये थे. इसके पश्चात वाराणसी , मुंबई और भारत पाक के बिच चलने वाली रेल में भयंकर आतंकी हमले हुए, जिनमे सैकड़ो लोगो ने अपनी जान गवाई थी.

भारत में आतंकवादी हमले (Terrorist attacks in India)

विगत महीनों में हुआ उरी आतंकी हमला जिनमे कई सुरक्षा सैनिक मारे गये थे, इसके अलावा जम्मू कश्मीर और एलओसी पर आए दिन चिट-पिट आतंकी घटनाएं और घुसपेट की घटनाए आए दिन सुनने को मिलती हैं.

वैसे तो हमेशा से आतंकवादियो ने जम्मू कश्मीर को अपना निशाना बनाया है, भारत के इस राज्य में आतंकवाद की शुरुआत (The beginning of terrorism) 1947 से ही हो गई थी. जो आज तक जारी हैं. इस आतंकवाद को हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान हमेशा से आश्रय देता आया हैं. 1990 आते-आते आतंकवाद न सिर्फ भारत की बल्कि समूचे विश्व की समस्या के रूप में सामने आया. मुख्य रूप से इस्लाम कट्टरपंथी पाकिस्तान समर्पित आतंकवाद ही इस सम्पूर्ण समस्या की जड़ हैं.

आज के समय में छतीसगढ़ सहित पश्चिम बंगाल में नक्सलवाद पूर्ण रूप से आतंकवाद का स्वरूप ले चूका हैं. आरम्भ में नक्सलवाद ने अपने हक़ और अधिकारों के लिए एक विद्रोह शुरू किया था.

जो कालांतर में एक हिंसक विद्रोह का रूप ले चूका हैं. साथ ही इन संगठनो द्वारा हिंसा का रास्ता चुन लिए जाने के कारण नक्सलवाद का स्वरूप आतंकवाद के समरूप हो चूका हैं. पश्चिम बंगाल से शुरू हुई नक्सलवाद की समस्या आज उड़ीसा, बिहार, झारखंड, आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश सहित देश के अन्य भागों में फ़ैल चुकी हैं.

आतंकवाद के कारण और प्रभाव (Due to terrorism and influence)

आरम्भिक वर्षो में आतंकवाद ने राजनितिक स्वार्थ के लिए धर्म को आधार बनाकर सता प्राप्ति का रास्ता चुना था. दूसरी तरफ नक्सलवाद की उत्पति/इसके जन्म का कारण मुख्य रूप से सामाजिक हैं. जिनमे अत्यंत गरीबी और अशिक्षा इसके मूल कारण हैं.

यही वजह हैं कि कम शिक्षित क्षेत्रों में आतंकवादी संगठनो द्वारा लोगों को धर्म के झासे में फसाकर इस प्रकार के संगठनो से जोड़ दिया जाता हैं. थोड़े से लाभ के लिए ये लोग आतंकवाद के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्य करते हैं.

यदि हम वैश्विक या भारतीय परिप्रेक्ष्य (Indian perspective) में पिछले 10 वर्षो में लोगों की मृत्यु की घटनाओं (Incidence of death) को देखे तो किसी भी प्राकृतिक आपदा से अधिक लोग आतंकवाद के शिकार हुए हैं.

इनके कुकृत्यो से मारे जा चुके हैं. बहुत सारे ऐसे परिवार हैं, जो आतंकवाद के कारण अपना पूरा परिवार या परिवार के किसी सदस्य को खो चुके हैं. दूसरी तरफ लाखों की संख्या में ऐसे दिव्यांग (Divyang) मिल जाएगे, जिन्होंने आतंकवाद घटनाओं में अपने अंगो को खो दिया हैंजिनका दंश वो आज भी भोग रहे हैं.

यदि हम आतंकवाद की रोकथाम (Terrorism Prevention) इस समस्या के समाधान के पहलुओ को जानना चाहे तो मुख्य रूप से शिक्षा और रोजगार का बड़ा मसला हैं. पिछड़े इलाकों में नवयुवक शिक्षा की कमी और रोजगार की अनुपलब्धता के कारण धार्मिक कट्टरपंथी (Religious fanatics) लोगों के लालच या बहकावे में आकर आतंकवाद का दामन थाम लेते हैं.

