RPSC कॉलेज व्याख्याता परीक्षा तिथि 2021 RPSC College Lecturer Exam Date 2021

RPSC कॉलेज व्याख्याता परीक्षा तिथि 2021 RPSC College Lecturer Exam Date 2021

आज राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर (RPSC) ने प्रेस नोट जारी कर राजस्थान कॉलेज व्याख्याता आचार्य भर्ती परीक्षा तिथि के स्थगन आदेश जारी कर दिए हैं. जैसा कि कई दिनों से रीट और व्याख्याता भर्ती समेत कई अन्य भर्तियो में EWS आरक्षण को लागू करने की चर्चा चल रही थी. आखिरकार कल जैसे ही पांच सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री को इस सम्बंध में अपनी रिपोर्ट दी, जिसका निर्णय आज किया जा चूका हैं.

RPSC द्वारा जारी प्रेसनोट में लिखा ” कार्मिक विभाग के पत्र दिनांक 26.03.2021 के क्रम में आर्थिक रूप से कमजोर EWS वर्ग के अभियर्थियों को आयु सीमा एवं आवेदन शुल्क सम्बंधी लाभ दिए जाने के फलस्वरूप आयोग द्वारा दिनांक 4.4.2021 से 11.04.202128.4.2021 से 02.05.2021 तक आयोजित की जाने वाली सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा 2020 स्थगित की जाती हैं. नवीन तिथि से यथासमय अवगत करा दिया जाएगा”

918 पदों के लिए प्रस्तावित कॉलेज शिक्षा विभाग की व्याख्याता परीक्षा 4 अप्रैल से शुरू होने जा रही थी. लाखों उम्मीदवार इस की तैयारी में जुटे थे मगर एडमिट कार्ड के स्थान पर उनके हाथ यह परीक्षा तिथि स्थगन आदेश लगा हैं. लोक सेवा आयोग ने अभी तक नई एग्जाम डेट के बारे में कोई अपडेट नहीं दी हैं. सम्भव है EWS लागू किये जाने के पश्चात आवेदन फॉर्म रीओपन किये जाएगे, लाभार्थी उम्मीदवारों को आवेदन करने तथा परीक्षा तैयारी के लिए कुछ समय दिया जा सकता हैं.

हमारे पास नई परीक्षा तिथि के बारे में कोई भी अधिकारिक सूचना नहीं हैं, अनुमान लगाए जा रहे हैं. कॉलेज व्याख्याता परीक्षा में दो से तीन महीने की देरी हो सकती हैं. जून या जुलाई में या इससे पूर्व भी लोक सेवा आयोग परीक्षा आयोजन करवा सकता हैं.

राजस्थान असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में अब तक राज्य के 75 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया हैं. एक बार के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया, मगर EWS के बाद क्या सभी के लिए आवेदन खोले जाएगे या केवल लाभार्थियों को मौका दिया जाएगा.

आयोग द्वारा जारी प्रेसनोट से कम से कम अभियर्थियों में संशय की स्थिति को तो विराम लगा हैं. पिछले एक सप्ताह से परीक्षा होगी या नहीं होगी यही सवाल था, आखिर इसका जवाब तो आज मिल गया हैं. राजस्थान के 250 से अधिक सरकारी कॉलेज में 6300 पद स्वीकृत हैं.

आपको जानकर ताज्जुब होगा हर वर्ष स्नातक के प्रथम वर्ष में पढाए जाने वाले पर्यावरण के अनिवार्य विषय होने के बावजूद एक भी पर्यावरण शिक्षक नहीं हैं. करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी पर्यावरण की परीक्षा हर साल देते हैं. यदि स्वयंपाठी छात्रों को मिलाए तो यह आंकड़ा दस लाख का हो जाता हैं. वर्ष 2004 के बाद पर्यावरण विषय के स्थायी व्याख्याता की कोई भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की गई हैं.

हाल ही के दिनों में हाई कोर्ट ने फिरोज खान की याचिका की सुनवाई करते हुए पर्यावरण अध्ययन अनिवार्य विषय के तौर पर पढाया जाता हैं तो फिर शिक्षकों की भर्ती क्यों नहीं हो रही हैं. इस विषय में राजस्थान लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब माँगा हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि पिछले साल 9 नवम्बर को निकाली गई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भी EVS विषय को शामिल नहीं किया गया हैं.

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