धारा 279 क्या है | IPC Section 279 in Hindi

धारा 279 क्या है | IPC Section 279 in Hindi दोस्तों आए दिन हमें अखबारों में टेलीविजन पर यह सुनने को मिलता है कि आज सड़क हादसे में 4 लोग घायल हो गए या फिर एक्टर ने rush driving करके कुछ लोगों को घायल कर दिया। वैसे ये खबरे सुन कर कई लोगों को लगता है कि सड़क पर इस तरह से गाड़ी चलाने पर कोई मामूली सी सजा मिलती है। क्योंकि सलमान खान जैसे कई लोग है जो सड़क दुर्घटना के लिए दोषी तो पाए गए थे। पर फिर भी उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। इसीलिए अब लोग सड़क हादसों को जरा भी गंभीरता से नहीं लेते हैं। 

धारा 279 क्या है | IPC Section 279 in Hindi

धारा 279 क्या है IPC Section 279 in Hindi

बहुत बुरी तरह से सड़क पर गाड़ी चलाते हैं अगर आप भी सड़क पर गाड़ी चलाने के नियमों का पालन नहीं करते हैं व बहुत बुरी ड्राइविंग करते हैं तो हम आपको सचेत करना चाहेंगे कि ऐसा करने से आप ज्यादा मुश्किल में फंस सकते हैं। 

क्योंकि अगर आपके द्वारा सड़क में कोई हादसा हो जाता है या फिर कोई घायल हो जाता है तो आप पर कानूनी रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 279 लगाई जाएगी। ‌

भारतीय दंड संहिता की सभी धाराओं की तरह धारा 279 भी एक कठोर धारा है क्योंकि इस धारा में व्यक्ति को अपराध के लिए सख्त सजा दी जाती हैं धारा 279 के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए इस आर्टिकल को पढ़े!

धारा 279 क्या है ? 

धारा 279 भारतीय दंड संहिता की धारा हैं यह धारा किसी व्यक्ति पर तब लगाई जाती है जब वो सड़क नियमों का उल्लंघन करते हैं। ‌कहने का मतलब यह है कि जब कोई व्यक्ति लापरवाही से या फिर जल्दबाजी में सड़क पर गाड़ी चलाता है। 

जिससे लोगों को चोट लगने, घायल होने या फिर कोई दुर्घटना होने की संभावना रहती है तब उस व्यक्ति को इस तरह से गाड़ी चलाने के लिए धारा 279 के अंतर्गत सजा दी जाती है। 

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब किसी व्यक्ति के ऊपर धारा 279 लगाई जाती है तो उस व्यक्ति को 6 महीने या फिर से ज्यादा समय के लिए कारावास में रखा जाता है साथ ही उनके ऊपर ₹1000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाता है। 

धारा 279 में जमानत का प्रावधान 

अगर किसी व्यक्ति के ऊपर धारा 279 लगाई जाती है तो उस व्यक्ति को आपसी सहमति के द्वारा वकील के उपस्थिति में जमानत दी जा सकती हैं। क्योंकि यह एक जमानती धारा है। ऐसे में अगर अपराधी चाहे तो वो अपने वकील की मदद से जमानत नहीं सकता है। 

लेकिन इस धारा के लगने के बाद अगर आप सोचेंगे कि इसमें आपको समझौता करने का भी मौका मिल जाएगा तो ऐसा नहीं है क्योंकि इस धारा में समझौता नहीं होता है। 

क्योंकि सड़क हादसे में जो दुर्घटना होती है उससे कोई ना कोई घायल जरूर होता है इसीलिए धारा को बहुत गंभीरता से लिया जाता है और इस धारा का उल्लंघन करने वाले लोगों को सख्त सजा दी जाती है। 

धारा 279 किन हालातों में लगाई जाएगी ? 

