निखत जरीन का जीवन परिचय | Nikhat Zareen Biography in Hindi

निखत जरीन का जीवन परिचय | Nikhat Zareen Biography in Hindi जैसा कि हम सभी देखते हैं आज के समय में युवा वर्ग आगे बढ़ कर खुद को स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं जिसके माध्यम से देश और खुद का नाम रोशन करते हुए आगे की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में पिछले कुछ दशक से देखा जा रहा है कि खेल के माध्यम से देश का नाम रोशन करना गर्व का विषय माना जाता रहा है। इसलिए आज हम आपको एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी निखत जरीन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं जिन्होंने आज देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है और कई लोगों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रही हैं।

निखत जरीन का जीवन परिचय | Nikhat Zareen Biography in Hindi

निखत जरीन का जीवन परिचय | Nikhat Zareen Biography in Hindi

आज से पहले आप सभी ने भले ही इनका नाम ज्यादा ना सुना हो लेकिन आज उनके नाम से हर कोई वाकिफ है क्योंकि उन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है।

पूरा नामनिखत ज़रीन
व्यवसायमुक्केबाजी
जन्म14 जून 1996
जन्म स्थाननिजामाबाद जिला, तेलंगाना
मातापरवीन सुल्ताना
पितामोहम्मद जमील अहमद
शिक्षाएवी कॉलेज, हैदराबाद
वजन51 किलो
कोचइमानी चिरंजीवी

कौन है निखत जरीन (Nikhat Zareen)?

निखत जरीन एक भारतीय महिला मुक्केबाज है, 25 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने देश के लिए विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर खूब सुर्खियां बटोरी है, बता दें इस कारनामे को करते हुए उन्होंने देश की पांचवी भारतीय बॉक्सर होने का गौरव हासिल किया है।

आपकी जानकारी हेतु बता दें जरीन ही वह खिलाडी़ हैं जिन्होंने 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में मुक्केबाजी के माध्यम से हम देशवासियों का नाम रोशन किया है, इस प्रकार बतौर महिला खिलाड़ी आगे बढ़कर उन्होंने इस खेल को एक नई ऊंचाइयां दी हैं और हम सभी को प्रेरित करने का कार्य किया है।

जन्म

हमारे देश को गौरव का पल दिलाने वाली मुक्केबाज निखत जरीन का जन्म 14 जून 1996 को निजामाबाद, तेलंगाना राज्य में हुआ था। उनके पिता का नाम मोहम्मद जमील अहमद और माता का नाम परवीन सुल्ताना है।

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शिक्षा

निखत जरीन ने अपनी शुरुआती शिक्षा अपने ही शहर निजामाबाद से की थी जहां उन्होंने निर्मला गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाई की थी। और उसके बाद अपना ग्रेजुएशन का कोर्स उन्होंने हैदराबाद से किया था। छोटी उम्र से ही बॉक्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने पर उन्होंने पढ़ाई पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया था लेकिन फिर भी उन्होंने एक मूलभूत शिक्षा ग्रहण कर ली थी।

निखत जरीन ( Nikhat Zareen) के कोच

किसी भी खिलाड़ी के लिए कोच की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा मायने रखती है जो सही तरीके से मार्गदर्शन करते हुए आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं। ऐसे में निकहत जरीन के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका उनके कोच इमानी चिरंजीवी और आर वी  राव ने निभाई है। 

जिन्होंने समय-समय पर निकहत को सही रास्ता बताया और किसी भी परिस्थिति से डरने को मना किया। ऐसे में उनके कोच इमानी चिरंजीवी  ने 2008 में “द्रोणाचार्य पुरस्कार” प्राप्त किया था।

मुक्केबाजी की शुरुआत

निखत जरीन ने मुक्केबाजी की शुरुआत काफी पहले ही कर दी थी जिसमें उनकी मदद निकहत के चाचा शमामुद्दीन ने की थी। बचपन में जब अपने चाचा के यहां जाया करती थी तो उसे मुक्केबाजी देखना बहुत अच्छा लगता था।

 चूंकि निकहत के चाचा बॉक्सिंग कोच थे और इस वजह से निकहत के अंदर मुक्केबाजी को लेकर भी जबरदस्त उत्साह देखा गया। शुरू शुरू में घर वालों ने निकहत का साथ नहीं दिया क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि लड़कियां सिर्फ घर  चलाने का ही काम करती है। लेकिन धीरे-धीरे जब निखत जरीन की रूचि मुक्केबाजी में होने लगी, ऐसी स्थिति में उसने हार ना मानते हुए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की बात सोची।

