जया बच्चन का जीवन परिचय Jaya Bachchan Biography in Hindi

जया बच्चन का जीवन परिचय Jaya Bachchan Biography in Hindi फिल्म जगत में हर सदी में कोई ना कोई ऐसा कलाकार जरूर आता है जो अपार प्रतिभा का धनी होता है और उसके चाहने वालों की कोई कमी नहीं होती। वह जब भी पर्दे पर आता है तो लोग दीवाने की तरह उसे देखने के लिए चले आते हैं। ऐसे ही एक अभिनेत्री जिनका जन्म 20 वीं सदी में हुआ था जिन्होंने पहले फिल्म जगत में अपना परचम पहला आया उसके बाद राजनीति में भी अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व का लोहा मनवाया।

जया बच्चन का जीवन परिचय Jaya Bachchan Biography in Hindi

जया बच्चन का जीवन परिचय Jaya Bachchan Biography in Hindi

आज हम उसी अभिनेत्री जया बच्चन की जीवनी आपके लिए लेकर आए हैं जिसमें आप जया जी से संबंधित बहुत कुछ जान पाएंगे। 

जन्म और जन्मभूमि

बीसवीं सदी की एक महान अभिनेत्री जया का जन्म 9 अप्रैल 1948 को मध्यप्रदेश के  जबलपुर संभाग में हुआ था। जया बच्चन विवाह से पहले जया भादुड़ी के नाम से जानी जाती थी। अमिताभ बच्चन से विवाह के बाद इनका नाम जया हुआ। 

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा

बच्चन के अंदर बचपन से ही Leadership की Quality दिखाई दे दी थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जबलपुर में ना होकर भोपाल में हुई थी। भोपाल में वह जिस स्कूल में पढ़ती थी वहां की वो हेड गर्ल थी, जिसे हम मॉनिटर भी कहते हैं।

शिक्षा के दौरान जया और उनके परिवार को यह अंदाजा लग चुका था कि बच्चन के अंदर अभिनय के बीज भी है इसलिए उन्होंने बचपन से ही अभिनय को काफी गंभीरता से लिया। 

अभिनय में विशेष रूचि होने का कारण ही जया ने स्नातक की पढ़ाई पुणे की फिल्म एंड टेलीविजन नाम की एक कॉलेज से किया। इसी कॉलेज से बच्चन ने अभिनय से संबंधित कुछ कोर्स किये थे, जिसकी मदद से इन्हें अभिनय में और ज्यादा पारंगत हासिल हो गई। 

जया बच्चन का परिवार. 

बच्चन भले ही मध्यप्रदेश के जबलपुर से थी लेकिन यह मूलनिवासी पश्चिम बंगाल की है। जया के परिवार में इनकी माता-पिता के अलावा दो सगी बहन है जिनका नाम नीता और रीता भादुड़ी है।

जया का कोई भाई नहीं है। इनके पिता का नाम तरुण कुमार भादुड़ी था, वह एक लेखक पत्रकार होने के साथ-साथ मंच कलाकार भी थे। इनकी माता का नाम इंदिरा भादुड़ी था जो कि एक ग्रहणी थी और घर संभालती थी। 

जया बच्चन का विवाह

बच्चन का विवाह 3 जून 1973 को बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ हुआ था। विवाह के पूर्व जया और अमिताभ बच्चन दोनों कई फिल्मों में एक साथ काम कर चुके थे और एक फिल्म में काम करने के दौरान ही उन्होंने तय किया कि शादी के बंधन में बंध जाना चाहिए। 

जया और अमिताभ बच्चन के दो बच्चे हैं जिनका नाम अभिषेक बच्चन और श्वेता बच्चन नंदा है। ये दोनों ही शादीशुदा है। अभिषेक बच्चन का विवाह बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के साथ हुआ है।

इनकी एक बेटी है, जिनका नाम आराध्या है। वही जया बच्चन की बेटी का विवाह निखिल नंदा से हुआ है जो दिल्ली में रहते हैं और एक व्यवसायी है।

जया के जीवन से जुड़ी प्रमुख बातें. 

