मयंक अग्रवाल का जीवन परिचय Mayank Agarwal Biography In Hindi

मयंक अग्रवाल का जीवन परिचय Mayank Agarwal Biography In Hindi आज के समय में भारतवासियों द्वारा जिस खेल को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है वह है क्रिकेट का खेल। क्रिकेट के माध्यम से कई सारे ऐसे उभरते सितारे आज हमें मिल जाते हैं जिन्होंने अपने लिए एक नया मुकाम तय किया है और उसे पाने के लिए जी तोड़ कोशिश भी की है। आज आपको ऐसे उभरते हुए क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में अपने मुकाम को हासिल करने का प्रण लिया है और वह कोई और नहीं बल्कि मयंक अग्रवाल है।

मयंक अग्रवाल का जीवन परिचय Mayank Agarwal Biography In Hindi

मयंक अग्रवाल का जीवन परिचय Mayank Agarwal Biography In Hindi

आज हम मयंक अग्रवाल के बारे में संपूर्ण जानकारी विस्तार से देने वाले हैं।

कौन है मयंक अग्रवाल

मयंक अग्रवाल का नाम क्रिकेट जगत में उभरते सितारे के रूप में लिया जाता है जिन्होंने अब तक खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन किया है।

बचपन से की गई कड़ी मेहनत का फल आज इन्हें प्राप्त हुआ है। ऐसे में आप और हम इन्हें क्रिकेट के मैदान में अच्छा खेल खेलते हुए देख सकते हैं।

मयंक अग्रवाल का जन्म

मयंक अग्रवाल का जन्म 16 फरवरी 1991 में बेंगलुरु कर्नाटक में हुआ। उनका बचपन भी बेंगलुरु में बीता। उनके पिता का नाम श्री प्रणव कुमार पांडे और माता का नाम श्रीमती सुचित्रा पांडे है। उनकी पत्नी का नाम अशिता सूद है और भाई का नाम राजकिशन हैं। उनके पिता एक बिल्डर और मां हाउसवाइफ हैं।

शिक्षा

इनकी प्रारंभिक शिक्षा बेंगलुरु के कॉटन बॉयज स्कूल से प्रारंभ हुई थी जहां इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की इसके बाद इन्होंने जैन विश्वविद्यालय से आगे की पढ़ाई पूरी की और क्रिकेट में आने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा।

मयंक अग्रवाल का सपना

मयंक अग्रवाल ने बचपन से एक ही सपना देखा था और वह था एक क्रिकेटर बनने का। उनके सपने का साथ उनके परिवार वालों ने भी बखूबी दिया जहां उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे।

साथ ही साथ उनके भाई ने भी उनका साथ दिया और जिसकी वजह से आज  मयंक अग्रवाल एक उभरते हुए सितारे के रूप में देखे जा रहे हैं।

विवाह

मयंक अग्रवाल ने अपने ही बचपन के दोस्त और बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर की बेटी आशिता सूद  से दोस्ती के बाद अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और फिर उन्होंने 6 जून 2018 को शादी कर ली। दोनों ने बचपन में पढ़ाई भी साथ में ही की थी और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती ने नया मुकाम तय कर लिया था।

मयंक अग्रवाल का तूफानी करियर

वैसे तो इन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था और वह स्कूल में भी अपने शौक को पूरा कर लिया करते थे। उनके इस शौक में उनके कुछ दोस्तों ने उनका साथ दिया। आज हम उनके तूफानी करियर के बारे में बात कर रहे हैं, जो काफी दिलचस्प है।

मयंक के शानदार स्ट्रोक की वजह से आईसीसी क्रिकेट विश्व चैंपियन अंडर-19 में पहली बार उनका चयन हुआ जहां पर उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया । इस सीरीज के बाद मयंक अग्रवाल की पहचान एक अच्छे  खिलाड़ी के रूप में होने लगी।

धीरे-धीरे उन्होंने अन्य प्रीमियर लीग में भी हिस्सा लिया जिसमें मुख्य रुप से 2010 में कर्नाटक प्रीमियर लीग में उन्होंने फिर से शानदार प्रदर्शन किया और जिसकी बदौलत ही” मैन ऑफ द सीरीज” की ट्रॉफी उनके नाम हुई थी।

इस सीरीज के खत्म होते ही मयंक अग्रवाल का नाम लोगों ने पहचान लिया था और अब उनकी पहचान एक बेहतर बल्लेबाज के रूप में भी होने लगी थी।

कुछ सालों के बाद सन 2017 के रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए बेहतर प्रदर्शन किया जिसमें उन्होंने नाबाद 304 बनाते हुए अपने करियर का पहला तिहरा शतक लगाया यह उनके लिए गौरवान्वित करने वाला पल था क्योंकि आज के पहले उन्होंने इतना अच्छा स्कोर नहीं बनाया था।

