रितेश अग्रवाल जीवन परिचय Ritesh Agarwal Biography in Hindi

व्यवसायी रितेश अग्रवाल जीवन परिचय Ritesh Agarwal Biography in Hindi Business एक तरह का माइंड गेम हैं। जिसे करना हर किसी के बस की बात नहीं है बिजनेस के लिए माइंड बहुत जरूरी है। बिजनेस में सफलता उन्हीं को मिलती है जो पूरी निष्ठा और सच्ची मन से कड़ी मेहनत करते हैं। 

रितेश अग्रवाल जीवन परिचय Ritesh Agarwal Biography in Hindi

रितेश अग्रवाल जीवन परिचय Ritesh Agarwal Biography in Hindi

आमतौर पर बिजनेस में सफलता हासिल करने के लिए किसी भी व्यक्ति को मार्केटिंग का एक्सपीरियंस होना अति आवश्यक है। सामान्य तौर पर बिज़नेस में छोटी बड़ी समस्याएं आती रहती है और जो इन सभी समस्याओं का धैर्य पूर्वक हल निकाल सके वही एक सफल बिजनेसमैन होता है। 

अगर बिजनेस की दृष्टि से देखें तो धैर्य एक महत्वपूर्ण तथ्य होता है। क्योंकि बिजनेस में सफलता प्राप्त करने के लिए धैर्य रखना अति आवश्यक है। कभी-कभी बिजनेस में सफलता प्राप्त करने में आधी जिंदगी गुजर जाती हैं। तब जाकर व्यक्ती एक सफल बिज़नेस मैन बनता हैं।

लेकिन हिंदुस्तान के OYO Rooms के CEO और Founder रितेश अग्रवाल ने इन सभी बातों को झूठा साबित कर महज 21 साल की आयु में ही एक सफल बिजनेस मैन बनकर सभी के लिए मिसाल कायम कर दी हैं। तो आइए आज हम आपको बताते हैं रितेश अग्रवाल के इतनी कम उम्र में एक बड़े और सफल बिजनेसमैन बनने के पीछे की कहानी उनकी जीवनी के माध्यम से। 

कौन है रितेश अग्रवाल इनका जीवन परिचय।

नाम–रितेश अग्रवाल
जन्म–16 नवंबर 1993
जन्म स्थान–उड़ीसा, भारत
माता–Not know
पिता–Not know
पत्नि–Not know
राष्ट्रीयता–भारतीय
गृहनगर–बिस्साम, कटक, उड़ीसा
कॉलेज–इंडियन स्कूल आफ बिजनेस एंड फाइनेंस

रितेश अग्रवाल का जन्म वर्ष 1993 में 16 नवंबर को उड़ीसा के बिसाम कटक नामक स्थान में हुआ था। रितेश एक मध्यमवर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखते हैं। रितेश के परिवार में उनके अलावा उनके माता-पिता और तीन भाई बहन हैं।

कम उम्र से ही बिजनेस  करने की काबिलियत रितेश के रोम रोम में बसी हुई थी उनके पिताजी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन के साथ काम करते हैं। वही रितेश कि मां एक हाउसवाइफ है। 

रितेश अग्रवाल की शुरुआती पढ़ाई

रितेश की प्रारंभिक शिक्षा sacred heart school से पूरी हुई। जो रायगढ़ उड़ीसा में स्थित हैं। इंटर तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रितेश आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित इंडियन स्कूल आफ बिजनेस एंड फाइनेंस में अपना नामांकन कराया। 

 रितेश को बिजनेस में काफी रुचि थी इसलिए उन्होंने अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। रितेश बचपन से ही बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग, स्टीव जॉब्स, आदि बड़े-बड़े बिजनेसमैन को अपनी प्रेरणा का स्रोत मानते थें। 

महज 17 साल की उम्र में अपने बिजनेस की शुरुआत करने वाले रितेश अग्रवाल आज एक बड़े उद्यमी हैं। इतनी कम उम्र में इतना सफल बिजनेसमैन बन पाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

OYO Rooms का जन्म कैसे हुआ?