दूसरी तरफ नक्सलवाद (racism) भी किसी तरह आतंकवाद से कम नही हैं, सरकार को चाहिए कि वह उन लोगों की मागों को पूरा करे, जिसके लिए उन्होंने हथियार उठाएँ हैं.

समाधान (Solution)

जम्मू कश्मीर में आतंकवाद का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिलता हैं. जिसकी मुख्य वजह पाकिस्तानी घुसपैठ भी हैं. हाल ही के वर्षो में भारत सरकार ने एलओसी को पूर्ण रूप से अभेद्द बनाए जाने के प्रयासों को ओर तेज कर राज्य की आंतरिक प्रशासन व्यवस्था को सुधारे जाने की सख्त आवश्यकता हैं. जो बेहद निम्न स्तर की रही हैं.

यह भी हो सकता हैं, कि पाकिस्तान भले ही हमारा दुश्मन मुल्क हैं. आतंकवाद को प्रश्रय देने का कार्य भी मूल रूप से पाकिस्तान का भी, इसका खामियाजा उन्हें भी हर रोज भुगतना पड़ता हैं. अत: इस विषय पर दोनों देशों के राजनयिकों (Diplomats) को बैठकर कोई बिच का रास्ता निकालना चाहिए.

चूँकि आतंकवाद एक अंतराष्ट्रीय समस्या हैं. इसलिए इसका समाधान प्रभावित देशों के सदस्यों के साथ बैठकर भी कोई हल निकाला जा सकता हैं. जिनमे सयुक्त राष्ट्र संघ, अंतराष्ट्रीय न्यायालय जैसे सगठन महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं.

आतंकवाद पर निबंध 5

आतंकवाद एक ऐसी समस्या हैं जिसका भारत में हम कई दशकों से सामना कर रहे हैं. आज आतंकवाद एक ऐसी समस्या माना जाता हैं. जो न केवल राष्ट्रिय बल्कि अंतराष्ट्रीय राजनीती को भी अस्थिर कर सकती हैं. जिन कारको ने आतंकवाद को कट्टरपंथीयों द्वारा अवांछित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए इसे महत्वपूर्ण हथियार बनाया. वे हैं. उद्देश्य में दृढ विशवास, कट्टरता, अपने सरगनाओं के प्रति निष्ठा, हिंसात्मक आदर्शवाद आदर्शवाद आत्म बलिदान की इच्छा तथा विदेशो से मिलती वित्तीय सहायता आदि.

आतंकवाद क्या हैं ?-आतंकवाद एक हिंसक व्यवहार हैं जो समाज या उसके बड़े भाग में राजनितिक उद्देश्यों से भय पैदा करने के उद्देश्य से किया जाता हैं. यह राज्य या समाज के विरुद्ध होता हैं. यह अवैध और गैर क़ानूनी होता हैं. यह न केवल निशाना बनाया जाने वाले व्यक्ति आपितु सामान्य व्यक्तियों को डराने और बेबसी व लाचारी की भावना पैदा करता हैं.

आतंकवाद के उद्देश्य-आतंकवादियो का मुख्य उद्देश्य अपनी विचारधारा का प्रचार करना हैं. इस प्रक्रिया में यह विचार जन-समर्थन प्राप्त करना चाहता हैं. वह शासन की सैन्य शक्ति व मनो वैज्ञानिक शक्ति को विघटित करना चाहता हैं. आतंकवाद किसी भी देश/क्षेत्र की आंतरिक स्थिरता तोड़ना और उसके सतत विकास को रोकना चाहता हैं. वह अपने विचार रूपी आन्दोलन को बढ़ाना चाहता हैं. इस आन्दोलन की रूकावट चाहे वो व्यक्ति हो या सस्था उसे हटाने की कोशिश करता हैं. यह शासन को प्रतिक्रिया दिखाने के लिए उकसाता हैं.

