मासूम शायरी हिंदी Masoom Shayari | Masoom Poetry | Masoom Shayari Hindi

मासूम शायरी हिंदी Masoom Shayari | Masoom Poetry Masoom Shayari Hindi :नमस्कार दोस्तों उम्मीद करता हूँ आप अच्छे होंगे आज के आर्टिकल में हम Best मासूम Quotes, Status, Shayari, Poetry Chehra ada image आपके साथ साझा कर रहे हैं. मासूमियत चेहरा और अंदाज हर किन्ही को भा जाता हैं. लालच और स्वार्थ से सराबोर इस दुनियां में मासूम चेहरे अक्सर कम ही नजर आते हैं कई बार उनकी ओट में धूर्त बनावटी लोग वक्त आने पर अपनी औकात बता जाते हैं. मासूम की शायरी में आपकों विभिन्न सृजनात्मक पंक्तियाँ स्टेटस कोट्स थोट्स सुविचार यहाँ पढ़ने को मिलेगे.

मासूम शायरी हिंदी Masoom Shayari

मासूम शायरी हिंदी Masoom Shayari

masum hota h har Saks is Sansar me..
pr chut jati h masumiyat aksar duniya k karobar me..
wo masum sararte, jide wo masum man ki,
bah jati h aksar Jo wakt ki tej Dhar me..
masum hota h har Saks is Sansar..
duniya k rang naee dikhte h..
apno me hi aksar ajnabi milte..
wahi is masum man ko Marr Dete h..
Jo bachpan me Sabse jyada laad Dete h…
masum man ko jeene k Liye jo saanse udhar Dete h..
ese kuch ajnabi h jo apno ka pyar Dete h..
apne aap me wo har riste ka ek anokha ahesas Dete h..
jeewan ki pathrili raho pe phulo ka ahesas Dete h..
khuda k hone ka pramad Dete h Jo is Sansar me..
aksar ek fariste ki tarah aate h wo 😊😊
jeewan k andhkar me..
kuch log ese bhi mil jate h is sansar me..
Jo koyale ko dhal jate h heere k sakta me..
masum hota h har Saks is sansar me..
masum hota h har Saks is sansar me.


Kabhi muskurahte Masoom hua Karti thi ,
ab to aansu bhi utne Masoom nahi rahe…


vakt bahut zaalim hai tajurba
dekar masumiyat chhin leta. hai


Agr masumiyat ek cherah
hota to wo tum jaise dikhta


Masum bas bachpan hota h🤗
or ye baccha tab tak hi jita h jab tak pyar na ho jaye🙌
fir waqt samajdar bana deta h💖


बहुत मासूम थे वे दोनो #
फिर उनकी शादी हो गई

Masoom Poetry In Hindi

Ham bhi badmas the kabhi par uske
chehre ne hame bhi Masum bana diya😍


मासुम बनते है वे लोग जिन्हे
जरूरत होती है हमसे..


मासूम होते है वो लोग जो दुनिया
की दुनियादारी ना समझे..


वो खुद को मासूम बता हम पर
महोबत का इल्जाम लगा गयी


मासूम कविता पोएम इन हिंदी

मासूम हु यारो मुजे मासूम ही रहने दो
मेरे माता पिता के बढ़ापे के सहारा हु मै
भाई बहीन का लाडला हु मै
मत कर बदनाम ए जिंदगी
में मासूम ही हु यारो मुजे मासूम ही रहने दो…
सुबह वाली चाय की चुस्की सा हु
दोपहर की मीठी नींद की चुस्ती सा ह
अब सोए हुए को मत जगा ए जिंदगी
में मासूम ही हु यारो मुजे मासूम ही रहने दो…
छल कपट किसी ने क्या किया है
धोखा तो फिर भी हर किसी ने दिया है
अब मत कर इतना मजूबर मुजे ए जिंदगी
में मासूम ही हु मुजे मासूम ही रहने दो…
दया के भाव अटूट है भरे
जीवंत पर्यंत है जो चले
मत उठा लाचारी का फायदा ए जिंदगी
में मासूम ही यारो मुजे मासूम ही रहने दो…


उसकी मासूमियत एक दिखावा निकला
इश्क़ उसका छलावा निकला


दम तोड़ देतीं है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने किया क्या है?


जमाना कान भरता है हमारे,
हमे मालूम है…मासूम है तू।


Kitni maasoom si lagti ti teri ye nigahain……….
Har waqt inmain bahak jaane ka dil karta tha…….


