हरिथा हरम पर निबंध | Short Haritha Haram Essay In Hindi

हरिथा हरम पर निबंध | Short Haritha Haram Essay In Hindi: कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 के बच्चों के लिए तेलंगाना सरकार की पर्यावरण रक्षा के लिए शुरू की गई हरिथा हरम योजना पर निबंध बता रहे हैं. पर्यावरण संरक्षण के सन्दर्भ में छात्रों को हिंदी एस्से लिखने के लिए कहा जाता है आज इसी चरण में हम आपके साथ निबंध शेयर कर रहे है जिन्हें आप 100, 200, 250, 500 शब्दों के निबंध के रूप में लिख सकते हैं.

हरिथा हरम पर निबंध | Short Haritha Haram Essay In Hindi

हरिथा हरम पर निबंध | Short Haritha Haram Essay In Hindi

वृक्ष मानव जीवन के सहचर है जिनके बिना जीवन की कल्पना भी व्यर्थ हैं. पेड़ ही है जो हमें ठंडी छाव, प्राणवायु के रूप ऑक्सीजन देते हैं. खाने के लिए फल सब्जियां व अनाज देकर परोपकार का कार्य करते हैं. पेड़ विषैली गैसों को सोखकर इसे अपने भोजन में उपयोग करते हैं तथा हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं.

इस तरह पेड़ प्रकृति की अमूल्य कृति है आज के समय में पेड़ों की निरंतर कटाई जारी है जिसके कारण वन उजड़ते जा रहे हैं तथा उनके स्थान पर मानव बस्तियों का निर्माण तेजी से हो रहा हैं.

देशभर में पर्यावरण को बचाने तथा हरियाली के लिए विभिन्न कार्यक्रम भारतीय वन विभाग तथा राज्य सरकारों द्वारा किये जा रहे हैं. ऐसा ही एक प्रयास हरिथा हरम अभियान के माध्यम से तेलगाना राज्य के मुख्यमंत्री श्री के. चन्द्रशेखर राव जी कर रहे हैं.

Haritha Haram Essay in Hindi

Students Teachers School College Short  Essay on Haritha Haram Essay in Hindi: राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार कुल क्षेत्रफल के ३३ प्रतिशत भूभाग पर वन होने चाहिए. मगर वर्ष 2015 तक तेलंगाना राज्य के कुल क्षेत्रफल के 24 प्रतिशत भूभाग पर ही वन थे.

ग्रीन राज्य अर्थात हरा भरा प्रदेश बनाने के उद्देश्य से राज्य के मुख्यमंत्री ने 3 जुलाई 2015 को हरिथा हरम स्कीम की शुरुआत की जिसका लक्ष्य वन नीति के राष्ट्रीय मानदंड को प्राप्त करना हैं.

योजना के इस उद्देश्य को पाने के लिए मुख्य रूप से दो प्रकार से कार्य किये जाने हैं. इस सम्पूर्ण कार्य को दो भागों में विभाजित किया गया हैं. जिसका पहला भाग आदिवासी क्षेत्र के अधीन आता है दूसरा क्षेत्र आदिवासी एरिये से बाहर का हैं.

इन क्षेत्रों में वनों की कटाई पर पूर्ण रूप से रोक लगाकर यहाँ के क्षेत्र को हरा भरा बनाना हैं. साथ ही विभिन्न आपदाओं से होने वाले वनों को नुक्सान से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएगे. जैसे कि जंगल की आग से पेड़ पौधों को बचाना तथा नमी तथा मिटटी के अपरदन को रोकना आदि.

हरिथा हरम का दूसरा मूलभूत उद्देश्य बेकार भूमि पर पेड़ लगाकर उस क्षेत्र को हरा भरा बनाना हैं. उदाहरण के लिए सड़क के किनारे, खाली पार्क, श्मशान भूमि, मन्दिरों व सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण का कार्य शामिल हैं. इस तरह इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति के संतुलन को पुनः स्थापित करने के स्वरूप को अपनाया गया हैं.

