रवीना टंडन का जीवन परिचय | Raveena Tandon Biography In Hindi

रवीना टंडन का जीवन परिचय Raveena Tandon Biography In Hindi आज के समय में बॉलीवुड में कई सारी ऐसी अभिनेत्रियों का आगमन हुआ है जिनके आने के बाद बॉलीवुड में नयापन आया है और फिल्मों में भी नयापन देखा गया है। आज हम एक 90s की एक बेहद चर्चित अभिनेत्री की बात करने वाले हैं, वह है रवीना टंडन जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद कई सारी मान्यताओं को तोड़ा है और उन्हें हमेशा आगे बढ़ते हुए देखा गया है। आज हम आपको रवीना टंडन जी के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं जिससे आपको भी उनसे संबंधित बातों का ज्ञान हो सके।

रवीना टंडन का जीवन परिचय | Raveena Tandon Biography In Hindi

रवीना टंडन का जीवन परिचय Raveena Tandon Biography In Hindi

रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1974 को मुंबई में हुआ था और उसके बाद से ही उन्होंने मुंबई में रह कर अपना जीवन यापन किया। 

टंडन का परिवार

रवीना टंडन शुरू से ही अपने घरवालों की लाडली थी, उनके परिवार में माता-पिता और एक भाई हैं। उनके पिता का नाम रवि टंडन और उनकी माता का नाम वीना टंडन है। खास बात यह है कि उनके माता-पिता के नाम को जोड़कर ही उनका नाम “रवीना” रखा गया। उनके भाई का नाम राजीव टंडन है।

उनके पिताजी एक फिल्म प्रोड्यूसर है और मां गृहिणी हैं। और उनके भाई भी कुछ फिल्मों में प्रोड्यूसर का काम कर चुके हैं साथ-साथ उनके बहुत से ऐसे चचेरे भाई बहन हैं, जो टेलीविजन और फिल्मों से जुड़े हुए हैं जिनमें मुख्य रुप से किरन राठोर, विशाल सिंह और मंजरी मकिजन्य है। इन सभी को आपने कभी ना कभी टेलीविजन में देखा ही होगा।

शिक्षा

रवीना टंडन ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल से पूरी की थी। उसके बाद उन्होंने मुंबई के ही मीठीबाई कॉलेज में स्नातक में एडमिशन लिया था लेकिन बीच में ही उनकी फिल्में आ जाने की वजह से उन्होंने स्नातक कंप्लीट नहीं किया। ऐसे में उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई, पार आज वह एक कामयाब फिल्म अभिनेत्री बनकर हम सबके सामने हैं।

रवीना टंडन का फिल्मी सफर

रवीना टंडन जी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत सबसे पहले 1991 में फिल्म “फूल और पत्थर” से की थी जिसे बॉक्स ऑफिस पर काफी सफलता हासिल हुई थी।

इसके बाद धीरे-धीरे उनके जीवन में बदलाव आने लगा और 1995 में शाहरुख खान के साथ आई फिल्म जमाना दीवाना आई जो कि बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई।

धीरे-धीरे उन्होंने नई नई फिल्मों को साइन किया और 1996 में अक्षय कुमार के साथ आई उनकी फिल्म “खिलाड़ियों के खिलाड़ी” जबरदस्त हिट साबित हुई और धीरे-धीरे उन्होंने अपना परचम लहराना शुरू कर दिया।

इसके बाद एक से एक उनकी नई फिल्में आती गई जिनमें मुख्य रुप से घरवाली बाहरवाली, विनाशक, परदेसी बाबू ,आंटी नंबर वन, बड़े मियां छोटे मियां जैसी फिल्में आई जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और इन कॉमेडी फिल्मों को दर्शकों द्वारा पसंद भी किया गया।

उसके बाद 1994 मे उनकी फिल्म मोहरा, दिलवाले और लाडला जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया साथ ही साथ उनकी फिल्म “अंदाज़ अपना अपना” ने भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली।

