फारूक अब्दुल्ला की जीवनी | Farooq Abdullah Biography in Hindi

फारूक अब्दुल्ला की जीवनी | Farooq Abdullah Biography in Hindi भारत में राजनीती का माहौल किस कदर गर्म रहता है, यह बात हम सभी भली भांति जानते हैं। इस देश में राजनीती में लोग काफी ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। हर साल हजारो नए लोग राजनीती में घुसने की कोशिश करते हैं लेकिन काफी कम लोग होते हैं जो राजनीती में अपना करियर बना पाते है और उन्ही में से एक फारूक अब्दुल्ला भी हैं।

फारूक अब्दुल्ला की जीवनी | Farooq Abdullah Biography in Hindi

फारूक अब्दुल्ला की जीवनी Farooq Abdullah Biography in Hindi

 फारूक अब्दुल्ला देश के एक लोकप्रिय राजनीतिज्ञ हैं जो अक्सर अपने बयानों के चलते सुर्खियों और विवादों में बने रहते हैं। अगर आप फारूक अब्दुल्ला के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं रखते तो यह लेख पूरा पढ़े क्युकी इस लेख में हम आपको ‘फारूक अब्दुल्ला जीवनी’ (Farooq Abdullah Biography in Hindi) के बारे में बताने वाले हैं।

फारूक अब्दुल्ला कौन हैं?

वैसे तो फारूक अब्दुल्लाह ने राजनीति में इतना नाम कमाया हैं को उन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं लेकिन फिर भी अगर आप नहीं जानते कि फारूक अब्दुल्लाह कौन हैं? तो जानकारी के लिए बता दें की फारूक एक जाने माने राजनीतिज्ञ हैं जो जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी से संबंध रखते हैं।

 वह जम्मू और कश्मीर में कई बार एक मुख्यमंत्री के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। फारूक अक्सर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विवादित बयान देते है और साथ ही उनके द्वारा लिए गए फैसलों का विरोध करते नजर आते हैं जिसकी वजह से वह चर्चा में बने रहते हैं।

जन्म

फारुख देश के एक विवादित राज्य जम्मू और कश्मीर में अपनी सेवा देने वाले एक लोकप्रिय राजनीतिज्ञ है जिनका जन्म 21 अक्टूबर 1937 को कश्मीर में स्थित कश्मीर सौरा नाम की एक जगह पर हुआ था। 

उनका जन्म एक लोकप्रिय मुस्लिम परिवार में हुआ था। यहां लोकप्रिय शब्द का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि उनके परिवार का शुरुआत से ही राजनीति से संबंध था। उनके पिता का नाम शेख अब्दुल्लाह है, वही उनकी माता का नाम बैगम अकबर जहाँ अब्दुल्ला था।

परिवार

 फारूक के पिता का नाम शेख अब्दुल्ला था जो जम्मू कश्मीर के एक लोकप्रिय राजनीतिज्ञ थे। उनकी माता का नाम बेगम अकबर जहान अब्दुल्लाह था जो लोकसभा की सदस्य रह चुकी थी। उनके दादा का नाम शेख मोहम्मद था जिन्हे कश्मीर की राजनीती में काफी दिलचस्पी थी।

उनका एक भाई भी है जिनका नाम शेख मुस्तफा कमल है और वह भी एक भारतीय राजनीतिज्ञ है। उनकी बहन का नाम सुरैया अब्दुल्ला हैं जो कश्मीर का एक लोकप्रिय चेहरा हैं। उनका परिवार इस्लाम के सुन्नी वर्ग से आता हैं।

शुरुआती जीवन और शिक्षा-

फारूक  जम्मू और कश्मीर राज्य की राजनीति का एक लोकप्रिय हिस्सा है। ऐसे में लोग उनके शुरुआती जीवन और शिक्षा के बारे में जानने में भी रुचि रखते हैं। 

उनका जन्म श्रीनगर के एक इस्लामिक परिवार में हुआ और उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा श्रीनगर के एक लोकप्रिय स्कूल Tyndale Biscoe School से ग्रहण की।

डॉक्टरी में दिलचस्पी होने की वजह से वह आगे की पढाई अर्थात एमबीबीएस करने राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में चले गए। इसके बाद वह मेडिसिन प्रेक्टिस करने यूके चले गए।

