G–23 क्या हैं? कांग्रेस के कौन-कौन से नेता इसमें शामिल हैं? और वे गांधी परिवार से क्यों है नाराज?

G–23 क्या हैं? कांग्रेस के कौन-कौन से नेता इसमें शामिल हैं? और वे गांधी परिवार से क्यों है नाराज? पिछले वर्ष अगस्त के महीने में कांग्रेस के कुल 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में पार्टी के कुशल नेतृत्व और व्यापक संगठनों में बदलाव को लेकर अपनी मांग जाहिर की थी। 

What Is G–23 क्या हैं?

G–23 क्या हैं? कांग्रेस के कौन-कौन से नेता इसमें शामिल हैं? और वे गांधी परिवार से क्यों है नाराज

कांग्रेस पार्टी में बनी G–23 के नेता  मिलकर एक देशव्यापी कैंपेन की शुरुआत कर रहे हैं जिसका नाम ‘save the idea of India’ हैं। इस कैंपेन की शुरुआत के लिए पिछले शनिवार से ही जम्मू कश्मीर में रैलियों की शुरुआत हो चुकी है। जहां कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद द्वारा सभी को निमंत्रित किया गया था। 

गुलाम नबी आजाद भी कांग्रेस में बने G-23 के नेताओं में शामिल है। दरअसल पिछले साल अगस्त में कांग्रेस पार्टी के 23 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव और कुशल नेतृत्व की मांग की थी। आइए अब हम आप को समझाते हैं कि कांग्रेस के भीतर बने G–23 है क्या? और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी?

क्या हैं G–23 ग्रुप ?

लगातार कई चुनावों में कांग्रेस की करारी हार और बेहद खराब प्रदर्शन की वजह से पार्टी के भीतर कई तरह के बदलावों की मांग उठ रही हैं। इसी दौरान कांग्रेश के कई शीर्ष नेताओं ने मिलकर पिछले साल अगस्त महीने में पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी। 

जिसकी वजह से हंगामा खड़ा हो गया था। चिट्ठी लिखने वाले शीर्ष नेताओं में कांग्रेस के 23 बड़े नेता शामिल थे, यही वजह है कि नेताओं के इस ग्रुप को G–23 कहा जाता है। G23 में शमिल बड़े नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिबल ने इस चिट्ठी वाले हंगामा के बाद भी पार्टी हाईकमान से कई तरह के विवादित और चुभने वाले सवाल पूछना बंद नहीं किए।

गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल की नाराजगी आलाकमान से लगातार बनी रही।

G–23 ग्रुप बनने की वजह

साल 2014 के हुए लोकसभा चुनाव के बाद देखे तो कुछ एक दो राज्यों को छोड़ कर कांग्रेस अपनी सत्ता पूरे देश में खोते चली जा रही है। इसी वजह से पार्टी में अब शीर्ष नेताओं के बदलाव को लेकर सुगबुगाहट अब शुरू हो गई है। 

हालाकि बीच में राहुल गांधी ने कुछ समय के लिए पार्टी की कमान जरूर संभाल ली थी। परंतु 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय फिर सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। बावजूद इसके कई राज्यों में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। 

G-23 की चिट्ठी गांधी परिवार को एक चुनौती

G-23 द्वारा लिखी गई चिट्ठी को कई कांग्रेसी नेताओं ने इसको पार्टी नेतृत्व तथा आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चुनौती दिए जाने के रूप में ले लिया था।  और इसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने गुलाम नबी आजाद पर कार्रवाई की भी मांग की थी, और उन्हें पार्टी से निकाल दिए जाने की आवाज उठाई थी।

 फिर इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लचर प्रदर्शन के बाद गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने एक बार फिर पार्टी की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए थे। और उन्होंने कांग्रेस पार्टी में व्यापक बदलाव की मांग उठाई थी। जिसके बाद कांग्रेस के अन्य नेता ने उन्हें अपने निशाने पर ले लिया था। 

G-23 में शामिल कांग्रेसी नेता

कांग्रेस पार्टी में बनी G-23 ग्रुप में कांग्रेस के कई शीर्ष नेता शामिल हैं। जो कि फिलहाल जम्मू कश्मीर में अपनी एक कैंपेन चला रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि  G-23 में कौन-कौन से कांग्रेस के 23 नेता शामिल है।

  1. गुलाम नबी आजाद
  2. कपिल सिब्बल
  3. मनीष तिवारी
  4. शशि थरूर
  5. आनंद शर्मा
  6. रेणुका चौधरी
  7. पीजे कुरियन
  8. मिलिंद देवड़ा
  9. जितिन प्रसाद
  10. मुकुल वासनिक
  11. भूपेंद्र सिंह हुड्डा
  12. अजय सिंह
  13. पृथ्वीराज चौहान
  14. राज बब्बर
  15. राजिंदर कौर भट्ठल
  16. एम वीरप्पा मोईली
  17. अरविंद सिंह लवली
  18. अखिलेश प्रसाद सिंह
  19. कुलदीप शर्मा
  20. विवेक तनखा
  21. योगानंद शास्त्री
  22. कौल सिंह ठाकुर
  23. संदीप दीक्षित

फिलहाल जम्मू कश्मीर में चल रहे इस कैंपेन में एक नेता ने अपने बयान में कहा है, कि यह कैंपेन पार्टी हाईकमान के लिए भी  संदेश है। नाम ना लेने की शर्त पर उन्होंने कहा कि हम पार्टी आलाकमान को यह बताना चाहेंगे कि हम सभी एक साथ हैं, और हमारे पास मुद्दा भी है, हमारे मुद्दे के लिए पार्टी हाईकमान को आवश्य ही विचार करना होगा। 

