Sanskrit Teaching Method Questions| संस्कृत शिक्षण विधियाँ | Reet Sanskrit Mock Test | Reet Level 1 Online Test Level 2 Practice Series Questions Answer

Sanskrit Teaching Method Questions| संस्कृत शिक्षण विधियाँ Reet Sanskrit Mock Test | Reet Level 1 Online Test Level 2 Practice Series Questions Answer: नमस्कार साथियों आपका हार्दिक स्वागत हैं, आज हम रीट लेवल 1 और 2 के लिए प्रथम अथवा द्वितीय भाषा संस्कृत की अंतिम टेस्ट सीरिज लेकर आए हैं. शिक्षण विधियों पर आधारित यह क्विज प्रश्नोत्तरी में करीब 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर हिंदी और संस्कृत भाषा में दिए हैं. आप एक एक कर सभी का अभ्यास कर यह टेस्ट दे सकते हैं. आपकों जानकारी होगी रीट परीक्षा में शिक्षण विधियों के 15 प्रश्न पूछे जाते हैं. आप इस अभ्यास पत्र की प्रेक्टिस कर टीचिंग मैथड पर अच्छी पकड़ बना सकते हैं.

Sanskrit Teaching Method Questions| संस्कृत शिक्षण विधियाँ | Reet Sanskrit Mock Test | Reet Level 1 Online Test Level 2 Practice Series Questions Answer

Sanskrit Teaching Method Questions| संस्कृत शिक्षण विधियाँ | Reet Sanskrit Mock Test | Reet Level 1 Online Test Level 2 Practice Series Questions Answer

1. आगमनविधौ भवति

 
 
 
 

2. आदर्शवाचनस्य प्रयोजनमस्ति

 
 
 
 

3. भाषा कौशल के चार सोपानों का क्रम हैं.

 
 
 
 

4. बार बार रटने की विधि हैं.

 
 
 
 

5. दैनयिक से तात्पर्य हैं.

 
 
 
 

6. मुख्यरूपेण संस्कृतभाषा शिक्षणस्यस्योद्देश्यमस्ति

 
 
 
 

7. गद्य शिक्षण हेतु प्रयोग में लाई जाती हैं.

 
 
 
 

8. प्रत्यक्षविधौ किं न क्रियते

 
 
 
 

9. पद्यशिक्षणस्य विधि:

 
 
 
 

10. व्याकरण शिक्षण का मुख्य उद्देश्य

 
 
 
 

11. डॉ रघुनाथ सफाया ने किस उद्देश्य को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना हैं.

 
 
 
 

12. काव्य शिक्षण में प्राथमिक स्तर हेतु उपयोगी विधि हैं.

 
 
 
 

13. किस कौशल में वर्तनी को ज्यादा महत्व दिया जाता हैं.

 
 
 
 

14. छात्राणां ज्ञानविस्तारं क्रियते

 
 
 
 

15. नाटक शिक्षण की श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

16. समास शिक्षण हेतु सूत्र काम आता हैं.

 
 
 
 

17. व्याकरण की पाठयोजना में महत्वपूर्ण सोपान हैं.

 
 
 
 

18. व्याकरण शिक्षण की श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

19. वाक्यं रसात्मकं काव्यम काव्यलक्षण हैं.

 
 
 
 

20. आगमन विधि का सूत्र हैं.

 
 
 
 

21. सम्भाषण के माध्यम से ही ज्ञान दिया जाता हैं.

 
 
 
 

22. पठन कौशल की सबसे प्राचीन विधि हैं.

 
 
 
 

23. भाषण कौशल हेतु आवश्यक नहीं हैं.

 
 
 
 

24. लेखनकौशलस्य व्रद्धिर्भवति 

 
 
 
 

25. पठन कौशल के विकासार्थ श्रेष्ठ पद्धति हैं.

 
 
 
 

26. छात्रों के द्वारा नहीं किया जाता हैं.

 
 
 
 

27. पाठयोजनायाम् पूर्वज्ञानस्य तात्पर्यमस्ति

 
 
 
 

28. लेखन कौशल की विधि नहीं हैं.

 
 
 
 

29. रमणीयार्थप्रतिपादक: शब्द: काव्यम काव्य लक्षण हैं.

 
 
 
 

30. दंडानव्यविधौ दण्ड: कस्य सूचक:

 
 
 
 

31. काव्य के लक्षण में शब्दार्थ समुदाय की महत्ता नहीं मानी हैं.

 
 
 
 

32. व्याकरणात्मक प्रश्न होते हैं.

 
 
 
 

33. व्याकरण शिक्षण में व्याख्या का अंग नहीं हैं.

 
 
 
 

34. स्वजन: श्वजनो मा भूत किस कौशल के प्रसंग में कहा गया हैं.

 
 
 
 

35. किन प्रश्नों के अंतिम प्रश्न समस्यात्मक होता हैं.

 
 
 
 

36. बलाघातस्याभ्यास: क्रियते

 
 
 
 

37. भाषाया: कौशलानि सन्ति

 
 
 
 

38. नाटक शिक्षण की श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

39. प्रवाह कौशल प्रश्नों के विषय में गलत हैं.

 
 
 
 

40. नाटक शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

41. काव्य शिक्षण की किस विधि में व्याकरणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं.