 2017-18 में ही उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 1160 रन बनाकर एक बेहतरीन रिकॉर्ड बनाया। इस प्रकार से उन्होंने रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू मैदान में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और इसीलिए आज भी मंयक अग्रवाल का नाम उस रणजी ट्रॉफी की वजह से ही जाना जाता है।

मयंक अग्रवाल का बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय करियर

रणजी ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन के फलस्वरुप ही उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में जगह मिली जिसके बदौलत उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी काफी अच्छा प्रदर्शन  किया और लोगों ने उनके खेल को पसंद भी किया था।

सबसे पहले 2015 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच खेला था जिसमें उन्होंने मनीष पांडे के साथ मिलकर 203 रन बनाए थे। इस साझेदारी को महत्वपूर्ण साझेदारीओं में गिना जा सकता है जिसमें मयंक अग्रवाल ने 176 रन बनाकर भारत को  अच्छी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया था।

खेल में कामयाब होने के बाद 2018 में जब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेलने का मौका मिला तो उन्होंने पहले ही पारी में नाबाद 76 रन बनाकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया था। यह रिकॉर्ड बेहतरीन रूप में हमारे सामने आया, जहां आज तक 71 सालों में किसी भारतीय ने ऐसा रिकॉर्ड  नहीं बनाया था।

उसके बाद 2019 में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के दौरान भारतीय टीम में शामिल किया गया, जहां उन्हें भारतीय खिलाड़ी विजय शंकर के घायल होने पर उन्हें खेलने का मौका मिल गया था।

आईपीएल करियर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद उन्होंने आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन किया जिसकी बदौलत ही आज हम मयंक अग्रवाल का नाम गर्व के साथ लेते हैं।

2011 में उन्हें आईपीएल के दौरान आरसीबी टीम के द्वारा खरीद लिया गया था, जहां उन्होंने मुंबई इंडियंस का सामना करते हुए 41 रन बनाए और वहां पर भी अपनी एक छाप छोड़ी थी।

आईपीएल में उनके अच्छे प्रदर्शन को भुलाया नहीं जा सकता जहां उन्होंने आठ मैचों के दौरान ही नाबाद 723 रन बनाकर एक नया इतिहास रच दिया था। इतिहास तक पहुंचना किसी के लिए भी आम बात नहीं है।

आईपीएल के बेहतर प्रदर्शन के मद्देनजर ही “सर्वोच्च रन स्कोरर” का पुरस्कार दिया गया और उनके बेहतरीन खेल की वजह से ही उन्हें “माधवराव सिंधिया पुरस्कार” से सम्मानित किया गया था।

इसके बाद 2014 में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए भी 2 साल के लिए चुना गया था जहां उन्होंने अपना बेहतर प्रदर्शन किया और घायल होने के बावजूद भी वे अपने खेल से पीछे नहीं हटे।

साल 2016 में उन्हें राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स की टीम के लिए खरीद लिया गया था जहां उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और अपने विरोधी टीम को पस्त कर दिया था इस प्रकार से उन्होंने इस नई टीम का भी साथ दिया और कोशिश की कि इस टीम की विजय हो सके।

उनके बेहतरीन खेल को देखते हुए आईपीएल के दूसरे सीजन में उन्हें किंग इलेवन पंजाब की टीम द्वारा 2018 में खरीद लिया गया था, जहां उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और हमेशा आगे बढ़ने के लिए युवा वर्ग को प्रेरित करते नजर आए।

मयंक अग्रवाल की उपलब्धियां

 आज तक मयंक अग्रवाल ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया है जिसकी बदौलत उन्हें कई सारी उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। आज हम आपको उनकी कुछ उपलब्धियों के बारे में जानकारी देंगे–

  1. वर्ष 2010 में जब वे अंडर-19 टीम के लिए खेल रहे थे, तब उनके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए सर्वोच्च खिलाड़ी के रूप में उन्हें सम्मानित किया गया था
  2. इसके अलावा उनके अच्छे खेल को देखते हुए क्रिकेट बोर्ड द्वारा “माधवराव सिंधिया पुरस्कार” से जून 2018 में सम्मानित किया गया था।
  3. 2018 में ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए सम्मान मिला था।

मयंक अग्रवाल के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य

जिस प्रकार हर इंसान के कुछ छुपे हुए तथ्य होते हैं जिनके बारे में जानना और सुनना अच्छा लगता है उसी प्रकार मयंक अग्रवाल के जीवन में भी कुछ दिलचस्प तथ्य हैं जिनको पढ़कर आपको भी अच्छा महसूस होगा।