बॉक्सिंग में करियर

जैसा कि हमने आपको बताया कि उन्होने अपना बॉक्सिंग का सफर अपने चाचा के साथ शुरू किया था जहां चाचा ने सही मार्गदर्शन दिया। ऐसे में बहुत ही छोटी उम्र में निखत जरीन ने बॉक्सिंग में अपना करियर बनाना शुरू कर दिया था जहां साल 2010 में उसने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जूनियर मैच में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

और यह उनके जीवन का पहला स्वर्ण पदक था जिसके आने के बाद उसके अंदर एक नया आत्मविश्वास आ गया था और उन्होंने सारे अंधविश्वास को पीछे छोड़ दिया जहां यह बात सामने आती थी कि लड़कियों को बॉक्सिंग के फील्ड में आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

अगले ही वर्ष 2011 में उन्होंने तुर्की में होने वाले “एआईबीए महिला जूनियर” और “यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप” में फिर से स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया था और धीरे-धीरे उसने अपने कामयाबी की सीढ़ी चढ़ना शुरू किया।

इसके बाद 2014 में बुलगारिया में होने वाले “यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप” में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता जहां उन्हें थोड़ी निराशा हुई लेकिन फिर भी उन्होंने अपने मकसद को बनाए रखा और आगे भी अच्छा करने के लिए निश्चित रूप से उन्होंने भरपूर प्रयास किया।

इसके बाद 2014 में ही आयोजित होने वाले “नेशंस कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट” में उन्होंने फिर से स्वर्ण पदक जीतकर खुद को साबित कर दिया और इस प्रकार से उन्होंने 2015 में भी होने वाली “सीनियर वुमन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप” में जबरदस्त जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए भी उन्होंने जालंधर में 2015 में आयोजित होने वाले “सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज” का पुरस्कार जीतकर फिर से अपने प्रतिद्वंदी को हराते हुए स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रकार से उन्होंने अपने करियर में कई सारे स्वर्ण पदक जीते जिसके माध्यम से उन्होंने देश का नाम रोशन किया।

निखत जरीन का मुश्किल भरा सफर

जैसे जैसे निखत जरीन आगे बढ़ने लगी वैसे वैसे ही उन्हें ज्यादा परिश्रम करना पड़ रहा था और इस वजह से उन्हें थोड़ी थकान महसूस होने लगी थी। ऐसे में उनके जीवन का मुश्किल भरा सफर शुरू हो चुका था जहां कंधे की चोट की वजह से उन्हें मुख्य चैंपियनशिप में खेलने का मौका नहीं मिला और फिर उनकी एक बड़ी सर्जरी हुई। 

उसके बाद भी निखत जरीन के लिए सब कुछ आसान नहीं रहा और उन्होंने अपने डूबते हुए करियर को बचाने के लिए पुरजोर कोशिश की। इस प्रकार से उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारते हुए हमेशा आगे बढ़ते हुए लोगों को प्रेरित किया और 2019 में आयोजित होने वाले “स्टैंडजा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट” में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फिर से गोल्ड पदक जीतकर पुनः अपनी जीत सुनिश्चित कर दी थी।

निकहत जरीन ( Nikhat Zareen) ने जीता कांस्य पदक

इस महान मुक्केबाज ने अब तक स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था  जिसके बाद उनका स्वास्थ्य सही नहीं रहा और फिर उन्होंने दोबारा वापसी की जहां वर्ष 2021 में “एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप” में उन्होंने कांस्य पदक जीता जो उनके जीवन का पहला कांस्य पदक था।

निखत जरीन ने स्वर्ण पदक की मदद से की जोरदार वापसी

जहां निकहत जरीन ने अपने जीवन में कई सारे ऐसे सफर देखें जहां पर उन्होंने कड़ा संघर्ष किया था और फिर से उन्होंने मजबूती के साथ वापसी कर ली थी। ऐसे में 19 मई 2022 को तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित होने वाले “महिला विश्व चैंपियनशिप” में उन्होंने फिर से अपना शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए जोरदार वापसी की।

जहां हमारे इस भारतीय मुक्केबाज निखत जरीन ने फाइनल के मैच में थाईलैंड की जिटपोंग जुटामस को 5-0 से हरा कर गोल्ड मेडल जीते हुए शानदार तरीके से विश्व चैंपियनशिप अपने नाम कर चुकी है। यह पल हमारे देश भारत को गौरवान्वित करने वाला पल था जिसके माध्यम से अब देश की बेटियों को भी आगे बढ़ने का जुनून देखा जा सकता है।