फारूक अब्दुल्ला का राजनितिक करियर

क्योंकि फारूक का परिवार राजनीति में था तो ऐसे में सामान्य सी बात है कि उनकी भी राजनीति में शुरुआत से ही रुचि थी। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1980 में हुई थी जब उन्होंने श्रीनगर से लोकसभा सदस्य का चुनाव लड़ा था और वह जीते थे।

साल 1981 के अगस्त में उन्हें जम्मू कश्मीर की उस समय की रूलिंग पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रेसिडेंट बना दिया गया था और क्योंकि साल 1982 में उनके पिता की मौत हो गई तो वह राज्य के मुख्यमंत्री भी बने।

फारूक के प्रेसिडेंट बनने के बारे में कहा जाता है कि उनकी क्वालिफिकेशन केवल इतनी थी कि वह शेख अब्दुल्ला के बेटे थे। उनके मुख्यमंत्री पद पर बैठते ही वर्ष 1984 में उनके बहनोई मोहम्मद शाह ने पार्टी छोड़ दी और वह कांग्रेस के समर्थन से खुद मुख्यमंत्री बन गए और अब्दुल्ला की सरकार गिर गई। 

हालांकि इसके बाद 1986 में कश्मीर में दंगे हुए और सरकार टूट गई। लेकिन कुछ ही समय पश्चात कांग्रेस के समर्थन से अब्दुल्ला ने फिर अपनी सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने।

इसके बाद 1987 में राज्य में चुनाव हुआ और धोखाधड़ी के विभिन्न आरोपों के बीच में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन ने चुनाव जीता। लेकिन इस दौरान राज्य में आतंकवादी घटना काफी ज्यादा बढ़ गई।

जिसमें ना केवल राज्य के लोकल लोग शामिल थे बल्कि पड़ोसी देशों से भी लोग आकर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। राज्य में आतंकवादी घटनाओं की बढ़ने की वजह से जगमोहन को राज्यपाल बना दिया गया जिसके विरोध में अब्दुल्ला ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह यूनाइटेड किंगडम चले गए।

इसके बाद कुछ सालों बाद अब्दुल्लाह वापस भारत लौटे और उन्होंने 1996 में विधानसभा चुनाव जीता और वह राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। यह पांचवीं बार था जब उन्होंने मुख्यमंत्री की शपथ ली।

यह पहली बार था जब अब्दुल्ला की सरकार करीब 6 साल चली और 1999 में नेशनल कांफ्रेंस ने अटल बिहारी वाजपेई के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को ज्वाइन कर लिया जिसके बाद उनके बेटे उमर अब्दुल्ला केंद्रीय राज्य मंत्री भी बने।

इसके बाद साल 2002 में चुनाव हुए और इस बार फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस को लीड किया लेकिन वह चुनाव हार गए और मुफ्ती मोहम्मद रईस की गठबंधन की सरकार बनी। फारूक ने राज्य की राजनीति को तो छोड़ दिया था लेकिन वह केंद्रीय स्तर पर राजनीति करने का मन बना चुके थे।

साल 2002 में उन्होंने जम्मू और कश्मीर से राज्यसभा का चुनाव जीता और उसके बाद 2009 में भी उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।

लेकिन 2009z मई में अब्दुल्ला ने राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया और वह श्रीनगर से लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए। इसके बाद वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की तरफ से नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के कैबिनेट मंत्री के तौर पर चुने गए। 

इसके बाद 2014 में एक बार फिर अब्दुल्ला ने चुनाव लड़ा लेकिन इस बार वह राज्य के पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी से हार गए। लेकिन 2017 में तारिक हम्मिद कर्रा ने पद से इस्तीफा दिया और एक बार फिर से चुनाव हुए जिसमें अब्दुल्लाह जीत गए।

इसके बाद 16 सितंबर 2019 को अब्दुल्लाह को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया और वह ऐसे पहले राजनेता बन गए जिन्हें इस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था।

गरीब साडे 7 महीने के बाद 13 मार्च 2020 को उन्हें पीसीए के तहत नजरबंदी से रिहा कर दिया गया। इससे पहले भी वह एक बार धारा 370 को हटाने के बाद नजर बंद रहे थे।

फारूक अब्दुल्ला का व्यक्तिगत जीवन

फारूक अब्दुल्ला के राजनीतिक जीवन के बारे में तो कई लोग जानते हैं लेकिन फारूक के व्यक्तिगत जीवन के बारे में काफी कम लोगों को पता है। बता दें उन्होंने एक ब्रिटिश नर्स के साथ शादी की जिनका नाम मोली था, वर्तमान में वह अब मोली अब्दुल्ला हैं।

