झरने पर निबंध- Essay on Waterfall in Hindi

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झरने पर निबंध- Essay on Waterfall in Hindi

झरने पर निबंध- Essay on Waterfall in Hindi

300 शब्द

झरते जल के स्रोत को झरना कहा जाता हैं. मनभावन नजारा एवं शीत जल देने वाले झरने का जन्म किसी नदी के पर्वत या बड़ी चट्टान से टकराने से होता हैं जब जल की धारा किसी विशालकाय स्थिर चट्टान से टकराकर गहरे तल की ओर गिरती हैं तो झरने का रूप ले लेती हैं. उत्पत्ति के आधार पर झरने कई प्रकार के होते हैं.

कुछ का निर्माण नदी के जल से होता हैं कुछ बर्फ के भीम काय पर्वतों के पिघलने से बन जाते हैं. गर्म तथा ठंडे पानी के झरने दुनियां के भिन्न भिन्न भागों में पाए जाते हैं. एंजलस फॉल्स को संसार का सबसे बड़ा झरना माना जाता हैं. कहते हैं कि यह झरना 3,212  फीटऊँचे से गिरता हैं कि गर्मी के मौसम में जल नीचे आने तक भाप का रूप ले लेते हैं.

भारत का सबसे बड़ा झरना दूधसागर हैं जो कर्नाटक और गोवा की सीमा पर हैं. दूर से देखने पर यह दूध की तलाई की तरह लगता हैं. पर्यटन प्रिय लोग झरनों से स्नान व बहते झरने के मधुर संगीत का लुप्त उठाते हैं.

प्राकृतिक सौन्दर्य में झरने का बड़ा महत्व हैं. ये न सिर्फ सौन्दर्य के लिए बल्कि सागर में जाकर अनुपयोगी होने से जल को बचाकर जल स्रोतों को सींचने का काम भी करते हैं. झरने लोगों के मनोरंजन, आकर्षण एवं जल क्रीडाओं के भी साधन होते हैं. कुछ झरने नदियों के उद्गम स्थल भी होते हैं. झरने बेहद खतरनाक पहाड़ी ढालों पर बनते हैं. कुछ एडवेंचर प्रेमी अपनी जान जोखिम में डालकर स्टंट भी करते हैं.

जो बिलकुल भी खतरे से खाली नही होते हैं. झरने का शीतल मधुर संगीत देता जल मन को बहुत प्रफुल्लित करता हैं. जिस निरन्तरता एवं गति के साथ झरने बहते हैं हमें भी निरंतर गतिमान रहने का संदेश देते हैं. जेठ की गर्मी से बचने के लिए लोग अक्सर पर्वतीय प्रदेशों में झरनों की तलाश में रहते हैं ताकि वे भी ईश्वरीय अनुकम्पा के नजारे का लुफ्त उठा सके. दुनिया की गहमागहमी से दूर झरने मन को शांति दिलाते हैं.

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(600 शब्द) झरने पर निबंध | Essay on Waterfall in Hindi

अंग्रेजी भाषा में झरना को वाटरफॉल कहा जाता है जो किसी वीरान इलाके में ही स्थित होता है। अधिकतर वाटरफॉल ऐसी जगह पर ही पाया जाता है जहां पर वीरान इलाका होता है और जहां पर पहाड़ी या फिर पर्वत होते हैं। झरने का पानी ऊपर से नीचे की ओर गिरता है।

यह एक जल स्त्रोत भी है और यह प्रकृति के मुख्य आकर्षण में से एक माना जाता है। झरना दिखाई देने में बहुत ही मनमोहक लगता है। गर्मी के मौसम में झरने के आसपास लोगों की भीड़ नहाने के लिए लगती है, वही बरसात के मौसम में झरना बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। इसलिए हर कोई झरने को देखने की इच्छा रखता है।

कुछ लोगों के अनुसार झरने की उत्पत्ति तब हुई थी, जब नदी का पानी बहुत बड़े पत्थर से जाकर के टकराया था परंतु पत्थर जरा भी नहीं हिला, उसके बाद गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से झरने का पानी किनारे पर गिरने लगा और इस प्रकार झरने का निर्माण हुआ। झरना जहां पर गिरता है वहां पर तालाब का निर्माण हो जाता है या फिर झील का निर्माण हो जाता है जो कभी-कभी तो बहुत गहरे होते हैं और कभी-कभी थोड़े ही गहरे होते हैं।

झरना हमारे भारत देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के देशों में पाए जाते हैं। कुछ झरने ऐसे होते हैं जो काफी ऊंचाई से जमीन की तरफ गिरते हैं और कुछ झरने काफी कम ऊंचाई से ही जमीन की तरफ गिरते हैं। झरने का पानी पीने में बहुत ही साफ होता है साथ ही इसमें स्वच्छता भी काफी होती है।

पूरी दुनिया में सबसे ऊंचा झरना वेनेजुएला देश में स्थित है। वेनेजुएला देश में स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे झरने का नाम एंजल फॉल्स है, जहां पर पानी 3212 फीट की ऊंचाई से गिरता है और इतनी ऊंचाई से पानी नीचे की तरफ गिरने के कारण इसका अधिकतर पानी जमीन तक पहुंचने के पहले ही गर्मियों के मौसम में रास्ते में ही धुंध में कन्वर्ट हो जाता है।

हमारे भारत देश में भी विभिन्न प्रकार के झरने पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ झरने छोटे हैं तो कुछ झरने बड़े हैं। इंडिया में सबसे बड़ा झरना कर्नाटक राज्य में स्थित है जिसका नाम जोगफॉल्स रखा गया है। इसके अलावा गोवा में दूधसागर, केरल में सोचीपास फॉल्स, हिमाचल प्रदेश में भोगुनाग झरना, राजस्थान में भीमलात झरना, उत्तराखंड में मर कम्पटी फॉल्स और केरल में शिशु फॉल्स जैसे ऊंचाई से गिरने वाले झरने भी मौजूद हैं।

हमारे इंडिया में जो झरने मौजूद है वह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी फेमस है और उनका अलग-अलग महत्व भी है। झरने का पानी जब जल सागर में जाता है तो यह लोगों के भलाई के लिए भी काम आता है। झरने के पानी का इस्तेमाल लोग अपनी अपनी सुविधा के हिसाब से करते हैं। कई लोगों की यह प्यास बुझाता है तो कई लोग इसके पानी के जरिए अपने खेतों की सिंचाई करते हैं।

झरना सिर्फ ठंडे पानी के ही नहीं होते हैं। दुनिया में कुछ ऐसे भी झरने पाए जाते हैं जिनका पानी काफी गर्म होता है। नदियों के उद्गम स्थान के तौर पर भी झरने को जाना जाता है। इस के बहते हुए पानी को देख करके काफी खुशी प्राप्त होती है। झरना कुछ इलाकों में लोगों की आजीविका का साधन भी माना जाता है क्योंकि झरने को देखने के लिए और झरने में नहाने के लिए काफी भारी मात्रा में झरने के आसपास सैलानी आते हैं जिससे झरने के आसपास जो लोग रहते हैं उन्हें रोजगार भी प्राप्त होता है।

झरना देखने के लिए अधिकतर लोग गर्मी के मौसम में या फिर छुट्टियों के दिन में आते हैं और यहां पर आ करके अपना समय बिताते हैं। इस प्रकार उन्हें मनोरंजन भी प्राप्त होता है और झरने के आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार भी प्राप्त होता है।

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