हरिथा हरम पर निबंध

श्री के. चन्द्रशेखर राव द्वारा आरम्भ की गई हरिथा हरम नाम की योजना के तहत 4 साल में लगभग 230 करोड पेड़ लगाने का निर्णय किया गया था. पेड़ों को हरे सोने अर्थात ग्रीन गोल्ड की संज्ञा दी जाती है. ये न सिर्फ पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं, बल्कि पेड़ मानव जीवन के आधार भी हैं.

आज की कई पर्यावरणीय समस्याएं जैसे तापमान का तेजी से बढ़ना, मौसम चक्र में परिवर्तन, ग्लेशियर का पिघलना, समुद्र तल में वृद्धि, ओजोन परत में छिद्र, हरित गृह प्रभाव जैसी समस्याओं का मूल कारण तेजी से उजड़ते वन ही हैं. आए दिन हजारो एकड़ वन खत्म किये जा रहे है जिसके कारण वन्य जीवों के आवास भी उजड़ गये है जिसके कारण उनके जीवन का संघर्ष शुरू हो गया हैं.

सभी प्राणियों के जीवन का सीधा सम्बन्ध पेड़ों से होता हैं इनकी कटाई से पूरा चक्र प्रभावित होता हैं. आज मौसम चक्र में बहुत परिवर्तन आ गया हैं. बरसात के मौसम में ठंड पड़ती है तथा सर्दी के मौसम में मुसलाधार बारिश होती हैं. पृथ्वी के तापमान में हर साल बढ़ोतरी दर्ज हो रही हैं. वर्षा का औसत मान भी गिर रहा हैं.

इन सब समस्याओं का मूल कारण मनुष्य द्वारा अपने हितों की पूर्ति के लिए वनों का विनाश हैं. हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ देश के कुल भू भाग पर मात्र 18 से 20 प्रतिशत ही वन रह गये हैं. जबकि राष्ट्रीय मानदंड के अनुसार यह ३३ प्रतिशत होना चाहिए था.

इस लिहाज से तेलंगाना सरकार की ओर से हरिथा हरम कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. राज्य को हरा भरा प्रदेश बनाने के उद्देश्य से राज्य में प्रति वर्ष लगभग 16 करोड़ पेड़ लगाए जाएगे योजना का कुल बजट 55 सौ करोड़ रूपये रखा गया था.

हरिता हरम योजना के लाभ

तेलंगाना सरकार की इस योजना के माध्यम से वृक्षारोपण और अंधाधुंध वनों की कटाई पर रोक तथा अवैध लकड़ी की तस्करी रोकना मुख्य उद्देश्य हैं. योजना की क्रियान्विति के लिए शहरों एवं गाँवों में विभिन्न तरह के कार्यक्रम चलाए गये.

हमारी जीवन सृष्टि के लिए पेड़ पौधे और हरियाली बेहद महत्वपूर्ण हैं. वातावरण की शुद्धता, हरियाली के लिए पेड़ पौधों का बना रहना आवश्यक हैं. हरिता हरम स्कीम के माध्यम से सरकार लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बताने का प्रयत्न करती हैं.

योजना में उन बंजर भूमि को भी शामिल किया गया है जिसका कृषि एवं अन्य कार्यों हेतु कोई उपयोग नही हैं मसलन खाली भूमि, बगीचे, स्कूल अस्पताल के आस पास के क्षेत्र आदि में वनारोपण को प्रोत्साहन उनकी कटाई पर रोकथाम आदि.

योजनान्तर्गत अब तक करीब 80 करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके है पर्यावरण के क्षेत्र में यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि हैं. 8 जुलाई 2016 को हैदराबाद विजयवाड़ा राजमार्ग पर एक ही दिन में 180 किलोमीटर क्षेत्र में वृक्षारोपण कर एक वैश्विक कीर्तिमान भी बनाया गया.

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