उनके बेटे का नाम उमर अब्दुल्लाह है जो की नेशनल कांफ्रेंस के ही एक लोकप्रिय नेता है। उनकी तीन बेटियां हैं जिनका नाम सफीना, हिना और सराह हैं। उनकी बेटी सारा की शादी राजस्थान के एक लोकप्रिय राजनीतिज्ञ सचिन पायलट से हुई हैं।

फारूक अब्दुल्लाह से जुड़ा विवाद

राजनीति एक गर्म मुद्दा होता है और राजनीति से जुड़े हुए लोग अक्सर कॉन्ट्रोवर्सी में फंसते रहते हैं लेकिन अगर फारूक अब्दुल्लाह की बात की जाए तो उन्हें तो उन्हें तो कॉन्ट्रोवर्सी किंग माना जाता है क्योंकि वह आए दिन अपने किसी ने किसी बयान को लेकर सुर्खियों में आते रहते हैं।

फारूक अब्दुल्ला अब तक कई बयानों को लेकर सुर्खियों में आ चुके हैं लेकिन अगर उनसे जुड़ी हुई कुछ मुख्य कॉन्ट्रोवर्सी की बात की जाये तो वह कुछ इस प्रकार हैं:

जब 1987 में उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाग लिया था तो उनके खिलाफ कई आरोप लगे थे कि उन्होंने फ्रॉड किया हैं जिसकी वजह से वह पूरे देश के मीडिया चैनल्स और अखबारों में सुर्खियों में आ चुके थे।

फारूक ने साल 2013 में एक बयान दिया था कि ‘उन्हें आजकल लड़कियों से बात करने में भी काफी डर लगता है और यहां तक कि वह कोई लड़की सेक्रेटरी भी नहीं रखते क्योंकि अगर किसी लड़की ने उनके खिलाफ कोई भी केस लगा दिया तो उन्हें अपना पूरा जीवन जेल में गुजारना पड़ेगा’।

उन्होंने इस बयान के जरिए कुछ लड़कियों के द्वारा विशेष अधिकारों का फायदा उठाने के बात को टारगेट किया था। इस बयान के बाद फारूक अब्दुल्ला को काफी कॉन्ट्रोवर्सी झेलनी पड़ी थी।

फारूक ने साल 2015 में एक बयान दिया था कि ‘ना तो पाकिस्तान कश्मीर को हड़प सकता है और ना ही भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर कब्जा कर सकता है’ और उनके इस बयान की वजह से उन्हें लोगों ने सोशल मीडिया पर काफी कुछ बुरा भला भी कहा था व उनके खिलाफ काफी सारे केस भी दर्ज हुए थे।

साल 2016 में फारूक अब्दुल्लाह ने एक और कंट्रोवर्शियल बयान दिया था जिसमें उन्होंने कश्मीर को लेकर कहा था कि ‘क्या यह जमीन तुम्हारे बाप की है’?

लोगों का मानना था कि वह यह बात भारतीय जनता पार्टी की मजबूत सरकार से कहना चाहते हैं जो जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर मजबूती के साथ काम करती है। उनके इस बयान की वजह से उन्हें काफी कॉन्ट्रोवर्सी झेलनी पड़ी थी और लोगों ने उन्हें कहा था कि वह कश्मीर को भारत से अलग मानते हैं।

साल 2017 की फरवरी में अब्दुल्लाह ने अपने बयान में कहा था कि ‘आज के कश्मीरी मिलिटेंट अर्थात आतंकवादी अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है’। उनके इस बयान ने लोगों को हैरान कर दिया था और लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया था।

फारूक अब्दुल्लाह से जुडी हुई कुछ रोचक बाते

फारूक की जीवनी के बारे में तो हमने आपको बता दिया और उनसे संबंधित कई अन्य जानकारियां भी दी लेकिन अगर आप फारूक अब्दुल्ला के बारे में सटीक रूप से जानना चाहते हो तो आपको उनसे जुड़े हुए कुछ पता होना चाहिए, जो कुछ इस प्रकार है:

