भगवान गौतम बुद्ध पर दस लाइन Few Lines On Gautam Buddha In Hindi

भगवान गौतम बुद्ध पर दस लाइन Few Lines On Gautam Buddha In Hindi: कौन नही जानता सिद्धार्थ अथवा गौतम बुद्ध को, ईस्वी सन से ५०० साल पूर्व पृथ्वी पर अवतरित अहिंसा के पुजारी व बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध ने विश्व को मानवता व शांति का पाठ पढ़ाया. इस लेख में आज हम Gautam Buddha के जीवन  पर Few Lines साझा कर रहे हैं.

महात्मा गौतम बुद्ध दस लाइन Few Lines On Gautam Buddha In Hindi

भगवान गौतम बुद्ध पर दस लाइन Few Lines On Gautam Buddha In Hindi

महात्मा बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रवर्तक
 पूरा नाम सिद्धार्थ
 धर्म बौद्ध
 जन्म 563 ई पू में वैशाख पूर्णिमा को
 जन्म स्थान लुम्बिनी
पिता शुद्धोधन
माता महामाया
पत्नी यशोधरा
पुत्र राहुल

Few Lines On Gautam buddha in Hindi 

सिद्धार्थ के बारे में ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि वे या तो चक्रवर्ती सम्राट बनेगे या महान साधु, चार दृश्य जिसने सिद्धार्थ का जीवन परिवर्तित किया.

  1. वृद्ध व्यक्ति
  2. व्याधिग्रस्त मनुष्य
  3. एक मृतक
  4. एक सन्यासी

सिद्धार्थ ने 29 वर्ष की आयु में गृह त्याग दिया. बौद्ध साहित्य में यह घटना महाभिनिष्क्रमण कहलाती हैं. गृहत्याग के बाद उन्होंने गोरखपुर के समीप अनोमा नदी के तट पर सन्यास धारण किया. वैशाली के आलारकालाम उनके प्रथम गुरु बने. सिद्धार्थ को सारनाथ में निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे 48 दिन तक समाधि धारण करने के उपरान्त वैशाख पूर्णिमा की रात को केवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई.

ज्ञान प्राप्ति पर सिद्धार्थ बुद्ध कहलाए तथा वह वृक्ष व स्थान क्रमशः बोधिवृक्ष एवं बोधगया कहलाया. ज्ञान प्राप्त होने की घटना को सम्बोधि कहा जाता हैं. बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ (ऋषितपनम) के हिरण वन में उन पांच ब्राह्मणों को दिया जो पूर्व में उन्हें पथभ्रष्ट समझकर उनका छोड़कर चले गये थे इसे धर्मचक्रपरिवर्तन कहा जाता हैं.

बुद्ध ने जनसाधारण की भाषा मागधी में अपने उपदेश दिए, कौशल की राजधानी श्रावस्ती में उनहोंने सर्वाधिक उपदेश दिए. अश्वजित, उपालि, मोदगल्यायन, श्रेयपुत्र एवं आनन्द बुद्ध के प्रथम पांच शिष्य थे. बिम्बिसार, उदयन, प्रसेनजित उनके अनुया यी शासक थे. तपस्सु और कल्लिक बुद्ध के प्रथम शुद्र अनुयायी थे.

45 वर्ष तक धर्म का प्रचार करने के बाद 80 की आयु में 483 ई पू में कुशीनगर, मल्ल गणराज्य की राजधानी में वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध की मृत्यु हो गई, जिसे बौद्ध साहित्य में महापरिनिर्वाण कहा गया गया हैं. बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश शुभ्च्छ कुशीनगर कस परिवारजक को दिया. बुद्ध के जीवन के जुड़े चार पशु-

  • हाथी– बुद्ध के गर्भ में आने का प्रतीक
  • सांड– यौवन का प्रतीक
  • घोड़ा– गृह त्याग का प्रतीक
  • शेर– समृद्धि का प्रतीक

बुद्ध के जीवन की घटनाएं

  • महाभिनिष्क्रमण– गृहत्याग की घटना
  • सम्बोधि– पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति की घटना
  • धर्मचक्रप्रवर्तन- उपदेश देने की घटना
  • महापरिनिर्वाण– मृत्यु
  • बौद्ध धर्म में संघ का अर्थ बौद्ध भिक्षुओं का जनतांत्रिक संगठन था.
  • प्रजामति गौतमी– महात्मा बुद्ध की विमाता, ये बुद्ध संघ में प्रथम महिला के रूप में प्रविष्ट हुई.
  • वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध का जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और मृत्यु हुई थी.

भगवान गौतम बुद्ध की शिक्षाएं (gautam buddha teachings & mahatma budh ki shiksha in hindi)

चार आर्य सत्य- बौद्ध धर्म के सिद्धांतों की आधारशिला उनके चार आर्य सत्यों में निहित हैं ये हैं.

  • दुःख- संसार दुखों का घर हैं.
  • दुःख समुदाय- दुखों का कारण तृष्णा हैं.
  • दुःख निरोध- तृष्णा का विनाश ही दुःख निरोध का मार्ग हैं.
  • दुःख निरोध मार्ग- तृष्णा का विनाश आष्टांगिक मार्ग द्वारा संभव हैं. इसे दुःख निरोध गामिनी प्रतिपदा भी कहते हैं.

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