काला नमक के गुण घरेलू उपयोग और फायदे | kala namak ke Gun Gharelu Upyog Aur Fayde

काला नमक के गुण घरेलू उपयोग और फायदे kala namak ke Gun Gharelu Upyog Aur Fayde-काला नमक (black salt) का भारतीय भोजन में महत्वपूर्ण स्थान हैं. भारतीय रसोई में साधारणतया उपलब्ध रहने वाली औषधि हैं. काले नमक का उपयोग प्रयोग चाट, चटनी, रायता तथा अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों को जायकेदार बनाने में किया जाता हैं. सोडियम क्लोराइड तत्व की अधिकता के कारण इसमे नमकीन स्वाद बना रहता हैं. सोडियम के अतिरिक्त इसमे हाइड्रोजन और आयरन भी सिमित मात्रा में पाए जाते हैं. जो इसके रंग और गंध के कारण हैं.

काला नमक के गुण घरेलू उपयोग और फायदे

काला नमक के गुण घरेलू उपयोग और फायदे  kala namak ke Gun Gharelu Upyog Aur Fayde

आयुर्वेद में काले नमक का उपयोग कई प्रकार की समस्याओं के निदान में किया जाता हैं. इसके पाउडर के निर्धारित मात्रा में उपयोग से पाचन में सहायता मिलती हैं. पेट की गैस, जलन और कब्ज में भी राहत देता हैं.

हाई बीपी की समस्या वाले लोगों को ब्लैक साल्ट का भोजन में प्रयोग करने की सलाह दी जाती हैं. इसमें साधारण नमक की तुलना में कम सोडियम पाया जाता हैं. काले नमक की ठंडी तासीर मानी जाती हैं.

प्राकृतिक काला नमक चट्टानों से मिलता हैं. ये भारत और पाकिस्तान में अधिकतर पाई जाती हैं. इस नमक को कृत्रिम रूप से निर्मित किया जाता हैं.

नमकीन पानी में हरड के बीज को डालकर इसे उबाला जाता हैं. जल के उबलने के साथ ही जल भाप बनकर उड़ जाता है शेष काले रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ काला नमक होता हैं. इसे पीसने पर यह गुलाबी रंग ले जाता हैं.

काला नमक कैसे बनता है | kala namak Kaise Banta Hai

मित्रों यहाँ हम बात करेगे कि आखिर ये रायते और सलाद में मुख्यत उपयोग किया जाने वाला नमक कैसे बनता हैं. किस तरह यह सफ़ेद नमक से अलग होता हैं. नमक खाने के स्वाद को स्वादिष्ट बनाने के लिए उपयोग किया जाता हैं.

सफेद नमक जो समुद्र या खारे पानी की खाड़ियो से जल के सूखने (सुखाकर) बनाया जाता हैं. जबकि ये भूरे और गुलाबी रंग में मिलने वाला यह काला नमक ज्वालामुखी के पत्थरों को पिछ्कर बनाया जाता हैं. भारत के कई छोटे-छोटे ज्वालामुखी केन्द्रों से इसका बड़ी मात्रा में निर्माण किया जाता हैं.

काला नमक बनाने की दूसरी विधि में हरड़ के बीज को जल में तेज ताप के साथ उबाला जाता हैं. अत्यधिक मात्रा में ताप के कारण सारा जल भाप बनकर उड़ जाता हैं, शेष बचा ठोस काला अवशेष ही काला नमक हैं, इस ठोस आकृति के क्रिस्टल को पीसा जाता हैं. पीसने के पश्चात यह गुलाबी रंग का हो जाता हैं.

काला नमक के औषधीय गुण (Medicinal properties of black salt)

पहाड़ो पर काले नमक की उपलब्धता के कारण इसे पहाड़ी नमक भी कहा जाता हैं. मुख्य तौर पर इसमे पाए जाने वाले सोडियम की कम मात्रा के कारण यह उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए विशेष फायदेमंद होता हैं.