कई फिल्मों का भी निभाया उन्होंने साथ

उन्होंने अपने करियर में कई सारी कॉमेडी फिल्मों में काम किया जिसमें उन्हें पसंद किया गया और आगे भी उन्हें इसी प्रकार के रोल ऑफर हुए लेकिन उन्होंने अपना ध्यान कला फिल्मों में भी लगाया जिसमें उन्होंने कन्नड़ फिल्मों के साथ-साथ हिंदी यथार्थवादी फिल्मों में भी काम किया

जिसमें मुख्य रुप से उन्होंने 1999 में “शुल” 2000 में “बुलंदी और अक्स” जैसी फिल्मों को करते हुए उन्होंने प्रशंसा बटोरी और साथ-साथ उन्होंने 2001 में “दमन” में काम करके आलोचकों के द्वारा भी काफी तारीफें पाई थी।

इसके बाद  2004 में “दोबारा” 2005 में “पहचान” 2006 में “सैंडविच” जैसी फिल्में भी लोगों को पसंद आई लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर औसत बनी रही।

उपलब्धि

 रवीना टंडन ने बेहतरीन काम किया और इसके फलस्वरूप उन्हें कुछ मुख्य उपलब्धियां प्राप्त हुई और जिनसे हमें उनके जुझारूपन के बारे में भी पता चलता है।

  1. फिल्मों के अलावा समय-समय पर उन्होंने पशुओं के प्रति प्रेम को भी जाहिर किया है और इसलिए उन्हें नवंबर 2002 में “पीपल फॉर द ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स” को समर्थन दिया और इसके लिए उन्होंने एक बेहतरीन गाना भी गाया था।
  2. अगर फिल्मों की बात करें तो उन्हें फिल्म “अक्स” के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार की तरफ से “अवध सम्मान” भी प्रदान किया गया है, जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई।
  3. इसके अलावा उन्हें 1992 में फिल्म “पत्थर के फूल” के लिए फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया जिसमें उन्हें लक्स साल के नए चेहरे के लिए अवार्ड से नवाजा गया।
  4. 2001 में उन्हें फिल्म “द मदर विक्टिम आफ मैरिटल वायलेंस” के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया गया जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री घोषित किया गया।
  5. सन 2002 में उन्हें विशेष प्रदर्शन के लिए फिल्म   “अक्स” के लिए फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया था।
  6. इसके अलावा “अक्स” फिल्म के लिए ही उन्हें स्टार स्क्रीन अवार्ड,  बंगाल फिल्म जनरलिस्ट अवार्ड से नवाजा गया था जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री कहा गया था।
  7. इसी कड़ी में सन 2012 में उन्हे  हिंदुस्तान का इंडियन फिल्म फेस्टिवल अवार्ड दिया गया जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के रोल में नवाजा गया था।

रवीना टंडन का निजी जीवन

रवीना टंडन अपने निजी जीवन में बेहद हंसमुख और समझदार इंसान के रूप में जानी जाती हैं, जहां उनके दोस्तों की लिस्ट काफी लंबी है लेकिन वह अपने दिल की बात सिर्फ मुख्य लोगों से ही सांझा कर पाती हैं।

उन्हें 1995 में एक सिंगल मदर के रूप में दो लड़कियों को गोद लिया था जिनका नाम उन्होंने पूजा और छाया रखा। इन दोनों की देखरेख वे स्वयं करती थी उनकी पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य का भी ख्याल उन्होंने ही रखा है।

इसके बाद उन्होंने फिल्म वितरक अनिल थडानी से 22 फरवरी 2004 को राजस्थान में परंपरागत तरीके से शादी कर ली जिसके बाद उनके दो बच्चे हुए जिनमें से एक का जन्म 16 मार्च 2005 को हुआ जो उनकी बेटी राशा है और दूसरे का जन्म 12 जुलाई 2007 को हुआ जिसका नाम रणबीर है।

जिंदगी से जुड़े मुख्य विवाद

रवीना टंडन ने जहां अपनी जिंदगी में कामयाबी हासिल की है वही विवादों ने भी उनका साथ नहीं छोड़ा है। सन 2003 में उन्हें बच्चों की फिल्म सोसायटी का अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन किन्ही कारणों से उन पर दोषारोपण किया गया.