पूरा नाम जया भादुड़ी बच्चन
जन्म तिथि, स्थान9 अप्रैल 1948जबलपुर, मध्य प्रदेश
पति का नाम अमिताभ बच्चन
बच्चो का नामअभिषेक बच्चनश्वेता नंदा बच्चन
माँ का नाम इंदिरा भादुड़ी
पिता का नाम तरुण कुमार भादुड़ी
पेशाअभिनेत्री, राजनेता
राजनीतिक पार्टीसमाजवादी पार्टी
बहु का नामऐश्वर्या राय बच्चन
कुल कमाई468 करोड़
सोशल मीडियाउपलब्ध नही. 

जया के फिल्मी कैरियर की शुरुआत

बच्चन का फिल्मी सफर मात्र 15 वर्ष की उम्र में शुरू हो गया था। जया एक बंगाली परिवार से थी और उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत भी बंगाल से ही की। 1963 में बनी महानगर फिल्म में जया ने पहली बार सहायक अभिनेत्री की भूमिका निभाई। इस फिल्म का निर्देशन सत्यजीत रे कर रहे थे। 

यह जया की आधिकारिक पहली फिल्म थी। हालांकि इस फिल्म को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी उम्मीद थी। पर जया के अभिनय ने लोगों को खासा प्रभावित किया।  इसके बाद उन्हें दो और बंगाली फिल्म सुमन और धनी से मिली जिसमें उन्होंने काम किया। 

बॉलीवुड में फिल्मी सफर की शुरुआत.

बच्चन ने वैसे तो फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम रख दिए थे लेकिन अभी भी बॉलीवुड उनसे दूर था। आखिरकार 1971 में उन्हें पहली फिल्म मिली जिसका नाम गुड्डी था। इस फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी कर रहे थे।

इसके बाद उपकार,कोशिश और कोरा कागज जैसी कई अन्य हिट फिल्में दी। 1972 जया के लिए बहुत ही भाग्यशाली वर्ष रहा क्योंकि इस वर्ष उनकी कुल 11 फिल्में आई। 

इन 11 फिल्मों ने यह बात स्पष्ट कर दी कि बच्चन बाकी सभी अभिनेत्रियों के बीच एक अलग ही पहचान के साथ मौजूद है। 1973 में अमिताभ बच्चन के साथ जया का विवाह हो गया। इसके कुछ वर्ष बाद ही वह मां बन गई। जैसे-जैसे उनके ऊपर परिवार का दायित्व बढ़ता गया वैसे-वैसे बॉलीवुड में वह कम दिखाई देने लगी। उन्होंने कम फिल्में करना शुरू कर दिया।

शादी के बाद 1981 में उनकी एक फिल्म सिलसिला आई थी इस फिल्म के बाद उन्होंने एक तरह से अनिश्चितकालीन विश्राम ले लिया। यह विश्राम जाकर 1998 में टूटा जब उन्होंने गोविंद महारानी की हजार चौरासी की मां में अभिनय किया। इसके बाद 2000 में फिजा, कभी खुशी कभी गम सन 2001 में और 2003 में कल हो ना हो की थी। 

जया का राजनीतिक सफर. 

अभिनय के क्षेत्र में कई वर्ष एक सफल अभिनेत्री के रूप में कार्य करने के पश्चात जया ने राजनीति में भी अपने कदम रखें। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपना कार्य क्षेत्र चुना और समाजवादी पार्टी को अपनी राजनीतिक पार्टी बनाया। 

बच्चन की अपने कार्य के प्रति लगन को देखकर समाजवादी पार्टी ने 2004 में ही इन्हें राज्यसभा का सदस्य घोषित किया है जिसमें इन्हें भारी मतों के साथ विजय प्राप्त हुई और उसके बाद से वो राज्यसभा की सदस्य बन गई।

2006 में एक बार फिर अवसर आया और उन्हें फिर राज्यसभा सदस्य बनने का मौका मिला। इस बार वह 2010 तक राज्यसभा की सदस्य बनी रही।

इसके बाद 2012 में पुनः एक बार समाजवादी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और 6 वर्षों के लिए उन्हें राज्यसभा का सदस्य बना दिया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति योगदान देने की भावना ने उन्हें सभी की प्रशंसा का पात्र बनाया है। 

जया बच्चन से जुड़े विवाद. 

