नवीन पटनायक का जीवन परिचय Naveen Patnaik Biography in Hindi

नवीन पटनायक का जीवन परिचय Naveen Patnaik Biography in Hindi ऐसे तो हमारे देश में कई नेता हुए जो अपने कार्यों के लिए हमेशा याद किये जाते है। पर आज हम बात करेंगे ऐसे व्यक्ति कि जो लगातार 5 बार मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहकर अपने राज्य कि उन्नति में लगे हुए हैं।

नवीन पटनायक का जीवन परिचय Naveen Patnaik Biography in Hindi

नवीन पटनायक का जीवन परिचय Naveen Patnaik Biography in Hindi

जी हां, इनका नाम है नवीन पटनायक, जो कि ओडिशा के मुख्यमंत्री है। ये तो आप जानते ही है कि प्रत्येक राज्य का एक मुख्यमंत्री होता है और वह अपने कार्यकाल में अपने राज्य कि सेवा करता है, परंतु नवीन वर्ष 2000 से अब तक अपने राज्य के मुख्यमंत्री के पद को बखूबी निभा रहे है।

चलिए नवीन पटनायक के जीवन पर कुछ प्रकाश डालते है:

नवीन पटनायक की जीवनी बायोग्राफी

नाम-नवीन पटनायक 
जन्म-16 अक्टूबर, 1946
जन्म स्थान- कटक 
माताज्ञान पटनायक 
पिताबीजू पटनायक 
विवाह स्थिति अविवाहित 
पढाई Bachelor degree in Arts
गृहनगरओडिशा  

प्रारम्भिक जीवन:

नवीन पटनायक जी का जन्म 16 अक्टूबर 1946 में ओडिशा राज्य के कटक जिले में हुआ था, इनके पिता जी का नाम बीजू पटनायक था, जो कि अपने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके थे और माता जी का नाम ज्ञान पटनायक था,

इनकी प्रारम्भिक शिक्षा वेल्हाम बॉयज स्कूल देहरादून में हुयी थी इसके बाद ये अपनी आगे कि पढाई करने के लिए Delhi चले गए जहाँ इन्होने कला विषय में स्नातक कि शिक्षा पूर्ण की।

नवीन पटनायक ओडिशा के 14वें और मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। वह बीजू जनता दल (बीजद) के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। अपनी साफ-सुथरी राजनीति के लिए जाने वाले नवीन पटनायक राज्य के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं।

वह लगातार 5 बार ओडिशा के सीएम रहे हैं। नवीन पटनायक जी एक लेखक भी है उन्होंने तीन किताबें भी लिखी हैं, जिनका नाम क्रमशः The Garden of Life, A Second Paradise  और A Desert Kingdom.

राजनीतिक करियर:

शुरूआती दौर में उनकी रूचि बिलकुल भी राजनीति कि तरफ नहीं थी, राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद नवीन पटनायक जीवन भर सक्रिय राजनीति से दूर रहे। परन्तु अपने पिता और महान राजनेता बीजू पटनायक की मृत्यु के बाद 1997 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया।

उन्हें अस्का निर्वाचन क्षेत्र, उड़ीसा से चुनाव के लिए नामांकन करके 11वीं लोकसभा के लिए संसद सदस्य के रूप में चुना गया था। 

एक साल बाद उन्होंने अपने पिता के नाम पर बीजू जनता दल पार्टी बनाई और राज्य का चुनाव जीता और बीजेपी के साथ मिलकर अपनी सरकार बनाई और इस तरह नवीन पटनायक उड़ीसा के मुख्यमंत्री बने । 

उन्होंने, अपने पिता की तरह, बहुत अच्छी तरह से सरकार का संचालन किया और राज्य के विकास के लिए बहुत ही सराहनीय योग्य कार्य किये है। उन्होंने एक सदस्य के रूप में इस्पात और खनन मंत्रालय की सलाहकार समिति, संसद की पुस्तकालय समिति और वाणिज्य पर स्थायी समिति की भी सेवा की है।

अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल के दौरान नवीन पटनायक को केंद्रीय खान मंत्री बनाया गया था। 2000 में, वह हिंजिली निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए और साथ ही उन्हें बीजद-भाजपा गठबंधन का अग्रदूत बनाया गया, राज्य के सीएम के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान, नवीन पटनायक ने स्वच्छ राजनीति का पालन किया और भ्रष्ट नौकरशाहों और राजनीतिक दिग्गजों को समान रूप से बाहर निकालने में किसी भी प्रकार का संकोच नहीं किया। 

इसके परिणामस्वरूप जनता के बीच नवीन पटनायक जी की लोकप्रियता में भारी वृद्धि हुई। 2004 में दूसरी बार नवीन पटनायक को फिर से राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया जब बीजेडी और भाजपा के गठबंधन ने राज्य विधानसभा चुनाव जीता, 5 मार्च को उन्होंने उड़ीसा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली ।

