शाहरुख खान का जीवन परिचय Shahrukh Khan Biography in Hindi

शाहरुख खान का जीवन परिचय Shahrukh Khan Biography in Hindi शाहरुख खान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा एक बहुत बड़ा नाम है। इसके अलावा शाहरुख खान एक निर्माता और बेहतरीन टेलीविजन पर्सनेल्टी भी है। प्यार से फैंस इनको बॉलीवुड का बादशाह और किंग ऑफ बॉलीवुड, किंग खान और किंग ऑफ रोमांस जैसे विभिन्न नामों से बुलाते हैं। तो आइए आज हम शाहरुख खान की जीवनी में उनकी रियल लाइफ के साथ-साथ फिल्मी कैरियर और फिल्म्स अवॉर्ड आदि से जुड़ी सभी चीजे इस लेख में जानेंगे।

शाहरुख खान का जीवन परिचय Shahrukh Khan Biography in Hindi

शाहरुख खान का जीवन परिचय Shahrukh Khan Biography in Hindi
नामशाहरूख खान
उपनामकिंग खान
जन्म2 नवंबर 1965
जन्म स्थानमुंबई
मातालतीफ फातिमा
पितामीर ताज मोहम्मद खान
पेशाअभिनेता
विवाहगौरी खान
बच्चेAryan Khan, Abram Khan or Suhana Khan
उपाधिपदम श्री
कुल संपति700 million dollars

शाहरुख का जन्म नई दिल्ली में 2 नवंबर 1965 को हुआ था। शाहरुख खान की माता का नाम लतीफ फातिमा और पिताजी का नाम मीर ताज मोहम्मद खान था। शाहरुख खान के माता-पिता पठान मूल के थे जो कि आज भी किस्सा-कहानी बाजार के नाम से पाकिस्तान के पेशावर में पड़ता है। 

खान के पिता मीर ताज मोहम्मद खान पेशावर के एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जो कि भारत पाकिस्तान विभाजन से पहले ही नई दिल्ली राजेंद्र नगर में आकर बस गए थे। 

शाहरुख खान के पिता की अपनी एक कैंटीन थीं, जिससे उनके घर का खर्चा चलता था। और एक मिडिल क्लास परिवार की तरह उनका परिवार भी जीवन यापन कर रहा था। 

इसी बीच 1965 में 2 नवंबर को शाहरुख का जन्म हुआ। जन्म के समय उनके माता-पिता को भी यह पता नहीं होगा कि उन्होंने एक सुपरस्टार को जन्म दिया है, जो आगे चलकर भारत की फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य लिखेगा। और सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उनका नाम रोशन करेगा।

शाहरुख खान की प्रारंभिक शिक्षा

किंग खान की शुरुआती पढ़ाई नई दिल्ली के सेंट कोलंबिया स्कूल से पूर्ण हुईं । बचपन में पढ़ाई के साथ-साथ शाहरुख खान खेलकूद में भी काफी इंटरेस्ट रखते थे और स्कूल में होने वाली हर प्रतियोगिता में वह पार्टिसिपेट करते थे।

और प्रतियोगिता में अभिनय भी करते थे। हालांकि आगे चलकर खेल में उनकी रूचि धीरे-धीरे खत्म हो गई। वहीं अभिनय की तरफ उनका शौक बढ़ता गया।

शाहरुख खान को उनकी स्कूल लाइफ में बतौर अभिनय कई अवॉर्ड्स मिल चुके थे। यह शाहरुख खान की जिंदगी में एक सुपरस्टार बनने का शुरुआती दौर था। 

हालांकि आपको बता दें कि उस वक्त परिवार की सारी जिम्मेवारी शाहरुख खान के कंधे पर आ गई जब सन 1981 में महज 16 साल की उम्र में शाहरुख ने अपने पिता को खो दिया। 

शाहरुख के पिता को कैंसर हो गया था जिसकी वजह से उनका देहांत हो गया। लेकिन इतने दुखद भरे समय में भी शाहरुख की मां लतीफ फातिमा ने कभी भी शाहरुख को कमजोर नहीं पड़ने दिया, और उनकी पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ उनकी एक्टिंग क्लास को भी जारी रखा।

इसके बाद 1985 में शाहरुख खान ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हंसराज कॉलेज में दाखिला लिया। और यहीं से शाहरुख खान ने एक थिएटर ग्रुप को भी ज्वाइन कर लिया। और इस तरह थिएटर में बैरी जॉन उनको एक्टिंग की बारीकियों के बारे में सिखाते थें।