इसके अतिरिक्त हमारे पेट और पाचनक्रिया से जुड़ी कई बीमारियाँ जैसे गैस, कब्ज, अपच में काला नमक एक आयुर्वैदिक औषधि के रूप में कार्य करता हैं. कम उम्र में बाल सफेद हो जाने की स्थति में यह बालों को फिर से काला बनाने में भी मददगार माना जाता हैं.

घरेलू उपयोग (domestic use)

कई प्रकार के पेय पदार्थ जैसे सोडा, शिकंजी, दही, जलजीरा तथा सलाद में भी काले नमक का उपयोग स्वाद बढानें के लिए किया जाता हैं. बहुत से लोग इसका उपयोग कच्चे फल और सब्जियों पर छिडक कर खाने में भी करते हैं. ऐसा करने से उनका स्वाद बढ़ जाता हैं.

जब कभी हम गन्ने का ज्यूस, पानी पुड़ी अथवा केरी का पन्ना खाते/पीते हैं तो उनमे भी काला नमक मिलाया जाता हैं. शाकाहारी भोजन पसंद करने वाले लोग अंडे जैसा स्वाद महसूस करने के लिए मसाला टोफू में काले नमक का ही प्रयोग करते हैं, जो स्वाद में अंडे के व्यंजन जैसा ही लगता हैं.

काला नमक के फायदे (Benefits of black salt)

आसानी से सभी के घरों में उपलब्ध यह काला नमक कई लायलाज रोगों की घरेलू औषधि हैं, सामान्य व्यक्ति को भी स्वास्थ्य लाभ (Health benefits) के लिए नमक को पानी में मिलाकर सुबह पीने की आदत डालनी चाहिए. यहाँ हम आपकों इस ब्लैक साल्ट के ऐसे चमत्कारिक फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद आप नही जानते.

  • अधिक वजन वाले व्यक्ति इस नमक का सेवन कर अपनी पाचनक्रिया को सुचारू चलाने के साथ ही मोटापा कम करने में मददगार हैं.
  • इसमे मौजूद सोडियम सल्फर हमारी त्वचा को स्वच्छ और कोमल बनाने में मदद करता हैं, साथ ही रेशे जैसी समस्याओं की सम्भावनाओं को समाप्त करता हैं.
  • काले नमक में मौजूद कैल्सियम और खनिज तत्वों हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं.
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के साथ ही हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त करता हैं.
  • हमारी लार ग्रन्थि को ठीक से कार्य करने में मदद करने के कारण भोजन के पाचन में यह नमक मददगार हैं.
  • चर्म रोग विषेयज्ञ खुजली के रोगियों को काले नमक के पानी से नहाने की सलाह देते हैं.

काला नमक और सेंधा नमक में क्या फर्क है

सेंधा नमक जिसे सेंधा नमक, सैन्धव नमक, लाहौरी नमक या हैलाईट भी कहा जाता हैं. हाजमे के लिए इसका सेवन प्राचीन काल से भारतीय उपमहाद्वीप में किया जाता रहा हैं.

प्राकृतिक रूप से सेंधा नमक ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा के कोहाट और पाकिस्तान के लाहौर के आसपास बहुलता से पाया जाता था. जहाँ से सम्पूर्ण उत्तर भारत में बेचा जाता था इस कारण यह लाहौरी नमक के नाम से भी जाना जाता था.

दोनों नमक साधारण नमक ही होते है मगर इनके गुणों में थोड़ा थोड़ा अंतर पाया जाता हैं. सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से सफेद होता है जबकि काले नमक में हरड के बीज डालने से इसका रंग काला हो जाता हैं.

सेंधा नमक समुद्र की बजाय झीलों और पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानों के रूप में पाया जाता हैं इस कारण इसे रॉक साल्ट भी कहते हैं. सेंधा नमक का प्रयोग व्रत में खाने के लिए किया जाता हैं जबकि काले नमक का व्रत में प्रयोग वर्जित है.

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