फिर उसके बाद से उन्होंने उस सोसाइटी से दूरी बना ली और फिर किसी भी सामाजिक गतिविधि में भाग नहीं लिया जिसके बाद ही उन्होंने 2005 में कुछ व्यक्तिगत कारण बताते हुए उन्होंने इस सोसाइटी से इस्तीफा दे दिया था।

सेंसर बोर्ड पर भी साधा था निशाना

एक समय वह भी था जब रवीना टंडन ने अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता था उसी समय की बात है जब उन्होंने सेंसर बोर्ड पर भी निशाना साधा था।

उन्होंने सेंसर बोर्ड के बारे में यह दलील दी थी कि समय के अनुसार सेंसर बोर्ड को भी नियमों को बदलने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की भेदभाव की भावना ना रहे और फिल्मों में दर्शकों को वही दिखाया जाए जिसे देखना उनके लिए हितकर हो।

उनके ऐसे बयान पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई थी लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हमेशा अपने दिल की बात की।

रवीना टंडन की कुछ मुख्य फिल्में

ऐसे तो उन्होंने अपने करियर में कई सारी फिल्में की है लेकिन आज हम आपके सामने उनकी ऐसी फिल्मों के बारे में बताएंगे जिनके माध्यम से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की है।

  1. 1991 पत्थर के फूल
  2. 1992 परंपरा
  3. 1992 जीना मरना तेरे संग
  4. 1993 क्षत्रिय
  5. 1993 एक ही रास्ता
  6. 1994 इंसानियत
  7. 1994 मोहरा
  8. 1994 दिलवाले
  9. 1994 लाडला
  10. 1994 अंदाज अपना अपना
  11. 1995 इंतहान
  12. 1996 खिलाड़ियों का खिलाड़ी
  13. 1998 बारूद
  14. 1998 बड़े मियां छोटे मियां
  15. 1998 विनाशक
  16. 1998 दूल्हे राजा
  17. 1998 सलाखें
  18. 1999 शूल
  19. 2000 जंग
  20. 2002 अग्नि वर्षा
  21. 2003 एलओसी कारगिल
  22. 2003 स्टंपड
  23. 2004 ऑन
  24. 2004 पुलिस फोर्स
  25. 2006 सैंडविच
  26. 2011 बुड्ढा होगा तेरा बाप
  27. 2015 मुंबई वेलवेट
  28. 2015 जय हिंद

रवीना टंडन के बारे में कुछ रोचक जानकारियां

आप जब तक आपने रवीना टंडन के बारे में ऊपरी तरीके से जाना है। आज हम आपको उनकी कुछ रोचक जानकारियों के बारे में बता रहे हैं— 

  1. रवीना टंडन कभी भी एक अभिनेत्री बनना नहीं चाहती थी वह तो हमेशा किसी कंपनी में पीआर के तौर पर काम करती थी। उनके अच्छे कामों की वजह से ही उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखने का सोचा।
  2. जब रवीना टंडन फिल्मों में नहीं आई थी उस समय से ही वह संजय दत्त की बहुत बड़ी प्रशंसक रह चुकी हैं।
  3. फिल्मों में आने की वजह से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और आगे भी उन्होंने पढ़ाई को ध्यान में नहीं रखा।
  4. रवीना टंडन का अक्षय कुमार के साथ अफेयर था। ऐसा माना जाता था कि दोनों ने सगाई कर ली थी लेकिन अक्षय कुमार की वजह से उन्होंने सगाई तोड़ दी।
  5. जब उन्होंने फिल्मों में सफलता हासिल कर ली थी उसके बाद भी वह स्नातक की पढ़ाई करने के लिए कॉलेज जाया करती थी लेकिन उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़ना पड़ा क्योंकि उनके प्रशंसक लगातार कॉलेज आकर परेशान किया करते थे।
  6. 70 के दशक के प्रसिद्ध खलनायक मैक मोहन रवीना टंडन के मामा है।