 
 
 
 

42. पठन कौशल अभिवृद्धि की श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

43. गद्य पाठ योजना में नहीं होता

 
 
 
 

44. खंडानव्यविधे: प्रयोग: क्रियते

 
 
 
 

45. द्विभाषात्मक प्रविधि आवश्यक वर्तते

 
 
 
 

46. गद्य पाठ योजना का प्रमुख पाठ्यबिंदु हैं.

 
 
 
 

47. सरंचनात्मकोपागमे क्रियते

 
 
 
 

48. महाभाष्य में व्याकरण शिक्षण की किस विधि में प्रयोग किया गया हैं.

 
 
 
 

49. बुद्धि में इनपुट हैं.

 
 
 
 

50. नवीनशिक्षणपद्धतयां व्याकरणशिक्षणस्य सर्वाधिक रुचिकरो विधि: मन्यते

 
 
 
 

51. अनुवाद शिक्षण की विधि हैं.

 
 
 
 

52. व्याकरणशिक्षण की श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

53. गद्य शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

54. ज्वालामुखी पाठ को पढ़ाने हेतु श्रेष्ठ विधि होगी.

 
 
 
 

55. बलाघातं इति कड़ा प्रयुक्तो दृश्यते

 
 
 
 

56. संस्कृतभाषाधिगमाय सर्वकौशलेषु अभ्यास: सम्भव:

 
 
 
 

57. किं, केन, कस्मै आदि के माध्यम से प्रश्न होते हैं.

 
 
 
 

58. काठिन्य निवारण की सुकराती विधि हैं.

 
 
 
 

59. मुख्यतः भाषाशिक्षणस्य सम्बन्ध: केन सह अस्ति?

 
 
 
 

60. निगमन विधि का सूत्र नहीं हैं.

 
 
 
 

61. संस्कृतभाषायां कथितादेशानुसारेण कार्य सम्पादनेन विकासो भवति

 
 
 
 

62. संस्कार शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

63. पठनकौशलस्य उद्देश्यमस्ति

 
 
 
 

64. छात्रेषु मुख्यरूपेण जिज्ञासा उत्पाद्यते

 
 
 
 

65. मौन वाचन कितने प्रकार का होता हैं.

 
 
 
 

66. भंडारकर इस विधि के प्रवर्तक हैं.

 
 
 
 

67. लेखन कौशल अभिवृद्धि की विधि हैं.

 
 
 
 

68. व्याकरण पाठ योजना का मुख्य पाठ्य बिंदु हैं.

 
 
 
 

69. सम्प्रेषनोंपागमे भाषादक्षतास्ति

 
 
 
 

70. व्याकरणस्य पर्यायोअस्ति

 
 
 
 

71. पद्य पाठ योजना में सस्वर वाचन होता हैं.

 
 
 
 

72. दडानव्य विधि में दंड प्रतीक हैं.

 
 
 
 

73. काव्य शिक्षण में रसानुभूति किस सोपान पर होती हैं. 

 
 
 
 

74. नाटक की पाठ योजना में अभाव होता हैं.

 
 
 
 

75. वर्तमान में कक्षाओं में दी जाने वाली वर्कबुक किस पद्धति का अनुसरण हैं.

 
 
 
 

76. व्याकरण के मुख्य प्रयोजन कितने हैं.

 
 
 
 

77. भाषा शिक्षण के प्रमुख उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

78. पाणिनि ने कितने वैयाकरणों का नाम अष्टाध्यायी में लिया हैं.

 
 
 
 

79. गद्य शिक्षण में पहले पाठ होता हैं.

 
 
 
 

80. मौखिक अभिव्यक्ति किस कौशल का उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

81. बुद्धि के आउटपुट हैं.

 
 
 
 

82. व्याकरण शिक्षण की आधुनिक विधि हैं.

 
 
 
 

83. प्राथमिक स्तर के लिए लेखन कौशल विकास के लिए श्रेष्ठ विधि हैं.

 
 
 
 

84. व्याकरणशिक्षणस्य सर्वाधिकोपयुक्तविधि मन्यते

 
 
 
 

85. रचनाशिक्षणस्य सर्वोत्तमो विधि: क:

 
 
 
 

86. श्रुत्वा अर्थग्रहणम किस कौशल का उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

87. संस्कृतसाहित्यस्यादिकवि: कथ्यते

 
 
 
 

88. संयोजकशब्दानाम अधिक प्रयोगों भवति

 
 
 
 

89. व्याकरण के गौण प्रयोजन कितने हैं.

 
 
 
 

90. अव्याकृति: इति कस्य शिक्षणविधि:?

 
 
 
 

91. पद्यशिक्षणस्य विधिरस्ति

 
 
 
 

92. प्रवाहकौशल प्रश्ना: कदा प्रयुज्यते?

 
 
 
 

93. ग्रहणाभिव्यक्ति: उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

94. पूर्वज्ञान परीक्षण का उद्देश्य होता हैं.

 
 
 
 

95. ध्वनि विज्ञान से जुड़े हुए कौशल हैं.

 
 
 
 

96. प्रस्तावना प्रश्नों का उद्देश्य हैं.

 
 
 
 

97. काठिन्यनिवारण पर विशेष बल दिया जाता हैं.

 
 
 
 

98. लिपिविज्ञान के साथ सम्बद्ध कौशल हैं.

 
 
 
 

99. काव्यविधि से व्याकरण के अध्यापन का उदाहरण हैं.

 
 
 
 

100. शिक्षण सूत्रों का प्रयोग होता हैं.

 
 
 
 


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