रितेश को बचपन से ट्रैवलिंग का बहुत शौक था, वह हर बार किसी नई जगह घूमना चाहते थे, और उन्हें घूमने का बहुत मौका मिला भी, जिसमें उन्होंने अपने मनचाही जगहों पर घूमने का अवसर कभी भी नहीं गंवाया। 

रितेश को ट्रैवल करते करते खुद हलके ठहरने की व्यवस्था करना इसके अलावा ट्रैवलिंग से जुड़ी हर समस्या का सामना करना पड़ता था। जैसे कभी-कभी बहुत ज्यादा पैसा देकर भी उन्हें बेकार जगहों पर रहना पड़ता था वैसे ही कभी-कभी कम पैसों में बहुत अच्छी जगह पर भी रहने को मिलता था।

ट्रैवलिंग से जुड़ी इन सभी समस्याओं से अनुभव और प्रेरणा लेकर अंततः रितेश ने यह फैसला लिया कि उन्हें एक ऑनलाइन रूम्स बुकिंग कम्युनिटी की सर्विस शुरू करनी चाहिए। जिससे की कभी भी उनके जैसे ट्रैवलिंग के शौकीन आदमी को कम दाम में अच्छी सुविधा के साथ रहने को रूम मिल जाए।

18 साल की उम्र में रितेश के द्वारा oravel stays private limited का शुरूआत किया गया। यह एक  तरह का start–up platform हैं। जिसका कार्य आसपास के सभी शहरों में मौजूद होटलों की लिस्ट बनाकर, लोगों को उनके बजट के हिसाब से आधे मूल्य पर उनके रहने की उचित व्यवस्था करना था।

फिर कुछ दिन बाद रितेश को इस बात का अनुभव हुआ कि लोगों को केवल आधे दाम पर रूम तो मिल रहा हैं, पर इसमें ग्राहकों की सुख सुविधा को नजर अंदाज किया जाने लगा था। इसके बाद वर्ष 2013 में रितेश अग्रवाल ने Oravel stays का नाम ही बदल दिया और इसका नाम OYO Rooms रख दिया। 

अब इसके तहत कस्टमर को कम मूल्य में रूम के साथ-साथ अच्छी सर्विस और कस्टमर की हर सुख सुविधा का ख्याल रखा जाता है। और मुफ्त में कस्टमर को ब्रेकफास्ट भी दिया जाता है। 

यह रितेश की मेहनत और लगन का ही फल था कि Forbes की under 30 in consumer teach sector की सूची में रितेश अग्रवाल का नाम आया और उन्हें बहुत सारे अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अपने बिजनेस के शुरुआती दिनों में रितेश अग्रवाल को बहुत सारे मुश्किल भरे दिन देखने पड़े थे, लेकिन रितेश ने सभी समस्याओं का हल धैर्य पूर्वक किया। और यही वजह है कि आज वह एक सफल बिजनेसमैन बनकर पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

OYO Rooms के लिए पैसों की कमी और आर्थिक सहायता

रितेश अग्रवाल की जिंदगी में भी बहुत सारी परेशानियां आई लेकिन रितेश को सिर्फ अपना सपना दिखाई दे रहा था जी हां एक सफल बिजनेसमैन बनकर लोगों की जिंदगी आसान करने का सपना। 

इसलिए रितेश सभी कठिनाइयों को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ते गए। हालांकि बिजनेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज होता है पैसा।

और हमने आपको पहले ही बताया है कि बिजनेसमैन रितेश अग्रवाल एक मध्यमवर्गीय परिवार से तालुकात रखते हैं। ऐसे में पैसों का संकट उनके सामने कोई अजीब बात नहीं थी। वैसे भी रितेश एक स्टूडेंट ही थें। तो उनके लिए पैसों का जुगाड़ करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

किसी तरह रितेश ने ₹60,000 का जुगाड़ करके Oravel Stays की शुरुआत की थी, जिसकी शुरुआत उन्होंने सबसे पहले गुड़गांव में स्थित एक होटल से संपर्क करके की। 