रोचक बातें

पसंदीदा व्यंजनतंदूरी पनीर, ढोकला और तंदूरी चिकन
पसंदीदा जगहस्वीटजरलैंड
पसंदीदा अभिनेतासंजय दत्त, गोविंदा जैकी श्रॉफ
पसंदीदा अभिनेत्रीनीतू सिंह
पसंदीदा रंगलाल और काला
शौकपढ़ना और डांस करना
पसंदीदा फिल्मचलती का नाम गाड़ी, जाने भी दो यारो, पड़ोसन

रवीना टंडन को दिया गया नया नाम

90 के दशक में बॉलीवुड में रवीना टंडन ने काफी सफलता हासिल कर ली थी जहां लोगों ने उनके काम को सराहा और उन्हें प्यार दिया था इसी बीच उनकी फिल्म “मोहरा” जो 1994 में रिलीज हुई थी।

उसका मशहूर गाना “तू चीज बड़ी है मस्त मस्त” सुपर हिट हुआ और जिसके बाद लोगों में रवीना टंडन की लोकप्रियता और बढ़ गई थी और रवीना टंडन को नए नाम के रूप में “मस्त-मस्त गर्ल” कहा जाने लगा था। आज भी लोग रवीना टंडन को “मस्त-मस्त गर्ल” या “मोहरा गर्ल” के नाम से जानते हैं।

सामाजिक कार्य

रवीना टंडन एक सफल अभिनेत्री हैं लेकिन इसके साथ ही साथ वह अपने देश और समाज को जागरूक करने के लिए हर पुरजोर कोशिश करती हैं। उन्हें हमेशा सामाजिक कार्यों में भाग लेते हुए देखा जा सकता है जहां पर घरेलू हिंसा पर उन्होंने बेबाक तरीके से अपनी राय रखी है।

इसके अलावा उन्होंने जानवरों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ भी आवाज उठाई है और साथ-साथ दो लड़कियों को गोद लेकर एक महान कार्य किया है। इसके अलावा हमेशा गरीबों की मदद करती हैं और स्त्रियों के हित के लिए भी उन्होंने हर संभव प्रयास किया है ताकि समाज में महिलाओं को विशेष स्थान दिलाया जा सके।

जहां उनका नाम कई प्रकार की सामाजिक क्रिया विधि से जुड़ा हुआ है और उन्होंने भी अपने कार्यों को बेहतर अंजाम दिया है।

सोशल मीडिया पर भी रहती है एक्टिव

अगर आप रवीना टंडन के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो आप सोशल मीडिया का सहारा ले सकते हैं क्योंकि हमेशा उन्हें सोशल मीडिया पर एक्टिव देखा जाता है,

जहां पर वह अलग अलग तरीके की तस्वीरें और वीडियो डालकर हम सभी का मनोरंजन करने की कोशिश करती हैं। आज के समय में भी रवीना टंडन को देखना अच्छा लगता है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उन्हें फिल्मों में भी देखा जाएगा।

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इस प्रकार से आज हमने आपको मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन का जीवन परिचय | Raveena Tandon Biography In Hindi के बारे में जानकारी दी है उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी होंगी। अगर आप भी रवीना टंडन के फैन हैं, तो उनकी पुरानी फिल्मों का मजा लिया जा सकता है ताकि उनकी प्रतिभा को फिर से सराहा जा सके।

जीवन के सफर में उन्हें भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अगर उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भी आगे बढ़ा जाए तो निश्चित रूप से ही नए सिरे से जीवन को देखा जा सकता है। उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आएगा इसे अंत तक पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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