धारा 279 किसी भी चालक के ऊपर तब लगाई जाती है जब वह नीचे बताएं तरीके से गाड़ी चलाता है – 

  • यह धारा किसी पर तब लगाई जाती हैं जब वह इंसान बहुत तेजी से गाड़ी चला रहा हो। 
  •  इसके अलावा ये धारा तब लगाई जाती है जब व्यक्ति की गाड़ी चलाने की गति तो सही रहती है लेकिन उनका ध्यान गाड़ी चलाने में नहीं रहता। 
  • यह धारा किसी व्यक्ति पर तब भी लगाई जा सकती है जब वह गाड़ी चलाने के दौरान ऐसा काम कर रहा हो जिससे उसका ध्यान बटे या फिर ध्यान भटकने की वजह से उसके द्वारा कोई हादसा हो जाता है। 

कोई भी ऐसी सड़क दुर्घटना या फिर हादसा जिससे किसी व्यक्ति के जान माल को हानि पहुंची हो या फिर उनके द्वारा किसी को गंभीर चोट आई हो तब पुलिस इस तरह से गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति पर धारा 279 लगाती है और फिर इस धारा के अंतर्गत बताए गए प्रावधानों का पालन करके उन्हे सजा दी जाती हैं। 

अगर किसी बड़े सेलिब्रिटी के द्वारा या फिर किसी अमीर आदमी के द्वारा इस तरह का कोई हादसा हो जाता है तो उनके लिए इस धारा के चंगुल से निकलना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि उन्हें कानून सख्त से सख्त सजा देने की फिराक में रहती हैं। इसीलिए ‌ अगर आपके ऊपर भी इस तरह की धारा लगाई गई है तो आपको एक अच्छे वकील की जरूरत है। 

धारा 279 में वकील की जरूरत क्यों पड़ती है ? 

जैसा कि आपको पता है कि आप के ऊपर कोई भी धारा लगाई जाए तो आपको उस अपराध को हटाने के लिए एक अच्छे और दिमाग वाले वकील की जरूरत पड़ेगी। 

क्योंकि अगर वकील अपने काम में कुशल होगा तभी वो आप का केस सही से लड़ सकता है आपको हर अपराध से मुक्त करने के लिए और आप का प्रतिनिधित्व करने के लिए आपको वकील हायर करना पड़ेगा। 

क्योंकि जब आप सड़क पर गलत तरह से गाड़ी चला कर किसी दूसरे का नुकसान कर देते हैं तो यह चीज कानून की नजरों में काफी गंभीर मानी जाती है। सड़क पर जब भी कोई हादसा होता है तो एक तरह की विकट परिस्थिति पैदा हो जाती है। 

इसीलिए इस तरह की परिस्थिति से निकलने के लिए और अपराधी को अपराध से मुक्त कराने के लिए एक एक्सपीरियंस वकील की जरूरत पड़ती है। बड़े-बड़े स्टार्स जैसे सलमान के पास कई सारे ऐसे वकील है जो उनके केस को बहुत ही आसानी से संभाल लेते हैं। यही कारण है कि उन्हें कोर्ट के द्वारा कोई बहुत ही गंभीर सजा नहीं दी जाती है। 

FAQ 

प्रश्न: धारा 279 के तहत क्या अपराध है? 

उत्तर: जब कोई व्यक्ति जल्दबाजी में या फिर लापरवाही से गाड़ी चला कर किसी की जान या माल को हानि पहुंचाता है या फिर में चोट लगाता है तो यह धारा लगाई जाती है। 

प्रश्न: धारा 279 के मामले की सजा क्या है? 

उत्तर: अगर किसी व्यक्ति के ऊपर यह धारा लगाई गई है तो उसे 6 महीने से ज्यादा समय के लिए जेल में रखा जाएगा और उन पर ₹1000 का आर्थिक जुर्माना लगा दिया जाएगा। 

प्रश्न: धारा 279 जमानती अपराध है या नहीं ? 

उत्तर: जमानती अपराध है!

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