दहेज प्रथा पर भाषण- Short Speech on Dowry System in Hindi

आपका स्वागत है, आज हम दहेज प्रथा पर भाषण- Short Speech on Dowry System in Hindi लेकर आए हैं. हमारे समाज में दहेज प्रथा एक भयावह कुरीति का रूप ले रही हैं, आए दिन कई बहिन बेटियां इस अभिशापित प्रथा के चलते अपना जीवन गंवा रही हैं. आज के स्पीच में हम इस प्रथा पर स्टूडेट्स के लिए सरल भाषा में निबंध बता रहे हैं.

 

दहेज प्रथा पर भाषण- Short Speech on Dowry System in Hindi

दहेज प्रथा पर भाषण- Short Speech on Dowry System in Hindi

In this Post, we providing information about Dowry System in Hindi. Short Speech on Dowry System in Hindi Language- दहेज प्रथा पर भाषण, स्पीच. Dahej Pratha Par Nibandh Hindi Mein Likha Hua यहाँ दिया गया हैं.

मेरे प्रिय गुरुजनों प्यारे दोस्तों एवं मंच की शोभा मुख्य अतिथि महोदय, समस्त मेरे शिक्षकों एवं स्टूडेंट्स फ्रेड्स को मेरी ओर से प्रणाम. मैं रोहन कक्षा 9 का विद्यार्थी हूँ, आज के भाषण समागम में मैं दहेज़ प्रथा एक अभिशाप विषय पर बोलने जा रहा हूँ.

रीति रिवाज एवं प्रथाएं समाज का अभिन्न अंग होती हैं, समय के साथ साथ इनका स्वरूप भी बदल जाता हैं. भारत में दहेज़ की प्रथा काफी पुरातन हैं. सबसे प्राचीन ग्रन्थ मनुस्मृति में विवाह के अवसर पर कन्या के माता पिता को कुछ धन, सम्पति, गाय इत्यादि देने की बात कहीं गई हैं, जो दहेज कहलाता था. मगर इस ग्रन्थ में ऐसा कही नहीं कहा गया कि बेटी को कितना धन का भाग दिया जाए. यह स्वैच्छिक प्रथा कालान्तर में वर पक्ष के लिए अधिकार के रूप में प्रतिस्थापित कर दी गई. बदलते दौर में इसने एक सामाजिक बुराई और कुप्रथा के स्वरूप को अपना लिया.

दहेज प्रथा आज के आधुनिक समाज में एक महादानव का रूप ले चूका हैं. यह ऐसा विषैला सर्प है जिसका डंसा पानी नहीं मांगता हैं. इस कुरीति के कारण विवाह जैसे पवित्र संस्कार को एक व्यापार बना दिया गया. भारतीय हिन्दू समाज के सिर पर कलंक बन चुकी हैं. जिन्होंने न जाने कितने घरों को बर्बाद कर दिया, अनेक अल्पायु में बहनों को घूट घुट कर जीवन जीने को मजबूर हो जाती हैं. इस प्रथा ने समाज में अनैतिकता को बढ़ावा भी मिला जिससे पारिवारिक संघर्ष को तेजी से बढ़ रही हैं. इस प्रथा के चलते बाल विवाह, बेमेल विवाह और विवाह विच्छेद जैसी विकृतियों ने हमारे समाज में स्थान पा लिया.

दहेज की समस्या आजकल बड़ी तेजी से बढ़ती जा रही हैं. धन के लालच के कारण पति पक्ष के लोग विवाह में दहेज से संतुष्ट नही होते हैं. इसके नतीजेजन बेटियों को जीवित ही जला दिया जाता हैं. इसके कारण बहुत से परिवारों तो लड़की के जन्म को अभिशाप मानने लगे हैं. यह समस्या दिन प्रतिदिन तो लड़की के जन्म को अभिशाप मानने लगे हैं. यह समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप में धारण करती जा रही हैं. धीरे धीरे सारा समाज इसकी चपेट में आता जा रहा हैं.

इस सामाजिक कोढ़ से छुटकारा पाने के लिए हमें भरसक प्रयास करना चाहिए, इसके लिए हमारी सरकार द्वारा अनेक प्रयास भी किये हैं उदहारण के लिए हिन्दू उतराधिकार अधिनियम पारित कर दिया. इसमें कन्याओं को पैतृक सम्पति में अधिकार मिलने की व्यवस्था हैं. दहेज़ प्रथा को दंडनीय अपराध घोषित किया तथा इसकी रोकथाम के लिए दहेज़ निषेध अधिनियम पारित किया गया. तथा इसकी रोकथाम के लिए दहेज निषेध अधिनियम पारित किया गया.

इन सबका बहुत प्रभाव नहीं पड़ा हैं. इसके उपरान्त विवाह योग्य आयु की सीमा बढ़ाई गई. आवश्यकता इस बात की हैं कि कठोरता से पालन किया जाय. लड़कियों को उच्च शिक्षा दी जाए, युवा वर्ग के लिए अन्तर्रजातीय विवाह सम्बन्धों को बढ़ावा दिया जाए ताकि वे इस कुप्रथा का डट कर सामना किया जा सके. अतः हम सबकों मिलकर इस प्रथा को जड़ से ही मिटा देनी चाहिए तभी हमारा समाज और देश आगे बढ़ सकता हैं.

दहेज एक समय अच्छी सामाजिक प्रथा थी, माता पिता अपनी बेटी को उपहार स्वरूप कुछ उपहार दिया करते थे, जिसे दहेज का नाम दिया जाता था. मगर बदलते वक्त के साथ इसका स्वरूप विकृत होता चला गया और आज वर पक्ष की तरफ से धन की मांग की जाने लगी हैं. एक तरह से बेटी का मोल भाव किया जाने लग गया हैं. विचारों की पतनशीलता को रोकने के लिए समाज को अपने स्तर पर ऐसी अमानवीय प्रथा पर रोक लगानी होगी.

आज हम सभी को यह संकल्प लेना हैं कि हम न तो अपनी बेटी को दहेज देगे और न ही अपनी बहु से दहेज मांगेगे, जब हर एक भारतवासी ऐसा सोचेगा तो अपने आप इस प्रथा का उन्मूलन हो जाएगा. हमारे छोटे से प्रयास से किसी बहु बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना से मुक्ति मिल सकती हैं. इन दो पंक्तियों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देना चाहुगा.

दहेज़ की खातिर, लड़की को मत जलाओ,
अगर वास्तव में मर्द हो तो, कमाकर खिलाओ.

यह भी पढ़े

उम्मीद करता हूँ दोस्तों Short Speech on Dowry System in Hindi – दहेज प्रथा पर भाषण का यह लेख आपकों पसंद आया होगा, यदि आपकों इस लेख में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *