One Time Password ओटीपी क्या होता है | OTP की पूरी जानकारी

हम बहुत बार एक शब्द सुनते है जो कि है वन टाइम पासवर्ड, जिसे संक्षिप्त में OTP कहते है. मगर कभी इसके पीछे के दिमाग को समझ नहीं पाए आखिर ओटीपी क्या होता है क्यों भेजा जाता है यह हमारे अकाउंट आदि को किस तरह सुरक्षित बनाता हैं. आज के आर्टिकल में हम इसी विषय को सरल भाषा में समझने का प्रयास करेंगे.

मेरे फेसबुक अकाउंट के साथ टू स्टेप वेरिफिकेशन के फीचर को ALLOW किया गया हैं. इसका मतलब यह हुआ कि भले ही कोई मेरे फेसबुक के पासवर्ड को पता कर ले, मगर जब वह लॉग इन करने की कोशिश करेगा तो फेसबुक मुझे 6 डिजिट के कोड भेजेगा, अगर मैं यह न दूँ तो कोई भी मेरे अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएगा.

यही है वन टाइम पासवर्ड यानी एक समय अवधि में समाप्त हो जाने वाले सुरक्षा कोड, जो छः अंक के होते हैं. अगर बात करें ये कहाँ कहाँ काम आते हैं तो किसी लेनदेन अथवा लॉग इन के समय One Time Password इनेबल होते है इससे सिस्टम को हाई लेवल सिक्योरिटी मिलती हैं.

अगर आपने गौर किया हो तो कई बार आरबीआई या सिम ऑपरेटर्स कम्पनी हमें संदेश भेजती है कि हमारे कर्मचारी अथवा बैंक कभी आपसे OTP आदि नहीं मांगते इसलिए किसी के साथ अपने वन टाइम पासवर्ड साझा न करें. अज्ञानता वश कई लोग ऐसा कर देते है जिससे बड़ा आर्थिक नुक्सान भी हो जाता हैं.

ओटीपी क्या होता है | OTP की पूरी जानकारी

ओटीपी क्या होता है | OTP की पूरी जानकारी

OTP क्या है ? (What is OTP in Hindi)

OTP (one time password) सर्विस टेक्नोलॉजी की सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए साल 2006 में लौन्च की गई थी, उस समय तक इसका सिमित उपयोग किया जाता था. स्टेंडर्ड पासवर्ड से अधिक सुरक्षित विकल्प के रूप में आज दुनिया का प्रत्येक प्लेटफार्म इसे अपना चूका हैं.

Telegram Group Join Now

यूएस में सबसे पहले OTP सिस्टम को अपनाया गया था, मगर इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने आज लेनदेन की प्रत्येक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बना दिया हैं. बैंक से होने वाले प्रत्येक ऑनलाइन लेन देन में वन टाइम पासवर्ड का उपयोग किया जाता हैं.

OTP सिस्टम जनरेटेड एक छः अंकीय सुरक्षा कोड होता है जो महज 30 सैकंड तक वैध रहता हैं इसके बाद पुनः नये कोड की जरूरत पड़ती हैं. हर बार यह अलग तथा अनुमान लगाने से बहुत परे हैं.

एटीएम (डेबिट कार्ड) क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन भुगतान (UPI, फोन पे वालिट) समस्त तरह के डिजिटल वालिट में ट्रांजेक्शन से पूर्व आपके बैंक में रजिस्टर नम्बर पर OTP नंबर भेजा जाता हैं जो सही होने की स्थिति में ही प्रक्रिया आगे बढ़ती हैं.

OTP का उपयोग कहाँ कहाँ किया जाता है?

अगर बात करें OTP Uses की तो कई सेक्टर में वन टाइम पासवर्ड का उपयोग किया जाता हैं. सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उपयोग ऑनलाइन पेमेंट में होता हैं. जब कभी हम ऑनलाइन भुगतान चाहे वह upi या वालिट के माध्यम से हो हमें OTP कोड दर्ज करने पड़ते हैं.

इसके अलावा सोशल मिडिया प्लेटफोर्म के लॉग इन के दौरान भी इसकी जरूरत पड़ती हैं. कम्पनी सुरक्षा लिहाज से सत्यापित करना चाहती है कि लॉग इन करने वाला उपभोक्ता सही है अथवा नहीं, इसके लिए उपयोग ली जाने वाली प्रणाली Two step verification कहलाती हैं.

कई बार जब हम अपने लॉग इन के पासवर्ड भूल जाते हैं उस स्थिति में रिसेट पासवर्ड की रिक्वेस्ट भेजते हैं, उस स्थिति में भी OTP कोड की आवश्यकता पड़ती है जो हमारे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल के जरिये प्राप्त होता हैं.

OTP प्रकार

अब हम कुछ प्रकार की बात करेंगे जिनके स्वरूप में OTP कोड प्राप्त किए जाते हैं. एक बार इंटर न किए जाने की स्थिति Resend OTP का विकल्प यूज किया जा सकता हैं.

SMS OTP

वन टाइम पासवर्ड को पाने का सबसे प्रचलित तरीका SMS OTP का हैं. हर अकाउंट जो हमारे बैंक का हो अथवा हमारे सोशल मिडिया का खाता हो, उसके साथ हमारे मोबाइल नम्बर रजिस्टर होते हैं.

लेन देन या अन्य प्रकार की गतिविधि सम्पन्न करने की स्थिति में OTP रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं, साथ ही SMS OTP में यूजर को यह हिंट भी दिया जाता है कि ***********9472 इन मोबाइल नम्बर पर आपको वन टाइम पासवर्ड मिला हैं, आप मैनुअली टाइप करके अथवा ऑटो फिल करके इसे वेरीफाई कर सकते हैं.

Email OTP

एसएमएस OTP की तरह ही ईमेल ओटीपी भी यूजर्स की पहचान के लिए रजिस्टर्ड ईमेल खाते पर भेजा जाता हैं. अपने ईमेल बॉक्स में प्राप्त प्रमाणीकरण कोड को आप सम्बन्धित एप्प अथवा वेबपेज पर दर्ज कर अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं.

Voice Calling OTP

अगर आप थोड़ा याद करें तो जब हम Whatsapp पर अपने मोबाइल को वेरीफाई करते हैं तो हमें दो तरह के आप्शन मिलते है पहला sms otp का तथा दूसरा वौइस् कॉल otp का होता हैं.

अगर हम वौइस् कॉल ओटीपी का चयन करते है तो कम्पनी अपने सिस्टम कॉल नम्बर से एक कॉल करती है तथा कुछ अंक को वन फाइव एट नाइन ओ इस तरह बताती है जिन्हें मांगे गये स्थान पर डालकर हम अपनी पहचान को प्रमाणित कर सकते हैं.

वन टाइम पासवर्ड का उपयोग क्यों किया जाता है?

OTP को हम एक हाई लेवल सिक्योरिटी पासवर्ड कह सकते है यह सामान्य रूप से खाता बनाते समय उपयोग किए जाने वाले पासवर्ड से पूर्णतया अलग और सेफ होता हैं. इसकी वैधता सेकन्ड्स में होती है इस कारण हैकर्स भी इसे क्रेक नहीं कर पाते हैं.

अमूमन लोग अपनी जन्मतिथि, नाम या मोबाइल नम्बर से कई तरह के अकाउंट का पासवर्ड रखते है जो आसानी से अनुमान लगाए जा सकते है या किसी हैक लिंक के जरिये पता किए जा सकते हैं. मगर उन पासवर्ड पर सेफ्टी वाल के रूप में वन टाइम पासवर्ड काम करता हैं.

ऐसा भी हो सकता है किसी परिचित को मेरे अकाउंट का पासवर्ड और यूजर नेम पता रहता है वह मेरे किसी भी खाते का दुरूपयोग कर सकता हैं. ऐसे में OTP एक अच्छा विकल्प हैं. Google account, net banking account, bank account आदि को हम वन टाइम पासवर्ड की मदद से अधिक सिक्योर कर सकते हैं.

OTP के फायदे (Advantages of OTP in Hindi)

  • Security लेवल बढ़ जाता है: मूल रूप से ओटीपी प्रणाली का उद्देश्य यूजर्स के अकाउंट की सुरक्षा को बढ़ाना है. जब कभी हाई लेवल ट्रांजेक्शन अकाउंट लॉग इन आदि किए जाते है तो सिस्टम Registered Mobile Number पर एक वन टाइम पासवर्ड भेजता है उसके बिना लेन देन या खाते में एक्सेस नहीं हो पाता हैं.
  • आसान सेटअप: वन टाइम पासवर्ड सर्विस को Two-Step-Verification के नाम से जाना जाता है अतिआवश्यक सर्विस जैसे बेकिंग आदि में यह परिहार्य रूप से सेट होती हैं, जबकि हम अपने जीमेल, गूगल अकाउंट, सोशल मिडिया अकाउंट के लिए इसे टर्न ऑन कर सकते हैं.
  • Random Algorithm: यह वन टाइम पासवर्ड की सबसे बड़ी खूबी है कि हर बार एक नया कोड जनरेट करता है जिसका अनुमान लगाना भी सम्भव नहीं हैं. भले ही आप एक बार OTP दर्ज कर खाते में प्रवेश कर चुके हो मगर जब दूसरी बार कोई प्रक्रिया अपनाएगे तो आपको फिर से एक नये ओटीपी की जरूरत पड़ेगी.
  • फ्री और हैकर्स से सेफ्टी: ओटीपी सर्विस पूर्णतया निशुल्क हैं एक दिन में आप चाहे जितनी में एक्सेस कर सकते हैं. हर बार एक नया पासवर्ड आपके फोन नम्बर पर रिसीव होता रहेगा. व्यक्तिगत प्रमाणीकरण के चलते यह सिस्टम हैकर्स के दांत खट्टे करने वाला साबित हो रहा हैं.

OTP (वन टाइम पासवर्ड) प्रणाली के नुक्सान

अब तक हमने वन टाइम पासवर्ड क्या है इनका उपयोग कब और कहा किया जाता है तथा इसके फायदे क्या है इसके बारे में संक्षिप्त में जाना हैं, अब हम इस सिस्टम के कुछ नुक्सान से भी आपको अवगत कराते है जो कई बार यूजर्स के लिए समस्या का कारण बनते हैं.

  1. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का बंद हो जाना : ऐसा प्राय देखा गया है कि रजिस्टर्ड सिम के खो जाने या बंद होने की स्थिति में ओ टी पी प्राप्त करना एक दुष्कर कार्य बन जाता हैं.
  2. मोबाइल का चोरी हो जाना: अगर फोन किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में चला जाए ऐसी स्थिति में टू स्टेप वेरिफिकेशन भी हमारे सिस्टम की सुरक्षा नहीं कर पाता हैं.
  3. OTP का अविलम्ब आना : कई बार नेटवर्क कम होने के कारण, चालू कॉल के दौरान या तकनीकी खामियों के कारण भी नियत समय पर ओटी पी नहीं आते है जब तक वे हम तक पहुँचते है एक्सपायर हो चुके होते है इस स्थिति में यूजर्स को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं.
  4. OTP फ्रोड: हरेक नागरिक इतना जानकार नहीं होता है कि उसके बताएं गये छः डिजिट कोई बड़ी समस्या में डाल सकते हैं. धोखाधड़ी करने वाले गिरोह कई बार आधार वेरीफाई, एटीएम एक्टिवेशन, सिम कार्ड को 5 G में कन्वर्ट करने के नाम पर भोले भाले लोगों से OTP लेकर उनके बैंक खाते को साफ़ कर जाते हैं.

OTP कैसे / कहाँ से आता है

अगर आप सोच रहे है कि आखिर OTP generate कैसे होता है और कहाँ से होता है तो आपको बता दे कि यह authentication methods के जरिये से रेंडम Algorithm के द्वारा भेजा जाता हैं.

सिस्टम के सर्वर Hashed Message Authentication Code,TOTP,HOTP के रूप में प्राप्त वन टाइम पासवर्ड के मिलान करने का काम करते है अगर सिस्टम द्वारा भेजे गये और दर्ज किए गये पासवर्ड मेल खाते है तो प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाता हैं, अन्यथा यूजर्स को गलत ओटीपी का मेसेज प्रदर्शित कर दिया जाता हैं.

ओटीपी क्या है सामान्य प्रश्नोत्तर

Q. OTP का फुल फॉर्म क्या होता है?

Ans: वन टाइम पासवर्ड

Q. ओटीपी कहाँ प्राप्त होता है?

Ans: यूजर्स का प्रमाणीकरण करने के लिए कम्पनी अपने ग्राहक के registered Mobile number पर वन टाइम पासवर्ड भेजती हैं.

यह भी पढ़े

मित्रों उम्मीद करता हूँ “One Time Password ओटीपी क्या होता है | OTP की पूरी जानकारी” शीर्षक से लिखा गया यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा. हमने इस लेख में टू स्टेप वेरिफिकेशन प्रणाली के रूप में जाना हैं, यह लेख आपको कैसा लगा कमेंट कर जरुर बताएं.

Leave a Comment