सैंकड़ो की जान ले ली उसने,
लोग फिर भी उसे मासूम आतंकी कह कर पुकारते हैं।


किस कदर मासूम लेकिन शौक इतने बेवफा…
मैंने पूछा कौन?? तो घबरा कर बोली ज़िंदगी..!!


“मासूम सा दिल था
घुटन ने जकड़ा छुड़ाऊँ कैसे
हिम्मत मेरी खुद मेरे ही जज्बातों की कैदी है।”


Meri khamoshi ki wajah ye nhi ki mai mausum hu,
bs kuch yuh smjh lo kehkar mai tmhari ahemiyat
nhi bdhana chahta.


वो मासूम सा शख्स सोच रहा था,
मोहब्बत करने से मोहब्बत मिलती है किसने लिखा था।


Masoom Ada Shayari For Girlfriend & Boyfriend

Agr masoom hona gunah hai…
to haa m gunehgar hu☺️


Zaroorat to dekho WO masum ki Jo
kaam bhi karta hai to khilone ki dukaan me


Wo sara bachpan hi masum tha
jha har chehra hi masum lagta tha
jha darinde bhi masum lagtee the
aur masum bhi masum ab to
logo ke mukhaute samj aane lge hai
ab na chehra hi masum rha aur na hi dil 🙌


दिल ❤️ से बहुत मासूम हूं मैं 😊,
बस मेरे कारनामे ही ख़तरनाक हुआ करते हैं😂


कोई पुछे तो बता देना, की एक वक़्त हुआ
करता था,जब हम भी मासूम थे…


मासूम सी मोहब्बत का बस इतना सा फ़साना है ।।
कागज की हवेली और बारिश का ज़माना है ।।


MAAsoom shabda me pehla akshr (MAA)
hi is shabda ki kimat samja deta haii


मासूम सी थी वो,,मै बोलते बोलते थक गया,
लेकिन उसके लफ्ज़ से एक भी आवाज़ न निकली❣️


Masum Masum to who bhi he na jise ham budhapeme
akele chhod dete he kyuki hamare bachpan me who hi
kahati thi ke mere bachha masum he 😢


Masoom hai vo kinara samundar ka jo lehro
ko rokne ki nakaam koshish karta hai


Masoom to wo the Jo hira kho baithe …..
samajhdar hote to. Anghooti me Jada liya hota


Maasoom sa bachpan tha jo gujar gya,
ab to har roj shaam ke sath ye umar dhala krti hai….


रोज सुबह आता है ये सूरज कई मासूम
लोगो के लिए उम्मीद की किरण लेकर


यू ही नहीं बच्चो को भगवान का रूप कहा जाता है।
वो अपनी मासूम मुस्कान से सबकी उदासियां हर लेते है ।😊


“मासूम,, महज एक लफ्ज़ नहीं,,,,,
अंतर है तुम्हारी खुद से वफा,,
और हमसे बेवफाई का,,,,,


Masoom Status Shayari For Facebook & Whatsapp In Hindi

ऐसे मासूम भी है कुछ लोग जो
फुलो का मतलब जानते है


Ek mai hi to masum hoti hai,
baki duniya kayi masum ho to batao


मासूम होकर अचानक से वो बोला….
भाई पानी की मशीन चालु कर दे….
अधुरा सा बैठा हू कब से अन्दर..😂😂😂😂😂


मासूम वो शब्द है, बच्चों के अलावा
कहीं ओर देखने को नहीं मिलती ।


वो मासूम जब मौसम सा बदलने लगा,
सूरज छुप गया दिन ढलने लगा❤️❤️


Poem 1 The journey of Innocence / मासूमियत

वो मीठे शब्द बोल, हमे इश्क मे लुभाते.
हम मासूमियत में, उनका हाथ थमा लेते.
वो खेल खेलने लगे, हमारी मासूमियत से.
कभी वो जीते, कभी वो हारे. वो जीत में भी,
पूरानी हार का जनाझा निकालते. हम मासूमियत में,
उनका होंसला बढाते. वो नशे के लीये, सामान बेच आते.
हम मासूमियत में, उनके कुली बन जाते.
वो मर्दांगी का प्रदर्शन, चाबुक से दीखाते.
हम मासूमियत में, चाबुक को खुदा समज लेते.
वो जुल्म के निशानों से, हमे रोज सजाते. हम मासूमियत में,
इसे आदत बना बैठे. वो ज़ख्म को हमारे, ताज़ा रक्ने लगे.
हम मासूमियत में, इसे प्यार समजने लगे.
वो हार जीत के खेल में, बुजूर्ग हो गए.
हम मासूमियत में, उनकी लाठी बन गए.
वो आँखरी वक़्त में, माफ़ी मांगने लगे.
हम मासूमियत में, वजह खोजने लगे.
🙏


