Siddharaj Dhadda In Hindi | सिद्धराज ढड्ढा का जीवन परिचय

Siddharaj Dhadda In Hindi | सिद्धराज ढड्ढा का जीवन परिचयSiddharaj Dhadda In Hindi | सिद्धराज ढड्ढा का जीवन परिचय

गांधीवाद एवं सर्वोदयी नेता सिद्धराज ढड्ढा का जन्म 12 फरवरी 1909 को जयपुर में हुआ. महाराजा हाईस्कूल तथा महाराजा कॉलेज से शिक्षा पूरी कर सिद्धराज ढड्ढा ने इलाहबाद विश्वविद्यालय से एम ए और एल एल बी की उपाधि प्राप्त की.

1934 से 1942 ई तक वे कलकत्ता में इंडियन चैम्बर ऑफ कोमर्स के सचिव रहे और इसी दौरान वे हरिजन उत्थान समिति के मंत्री और बंगाल हरिजन बोर्ड के सदस्य रहे. सिद्धराज ढड्ढा ने 1942 ई में इंडियन चैम्बर ऑफ कोमर्स से पद त्यागकर भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया. और 1943 ई में जेल भेजे गये.

ढड्ढा अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की राजस्थान शाखा के कई वर्षों तक मंत्री रहे. इन्होंने ग्रामराज पत्रिका का सम्पादन और सत्याग्रह मीमांसा नामक पत्रिका का प्रकाशन भी किया. संयुक्त राजस्थान के निर्माण के बाद सिद्धराज ढड्ढा हीरालाल शास्त्री मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री रहे.

लेकिन राजनीतिक उठापठक से दुखी होकर ये सदैव से राजनीति से अलग हो गये. सिद्धराज ढड्ढा विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से जुड़े रहे और राजस्थान में 1951 ई में सर्वोदय आंदोलन को गति दी. 1966-68 ई के दौरान इन्होने जयप्रकाश नारायण के साथ बिहार में अकाल पीड़ितों की सेवा की.

आपातकाल के दौरान इन्हें जेल जाना पड़ा. 2005 ई में कालाडेरा जयपुर में कोकाकोला कम्पनी के जल दोहन के विरुद्ध धरने का नेतृत्व किया. 2006 ई में इनकी मृत्यु हो गई. सिद्धराज ढड्ढा को 2001-2002 ई में जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2003-04 ई में सरकारी नीतियां गरीब हित में नहीं होने से उन्होंने पद्मभूषण अस्वीकार कर दिया.

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