गोल्ड मेडल जीतने वाली पांचवी विश्व चैंपियन

जब भी किसी प्रतियोगिता के बारे में जिक्र किया जाता है तो वहां पर विश्व चैंपियनशिप मुक्केबाजी की बात अवश्य रूप से होती है जहां पर अब तक भारत को पांच बार विश्व चैंपियनशिप प्राप्त हुई है जिसमें सबसे पहले  मैरीकॉम ने 2002, 2005,2006, 2008, 2010 और 2018 में वर्ल्ड चैंपियनशिप हासिल की थी।

निखत जरीन के अतिरिक्त सरिता देवी ने भी 2006 में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियनशिप हासिल की और जेनी आर एल ने भी 2006 में महत्वपूर्ण चैंपियनशिप हासिल की थी।

निखत जरीन ने की अपने दोस्तों की तारीफ

आज निकहत जरीन ने अपने देश के लिए बहुत बड़ा काम किया है वहां आज भी वे अपने दोस्तों को नहीं भूली हैं और निरंतर उनकी तारीफ करते हुए पाई जाती हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि “उनके दोस्त और सहपाठी बहुत ही मददगार हैं जिन्होंने हमेशा उसका साथ दिया।

जब मैं अपनी प्रैक्टिस कर रही होती थी और पढ़ाई को सही तरीके से नहीं कर पा रहे थी। ऐसे समय में उनके दोस्तों ने ही आगे बढ़ कर मदद करते हुए नोट्स का इंतजाम किया था ताकि वे अपनी परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल कर सके।” उन्होंने कहा था कि ऐसे में वे बहुत खुशनसीब है कि उन्हें इतने अच्छे दोस्त मिले जो हमेशा उनकी कदर और परवाह करते रहे।

जरीन (  Nikhat Zareen) को मिलने वाले पुरस्कार

निखत जरीन को अब तक उनके करियर में कई सारी उपलब्धियां और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिनकी बदौलत ही वे आगे बढ़ पाने में सक्षम हो पाए हैं। ऐसे में उन्हें 2015 में “बेस्ट बॉक्सर ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप” घोषित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 2010 में भी “गोल्डन बेस्ट बॉक्सर” का पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

इसके अलावा उन्हें उनके ही गृह नगर निजामाबाद तेलंगाना का “अधिकारिक राजदूत” घोषित किया गया था जो उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

निखत जरीन ( Nikhat Zareen)  के आदर्श

निखत जरीन ने अब तक कई बेहतरीन आयाम प्राप्त किए हैं, ऐसे में उन्होंने मोहम्मद अली को अपना आदर्श माना है। इसके अलावा वह मोहम्मद अली की बेटी लैला अली की एक बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और साथ ही साथ आदर्श भी मानते हैं।

अपने आदर्श से  वे हमेशा प्रेरणा लेते नजर आती हैं, जिन के माध्यम से उनके खेल में लगातार परिवर्तन देखा जाता है जो कहीं ना कहीं हमारे लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। इसके अलावा उन्होंने दूसरे अच्छे मुक्केबाजों से भी प्रेरणा हासिल की है ताकि नई-नई बातों को सीखते हुए कार्यों को अंजाम दिया जा सके और जीत हासिल की जा सके।

निखत जरीन ( Nikhat Zareen) हो रही ट्विटर पर ट्रेंड

अगर आप भी ट्विटर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे में आप निकहत जरीन को भी ट्विटर पर देख सकते हैं जहां लगातार वे ट्रेंड पर बनी हुई है और ऐसे में उनके प्रशंसकों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

ट्विटर के माध्यम से आप सभी निखत जरीन के स्टाइलिश फोटो देख सकते हैं जहां पर आपको वे एक देसी अवतार में भी नजर आएंगी। इसके अलावा उनके ट्विटर अकाउंट में आप उनके खेल से संबंधित जानकारी भी ले सकते हैं। धीरे धीरे उनके इस सोशल मीडिया में फैंस की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो उन्हें बहुत प्यार और सम्मान देते हैं।

FAQ

Q. निखत जरीन का सम्बन्ध किस खेल से हैं?

Ans:- मुक्केबाजी

Q. निखत किस राज्य से हैं?

Ans: ये तेलंगाना राज्य हैं.

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों निखत जरीन का जीवन परिचय | Nikhat Zareen Biography in Hindi का यह आर्टिकल आपको पसंद आई होगी, अगर आपको इस महिला बॉक्सर की जीवनी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

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