तेरा मासूम सा चेहरा क्या गजब ढाता है
ना तू आता है ना तेरा पैगाम आता है


कितनी मासूम उस दिल की हसरत रही होगी,
बस एक बार तुझे देखकर ही खुद को बहला लिया करती थी।


मासूम की मासूमियत छिनने लगी है.
जब से child artist की माँ ज्यादा पैसे गिनने लगी हैं


मासूम कोई नही इस जहां मै तो बोलता
हु यह शब्द भी अब मासूम नही…..


खूबसूरती से मासूमियत नहीं जलकती है साहब
मासूमियत देखनी है तो उस बच्चे से पूछो जो
दिन भर खिलौनों की दुकान पर काम करता है ❤️


बात मासूमियत की है तो सारा किस्सा ख़तम कर देता हूं
बस में मेरी टूटी कलम से मा लिखदेता हूं


कितनी मासूम होती हैं माँ की ममता,
अपने बच्चों की सलामती के लिए कभी मंदिर में प्रसाद चढ़ाती हैं,
तो कभी दरगाह में चादर चढ़ाती हैं,
कभी गुरुद्वारे में अरदास करती हैं तो
कभी गिरिजाघर में प्रार्थना करती हैं।


तोड़कर दिल मेरा वो कुछ यूँ मासूम बनकर बैठे हैं,
जैसे ये उनकी आदतों में शुमार हो।


😜 तु 😍मासुम 👰🏻‍♀ सी CUTE 👰🏻लडकी और 🙏🏻
मैं बदमाश 😜 🤗 सा SMART 🧑🏻 लडका 😎😎☝🏾
सारी 🌇दुनिया पानी💦😏 में और मेरा 🤔 DIL 💝
सिर्फ☝🏾 मेरी रानी 👱🏻‍♀में…..😘


Mayus sa ho gya chehra mera.
Wo shakas jaise saari khushiyan le gya ho


Masoom to wo the Jo hira kho baithe …..
samajhdar hote to. Anghooti me Jada liya hota


Maasoom sa bachpan tha jo gujar gya,
ab to har roj shaam ke sath ye umar dhala krti hai….


Rahi Masoom Raza Shayari

Khubsurti k kha kmi h zamane m sahab,
wo masumiyat h bande k jo use beshkimti rooh bna deti h


मासूम से चेहरे ही तो अक्सर
प्यार भरा दिल तोड़ते हैं..


Sab ton mehngi hundi ae masoomiyat…
Sohne taan unjh lok bathere hunde ne🥀


ऐसा क्या पहना था छोटी मासूम ने……
जो नियत बिगाड़ ली हैवान ने…


मासूम की निगाहें भी क़यामत से कम नहीं,,,,,
के जो बरस जाए जंग के मैदान पर,,,
मैदान भी मंदिर बन जाय करते हैं।


सोचते हैं लिख डाले तेरी मासुमियत पे
किताबें फ़िर डर लगता है कि हर कोई
तुझे पाने का तलबगार ना हो जाये


ज़ालिम तेरी झूटी मासूमियत हि
हमें बरबाद कर गयी!


एक मासूम गरीब बच्चा बोल उठा देख मंदिर आलिशान ,
भगवान् तेरे एक को इतना बड़ा मकान ।
क्या फर्क मुझमे और ऊँची इमारतों वालों में ,
वो भी एक इंसान और मैं भी एक इंसान ।
खाने को रोटी नहीं , रहने को नहीं मकान ,
पहनने को कपड़े नहीं , चलने को ना कोई साधन ना कोई विमान ,
बहुत कठिन हो गया है जीना इस गरीबी में ,
क्योंकि हर मोड़ पर दिखता है तो बस व्यवधान ही व्यवधान ।
एक नज़र मुझ पर भी डाल लो ,
करता हूँ मैं तेरा बार बार आवाह्न ,
है भगवान् , कुछ नहीं चाहिए , बस देदो दो वक्त की रोटी ,
कपडा और मकान ।


किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं
अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर ख़ामोश


तेरा मासूम सा चेहरा क्या गजब ढाता है
ना तू आता है ना तेरा पैगाम आता है


कितनी मासूम उस दिल की हसरत रही होगी,
बस एक बार तुझे देखकर ही खुद को बहला लिया करती थी।

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