 1988 में शाहरुख ने ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर इकोनॉमिक्स की डिग्री प्राप्त की इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में नामांकन लिया। परंतु यहां से शाहरुख खान का मन पढ़ाई लिखाई में कम और एक्टिंग के प्रति एक्टिव हो गया। 

आरएसी बैच 1990 में उनकी मां का भी देहांत हो गया अब शाहरुख बिल्कुल अकेले हो गए थे। अब तो शाहरुख के पास न घर था, न पैसा था और न हीं मां बाप। 

शाहरुख खान का love life से मैरिड लाइफ़ तक का सफर।

आज शाहरुख खान के करोड़ों फैंस हैं, और बहुत सारी लड़कियां भी उनकी दीवानी है। हालांकि शाहरुख खान की शादी हो चुकी है उनकी पत्नी का नाम गौरी खान है.

उनके 3 बच्चे हैं, जिनमें दो लड़का आर्यन खान और अबराम खान और एक लड़की सुहाना खान है। और खान के बारे में ऐसा कहा जाता है कि निजी जिंदगी में वह अपनी वाइफ गौरी खान के प्रति हमेशा से वफादार रहे हैं। 

हालांकि गौरी खान के साथ उनकी लव स्टोरी भी किसी रोचक कहानी से कम नहीं हैं। तो चलिए अब हम आपको बताते हैं शाहरुख खान की लव स्टोरी आखिर क्यों है खास।

शाहरुख के अभिनय कैरियर की शुरुआत साल 1988 में ही दूरदर्शन पर प्रदर्शित एक सीरियल फौजी के जरिए हुई थी। इस सीरियल में शाहरुख खान ने कमांडो अभिमन्यु का किरदार निभाया था। और उनके इस किरदार के लोगों ने काफी तारीफ की थी और इसी समय से शाहरुख का गौरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 

मगर दोनों के बीच परेशानियां यह थींकि शाहरुख खान उस वक्त वेल सेटल भी नहीं थे, और ऊपर से उनका मजहब भी मुस्लिम और गौरी हिंदू धर्म के थे। ऐसे में उनकी शादी में कुछ धार्मिक अपवाद भी थे। शादी के लिए गौरी का परिवार हरगिज राजी नहीं था।

इसके बाद शाहरुख खान ने 1989 मैं एक और सीरियल में काम किया जिसका नाम था, सर्कस। इसी साल शाहरुख ने अरुंधति राय द्वारा लिखित एक अंग्रेजी फिल्म में भी काम किया। जिसका नाम था “इन विच एनी गिव्स इट दोज वंश” इस फिल्म में शाहरुख को एक छोटा सा किरदार मिला था जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट के रूप में था। 

खान के छोटे-छोटे किरदारों को देखकर हेमा मालिनी काफी प्रभावित हुई थी और उन्होंने खुद शाहरुख को फोन करके बोला था, कि “हम आपके साथ एक फिल्म करना चाहते हैं।” लेकिन खान को इस पर एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं हुआ, और बिना कुछ सोचे समझे उन्होंने फोन काट कर रख दिया। उनको लगा कि कोई उनके साथ मजाक कर रहा है। 

इधर गौरी ने जब अपने परिवार वालों से शादी की बात की परिवार वालों ने इस शादी से साफ मना कर दिया और करते भी क्या आखिर कोई अपनी बेटी का हाथ एक बेरोजगार के हाथ में कैसे दे सकता है। 

लेकिन शाहरुख के प्रति गौरी का प्यार काफी गहरा था जो कि भूलने का नाम ही नहीं ले रहा था। इससे गौरी के घर वालों को लगा कि गौरी को अब दिल्ली से बाहर भेज देना चाहिए वही ठीक रहेगा। और उन्होंने गौरी को मुंबई और उसके मामा के घर भेज दिया। 

इधर शाहरुख का एकमात्र सहारा भी अब उनके पास नहीं था। अब शाहरुख के पास मुंबई जाने के अलावा कोई और रास्ता भी नहीं था। और शाहरुख ने गौरी को ढूंढने के उद्देश्य से 1 साल के लिए मुंबई जाने का फैसला किया। और फिर यहीं से शुरू हुआ