  • अब्दुल्लाह का जन्म राजनीति से संबंध रखने वाले एक परिवार में हुआ था और उनके पिता शेख अब्दुल्लाह जम्मू और कश्मीर की सबसे बड़े राजनीतिक दलों में नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के फाउंडर थे।
  • फारूक ने साल 1968 में एक ब्रिटिश नर्स मोली से विवाह रचाया। वर्तमान में मोली अब्दुल्ला कश्मीर का एक प्रसिद्ध चेहरा हैं।
  • साल 1980 में फारूक ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और श्रीनगर से लोकसभा चुनाव जीता था।
  • साल 1981 में फारूक अब्दुल्लाह को नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रेसिडेंट बनाया गया और उनके बारे में कहा जाता था कि वह केवल शेख अब्दुल्ला के बेटे होने की वजह से प्रेसिडेंट बनाए गए हैं।
  • साल 1987 में फारूक ने जम्मू कश्मीर में सरकार बनाई लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद आतंकवादी घटनाएं काफी तेजी से बढ़ने लगी जिसकी वजह से जगमोहन को राज्यपाल बनाया गया और इसके बाद फारूक ने इस्तीफा दे दिया और वह यूनाइटेड किंगडम चले गए।
  • यूनाइटेड किंगडम से कश्मीर लौटने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर से राजनीति में कदम रखा और वह तुरंत ही अपनी सरकार बना कर मुख्यमंत्री बन गए।
  • फारूक अक्सर जम्मू कश्मीर और आतंकवाद से जुड़े हुए कंट्रोवर्शियल बयान देते रहते हैं जिनकी वजह से वह काफी सुर्खियों में रहते हैं।
  • फारूक ने अपने कई बयानों में बताया है कि उनके सबसे पसंदीदा राजनीतिज्ञ अटल बिहारी वाजपेई है लेकिन वर्तमान में फारूक अब्दुल्ला भारतीय जनता पार्टी के एक कट्टर विरोधी हैं।
  • जब कश्मीर से धारा 370 हटाई गई थी तब फारूक अब्दुल्ला को नजर बंद कर दिया गया था जिससे की राज्य में शांति बनाई रखी जा सके।

फारूक अब्दुल्ला की संपत्ति कितनी है?

फारूक कश्मीर के एक रईस परिवार से तात्पर्य रखते हैं और उनके परिवार का राजनीति से शुरुआत से ही ताल्लुक है तो ऐसे में लोग यह जानने में रुचि रखते हैं कि आखिर फारूक अब्दुल्ला के संपत्ति कितनी है?

इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार फारूक करीब 12 करोड की संपत्ति के मालिक हैं। इसके अलावा उनकी सैलरी एक ;लाख रूपये प्रति माह है और साथ ही राजनीती में होने की वजह से उन्हें सरकार की तरफ से कुछ निर्धारित सुविधाए भी दी जाती हैं।

फारूक से जुड़े हुए कुछ सवाल जवाब

प्रश्न: फारूक अब्दुल्ला का जन्म कब हुआ?

उत्तर: उनका जन्म 21 अक्टूबर 1937 को हुआ था।

प्रश्न: फारूक अब्दुल्ला के पिता कौन थे?

उत्तर: उनके पिता शेख अब्दुल्ला थे जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के फाउंडर थे।

प्रश्न: फारूक अब्दुल्ला की सम्पत्ति कितनी हैं?

उत्तर: इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार फारूक अब्दुल्ला के संपत्ति 12 करोड़ रूपये से अधिक हैं।

प्रश्न: क्या फारूक अब्दुल्ला स्मोक करते हैं?

उत्तर: जानकारी मौजूद नहीं

प्रश्न: क्या फारूक अब्दुल्ला शराब पीते हैं?

उत्तर: जानकारी मौजूद नहीं

प्रश्न: फारूक अब्दुल्ला की जाती क्या हैं?

उत्तर: इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार वह एक सुन्नी मुसलमान हैं।

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 अपने बयानों की वजह से इंटरनेट और अखबारों में सुर्खियों में बने रहने वाले फारूक अब्दुल्ला के बारे में आज भी काफी सारे लोग नहीं जानते कि फारूक अब्दुल्ला कौन है? यही कारण है कि हमने यह लेख तैयार किया है

जिसमें हमने ‘फारूक अब्दुल्ला जीवनी’ (Farooq Abdullah Biography in Hindi) के बारे में बताया और ‘फारूक अब्दुल्ला की पूरी जानकारी’ आसान भाषा में दी हैं। उम्मीद हैं की यह लेख आपके लिए ज्ञान वर्धक और लाभदायक साबित हुआ होगा।

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