लेकिन सीएम के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में नवीन पटनायक को कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ा। ओडिशा के कंधमाल जिले में 2007-08 के सांप्रदायिक दंगों के बाद, बीजद और भाजपा के बीच मतभेद स्पष्ट हो गए।

2007-08 के दौरान कोंधमाल ईसाई विरोधी दंगों में भाजपा की भागीदारी की आलोचना के बाद वह भारतीय जनता दल से अलग हो गए। 

हालाँकि, उन पर भाजपा द्वारा उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया गया था, नवीन पटनायक ने यह कहते हुए एक बयान दिया कि भाजपा के साथ उनका गठबंधन एक गलती थी।

नवीन पटनायक और उनकी बीजद पार्टी ने 2009 के संसदीय और विधानसभा चुनाव दोनों में शानदार जीत दर्ज की। बीजद ने राज्य की 21 संसदीय सीटों में से 14 और ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से 103 पर कब्जा कर लिया। नतीजतन, नवीन पटनायक लगातार तीसरी बार राज्य सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुने गए।

2014 संसदीय और विधानसभा के दोनों चुनावों में बीजद के लिए 2009 की पुनरावृत्ति साबित हुई। लेकिन इस बार इस पार्टी ने और भी बेहतर अंक दर्ज किए। नवीन पटनायक की बीजद ने 21 लोकसभा में से 20 और विधानसभा की 147 में से 117 सीटों पर जीत दर्ज की |

कार्य:

नवीन पटनायक ने उड़ीसा के विकास में एक कुशल भूमिका निभाई है और गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की स्थिति को ऊपर उठाया है। उन्होंने आर्थिक स्थितियों में भी सुधार किया है और उड़ीसा के परिदृश्य में पूरी तरह से क्रांति ला दी है। वह इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के संस्थापकों में से एक हैं। 

राज्य के वित्त मंत्री निरंजन पुजारी के अनुसार, राष्ट्रीय विकास की तुलना में ओडिशा की अर्थव्यवस्था लगातार उच्च दर से बढ़ रही है। पिछले सात वर्षों के दौरान, राष्ट्रीय औसत लगभग 6.9 प्रतिशत की तुलना में ओडिशा की औसत वृद्धि लगभग 8 प्रतिशत रही है।

वैश्विक और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी के बावजूद, ओडिशा की अर्थव्यवस्था के 2019-20 में 6.16 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो कि अखिल भारतीय विकास दर 5 प्रतिशत से अधिक है। 

ओडिशा भारत में सबसे अधिक खनिज समृद्ध राज्यों में से एक है। राज्य में पाए जाने वाले प्रमुख खनिजों में लोहा, कोयला, बॉक्साइट, मैंगनीज, निकल, क्रोमाइट, चूना पत्थर, डोलोमाइट, ग्रेफाइट, सजावटी पत्थर, समुद्र तट की रेत, चीन की मिट्टी, टिन अयस्क आदि हैं। 2017-18 में 34.3 प्रतिशत की दर से ओडिशा ने योगदान दिया था । 

2017-18 में राज्य में उत्पादित खनिजों का मूल्य 200.92 अरब रुपये (3.12 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, भारत के बॉक्साइट भंडार में ओडिशा का हिस्सा 55 प्रतिशत से अधिक है, जो इसे एल्यूमीनियम और एल्यूमीनियम आधारित कंपनियों की स्थापना के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। उत्पादन क्षमता और एल्युमीनियम के वास्तविक उत्पादन दोनों के मामले में राज्य का देश में पहला स्थान है।

2011-12 और 2017-18 के बीच, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 10.30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 4.16 ट्रिलियन ($ 64.54 बिलियन) हो गया |

ओडिशा एमएसएमई उद्यमों की सबसे अधिक संख्या वाले शीर्ष दस राज्यों में शामिल है। राज्य औद्योगिक नीति संकल्प, 2015 के तहत व्यवसायों के लिए वित्तीय और नीतिगत प्रोत्साहनों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।

इसके अतिरिक्त, राज्य में आईटी और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां हैं। राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने में मदद के लिए “टीम ओडिशा” का गठन किया है।

पुरस्कार और उपलब्धियां:

  • 2013 में united nation के द्वारा 10 लाख लोगो को उष्णकटिबंधीय तूफान से निकालने के लिएनवीन पटनायक को सम्मानित किया गया था।
  • 2019 चुनाव के बाद ये ओडिशा राज्य के लगातार पांचवी बार मुख्यमंत्री बने |
  • 2017 में इन्हें आउटलुक इंडिया स्पीकआउट अवार्ड्स में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के द्वारा देश में सर्वश्रेष्ठ प्रशासक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • नवीन पटनायक जी को 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा आदर्श मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था |

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