रितेश ने किसी तरह कंपनी तो शुरू कर ली थी पर उसे आर्थिक मदद की बहुत ज्यादा जरूरत थी तभी उन्हें 20 under 20 Thiel Followership की जानकारी मिली। ये साल 2013 में ही 2 सालों के लिए शुरू हुई थीं, इसको Paypal के Founder के द्वारा (जिनका नाम Peter Thiel)  संचालित किया गया था। 

इस Followership के तहत 20 वर्ष से कम आयु के 20 एंटरप्रेन्योर को चुना जाता है। और फिर उन्हें एक लाख डॉलर की सहायता राशि दी जाती है। रितेश को जैसे ही इस कंपनी के बारे में पता चला वह काफी खुश हुए और तुरंत इसके लिए आवेदन किया। 

और कहते हैं ना कि आप जब कुछ अच्छा करने की सोचेंगे तो भगवान भी आपकी मदद करते हैं, किस्मत ने रितेश का भी साथ दिया और उन्हें इस कंपनी के माध्यम से Followership के तहत चुन लिया गया।

इसी के साथ रितेश अग्रवाल भारत के ऐसे पहले व्यक्ति बन गए थे जिनको Followership Thiel की सूची में शामिल किया गया था। और यहीं से रितेश के बिजनेस कैरियर में एक नया मोड़ ले लिया और इस धनराशि की सहायता से रितेश ने अपने बिजनेस OYO Rooms को एक नए मुकाम तक पहुंचा दिया।

इसके बाद अनेक बेदी कंपनियों ने रितेश की कंपनी की आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिए आर्थिक सहायता दी। जिसमें सब से पहले Venture Nursery की ओर से Fund देकर सहायता की गई। फिर इसके बाद Lightspeed Ventures इसके अलावा और भी बहुत सारी Ventures Company’s ने रितेश की कंपनी के लिए आर्थिक मदद की। 

 इसके बाद वर्ष 2015 के जुलाई महीने में SoftBank कंपनी ने OYO Rooms को $100 millions की राशि आर्थिक मदद हेतु दी। इस तरह OYO rooms पूरे देश भर में सबसे बड़ी बजट वाली कम्पनी बन गई।

सबसे पहले दिल्ली के गुड़गांव स्थित एक होटल से शुरू हुई OYO Rooms आज पूरे भारत में 4000 Hotels और 160 शहरों में लॉन्च हों चुकी हैं। और लगातार इसमें बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही के दिनों में इस कंपनी को मलेशिया में भी लॉन्च किया गया है।

OYO Rooms के साथ कोई भी होटल पार्टनरशिप कर सकता हैं इसके लिए उनको ओयो रूम्स के वेब पेज पर जाना होगा और आवेदन करना पड़ता है इससे OYO Rooms की टीम उस होटल से संपर्क करती है, और उसे अपने हिसाब से जांच परख करने के बाद और अपने Shares के बारे में समझाने के बाद एग्रीमेंट साइन करवाती है।

रितेश अग्रवाल ने हाल ही में OYO Rooms नाम का एक Application भी लॉन्च किया है जो कि Windows और Android दोनों फोन में उपलब्ध है, इस एप्लीकेशन की मदद से लोग अपने पसंद की और कम बजट वाले होटल्स में अपने लिए रूम बुक कर पाते हैं।

OYO Rooms आज पूरे इंडिया में सबसे बड़ी बजट वाली होटल्स BRANDED HOTELS CHAIN के नाम से फेमस हो गया हैं। और अगर यह सब संभव हुआ है तो इसमें सिर्फ और सिर्फ रितेश अग्रवाल की सच्ची लगन के साथ की गई मेहनत शामिल हैं।

यह सुनकर काफ़ी अचरज सा लगता हैं की सिर्फ 21 साल की आयु में रितेश अग्रवाल आज भारत के टॉप बिजनेस मैन की सूचि में शमिल हो चूके हैं। सच में वह भारत के करोड़ों लोगों के किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। 

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