एक बेरोजगार से बॉलीवुड का बादशाह बनने तक का सफर

साल 1991 में शाहरुख दिल्ली से मुंबई गए और अपनी गौरी को ढूंढने लगे। शाहरुख घर से जो ₹10,000 लेकर आए थे, वह गौरी को ढूंढते ढूंढते खत्म हो गए थे। आप शाहरुख बिल्कुल रोड पर आ गए थे। उनके पास वापस घर जाने तक का किराया भी नहीं था। 

और ऐसी स्थिति में जब कुछ नहीं सूझा तो गुस्से में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया जो आज सभी के बीच फेमस हो गया है।

“इस शहर ने मुझको इतना तबाह कर दिया है,की
एक दिन मैं इसी शहर का बादशाह कहलाऊंगा।”

उसके बाद शाहरुख ने जीने के लिए अपनी कैमरा को गिरवी रख दिया। और शाहरुख खान को उनकी सीरियल फौजी और सर्कस के जरिए थोड़ी बहुत पहचान तो मिल ही चुकी थी। 

फिर जब 1 दिन बांद्रा में शाहरुख बिरयानी खा रहे थे, तभी उनके पास एक प्रोड्यूसर विवेक वाशवानी आए। और शाहरुख को Jp sippy के फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। Jp sippy जिन्होंने सोले जैसा ब्लॉकबस्टर मूवी बनाया था। और शाहरुख को इसे ज्यादा चाहिए था भी क्या। 

Jp sippy से मिलने के बाद शाहरुख ने उनके निर्देशन में पांच फिल्में साइन कर दी। इसके बाद किसी तरह शाहरूख हेमा मालिनी के पास पहुंच गए। और हेमा मालिनी ने शाहरुख को अपनी मूवी दिल आशना के लिए सिलेक्ट कर लिया।  

अब शाहरुख खान के हालात पूरी तरह से बदल चुके थे और 3 महीने बाद ही शाहरुख और गौरी की शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हो गई। और फाइनली उनकी पहली मूवी दीवाना 25 जून 1992 को रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा गई। इस मूवी के लिए उनको सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता के लिए फिल्मफेयर का अवार्ड भी दिया गया था। 

इस मूवी से शाहरुख खान को बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान मिल गई थी। अब उनको उनका प्यार भी मिल गया था। इसके बाद शाहरुख ने अपने जीवन में कभी पीछे पलटकर नहीं देखा और कामयाबी के उच्चतम सीढ़ियों तक पहुंचे।

शाहरूख खान की कुल संपत्ति

शाहरुख खान बॉलीवुड के सबसे अमीर सेलिब्रिटी में शुमार है और उनकी कुल संपत्ति लगभग 700 मिलियन डॉलर की है। इनकी आय का मुख्य जरिया फिल्म्स, ऐड और आईपीएल में Kolkata knight riders और अपनी खुद की एक प्रोडक्शन हाउस के भी मालिक हैं।

ख़ान से जुड़ी कुछ रोचक और अनसुनी बातें

  1. दुनिया की सबसे बड़ी इंडियन कंपनी लॉस एंजेलिस टाइम्स ने शाहरुख खान को दुनिया का सबसे बड़ा मूवी स्टार बताया है।
  2. शाहरुख खान अपने फिल्मी कैरियर में अनगिनत अवार्ड जीत चुके हैं।
  3. शाहरुख फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान लिजन डी ऑनर भी पा चुके हैं 
  4. शाहरुख खान के घर में हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म को बराबर सम्मान दिया जाता है और उनके बच्चे दोनों धर्म का पालन करते हैं।
  5. शाहरुख खान फॉर्ब्स इंडिया 100 सेलिब्रिटी की लिस्ट में सन 2012/13 में शीर्ष पर रहे हैं।

शाहरुख खान की कुछ सुपरहिट फिल्में

  1. डर
  2. बाजीगर
  3. अंजाम
  4. दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
  5. दिल तो पागल है
  6. कुछ कुछ होता है 
  7. कभी खुशी कभी गम
  8. देवदास
  9. चक दे इंडिया
  10. स्वदेश
  11. माय नेम इज खान
  12. जब तक है जान
  13. चेन्नई एक्सप्रेस

शाहरुख खान अवॉर्ड्स।

  1. राजीव गांधी अवॉर्ड 2002
  2. पद्मश्री अवॉर्ड् 2005
  3. ऐसीयन अवॉर्ड 2007

इसके अलावा फिल्म फेयर अवॉर्ड्स 9 बार, IIFA अवॉर्ड 7 बार, स्क्रीन अवार्ड्स 14 बार और z cine अवॉर्ड 10 बार शाहरूख अपने नाम कर चूके हैं।

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