पार्टी के बड़े नेता है, मौन

कांग्रेस आलाकमान के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रभावी और बड़े नेता चुप्पी साधे हुए हैं। गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, विवेक तंखा, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जैसे नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयान का जवाब पवन खेड़ा, अभिषेक मनु सिंघवी, सुप्रिया श्रीनेत, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जैसे पार्टी के छोटे-मोटे प्रवक्ता दे रहे हैं। 

लेकिन कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर कहे जाने वाले और देश के पॉपुलर नेताओं में गिने जाने वाले लीडर जैसे पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, एके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे, जय राम रमेश, डी के शिवकुमार, नवजोत सिंह सिद्धू, दिग्विजय सिंह, प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद जैसे शीर्ष नेताओं ने इस पर चुप्पी साधी हुई है। यह सभी नेता AICC सचिवालय में शामिल नहीं है फिर भी यह कांग्रेस पार्टी के अंदर सामूहिक तौर पर काफी दमखम रखते हैं। 

G-23 का कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर प्रभाव

G-23 का अब कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर काफी प्रभाव पड़ सकता हैं। जी हां फिलहाल जो हालात कांग्रेस पार्टी की पंजाब में है इसे देखकर ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी में काफी नाजुक स्थिति बनी हुई है। जिस प्रकार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, इसको देखते हुए अब ऐसी अटकले लगाई जा रही है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह बहुत जल्द G-23 के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। 

अब सिब्बल का सीधा अटैक, गुलाम नबी का लेटर बम,  मनीष तिवारी की नसीहत, और  आनंद शर्मा द्वारा पार्टी को उसके सहिष्णुता और मूल्यों को याद दिलाना है। इन सब बयानों से साफ जाहिर होता है कि G-23 के नेता अब आर-पार के मोर्चे के लिए बिल्कुल पूरी तैयार कर लिए हैं। पंजाब में कांग्रेस की नाजुक  स्थिति ने उन्हें अपनी बात कहने का भरपूर मौका दे दिया है। इस वक्त कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा संकट G-23 के नेताओं द्वारा छेड़ी गई ‘बगावत’ है।  

इस बगावत का कांग्रेस पार्टी पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है और पार्टी में दरारे आ सकती है। कांग्रेस पार्टी को इस बात का भी डर है कि G-23 के सभी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिलकर एक नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। 

कांग्रेस पार्टी में ‘खेमेबंदी’ का इतिहास

कांग्रेस पार्टी का ‘टूट’ से पुराना संबंध रहा है।  हाल के दशक में कांग्रेस के कई बड़े नेता जैसे ममता बनर्जी, शरद पवार, अर्जुन सिंह, एनडी तिवारी आदि नेताओं ने खराब हालातों की वजह से कांग्रेस पार्टी से अलग होकर अपनी अपनी नई पार्टी का गठन कर लिया है। 

G-23 आगे क्या कर सकती हैं?

G-23 कांग्रेस पार्टी के लिए अब एक बड़ी संकट बन गई हैं। अब ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की G-23 के सभी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलकर एक नई पार्टी को निर्मित कर सकते हैं, अगर ऐसा हुआ तो पंजाब में कॉन्ग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगेगा। और इस से कॉन्ग्रेस पार्टी के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह लग सकता हैं। 

G-23 को लेकर कांग्रेस पार्टी में खलबली सी मच गई हैं, जो भी नेता पार्टी के कार्य शैली से नाराज होते हैं, G-23 ग्रुप उन्हे अपनी तरफ खीच लेता हैं, इस वजह से भी G-23 कांग्रेस पार्टी के लिए एक सिरदर्द बना हुआ हैं।

कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा समय

कांग्रेस इस वक्त उलझन में पड़ी हुई है वह एक नेता को संभालती है तो इस बीच दूसरे नेता रुष्ट हो जाते हैं। एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू के खेमे को शांत करने के लिए कैप्टन को अध्यक्ष पद से हटाकर सिद्धू को अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन सरकार बनने के महज कुछ दिनों के भीतर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया तो पार्टी प्रमुख उन्हें मनाने की कोशिश में जुट गए। 

इसी बीच उधर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमित शाह से मुलाकात कर पार्टी हाईकमान को एक और नई टेंशन दे दी। हालांकि पार्टी द्वारा सिद्धू को मनाने की पूरी कोशिश जारी है सिद्धू भी अपनी ओर से स्पष्ट भाषा में कह चुके हैं कि वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाले हैं। ऐसे में अब कांग्रेस पार्टी एक बड़ी उलझन में फंस चुकी है। 

सिद्धू के इस्तीफे से G-23 ग्रुप क्यों हैं खुश?

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से सिद्धू के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ हैं। विशेषकर इसमें वैसे नेता शामिल है जिन्हे हम कांग्रेस के G-23 ग्रुप के नाम से जानते है। 

सिद्धू के इस्तीफे पर कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा ने कांग्रेस को ही आईना दिखाया है। दरअसल बीते बुधवार को अचानक से सिद्धू ने एक वीडियो के जरिए अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा का ऐलान कर दिया। इसके बाद फिर क्या था, G-23 के नेताओं ने इस पर कांग्रेस को आइना दिखाना आरंभ कर दिया।

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निष्कर्ष

G–23 क्या हैं? कांग्रेस के कौन-कौन से नेता इसमें शामिल हैं? और वे गांधी परिवार से क्यों है नाराज से संबंधित हमारी यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और अगर अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने सोशल अकाउंट और अपने दोस्तों के बीच शेयर जरुर करे।

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