वैसे तो जया और उनके परिवार ने हमेशा ही खुद को विवादों से काफी दूर रखा है लेकिन कभी-कभी जाने अनजाने हमसे कुछ ऐसे शब्द निकल जाते हैं जिनका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

ऐसा ही कुछ जया बच्चन के साथ भी हुआ था। जया के पिता जो कि एक लेखक थे, इसके अलावा अमिताभ बच्चन के पिता भी लेखक थे। यानी उनके पूरे परिवार में हिंदी भाषा के प्रति एक अटूट प्रेम था और यही बच्चन के स्वभाव में भी है।

 2008 का वक्त आया जिसमें द्रोणा फिल्म का म्यूजिक लॉन्च हो रहा था यह म्यूजिक लॉन्च महाराष्ट्र में हुआ था। म्यूजिक लांच के दौरान जया को जब कुछ कहने का मौका दिया गया तो उन्होंने सबसे पहली लाइन बोली कि हम यूपी वाले हैं हम अपनी मातृभाषा हिंदी में ही बात करना पसंद करते हैं। इसलिए महाराष्ट्र वाले कृपया हमें माफ करें।

बस बच्चन की इस बात ने तूल पकड़ लिया और ऐसा कहकर इसे प्रसारित किया गया कि इन्होंने दूसरी भाषाओं का अनादर किया है, हिंदी की अपेक्षा दूसरी भाषाओं को छोटा बताया है।

इस बात को लेकर महाराष्ट्र में भारी विरोध हुआ। तभी महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी शिवसेना के एमपी संजय राउत ने यहां तक कह दिया कि यदि बच्चन अपने शब्दों को वापस नहीं लेते हैं तो वह अपनी फिल्म रिलीज नहीं कर पाएगी। 

जया बच्चन को मिलने वाले पुरुस्कार और उपलब्धियां. 

1998फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कारनौकर
1975फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कारकोरा कागज
1974फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कारअभिमान
2004फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारकल हो न हो
2002फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारकभी खुशी कभी गम
2001फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारफिजा
2007फ़िल्मफ़ेयर जीवनकाल उपलब्धि पुरस्कार
2001आई आई एफ ए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारफ़िज़ा
2002फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारकभी खुशी कभी गम
2004फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कारकल हो न हो
  • जया बच्चन ने फ़िल्म इंड्रस्टी में एक अच्छा नाम बनाया है, उनके काम की प्रसंशा की जाती है। इसलिए मनोरंजन उद्योग में उनके काम के योगदान के लिए उन्हें 1992 में पद्म श्री पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। 
  • उत्तर प्रदेश की सरकार ने उनके काम को सम्मानित करने करने के लिए उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान यश भारती पुरस्कार से इन्हें पुरुस्कृत किया है। 
  • जया बच्चन वर्ष 2017 में सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरुस्कार से भी सम्मानित की जा चुकी है। 

FAQ

जया बच्चन का पूरा नाम क्या है? 

जया बच्चन का पूरा नाम जया भादुड़ी बच्चन है। 

जया का जन्म कब हुआ था? 

जया भादुड़ी का जन्म 9 अप्रैल 1948 जबलपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था। 

जया भादुड़ी के पति का नाम क्या है

जया भादुड़ी के पति का नाम अमिताभ बच्चन है। 

जया की कितनी बहने हैं? 

बच्चन की दो बहनें है नीता और रीता. 

बच्चन का जन्म कहाँ हुआ?

जबलपुर, मध्यप्रदेश

जया की पहली फ़िल्म कौन सी है? 

महानगर 

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जया बच्चन का जीवन परिचय Jaya Bachchan Biography in Hindi जीवनी में हमने इनके जीवन से जुड़ी कई बातें जानी। ऐसी की रोचक जीवनी पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट पर आते रहे। 

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