भारत में आतंकवाद समस्या & हमले

” अहिंसा परमोधर्म: तथा “वसुधैव कुटुम्बकम” जैसे महामानवता वादी सिद्दांत वाले हमारे देश भारत में पिछले अनेक वर्षो से साम्प्रदायिक हिंसा तथा आतंकवाद विकराल समस्या बनी हुई हैं. बंगाल में नक्सलियों द्वारा की गईं हिंसा आगे जाकर पंजाब में खालिस्तान बनाने की मांग के चलते असंख्य बेगुनाहों का रक्तपात हुआ.

आज देश में जम्मू कश्मीर, असम, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, त्रिपुरा तथा उत्तर भारत के अनेक शहर आतंकवादियो के निशाने पर रहते हैं. बीते वर्षो में हमारी संसद पर किया गया आतंकवाद हमला एक प्रकार से हमारे सविधान तथा हमारे स्वाभिमान पर किया गया हमला था. यदि समय रहते हमारे जवानों ने उन आतंकवादियों को काबू में न किया होता तो हम कल्पना कर सकते हैं, उसके कितने भयानक दुष्परिणाम हो सकते थे.

आतंकवाद का कारण

यह सच हैं कि बेकारी तथा बेरोजगारी के कारण परेशान युवाओं को धन का लालच देकर तथा धर्म के नाम पर उकसाने तथा आतंकवादी बनने का काम धार्मिक कट्टरपंथी संस्थाएँ करती रहती हैं. ये संस्थाए अपने द्वारा प्रशिक्षित आतंकवादियों के माध्यम से देश में अस्थिरता का वातावरण बनाते रहते हैं. मुंबई, दिल्ली, जयपुर तथा अहमदाबाद में आतंकवादियो द्वारा “सीरियल ब्लास्ट” तथा “साइकिल बम ब्लास्ट” जैसी घटनाओं ने देश को झंकझोर कर रख दिया. इसलिए आज आतंकवाद के खिलाफ कठोरता से पेश आने की आवश्यकता हैं.

आतंकवाद को नियंत्रित करने के उपाय-

राष्ट्रीय समस्याओं पर आम सहमती तैयार की जानी चाहिए. न्याय व्यवस्था से सम्बन्धित सुधार करना, शासक और जनता में संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, पुलिस तथा सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जाना चाहिए तथा शिक्षा एवं रोजगार की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.आतंकवादी जब अपने आत्मघाती हथियारों तथा बमों से लोगों के घर उजाड़ते हैं तब यही कहने को मन करता हैं कि,

‘लोग सारी उम्र लगा देते हैं एक घर बनाने में |
उनको शर्म नही आती बस्तियाँ जलाने में || ”

आतंकवाद के कारण और निवारण निबंध 6

What is Terrorism Problem, Causes, Type and solution in Hindi 

आतंक का शाब्दिक अर्थ होता है- भय,त्रास या अनिष्ट की पीड़ा. षडयंत्रपूर्वक क्रूरता से नागरिकों को मारना, हमले करना, भय का वातावरण बनाना आतंकवाद कहलाता है. आतंकवादी अमानवीय प्रवृति के कारण अतीव क्रूर एवं स्वार्थी होते है. इनमे असहनशीलता एवं उग्रता चरम मात्रा में भरी रहती है. इसी स्वभाव के कारण आतंकवादियों को उग्रवादी भी कहा जाता है.

हमारे देश भारत में यह आतंकवाद और उग्रवाद पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा तथा कुछ विदेशी इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा छद्म रूप में चलाया जा रहा है.

भारत में आतंकवाद (Terrorism in India)

भारत में यदपि पूर्वोतर सीमांत क्षेत्र पहले ही अलगाववादी प्रवृति से ग्रस्त रहा है, परन्तु कश्मीर को लेकर आतंकवाद का प्रारम्भ 1989 को हुआ. उस समय जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संगठन ने सशस्त्र अलगाववादी आंदोलन की शुरुआत की.