  1. ऐसा माना जाता है कि मयंक अग्रवाल सचिन तेंदुलकर को अपना गुरु मानते हैं और इसीलिए उन्होंने सचिन तेंदुलकर की एक मूर्ति अपने घर में बनवा कर रखी है जिसके सामने हमेशा वे नतमस्तक नजर आते हैं।
  2. जब भी वह किसी बात से चिंतित नजर आते हैं तो ऐसे में वे जोसेफ मर्फी की किताब “द पावर ऑफ द अवचेतन मन” को पढ़ते हैं उनका मानना है कि इस किताब को पढ़ने के बाद उनके अंदर सकारात्मक ऊर्जा आती है और इस ऊर्जा के मद्देनजर ही वे अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं।
  3. मयंक अग्रवाल को जब भी समय मिलता है तो वे योग करना नहीं भूलते जिसे वे सुबह के समय करते हैं। उनका मानना है कि फिटनेस के लिए योग करना आवश्यक है ताकि इम्यूनिटी मजबूत हो सके और खेल में अच्छा प्रदर्शन किया जा सके।
  4. इसके अलावा मयंक अग्रवाल वीरेंद्र सहवाग की स्टाइल में खेलते हैं। अब वे कोशिश करते हैं कि वीरेंद्र सहवाग के प्लस्पॉइंट को अपने जीवन में फॉलो कर सकें।

नेटवर्थ

 मयंक अग्रवाल का नाम उभरते हुए खिलाड़ियों में लिया जाता है और उन्होंने खुद को अब तक बेहतर रूप से साबित भी किया है। ऐसे में उनका नेटवर्थ बढ़ता ही जा रहा है।

जहां उन्होंने एक मिलियन डॉलर से लेकर 5 मिलियन डॉलर की कमाई की है और लगातार उनके अच्छे प्रदर्शन से उनकी कमाई में भी बढ़ोतरी संभव है।

मयंक अग्रवाल के शौक

मयंक अग्रवाल अपने खेल से बहुत प्यार करते हैं इसके बावजूद जब भी उन्हें समय मिलता है, तो वह गाने सुनना पसंद करते हैं। जब भी सफर कर रहे होते हैं, तो गाना सुनना उन्हें पसंद है जिसमें वे 90 के दशक के गाने सुनते हैं।

अंपायर के गलत फैसले का शिकार

क्रिकेट के क्षेत्र में कुछ ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जो अंपायर द्वारा भी हो जाती है। ऐसे में मयंक अग्रवाल भी अंपायर के गलत फैसले का शिकार हो चुके हैं।

जिसमें आईपीएल मैच के दौरान 12 रन बनाकर बनाने के बाद उन्हें एलबीडब्ल्यू कर दिया गया था लेकिन बाद में जब रिव्यू किया गया, तब अंपायर का यह फैसला गलत साबित हुआ। उस समय केएल राहुल ने गेंदबाजी का फैसला लिया था और एमएस धोनी को बल्लेबाजी का न्योता दिया था।

सोशल मीडिया पर एक्टिव

आज के समय में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना स्टेटस सिंबल माना जाता है। ऐसे में मयंक अग्रवाल को भी आपने सोशल मीडिया पर एक्टिव देख सकते हैं जहां इंस्टाग्राम और ट्विटर पर उनको हजारों लोग फॉलो करते हैं और उनसे जुड़ी वीडियो और तस्वीरों को देख कर अपना रिएक्शन भी देते हैं।

दिल में है सच्ची देशभक्ति की भावना

जब भी आपने इनका खेल देखा होगा तो एक बात महसूस की होगी कि इनके दिल में हमेशा देशभक्ति की भावना दिखाई देती है। जब भी यह खेल खेलते हैं.

तो पूरे लगन के साथ खेलते हैं ताकि किसी भी प्रकार की कमी ना रहे और वह हमेशा अपने खेल में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। इनके द्वारा खेले गए खेल से फैंस खुश होते हैं और उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में वे और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

मयंक अग्रवाल है पूर्ण रूप से शाकाहारी

ऐसा माना जाता है कि क्रिकेटरों को प्रोटीन के लिए अपने आहार में मांसाहार लेना जरूरी है लेकिन कुछ क्रिकेटर ऐसे भी हैं, जो शाकाहारी होते हुए भी अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखते हैं।

ऐसे में मयंक अग्रवाल भी उन क्रिकेटरों में से एक हैं, जो पूर्ण रूप से शाकाहारी हैं और कहीं भी  जाते हैं, तो शाकाहार भोजन का ही सेवन करते हैं। शाकाहारी भोजन लेते हुए भी वे खुद की फिटनेस का ध्यान रखते हैं और हमेशा खेल के प्रति तत्पर दिखाई देते हैं।

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इस प्रकार से आज हमने आपको मयंक अग्रवाल जैसे उभरते क्रिकेट सितारे के बारे में मयंक अग्रवाल का जीवन परिचय Mayank Agarwal Biography In Hindi जानकारी देने की कोशिश की है।

हमारे देश में ऐसे कई सारे क्रिकेटर है, जो अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी क्रिकेट के क्षेत्र में अपना वजूद नहीं बना पाते हैं लेकिन कुछ चंद सितारे होते हैं,

जो इस क्षेत्र में अपना नाम और शोहरत कमा पाते हैं उनमें से एक मयंक अग्रवाल का नाम है जिन्होंने क्रिकेट की बुलंदियों को छूते हुए आगे बढ़ने का हौसला रखा है।

उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आएगा इसे अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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