इससे कुछ कट्टरपंथी इस्लामी संगठन उभरे, जिन्होंने जेहाद के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा दिया ये सभी संगठन पाकिस्तान के समर्थक और और उसके सहयोग निर्देश पर काम करते है. पाकिस्तान में ही उन आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविर है.

और वही से उन्हें आर्थिक सहायता तथा विस्फोटक सामग्री उपलब्ध होती है पकिस्तान ये सारे काम पर्दे के पीछे करता है और विश्व मंच पर हो हल्ला करता है. कि मुस्लिम बहुल कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिया जाए तथा कश्मीर में आतंकवादी तो वास्तव में जेहादी लोग है.

इस प्रकार पिछले दो दशकों से भारत को इन आतंकवादियों का सामना करना पड़ रहा है.

भारत में आतंकवादी हमले (Terrorist attacks in India)

पाकिस्तान समर्थित आतकंवादी समय समय पर भारत में नरसंहार करते रहे है. दिल्ली के लाल किले पर, फिर कश्मीर विधानसभा भवन पर, फिर 13 दिसम्बर 2001 को संसद भवन पर हमला,, बाद में गांधीनगर के अक्षरधाम पर, 2008 में मुंबई की ताज होटल, 2017 में उरी और पठानकोट पर जो आतकवादियों ने किया है.

वह राष्ट्र की आत्मा के लिए एक चुनौती है. कश्मीर में प्रतिदिन कही न कही पर सैनिकों के साथ आतंकवादियों की झड़पें होती रहती है. और अब तक भाड़े के हजारों आतंकवादी मारे जा चुके है.

पाकिस्तान एक प्रकार से आतंकवादी देश है जो सदा ही आतंकवादियों को तैयार करता रहा है. कश्मीर को हथियानें के लिए वह अनेक कुचालें चल रहा है. जिनमे आतंकवादियों को हर जगह की सहायता में विशेष रूचि दिखाता है. उसके द्वारा भेजे गये भाड़े के आतंकवादी मानवता की चिंता न कर निरपराध जनता को मार डालते है.

इससे जम्मू कश्मीर से अल्पसंख्यकों का पलायन हो चूका है. और कई वर्षों से लोग जम्मू तथा दिल्ली में शरण लेकर रहने को मजबूर है.

आतंकवाद का दुष्परिणाम (Causes and solution of Terrorism Problem in Hindi)

आतंकवाद वस्तुतः अब कुटनीतिक इशारों पर छदम युद्ध का रूप धारण करने लगा है. जिसका दुष्परिणाम यह है कि भारत को अपनी सम्पूर्ण पश्चिमी सीमा पर सेना तैनात करनी पड़ रही है. हमारा भारत देश अभी तक विश्व समुदाय का ध्यान रख रहा है, लेकिन जब से भारतीय संसद तथा कश्मीर विधानसभा पर आतंकवादियों ने जो आत्मघाती हमला किया है.

तब से उसकी दुससाहसी प्रवृति भारत की प्रभुसता के लिए एक खतरा बन गई हाई. इस चुनौती के कारण भारत की सीमाओं पर सैन्य बन तैनात है तथा प्रतिदिन आतंकवादियों से डटकर सामना कर रहे है, जिससे आतंकवादी उग्रवादी मारे एवं पकड़े जा रहे है.

इस तरह हमारे देश में बढ़ रहे आतंकवाद का नामोनिशान मिटाने की जरुरत है. भारत सरकार इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही . तथा हमारी सेनाएँ प्रत्येक चुनोती का उचित जवाब दे रही है.

परन्तु जम्मू कश्मीर के निवासियों की तथा देश की काफी आर्थिक हानि हो रही है. अतएवं आतंकवाद के विषदंत को जड़ से उखाड़कर इसके प्रायोजक पाकिस्तान को दंड देने से इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है.

यह भी पढ़े

आशा करता हूँ दोस्तों आतंकवाद पर निबंध Essay On Terrorism In Hindi का यह लेख आपकों पसंद आया होगा. यदि आपकों यह निबंध पसंद आया  हो तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

अपने विचार यहाँ लिखे